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मुंबई को कोरोना से मात देने के लिए 9 आईएएस को मिली जिम्मेदारी

 


बीएमसी में आमतौर पर पांच IAS अधिकारी ही जिम्मेदारी संभालते हैं लेकिन कोरोना वायरस से पैदा हुई तमाम चुनौतियों को देखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है।

लगातार मुंबई में बढ़ रहे कोरोना वायरस के कहर से लड़ने के लिए बीएमसी में आईएएस अधिकारियों की फौज तैनात कर दी गई है। बीएमसी में कुल नौ आईएएस अधिकारी इस समय काम संभाल रहे हैं, जो आमतौर पर महज पांच होते हैं। पिछले कुछ सप्ताह में ही तीन अधिकारियों को राज्य सरकार ने मुंबई की स्थिति संभालने के लिए बीएमसी भेज दिया है। गौरतलब है कि महाराष्ट्र में आ रहे कुल मामलों में से ज्यादातर मुंबई से ही हैं।

हर मोर्चे पर तैयारी की चुनौती
बीएमसी के सामने स्लम बस्तियों में इसके प्रसार को रोकने, अस्पतालों को संक्रमण से बचाने, पॉजिटिव मरीजों के अधिकाधिक संपर्क में आए लोगों को ट्रैक करने, बाजार में भीड़ रोकने, अस्पताल में आवश्यक उपकरण पहुंचाने, संक्रमित क्षेत्र को पूरी तरह से लॉकडाउन रखने के अलावा पानी, कचरा, नाला सफाई जैसे सामान्य सेवाएं भी पहुंचाने की चुनौती है। इसी के चलते एक के बाद एक कई सर्कुलर निकाले जा रहे हैं।

१-प्रवीण परदेशी-बीएमसी कमिश्नर प्रवीण परदेशी पर सभी में कार्यों का वितरण करने के साथ ही डिजास्टर ऐक्ट के तहत दिए गए अधिकारियों का प्रयोग कर मुंबई को संभालने की पूरी जिम्मेदारी इन पर ही है। लातूर में आए भूकंप के दौरान बेहद सफलतापूर्वक कार्य कर चुके 1985 बैच के आईएएस परदेशी के सामने कोरोना के कहर को रोकना सबसे बड़ी चुनौती है।

२-मनीषा म्हैसकर-बीएमसी में बतौर अडिशनल कमिश्नर काम कर चुकीं मनीषा म्हैसकर स्वास्थ्य विभाग के कामकाज से अच्छी तरह वाकिफ हैं। हाल ही में बीएमसी में कामकाज संभाल चुकीं 1992 बैच की आईएएस म्हैसकर को कोरोना के प्रसार को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है।

३-अश्विनी भिडे-मेट्रो तीन के मुश्किल काम को पटरी पर लाने वाली अश्विनी भिडे को कुछ ही सप्ताह पहले बीएमसी में विशेष रूप से भेजा गया है। कंट्रोल रूम से सारी मुंबई पर निगरानी एवं नियंत्रण रखने की जिम्मेदारी उन्हीं पर है।
4-एम. रामास्वामी-महाराष्ट्र मैरिटाइम बोर्ड की जिम्मेदारी देखने वाले एम. रामास्वामी को भी विशेष तौर पर बीएमसी में भेजा गया है। रामास्वामी को सेवनहिल्स में 1500 बेड वाला बड़ा सेंटर बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिसका अधिकांश काम हो भी चुका है। जल्द ही इस सेंटर के चालू होने पर कोरोना मरीजों के इलाज की व्यवस्था सुचारू हो जाएगी।
५-सुरेश काकानी-बीएमसी में अडिशनल कमिश्नर के तौर पर स्वास्थ्य विभाग का काम देख रहे काकानी के पास काम का अंबार है। पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था की निगरानी का जिम्मा उन्हीं पर है।
आशुतोष सलिल: सलिल को कोरोना काल के दौरान कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। कॉर्पोरेट सोशल रिसपॉन्सिबिलिटी के तहत समन्वय का पूरा दायित्व उन्हीं पर है। इसके जरिए तमाम उपकरण बीएमसी को उपलब्ध कराया जा रहा है। अस्पतालों में उपकरणों इत्यादि की खरीदी प्रक्रिया तेज करने के उद्देश्य से ही उन्हें यह दायित्व सौंपा गया है।

इसके अलावा, पी. वेलूरासू, ए. जरहाड, जयश्री भोज पहले से ही बतौर अडिशनल कमिश्नर अलग-अलग जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।

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