पालघर स्टेशन पर उतारे गये कोरोना वायरस के संक्रमण के चार संदिग्ध     



कानपुर के बिल्हौर में देर रात पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में एक सीओ समेत आठ पुलिसकर्मियो के शहीद होने की खबर के बाद उनके गृह ग्रामों में भी अब मातम छा गया है।
शहीद सीओ देवेंद्र मिश्रा बांदा जिले के सहेवा गांव के रहने वाले थे । शहीद सीओ देवेंद्र मिश्रा के पैतृक गांव में जहां गम का माहौल बना हुआ है तो घर में पुलिस तैनात कर दी गई है परिजनों और गांव के लोगों में घटना के बाद से भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है और ग्रामीणों द्वारा यह मांग की जा रही है कि जिस तरह से अपराधियों ने पुलिस को निशाना बनाया है उसी तरह से पुलिस को उनके साथ व्यवहार करना चाहिए और उनको कड़ी सजा देनी चाहिए।

आपको बता दे कि कानपुर के पास बिल्हौर में एक मुठभेड़ के दौरान सीओ देवेंद्र मिश्रा समेत आधा दर्जन से ज्यादा पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे इसके बाद से प्रदेश के पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है ।सभी शहीदों के परिजनों को सूचित किया जा रहा है तो कुछ उनके गांव भेजने की तैयारी की जा रही है। जैसे ही शहीदों की जानकारी उनके परिजनों को मिल रही है तो परिजनों ही नहीं अपितु गांव में भी मातम का माहौल हो गया है। बांदा जिले के सहेवा गांव के निवासी देवेंद्र मिश्रा जो कि कानपुर में ही सीईओ पद पर तैनात थे उनकी भी मुठभेड़ के दौरान मौत हो गई है जैसे ही यह सूचना सहेवा गांव में पहुचती है तो गांव में मातम का माहौल छा जाता है। पड़ोसी एवं ग्रामीणो में भी भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है ग्राम वासियों की मांग है कि ऐसे दुर्दांत हत्यारों पर कड़ी से कड़ी सजा दी जाए और उनके साथ इससे भी बुरा सुलूक किया जाए जिससे अगली बार कोई भी हमारे सैनिको ,हमारे पुलिसकर्मियों पर हमला करने से पहले सौ बार सोचे, गांव के कुछ लोग शहीद सीओ देवेंद्र मिश्रा के स्वभाव के बारे में बताते हुए कहते हैं कि देवेंद्र मिश्रा बहुत ही हंसमुख स्वभाव के थे पढ़ाई में भी बहुत तेज थे देवेंद्र मिश्रा के पिता गांव में ही अध्यापक थे। शहीद देवेंद्र मिश्रा की प्रारंभिक पढ़ाई गांव सहेवा में ही हुई थी और सभी लोग उनके हंसमुख स्वभाव के कायल हैं। आज अपने शहीद लाल की अंतिम विदाई देने के लिए गांव वाले नम आंखों से तैयारियों में जुट गए हैं वहीं स्थानीय पुलिस अमला भी शहीद के गांव पहुंच चुका है।

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प्रधानमंत्री के सम्बोधन के बाद लॉकडाउन पार्ट-2 को लेकर गृह मंत्रालय की ओर से आज गाइडलाइन जारी की गई है । इस गाइडलाइन के मुताबिक, न तो प्लेन चलेंगी और न ही मेट्रो या बस । पहले से जिन्हें छूट मिली है, वह जारी रहेगी । इसके अलावा कृषि से जुड़े कामों के लिए भी रियायत दी गई है । साथ ही ट्रेनों या बसों में कोरोना वॉरियर्स को आवाजाही की इजाजत दी गई है । गृह मंत्रालय की ओर से चीफ सेक्रेट्री और प्रशासनिक अधिकारियों को भेजे गए गाइडलाइन में कहा गया है कि कृषि से जुड़े कामों के लिए रियायत दी जाएगी । मनरेगा के तहत काम होगा । वहीं, औद्योगिक गतिविधियों पर रोक जारी रहेगी । सभी तरह के परिवहन सेवाओं पर रोक रहेगी । सावर्जनिक स्थानों पर मास्क पहनना अनिवार्य होगा ।

👉 जाने क्या-क्या बंद रहेंगे -

सभी डोमेस्टिक या इंटरनेशनल फ्लाइट, ट्रेन (पैसेंजर की आवाजाही के लिए), सभी एजुकेशनल-ट्रेनिंग-कोचिंग सेंटर, इंडस्ट्रियल व कॉमर्शियल गतिविधि, होटल, टैक्सी, ऑटो रिक्शा, साईकिल रिक्शा, सिनेमा हॉल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, जिम, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, स्वीमिंग पूल, बार, थियेटर, कोई भी इवेंट, सभी धार्मिक स्थान बंद रहेंगे । इसके अलावा किसी भी अंतिम संस्कार में 20 से अधिक लोगों को शामिल होने की इजाजत नहीं दी जाएगी ।

👉 किसे-किसे मिली रियायत -

आवश्यक सामानों और दवाईयों का उत्पादन जारी रहेगा । इसके अलावा कुछ शर्तों के साथ ट्रकों को आवाजाही की इजाजत दी गई है । ग्रामीण इलाकों में औद्योगिक गतिविधियां जारी रहेंगी । केबल टीवी, डीटीएच, टेलिफोन समेत आवश्यक सेवाएं जारी रहेंगी । बिजली मैकेनिक, प्लंबर, कॉरपेंटर को इजाजत दी गई है । इसके अलावा आवश्यक सेवाओं के लिए आने-जाने की इजाजत, आयुष समेत सभी हॉस्पिटल, क्लिनिक खुले रहेंगे। एपीएमसी से संचालित सभी मंडियां खुलेंगी । पेट्रोल पंप खुल रहेंगे । कूरियर सेवाओं को काम करने की इजाजत दी गई है ।

👉 कृषि से जुड़े कामों में रियायत -

केंद्र सरकार ने किसानों को राहत देते हुए कृषि से जुड़े कामों को इजाजत दे दी है । किसानों को अपनी फसल काटने और बुवाई करने की छूट दी गई है । साथ ही एजेंसियों को किसानों की उपज खरीदने की इजाजत दी गई है । मछली पालन से जुड़ी गतिविधियों को इजाजत दी गई है ।

👉 मनरेगा और कंस्ट्रक्शन वर्क को इजाजत -

केंद्र ने मनरेगा के तहत कार्यों को जारी रखने का निर्देश दिया है । सोशल डिस्टेनसिंग बनाए रखने की अपील की गई है । इसके साथ राज्य सरकार की ओर किए जा रहे कंट्रक्शन वर्क में भी रियायत दी गई है ।

👉 हॉटस्पॉट एरिया में कोई रियायत नहीं -

कोरोना के हॉटस्पॉट एरिया में कोई रियायत नहीं दी जाएगी। इन इलाकों में स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी गाइडलाइन का पालन किया जाएगा । साथ ही किसी को भी बाहर निकलने की इजाजत नहीं होगी। आवश्यक सामानों की होम डिलिवरी होगी । एरिया की सुरक्षा में लगे जवान और मेडिकल स्टाफ का ही मूवमेंट होगा ।

👉 20 अप्रैल के बाद सशर्त मिलेगी रियायत -

जिन इलाकों में कोरोना के मामले नहीं आएंगे, उन्हें रियायत मिल सकती है. इसकी समीक्षा 20 अप्रैल तक की जाएगी । इस समीक्षा के बाद कुछ इलाकों में मामूली रियायत दी जाएगी । रियायत देने से पहले राज्य सरकार और जिला प्रशासन की ओर से गाइडलाइन के पालन के सारे उपाय किए जाएंगे, ताकि ऑफिस, वर्कप्लेस, फैक्ट्री या संस्थानों में सोशल डिस्टेनसिंग का पालन हो ।

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मुंबई-- महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के कारण हुई मौतों का आंकड़ा 149 हो गया है ।जिसमें से अकेले मुंबई में 91 लोगों की मौत हो चुकी है।राज्य में कोरोना पॉजिटिव के मामले 2हजार के करीब पहुंच गए हैं जबकि सिर्फ मुंबई में कोरोना पॉजिटिव की संख्या 1399 हो गई है। तेजी से बढ़ते कोरोना संक्रमण ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है और सरकार ने इससे निपटने के लिए हर स्तर पर तैयारी कर रही है ताकि इसके बढ़ते प्रभाव पर रोक लग सके ।

देश में सबसे अधिक कोरोना से प्रभावित महाराष्ट्र राज्य है । सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद नए मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं ।संक्रमण के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए पूरे राज्य को तीन जोन में बांटा गया है ।
महामारी से निपटने के लिए राज्य सरकार ने 15 से ज्यादा मरीजों वाले जिलों को रेड जोन में रखा है ।
वहीं जहां 15 से कम मरीज मिले हैं उन जिलों को ऑरेंज जोन में रखा गया है और जहां एक भी मरीज नहीं है उसे ग्रीन जोन का नाम दिया गया है।

रेड जोन के अंतर्गत
मुंबई, ठाणे, पुणे नागपुर, औरंगाबाद, रायगढ़, पालघर और सांगली को रखा गया है ।
यहां लॉकडॉउन का कड़ाई से पालन कराया जा रहा है।

ऑरेंज जोन के अंतर्गत
रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग, सतारा, कोल्हापुर, नासिक, अहमदनगर, जलगांव, उस्मानाबाद, बीड, जालना, हिंगोली, लातूर, अमरावती, अकोला, यवतमाल, बुलढाणा, वासिम और गोंदिया को रखा गया है।

ग्रीन जोन के अंतर्गत
धुलिया, नंदुरबार, सोलापुर, वर्धा, परभणी, नांदेड़, चंद्रपुर और गढ़चिरोली को रखा गया है।इन
जिलों में लॉकडॉउन को थोड़ा शिथिल कर इंडस्ट्री और कारोबार खोलने पर विचार किया जा रहा है ।साथ ही यह भी कोशिश रहेगी कि रेड जोन से कोई संक्रमित ऑरेंज या ग्रीन जोन में न पहुंचे ।राज्य सरकार ने कोरोना के बढते संक्रमण को रोकने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है लेकिन फिर भी संक्रमितों की संख्या में लगातार बढोत्तरी हो रही है ।

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बीएमसी में आमतौर पर पांच IAS अधिकारी ही जिम्मेदारी संभालते हैं लेकिन कोरोना वायरस से पैदा हुई तमाम चुनौतियों को देखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है।

लगातार मुंबई में बढ़ रहे कोरोना वायरस के कहर से लड़ने के लिए बीएमसी में आईएएस अधिकारियों की फौज तैनात कर दी गई है। बीएमसी में कुल नौ आईएएस अधिकारी इस समय काम संभाल रहे हैं, जो आमतौर पर महज पांच होते हैं। पिछले कुछ सप्ताह में ही तीन अधिकारियों को राज्य सरकार ने मुंबई की स्थिति संभालने के लिए बीएमसी भेज दिया है। गौरतलब है कि महाराष्ट्र में आ रहे कुल मामलों में से ज्यादातर मुंबई से ही हैं।

हर मोर्चे पर तैयारी की चुनौती
बीएमसी के सामने स्लम बस्तियों में इसके प्रसार को रोकने, अस्पतालों को संक्रमण से बचाने, पॉजिटिव मरीजों के अधिकाधिक संपर्क में आए लोगों को ट्रैक करने, बाजार में भीड़ रोकने, अस्पताल में आवश्यक उपकरण पहुंचाने, संक्रमित क्षेत्र को पूरी तरह से लॉकडाउन रखने के अलावा पानी, कचरा, नाला सफाई जैसे सामान्य सेवाएं भी पहुंचाने की चुनौती है। इसी के चलते एक के बाद एक कई सर्कुलर निकाले जा रहे हैं।

१-प्रवीण परदेशी-बीएमसी कमिश्नर प्रवीण परदेशी पर सभी में कार्यों का वितरण करने के साथ ही डिजास्टर ऐक्ट के तहत दिए गए अधिकारियों का प्रयोग कर मुंबई को संभालने की पूरी जिम्मेदारी इन पर ही है। लातूर में आए भूकंप के दौरान बेहद सफलतापूर्वक कार्य कर चुके 1985 बैच के आईएएस परदेशी के सामने कोरोना के कहर को रोकना सबसे बड़ी चुनौती है।

२-मनीषा म्हैसकर-बीएमसी में बतौर अडिशनल कमिश्नर काम कर चुकीं मनीषा म्हैसकर स्वास्थ्य विभाग के कामकाज से अच्छी तरह वाकिफ हैं। हाल ही में बीएमसी में कामकाज संभाल चुकीं 1992 बैच की आईएएस म्हैसकर को कोरोना के प्रसार को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है।

३-अश्विनी भिडे-मेट्रो तीन के मुश्किल काम को पटरी पर लाने वाली अश्विनी भिडे को कुछ ही सप्ताह पहले बीएमसी में विशेष रूप से भेजा गया है। कंट्रोल रूम से सारी मुंबई पर निगरानी एवं नियंत्रण रखने की जिम्मेदारी उन्हीं पर है।
4-एम. रामास्वामी-महाराष्ट्र मैरिटाइम बोर्ड की जिम्मेदारी देखने वाले एम. रामास्वामी को भी विशेष तौर पर बीएमसी में भेजा गया है। रामास्वामी को सेवनहिल्स में 1500 बेड वाला बड़ा सेंटर बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिसका अधिकांश काम हो भी चुका है। जल्द ही इस सेंटर के चालू होने पर कोरोना मरीजों के इलाज की व्यवस्था सुचारू हो जाएगी।
५-सुरेश काकानी-बीएमसी में अडिशनल कमिश्नर के तौर पर स्वास्थ्य विभाग का काम देख रहे काकानी के पास काम का अंबार है। पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था की निगरानी का जिम्मा उन्हीं पर है।
आशुतोष सलिल: सलिल को कोरोना काल के दौरान कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। कॉर्पोरेट सोशल रिसपॉन्सिबिलिटी के तहत समन्वय का पूरा दायित्व उन्हीं पर है। इसके जरिए तमाम उपकरण बीएमसी को उपलब्ध कराया जा रहा है। अस्पतालों में उपकरणों इत्यादि की खरीदी प्रक्रिया तेज करने के उद्देश्य से ही उन्हें यह दायित्व सौंपा गया है।

इसके अलावा, पी. वेलूरासू, ए. जरहाड, जयश्री भोज पहले से ही बतौर अडिशनल कमिश्नर अलग-अलग जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।

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मुंबई
कोरोना वायरस के लगातार बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए तरह-तरह की तकनीक खोजी जा रही है। इसी के तहत मुंबई में डिसइंफेक्शन चेंबर (Corona Preventions) की शुरुआत की गई है। इन चेंबर्स को कोरोना के खिलाफ (Fight Against Corona) सुरक्षित होने के तरीके के तौर पर देखा जा रहा है। वर्ली में स्थित पोद्दार कॉलेज में मुंबई के पहले डिसइंफेक्शन चेंबर की शुरुआत की गई है। इसका लाभ कॉलेज में क्वारंटीन किए गए लोगों के साथ वहां के हेल्थ वर्कर ले सकेंगे।
चेंबर में निकलने वाला मिस्ट सोप वॉटर (साबुन का पानी) है, जिसका शरीर पर कोई दुष्प्रभाव नहीं है। यह वैसे ही है, जैसे हम साबुन से हाथ धोते हैं।
डॉ. मुफ्फजल लकड़ावाला
चेंबर की शुरुआत बीएमसी और मोटापा रोग विशेषज्ञ डॉ मुफ्फजल लकड़ावाला के आपसी सहयोग से की गई है।
लकड़ावाला के अनुसार, 'यह एक तरीके का अतिरिक्त प्रिकॉशन है, जो कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने में मदद कर सकता है। चेंबर में एक खास तरह का मिस्ट निकलता है, जो कपड़ों पर रहने वाले वायरस को खत्म करने में मददगार है। कॉलेज आने वाले लोगों को हम 20 सेकंड इस चेंबर में रहने की सलाह देते हैं। इससे अगर उनके कपड़ों पर किसी भी तरह का वायरस यहां तक कि कोरोना भी होगा, तो वह मर जाएगा, जिससे वायरस के प्रसार में कमी आएगी।'

डॉ. लकड़ावाला ने बताया कि चेंबर में केवल सोप वॉटर का इस्तेमाल किया जा रहा है। हाइपो सोडियम क्लोराइड का इस्तेमाल हमें पर्सनल डिसइन्फेक्शन के लिए नहीं करना चाहिए, क्योंकि इसका दुष्प्रभाव भी शरीर पर हो सकता है।

बीएमसी फायर विभाग के प्रमुख पी राहंगदले के अनुसार पर्सनल डिसइंफेक्शन के लिए हाइपो सोडियम क्लोरोइड नहीं है। देश में कुछ जगहों पर हाइपो सोडियम क्लोरोइड का इस्तेमाल पर्सनल डिसइन्फेक्शन के लिए किए जाने की बात सामने आई है। ऐसे में मुंबई में शुरू हुए इस चेम्बर में भी इसका इस्तेमाल होने को लेकर चर्चा शुरू हो उसके पहले ही डॉक्टरों ने साफ कर दिया है कि इसमें केवल सोप वाटर का इस्तेमाल किया जा रहा है।फिलहाल बीएमसी एवं महाराष्ट्र सरकार कोरोना को मात देने के लिए हर संभव कोशिश कर रहा है ।

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मुंबई के सबसे घनी आबादी वाले धारावी इलाके में कोरोना वायरस का कहर बढ़ता ही जा रहा है। लगभग 14 लाख से अधिक की आबादी वाले इस धारावी इलाके में अब तक कोरोना वायरस के 43 मामले सामने आ चुके हैं जिसके बाद इसके संक्रमण के तेजी से फैलने का खतरा बढ़ गया है। हालांकि, कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए प्रशासन की मुस्तैदी दिख रही है। धारावी में बैरिकेडिंग कर दी गई है और भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है। इसके अलावा स्क्रीनिंग भी तेज कर दी गई है।

एशिया की इस सबसे बड़ी स्लम बस्ती धारावी में कोरोना वायरस से अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है। शनिवार को कस्तुरबा अस्पताल में 80 साल के एक बुजुर्ग की मौत के बाद यह आंकड़ा चार हो गया।
देश में सबसे अधिक कोरोना की मार महाराष्ट्र में देखने को मिल रही है। राज्य में कुल 2096 पॉजिटिव केस कोरोना वायरस के मिल चुके हैं। कोरोना के इन कुल केसों में से 1761 केस एक्टिव हैं और 208 लोग पूरी तरह से स्वस्थ हो चुके हैं या उन्हें छुट्टी दे दी गई है। इस राज्य में अब तक सबसे अधिक 127 लोगों की जान जा चुकी है।

देश में पिछले 24 घंटों के दौरान कोरोना वायरस (कोविड-19) संक्रमण के 900 से अधिक नए मामले दर्ज किये जाने के साथ ही संक्रमितों की संख्या बढ़कर 8356 हो गई और इस दौरान इस संक्रमण के कारण 34 लोगों की मौत हो जाने से मरने वालों की संख्या 273 पर पहुंच गई। पिछले 24 घंटों के दौरान कोरोना के 909 नये मामले सामने आने के साथ ही अब तक इसके कुल 8356 मामलों की पुष्टि हुई है जिनमें 1 विदेशी मरीज शामिल हैं। अभी तक कोरोना संक्रमित 716 लोग स्वस्थ हो चुके हैं।देश में कोरोना के कहर से सबसे अधिक प्रभावतति राज्य महाराष्ट्र में कोरोना का कहर बढ़ता ही जा रहा है हालांकि सरकार और बीएमसी ने लगभग साढे सात लाख लोगों की जाचं का लक्ष्य रखा है जिनकी युद्व स्तर पर जाचं की जा रही है लेकिन फिर भी स्थिति बिगड़ती ही जा रही है ।

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महाराष्ट्र में लाॅकडाउन 14 के बाद भी जारी रहेगा। खुद मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि राज्य में लॉकडाउन 30 अप्रैल तक जारी रहेगा इसकी घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि कुछ क्षेत्रों में लॉकडाउन में ढील दी जा सकती है जबकि कुछ क्षेत्रों में उसे और कड़ा किया जाएगा उन्होंने यह भी कहा कि 30 अप्रैल के बाद पाबंदियां पूरी तरह हटाने का निर्णय स्थिति के आधार पर लिया जाएगा।

कोरोनावायरस को लेकर पीएम मोदी ने शनिवार को मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक की , बैठक में ज्यादातर मुख्यमंत्रियों ने लॉकडाउन बढ़ाए जाने की वकालत की । वहीं पीएम मोदी ने लॉकडाउन को दो हफ्ते और बढ़ाने के संकेत दिए । संवाद में शामिल मुख्यमंत्रियों में पंजाब के कैप्टन अमरिंदर सिंह, पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी, महाराष्ट्र के उद्धव ठाकरे, उत्तर प्रदेश के योगी आदित्यनाथ, हरियाणा के मनोहर लाल, तेलंगाना के के चंद्रशेखर राव, बिहार के नीतीश कुमार,झारखडं के हेमंत सोरेन सहित कई राज्यों के मुखिया शामिल थे मिल रही जानकारी के मुताबिक पीएम मोदी ने संकेत दिए हैं कि लॉकडाउन को 30 अप्रैल तक बढ़ाया जा सकता है। इसके साथ ही इसको 30 अप्रैल से आगे बढ़ाए जाने की संभावनाओं से भी इनकार नहीं किया है।
देश में महाराष्ट्र कोरोनावायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य है और यहां अब तक इस वायरस के संक्रमण के करीब 1600 मामले सामने आ चुके हैं. इनमें से 110 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 188 लोग ठीक हो चुके हैं ।

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मुंबई--सबसे अधिक कोरोना संक्रमित मरीजों के साथ ही मुंबई एक दूसरे संकट की ओर बढ़ रहा है। मेडिकल स्टाफ और अस्पताल की नर्सों के कोरोना पॉजिटिव निकलने के बाद मुंबई के कई बड़े निजी अस्पताल बंद होते जा रहे हैं। शुक्रवार को शहर के अस्पतालों के 19 हेल्थ वर्कर कोरोना संक्रमित पाए गए। इसी के साथ मेडिकल स्टाफ के संक्रमित होने का आंकड़ा लगभग 100 हो गया है।
कोरोना के फ्रंटलाइन मेडिकल वर्करों के बीच संक्रमण बढ़ने के चलते मुंबई में प्राइवेट अस्पतालों से तत्काल रूप से सेफ्टी किट, अतिरिक्त वेतन और ट्रांसपोर्ट मुहैया कराने को कहा गया है। भाटिया अस्पताल के 14 कर्मियों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई जिसमें 10 नर्सें, दो डॉक्टर और एक फिजियोथेरपिस्ट शामिल हैं। इसके बाद अस्पताल को सील कर दिया गया।
जसलोक, भाटिया अस्पताल सील दादर के शुश्रूषा अस्पताल में दो नर्स कोरोना संक्रमित पाई गईं जिसके बाद अस्पताल में मरीजों की भर्ती रोक दी गई है। इसी के साथ 48 घंटे के अंदर सभी मरीजों को डिस्चार्ज करने का आदेश दे दिया गया। मुंबई के बड़े अस्पताल जैसे जसलोक, वॉकहार्ट और भाटिया अस्पताल सील हो चुके हैं। इसके चलते अस्पतालों में सेफ्टी प्रोटोकॉल पर सवाल उठने लगने हैं।
सही प्रोटोकॉल का पालन जरूरी
एक सिविक अधिकारी ने बताया कि सही प्रोटोकॉल के साथ कुछ हद तक संक्रमण को रोका जा सकता है। उन्होंने बताया, 'उदाहरण के लिए कस्तूरबा अस्पताल जहां अभी तक डॉक्टर या स्टाफर में संक्रमण का केस नहीं आया है।' प्राइवेट अस्पताल के एक वरिष्ठ मैनेजमेंट अधिकारी ने बताया, 'अस्पतालों में संक्रमण के कुछ मामले का अनुमान था क्योंकि हम कोविड-19 के सक्रिय मामलों को देख रहे हैं। हालांकि पीपीई किट की कमी और अधिक संक्रमित मरीजों के चलते अस्पतालों की स्थिति चिंताजनक हो गई है।'
डॉक्टर, नर्सें, टेक्निशियन भी संक्रमित
ब्रीच कैंडी अस्पताल में दो और नर्सें कोरोना पॉजिटिव पाई गईं, जहां कुछ दिन पहले 180 नर्सों को क्वारंटीन करने के बाद सिर्फ इमर्जेंसी और आईसीयू सेवाएं दी जा रही थीं। 100 संक्रमित हेल्थकेयर वर्करों में 60 से अधिक नर्सें, 10 डॉक्टर और बाकी कार्डिऐक या पैथोलॉजी लैब के टेक्निशियन और सफाईकर्मी हैं।
प्राइवेट अस्पतालों की जरूरत
प्राइवेट अस्पतालों की स्थिति पर बीएमसी कमिश्नर प्रवीन परदेसी कहते हैं कि प्राइवेट अस्पतालों की इस समय सख्त जरूरत है। उन्होंने कहा, 'कुछ मरीज प्राइवेट अस्पताल में जाना प्रिफर करते हैं और इनमें से कुछ कोविड-19 के केसों में अच्छा काम भी कर रहे हैं।' वह कहते हैं, 'अगर एक अस्पताल संक्रमित होता है तो उसे प्रोटोकॉल के तहत टेस्टिंग और परिसर को डिसइंफेक्टेड करना जरूरी है। यह सब होने के बाद अस्पताल फिर से काम शुरू कर सकते हैं।'
साउथ मुंबई के एक अस्पताल की नर्स ने अस्पताल प्रशासन पर आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'हमारी दशा के बावजूद पीपीई किट केवल कोविड-19 वार्डों में काम करने वालों को दिए गए। यहां तक कि जिनमें वायरस के लक्षण दिख रहे थे उनकी भी शिफ्ट लगा दी गई। जब वे बहुत बीमार हो गए, तब छुट्टी मिली।' यूनाइडेट नर्स असोसिएशन की एक सदस्य ने कहा, 'अधिकतर नर्सें केरल से हैं, 8 से 12 लोगों के बीच हॉस्टल और अपार्टमेंट में रहती हैं। ऐसे में संक्रमण फैलने की बहुत संभावना है। अधिकतर को न क्वारंटीन किया गया और न टेस्ट हुआ। फिलहाल अगर अस्पताल कर्मी ही सुरक्षित नहीं रहे तो आगे दिक्कत बढ़ सकती है वहीं बीएमसी प्रशासन इस महामारी से बचाव के लिए युद्व स्तर पर कार्य कर रहा है जो फिलहाल संभलता नहीं दिख रहा है ।धारावी जैसे स्लम एरिए में कोरोना पाॅजिटिव मरीजों के मिलने से लोग और शंसकित हो गये हैं लोगों का कहना है कि अगर वहां स्थिति गड़बड़ होती है तो फिर संभालना मुश्किल हो जाएगा ।

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मुंबई--मुंबई के साउथ में पूर्वी और पश्चिमी दोनों उपनगरों के पांच इलाकों को कोरोना वायरस का हॉटस्पॉट चिन्हित किया गया है। यहां के मोहल्लों को पूरी तरह से लॉकडाउन कर दिया गया है। कोविड-19 वायरस ने गति पकड़ ली और अब यह समुदायों में फैलने लगा है। इसे रोकने के लिए मुंबई के हॉटस्पॉट चिन्हित करके बीएमसी से पुलिस की मदद से उन्हें पूरी तरह बंद किया है। जी साउथ इलाका, डी वार्ड, ई वार्ड के इलाके कोरोना हॉटस्पॉट बन गए हैं।
मुंबई के 24 वॉर्ड में से 4 वॉर्डों में सर्वाधिक 209 कोरोना मरीज पाए गए हैं। इसमें जी साउथ वॉर्ड में सर्वाधिक 78 कोरोना मरीज हैं। इसके बाद ई वॉर्ड में 48 और तीसरे नंबर पर डी-वार्ड है, जहां 43 मरीज मिले हैं।
इसमें मुंबई का जी-साउथ इलाका टॉप पर है। लेकिन ई-वॉर्ड में 48 घंटे के भीतर सबसे तेजी से कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ी है। इस वॉर्ड में 48 घंटों के भीतर 29 नए कोरोना मरीज मिले हैं। यहां 4 अप्रैल को कोरोना के 19 मरीज थे।
मुंबई के जी साउथ वॉर्ड के अंतर्गत वरली, प्रभादेवी और दादर के कुछ इलाके आते हैं। यहां 48 घंटों में 20 कोरोना के पॉजिटिव मरीज मिले हैं। इन इलाकों में 4 अप्रैल को कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 58 थी, जो 24 घंटे में बढ़कर 5 अप्रैल को 68 तक पहुंच गई। अगले 24 घंटे यानी 6 अप्रैल को इन इलाकों में मरीजों की संख्या में 10 की वृद्धि हुई और यहां कोरोना मरीजों की संख्या 78 तक पहुंच गई।
ई वॉर्ड मरीजों की संख्या के आधार पर पांचवें नंबर पर था। इसमें 5 अप्रैल को 25 मरीज और जुड़ गए। इस वॉर्ड में 24 घंटे में 25 नए मरीज सामने आए। 5 अप्रैल को मरीजों की संख्या 44 तक पहुंच गई। हालांकि अगले 24 घंटे में इसके रफ्तार में कमी आई और 6 अप्रैल को इसमें 4 नए कोरोना मरीज जुड़े। ई वॉर्ड के अंतर्गत भायखला, चिंचपोकली, रानीबाग और मजगांव एरिया आते हैं।
इसके बाद डी वॉर्ड का नंबर आता है। यहां कोरोना के 43 मरीज मिले हैं। इसके अंतर्गत मालाबार हिल्स, महालक्ष्मी, रेसकोर्स, ओपेरा हाउस और खेतवाडी का एरिया आता है।
जी साउथ वॉर्ड में कोरोना मरीजों की संख्या मुंबई में सबसे ज्यादा है। बीएमसी अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रही है कि इसकी रफ्तार पर ब्रेक लगे। इसके लिए दवाओं का छिड़काव हो रहा है और मरीजों की जांच की जा रही है ।

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मुंबई--मुंबई के साउथ में पूर्वी और पश्चिमी दोनों उपनगरों के पांच इलाकों को कोरोना वायरस का हॉटस्पॉट चिन्हित किया गया है। यहां के मोहल्लों को पूरी तरह से लॉकडाउन कर दिया गया है। कोविड-19 वायरस ने गति पकड़ ली और अब यह समुदायों में फैलने लगा है। इसे रोकने के लिए मुंबई के हॉटस्पॉट चिन्हित करके बीएमसी से पुलिस की मदद से उन्हें पूरी तरह बंद किया है। जी साउथ इलाका, डी वार्ड, ई वार्ड के इलाके कोरोना हॉटस्पॉट बन गए हैं।
मुंबई के 24 वॉर्ड में से 4 वॉर्डों में सर्वाधिक 209 कोरोना मरीज पाए गए हैं। इसमें जी साउथ वॉर्ड में सर्वाधिक 78 कोरोना मरीज हैं। इसके बाद ई वॉर्ड में 48 और तीसरे नंबर पर डी-वार्ड है, जहां 43 मरीज मिले हैं।
इसमें मुंबई का जी-साउथ इलाका टॉप पर है। लेकिन ई-वॉर्ड में 48 घंटे के भीतर सबसे तेजी से कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ी है। इस वॉर्ड में 48 घंटों के भीतर 29 नए कोरोना मरीज मिले हैं। यहां 4 अप्रैल को कोरोना के 19 मरीज थे।
मुंबई के जी साउथ वॉर्ड के अंतर्गत वरली, प्रभादेवी और दादर के कुछ इलाके आते हैं। यहां 48 घंटों में 20 कोरोना के पॉजिटिव मरीज मिले हैं। इन इलाकों में 4 अप्रैल को कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 58 थी, जो 24 घंटे में बढ़कर 5 अप्रैल को 68 तक पहुंच गई। अगले 24 घंटे यानी 6 अप्रैल को इन इलाकों में मरीजों की संख्या में 10 की वृद्धि हुई और यहां कोरोना मरीजों की संख्या 78 तक पहुंच गई।
ई वॉर्ड मरीजों की संख्या के आधार पर पांचवें नंबर पर था। इसमें 5 अप्रैल को 25 मरीज और जुड़ गए। इस वॉर्ड में 24 घंटे में 25 नए मरीज सामने आए। 5 अप्रैल को मरीजों की संख्या 44 तक पहुंच गई। हालांकि अगले 24 घंटे में इसके रफ्तार में कमी आई और 6 अप्रैल को इसमें 4 नए कोरोना मरीज जुड़े। ई वॉर्ड के अंतर्गत भायखला, चिंचपोकली, रानीबाग और मजगांव एरिया आते हैं।
इसके बाद डी वॉर्ड का नंबर आता है। यहां कोरोना के 43 मरीज मिले हैं। इसके अंतर्गत मालाबार हिल्स, महालक्ष्मी, रेसकोर्स, ओपेरा हाउस और खेतवाडी का एरिया आता है।
जी साउथ वॉर्ड में कोरोना मरीजों की संख्या मुंबई में सबसे ज्यादा है। बीएमसी अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रही है कि इसकी रफ्तार पर ब्रेक लगे। इसके लिए दवाओं का छिड़काव हो रहा है और मरीजों की जांच की जा रही है ।
तो वहीं महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे के निजी निवास 'मातोश्री' के बाहर एक चायवाले के कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद से दहशत फैल गई है। सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों को हटाकर क्वारंटीन किए जाने के बाद घर के कामों में लगे जरूरी स्टाफ को छोड़कर बाकी को छुट्टी दे दी गई है।

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मुंबई शहर के जी वॉर्ड के अंतर्गत आने वाले वर्ली को कोरोना का नया हॉट स्पॉट कहा गया है। यहां एक दिन में 55 नए मरीज पाए गए हैं, जिसके बाद सभी आइसोलेशन वॉर्ड में भर्ती किए गए हैं।
महानगर के जी साउथ वॉर्ड के अंतर्गत आने वाला वर्ली इलाका कोरोना वायरस से प्रभावितों का हॉटस्पॉट बन गया है। यहां एक दिन में 55 नए मरीज पाए गए हैं। एक दिन में एक वॉर्ड में कोरोना मरीजों की यह सबसे अधिक संख्या है। मुंबई में बुधवार को कोरोना के 106 नए मामले आए। अब यहां इन मरीजों की कुल संख्या 696 हो गई है। यहां भी मरीजों की मौत हो गई।
जी साउथ वॉर्ड में कोरोना मरीजों की संख्या बढ़कर 133 हो गई है। लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए जानकार आशंका जताने लगे हैं कि यहां अब वायरस संक्रमण का तीसरा स्टेज आ गया है। घनी बस्ती को देखते हुए यह खतरनाक है। बता दें कि वर्ली कोलीवाडा में सबसे ज्यादा कोरोना मरीज पाए गए हैं।

यहां पुलिस और बीएमसी ने मिलकर ज्यादातर परिसरों को सील कर दिया है। वॉर्ड ऑफिसर शरद उघडे ने कहा, ‘हम यहां कोरोना का संक्रमण कम करने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं। इसके लिए यहां सैनेटाइजेशन किया जा रहा है, दवाओं का छिड़काव भी हो रहा है। हेल्थ डिपार्टमेंट के लोग घर-घर जा कर लोगों की जांच कर रहे हैं।’
देश में बढ़े कोरोना केस,यहां राज्यों की पूरी लिस्ट
मुंबई में बुधवार को पांच और लोगों की मौत
मुंबई में कोरोना संक्रमण से बुधवार को 5 और मरीजों की मौत होने के बाद महानगर में यह आंकड़ा 45 हो गया है। केईएम अस्पताल में 46, 64, 54 और 59 साल के मरीजों की मौत हुई, जबकि कस्तूरबा अस्पताल में 85 साल के एक मरीज की मौत हुई। इनमें 4 महिलाएं और 1 पुरुष है। इन सबको बुखार और सांस लेने की तकलीफ की वजह से अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसमें से तीन को डायबीटीज और एक को अस्थमा था।
मुंबई में अब सार्वजनिक स्थान पर निकलने से पहले मास्क लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। बीएमसी कमिश्नर प्रवीण परदेशी ने यह आदेश जारी करते हुए चेतावनी दी है कि यदि बिना मास्क लगाए कोई व्यक्ति सार्वजनिक स्थान पर पाया गया, तो उसकी गिरफ्तारी भी हो सकती है। तीन लेयर का या घर में बना अच्छी क्वॉलिटी का मास्क पहनना जरूरी किया गया है। रुमाल को मास्क के तौर पर नहीं इस्तेमाल किया जा सकता है।

बीएमसी ने 24 वॉर्डों में लोगों को क्वारंटाइन करने की व्यवस्था की है। इन सेंटरों में करीब 11,000 लोगों को रखा जाएगा। इन सेंटरों में कोरोना मरीजों की संपर्क में आने वाले 'हाई और लो रिस्क' वाले मरीजों को रखा जाएगा।
कंटेनमेंट जोन में सड़कों पर सब्जियां बेचने पर रोक लगा दी गयी है ।
राज्य में कोरोना के 117 नए मामले दर्ज किए गए हैं। इसके बाद राज्य में मरीजों की संख्या 1135 तक पहुंच गई है। पुणे में 2 और कल्याण-डोंबिवली में 1 मरीज की मौत कोरोना से हुई।पूरे देश में कोरोना से संक्रमितों और मृत्यु का सबसे अधिक आंकडा महाराष्ट्र राज्य का ही है ।
सोर्स एनबीटी

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मुंबई शहर के जी वॉर्ड के अंतर्गत आने वाले वर्ली को कोरोना का नया हॉट स्पॉट कहा गया है। यहां एक दिन में 55 नए मरीज पाए गए हैं, जिसके बाद सभी आइसोलेशन वॉर्ड में भर्ती किए गए हैं।
महानगर के जी साउथ वॉर्ड के अंतर्गत आने वाला वर्ली इलाका कोरोना वायरस से प्रभावितों का हॉटस्पॉट बन गया है। यहां एक दिन में 55 नए मरीज पाए गए हैं। एक दिन में एक वॉर्ड में कोरोना मरीजों की यह सबसे अधिक संख्या है। मुंबई में बुधवार को कोरोना के 106 नए मामले आए। अब यहां इन मरीजों की कुल संख्या 696 हो गई है। यहां भी मरीजों की मौत हो गई।
जी साउथ वॉर्ड में कोरोना मरीजों की संख्या बढ़कर 133 हो गई है। लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए जानकार आशंका जताने लगे हैं कि यहां अब वायरस संक्रमण का तीसरा स्टेज आ गया है। घनी बस्ती को देखते हुए यह खतरनाक है। बता दें कि वर्ली कोलीवाडा में सबसे ज्यादा कोरोना मरीज पाए गए हैं।

यहां पुलिस और बीएमसी ने मिलकर ज्यादातर परिसरों को सील कर दिया है। वॉर्ड ऑफिसर शरद उघडे ने कहा, ‘हम यहां कोरोना का संक्रमण कम करने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं। इसके लिए यहां सैनेटाइजेशन किया जा रहा है, दवाओं का छिड़काव भी हो रहा है। हेल्थ डिपार्टमेंट के लोग घर-घर जा कर लोगों की जांच कर रहे हैं।’
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मुंबई में बुधवार को पांच और लोगों की मौत
मुंबई में कोरोना संक्रमण से बुधवार को 5 और मरीजों की मौत होने के बाद महानगर में यह आंकड़ा 45 हो गया है। केईएम अस्पताल में 46, 64, 54 और 59 साल के मरीजों की मौत हुई, जबकि कस्तूरबा अस्पताल में 85 साल के एक मरीज की मौत हुई। इनमें 4 महिलाएं और 1 पुरुष है। इन सबको बुखार और सांस लेने की तकलीफ की वजह से अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसमें से तीन को डायबीटीज और एक को अस्थमा था।
मुंबई में अब सार्वजनिक स्थान पर निकलने से पहले मास्क लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। बीएमसी कमिश्नर प्रवीण परदेशी ने यह आदेश जारी करते हुए चेतावनी दी है कि यदि बिना मास्क लगाए कोई व्यक्ति सार्वजनिक स्थान पर पाया गया, तो उसकी गिरफ्तारी भी हो सकती है। तीन लेयर का या घर में बना अच्छी क्वॉलिटी का मास्क पहनना जरूरी किया गया है। रुमाल को मास्क के तौर पर नहीं इस्तेमाल किया जा सकता है।

बीएमसी ने 24 वॉर्डों में लोगों को क्वारंटाइन करने की व्यवस्था की है। इन सेंटरों में करीब 11,000 लोगों को रखा जाएगा। इन सेंटरों में कोरोना मरीजों की संपर्क में आने वाले 'हाई और लो रिस्क' वाले मरीजों को रखा जाएगा।
कंटेनमेंट जोन में सड़कों पर सब्जियां बेचने पर रोक लगा दी गयी है ।
राज्य में कोरोना के 117 नए मामले दर्ज किए गए हैं। इसके बाद राज्य में मरीजों की संख्या 1135 तक पहुंच गई है। पुणे में 2 और कल्याण-डोंबिवली में 1 मरीज की मौत कोरोना से हुई।पूरे देश में कोरोना से संक्रमितों और मृत्यु का सबसे अधिक आंकडा महाराष्ट्र राज्य का ही है ।
सोर्स एनबीटी

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लॉकडाउन शब्द का इस्तेमाल पश्चिमी देश कई बार आपात स्थिति में ऐसा कर चुके हैं।
भारत में लोगों को घरों में रखने के लिए कर्फ्यू या धारा 144 जैसे कानून का सहारा लेते रहे हैं।
मगर लॉकडाउन का इस्तेमाल भारत में पहली बार हो रहा है। इसका सीधा सा मतलब है कि जरूरी सेवाओं को छोड़कर सब कुछ बंद रहेगा।
इस दौरान सिर्फ जरूरी या आपात स्थिति होने पर ही आपको घर से निकलने की अनुमति रहेगी।

*क्या पहले भी हुआ है लॉकडाउन*

अमेरिका ने 9/11 आतंकी हमले के बाद तीन दिन के लिए पहली बार लॉकडाउन किया था।
इसके बाद 2013 में बॉस्टन और 2015 में पेरिस हमले के बाद ब्रुसेल्स लॉकडाउन किया गया था।

*क्या-क्या खुलेगा रहेगा*

दूध, सब्जी और दवा की दुकानें लॉकडाउन के दौरान खुले रहेंगे।
अस्पताल और क्लीनिक भी इस दौरान खुले रहेंगे।
इसके अलावा राशन की दुकानें भी खुली रहेंगी।
किसी बेहद जरूरी काम के लिए भी प्रशासन की ओर से छूट मिल सकती है।


*क्या पेट्रोल पंप भी खुले रहेंगे*

सरकार ने पेट्रोल पंपों और एटीएम को आवश्यक श्रेणी में रखा है।
इसलिए जरूरत के हिसाब से इन्हें खोला जा सकता है।

*क्या निजी वाहन चला सकेंगे*

अगर बहुत जरूरी हो तो लॉकडाउन में भी निजी वाहनों का प्रयोग किया जा सकता है।
हालांकि बिना वजह बाहर घूमने पर सरकार कार्रवाई कर सकती है।
आपात व्यवस्था में एंबुलेंस को भी बुला सकते हैं।
क्या आप घूमने जा सकेंगे
लॉकडाउन का फैसला इसलिए लिया गया है ताकि लोग एक-दूसरे के संपर्क में न आएं।
इसलिए जरूरी नहीं होने पर घर से बाहर न निकलें।

*क्या शादी-विवाह के कार्यक्रम होंगे*

संक्रमण फैलने के डर से किसी भी कार्यक्रम के लिए लोगों के जुटने पर पाबंदी रहेगी।
बहुत जरूरी होने पर आपको प्रशासन से अनुमति लेनी होगी।

*क्या निजी कर्मचारियों को काम पर जाना होगा*

लॉकडाउन में सरकारी हो या निजी कंपनी सभी बंद रहेंगी। सिर्फ जरूरी विभाग के कार्यालय खुले रहेंगे

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पालघर-पालघर जिले के अंतर्गत तमाम कस्बों में कोरोना वायरस (COVID-19) का खौफ के कारण आंशिक लाकडाउन हो ही गया ।संतोषभवन,स्टेशनरोड नालासोपारा,वाकनपाडा,धानिव बाग, हाइवे समेत अन्य जगहों पर चाय,पान एवं खाने के होटलों समेत ,राशन की दुकानें स्थानीय पुलिस एवं महानगरपालिका द्वारा बंद करा दी गयी हैं लोग संख्या में इकट्ठा न हों इसलिए यह कदम उठाया गया पूरे देश में सबसे अधिक कोरोना से प्रभावित राज्य महाराष्ट्र है इसलिए यहां पर अधिक एहतियात बरता जा रहा है ताकि लोगों को इसके संक्रमण से बचाया जा सके इसलिए लोगों को कुछ दिनों तक घरों में ही रहने की सलाह दी जा रही है ।लेकिन इसको लेकर रोजमर्रा की जरूरत की चीजों की भारी किल्लत भी उत्पन्न हो सकती है और काफी संख्या में लोगों के समक्ष रोजी-रोटी का संकट भी उत्पन्न हो सकता है क्योंकि इनसब जगहों पर अधिकतर मजदूर वर्ग ही रहता है जिनको रोज कुआं खोदकर पानी पीना पड़ता है ।फिलहाल क्लीनिक और मेडिकल स्टोर ही खुले नजर आ रहे हैं ।

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सुलतानपुर---पुलिस अधीक्षक शिव हरि मीणा ने थाना बल्दीराय का औचक निरीक्षण किया गया । श्री मीणा द्वारा थाना परिसर में स्थापित बैरक, सीसीटीएनएस कक्ष, भोजनालय,बन्दीगृह, स्टोर रुम व कार्यालयों का निरीक्षण किया गया । स्वच्छता के सम्बन्ध में महोदय द्वारा थाना परिसर को साफ व स्वच्छ रखने के साथ ही जनता के साथ मृदुल व्यवहार एवं जनता की समस्या को सुनने तथा उनका निस्तारण करने हेतु उचित दिशा निर्देश दिया गया । ऩिरीक्षण को दौरान क्षेत्राधिकारी बल्दीराय महोदय उपस्थित रहे।इस दौरान एसओ अखिलेश सिंह भी मौजूद रहे।

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कानपुर के बिल्हौर में देर रात पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में एक सीओ समेत आठ पुलिसकर्मियो के शहीद होने की खबर के बाद उनके गृह ग्रामों में भी अब मातम छा गया है।
शहीद सीओ देवेंद्र मिश्रा बांदा जिले के सहेवा गांव के रहने वाले थे । शहीद सीओ देवेंद्र मिश्रा के पैतृक गांव में जहां गम का माहौल बना हुआ है तो घर में पुलिस तैनात कर दी गई है परिजनों और गांव के लोगों में घटना के बाद से भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है और ग्रामीणों द्वारा यह मांग की जा रही है कि जिस तरह से अपराधियों ने पुलिस को निशाना बनाया है उसी तरह से पुलिस को उनके साथ व्यवहार करना चाहिए और उनको कड़ी सजा देनी चाहिए।

आपको बता दे कि कानपुर के पास बिल्हौर में एक मुठभेड़ के दौरान सीओ देवेंद्र मिश्रा समेत आधा दर्जन से ज्यादा पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे इसके बाद से प्रदेश के पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है ।सभी शहीदों के परिजनों को सूचित किया जा रहा है तो कुछ उनके गांव भेजने की तैयारी की जा रही है। जैसे ही शहीदों की जानकारी उनके परिजनों को मिल रही है तो परिजनों ही नहीं अपितु गांव में भी मातम का माहौल हो गया है। बांदा जिले के सहेवा गांव के निवासी देवेंद्र मिश्रा जो कि कानपुर में ही सीईओ पद पर तैनात थे उनकी भी मुठभेड़ के दौरान मौत हो गई है जैसे ही यह सूचना सहेवा गांव में पहुचती है तो गांव में मातम का माहौल छा जाता है। पड़ोसी एवं ग्रामीणो में भी भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है ग्राम वासियों की मांग है कि ऐसे दुर्दांत हत्यारों पर कड़ी से कड़ी सजा दी जाए और उनके साथ इससे भी बुरा सुलूक किया जाए जिससे अगली बार कोई भी हमारे सैनिको ,हमारे पुलिसकर्मियों पर हमला करने से पहले सौ बार सोचे, गांव के कुछ लोग शहीद सीओ देवेंद्र मिश्रा के स्वभाव के बारे में बताते हुए कहते हैं कि देवेंद्र मिश्रा बहुत ही हंसमुख स्वभाव के थे पढ़ाई में भी बहुत तेज थे देवेंद्र मिश्रा के पिता गांव में ही अध्यापक थे। शहीद देवेंद्र मिश्रा की प्रारंभिक पढ़ाई गांव सहेवा में ही हुई थी और सभी लोग उनके हंसमुख स्वभाव के कायल हैं। आज अपने शहीद लाल की अंतिम विदाई देने के लिए गांव वाले नम आंखों से तैयारियों में जुट गए हैं वहीं स्थानीय पुलिस अमला भी शहीद के गांव पहुंच चुका है।

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प्रधानमंत्री के सम्बोधन के बाद लॉकडाउन पार्ट-2 को लेकर गृह मंत्रालय की ओर से आज गाइडलाइन जारी की गई है । इस गाइडलाइन के मुताबिक, न तो प्लेन चलेंगी और न ही मेट्रो या बस । पहले से जिन्हें छूट मिली है, वह जारी रहेगी । इसके अलावा कृषि से जुड़े कामों के लिए भी रियायत दी गई है । साथ ही ट्रेनों या बसों में कोरोना वॉरियर्स को आवाजाही की इजाजत दी गई है । गृह मंत्रालय की ओर से चीफ सेक्रेट्री और प्रशासनिक अधिकारियों को भेजे गए गाइडलाइन में कहा गया है कि कृषि से जुड़े कामों के लिए रियायत दी जाएगी । मनरेगा के तहत काम होगा । वहीं, औद्योगिक गतिविधियों पर रोक जारी रहेगी । सभी तरह के परिवहन सेवाओं पर रोक रहेगी । सावर्जनिक स्थानों पर मास्क पहनना अनिवार्य होगा ।

👉 जाने क्या-क्या बंद रहेंगे -

सभी डोमेस्टिक या इंटरनेशनल फ्लाइट, ट्रेन (पैसेंजर की आवाजाही के लिए), सभी एजुकेशनल-ट्रेनिंग-कोचिंग सेंटर, इंडस्ट्रियल व कॉमर्शियल गतिविधि, होटल, टैक्सी, ऑटो रिक्शा, साईकिल रिक्शा, सिनेमा हॉल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, जिम, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, स्वीमिंग पूल, बार, थियेटर, कोई भी इवेंट, सभी धार्मिक स्थान बंद रहेंगे । इसके अलावा किसी भी अंतिम संस्कार में 20 से अधिक लोगों को शामिल होने की इजाजत नहीं दी जाएगी ।

👉 किसे-किसे मिली रियायत -

आवश्यक सामानों और दवाईयों का उत्पादन जारी रहेगा । इसके अलावा कुछ शर्तों के साथ ट्रकों को आवाजाही की इजाजत दी गई है । ग्रामीण इलाकों में औद्योगिक गतिविधियां जारी रहेंगी । केबल टीवी, डीटीएच, टेलिफोन समेत आवश्यक सेवाएं जारी रहेंगी । बिजली मैकेनिक, प्लंबर, कॉरपेंटर को इजाजत दी गई है । इसके अलावा आवश्यक सेवाओं के लिए आने-जाने की इजाजत, आयुष समेत सभी हॉस्पिटल, क्लिनिक खुले रहेंगे। एपीएमसी से संचालित सभी मंडियां खुलेंगी । पेट्रोल पंप खुल रहेंगे । कूरियर सेवाओं को काम करने की इजाजत दी गई है ।

👉 कृषि से जुड़े कामों में रियायत -

केंद्र सरकार ने किसानों को राहत देते हुए कृषि से जुड़े कामों को इजाजत दे दी है । किसानों को अपनी फसल काटने और बुवाई करने की छूट दी गई है । साथ ही एजेंसियों को किसानों की उपज खरीदने की इजाजत दी गई है । मछली पालन से जुड़ी गतिविधियों को इजाजत दी गई है ।

👉 मनरेगा और कंस्ट्रक्शन वर्क को इजाजत -

केंद्र ने मनरेगा के तहत कार्यों को जारी रखने का निर्देश दिया है । सोशल डिस्टेनसिंग बनाए रखने की अपील की गई है । इसके साथ राज्य सरकार की ओर किए जा रहे कंट्रक्शन वर्क में भी रियायत दी गई है ।

👉 हॉटस्पॉट एरिया में कोई रियायत नहीं -

कोरोना के हॉटस्पॉट एरिया में कोई रियायत नहीं दी जाएगी। इन इलाकों में स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी गाइडलाइन का पालन किया जाएगा । साथ ही किसी को भी बाहर निकलने की इजाजत नहीं होगी। आवश्यक सामानों की होम डिलिवरी होगी । एरिया की सुरक्षा में लगे जवान और मेडिकल स्टाफ का ही मूवमेंट होगा ।

👉 20 अप्रैल के बाद सशर्त मिलेगी रियायत -

जिन इलाकों में कोरोना के मामले नहीं आएंगे, उन्हें रियायत मिल सकती है. इसकी समीक्षा 20 अप्रैल तक की जाएगी । इस समीक्षा के बाद कुछ इलाकों में मामूली रियायत दी जाएगी । रियायत देने से पहले राज्य सरकार और जिला प्रशासन की ओर से गाइडलाइन के पालन के सारे उपाय किए जाएंगे, ताकि ऑफिस, वर्कप्लेस, फैक्ट्री या संस्थानों में सोशल डिस्टेनसिंग का पालन हो ।

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मुंबई-- महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के कारण हुई मौतों का आंकड़ा 149 हो गया है ।जिसमें से अकेले मुंबई में 91 लोगों की मौत हो चुकी है।राज्य में कोरोना पॉजिटिव के मामले 2हजार के करीब पहुंच गए हैं जबकि सिर्फ मुंबई में कोरोना पॉजिटिव की संख्या 1399 हो गई है। तेजी से बढ़ते कोरोना संक्रमण ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है और सरकार ने इससे निपटने के लिए हर स्तर पर तैयारी कर रही है ताकि इसके बढ़ते प्रभाव पर रोक लग सके ।

देश में सबसे अधिक कोरोना से प्रभावित महाराष्ट्र राज्य है । सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद नए मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं ।संक्रमण के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए पूरे राज्य को तीन जोन में बांटा गया है ।
महामारी से निपटने के लिए राज्य सरकार ने 15 से ज्यादा मरीजों वाले जिलों को रेड जोन में रखा है ।
वहीं जहां 15 से कम मरीज मिले हैं उन जिलों को ऑरेंज जोन में रखा गया है और जहां एक भी मरीज नहीं है उसे ग्रीन जोन का नाम दिया गया है।

रेड जोन के अंतर्गत
मुंबई, ठाणे, पुणे नागपुर, औरंगाबाद, रायगढ़, पालघर और सांगली को रखा गया है ।
यहां लॉकडॉउन का कड़ाई से पालन कराया जा रहा है।

ऑरेंज जोन के अंतर्गत
रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग, सतारा, कोल्हापुर, नासिक, अहमदनगर, जलगांव, उस्मानाबाद, बीड, जालना, हिंगोली, लातूर, अमरावती, अकोला, यवतमाल, बुलढाणा, वासिम और गोंदिया को रखा गया है।

ग्रीन जोन के अंतर्गत
धुलिया, नंदुरबार, सोलापुर, वर्धा, परभणी, नांदेड़, चंद्रपुर और गढ़चिरोली को रखा गया है।इन
जिलों में लॉकडॉउन को थोड़ा शिथिल कर इंडस्ट्री और कारोबार खोलने पर विचार किया जा रहा है ।साथ ही यह भी कोशिश रहेगी कि रेड जोन से कोई संक्रमित ऑरेंज या ग्रीन जोन में न पहुंचे ।राज्य सरकार ने कोरोना के बढते संक्रमण को रोकने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है लेकिन फिर भी संक्रमितों की संख्या में लगातार बढोत्तरी हो रही है ।

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बीएमसी में आमतौर पर पांच IAS अधिकारी ही जिम्मेदारी संभालते हैं लेकिन कोरोना वायरस से पैदा हुई तमाम चुनौतियों को देखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है।

लगातार मुंबई में बढ़ रहे कोरोना वायरस के कहर से लड़ने के लिए बीएमसी में आईएएस अधिकारियों की फौज तैनात कर दी गई है। बीएमसी में कुल नौ आईएएस अधिकारी इस समय काम संभाल रहे हैं, जो आमतौर पर महज पांच होते हैं। पिछले कुछ सप्ताह में ही तीन अधिकारियों को राज्य सरकार ने मुंबई की स्थिति संभालने के लिए बीएमसी भेज दिया है। गौरतलब है कि महाराष्ट्र में आ रहे कुल मामलों में से ज्यादातर मुंबई से ही हैं।

हर मोर्चे पर तैयारी की चुनौती
बीएमसी के सामने स्लम बस्तियों में इसके प्रसार को रोकने, अस्पतालों को संक्रमण से बचाने, पॉजिटिव मरीजों के अधिकाधिक संपर्क में आए लोगों को ट्रैक करने, बाजार में भीड़ रोकने, अस्पताल में आवश्यक उपकरण पहुंचाने, संक्रमित क्षेत्र को पूरी तरह से लॉकडाउन रखने के अलावा पानी, कचरा, नाला सफाई जैसे सामान्य सेवाएं भी पहुंचाने की चुनौती है। इसी के चलते एक के बाद एक कई सर्कुलर निकाले जा रहे हैं।

१-प्रवीण परदेशी-बीएमसी कमिश्नर प्रवीण परदेशी पर सभी में कार्यों का वितरण करने के साथ ही डिजास्टर ऐक्ट के तहत दिए गए अधिकारियों का प्रयोग कर मुंबई को संभालने की पूरी जिम्मेदारी इन पर ही है। लातूर में आए भूकंप के दौरान बेहद सफलतापूर्वक कार्य कर चुके 1985 बैच के आईएएस परदेशी के सामने कोरोना के कहर को रोकना सबसे बड़ी चुनौती है।

२-मनीषा म्हैसकर-बीएमसी में बतौर अडिशनल कमिश्नर काम कर चुकीं मनीषा म्हैसकर स्वास्थ्य विभाग के कामकाज से अच्छी तरह वाकिफ हैं। हाल ही में बीएमसी में कामकाज संभाल चुकीं 1992 बैच की आईएएस म्हैसकर को कोरोना के प्रसार को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है।

३-अश्विनी भिडे-मेट्रो तीन के मुश्किल काम को पटरी पर लाने वाली अश्विनी भिडे को कुछ ही सप्ताह पहले बीएमसी में विशेष रूप से भेजा गया है। कंट्रोल रूम से सारी मुंबई पर निगरानी एवं नियंत्रण रखने की जिम्मेदारी उन्हीं पर है।
4-एम. रामास्वामी-महाराष्ट्र मैरिटाइम बोर्ड की जिम्मेदारी देखने वाले एम. रामास्वामी को भी विशेष तौर पर बीएमसी में भेजा गया है। रामास्वामी को सेवनहिल्स में 1500 बेड वाला बड़ा सेंटर बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिसका अधिकांश काम हो भी चुका है। जल्द ही इस सेंटर के चालू होने पर कोरोना मरीजों के इलाज की व्यवस्था सुचारू हो जाएगी।
५-सुरेश काकानी-बीएमसी में अडिशनल कमिश्नर के तौर पर स्वास्थ्य विभाग का काम देख रहे काकानी के पास काम का अंबार है। पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था की निगरानी का जिम्मा उन्हीं पर है।
आशुतोष सलिल: सलिल को कोरोना काल के दौरान कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। कॉर्पोरेट सोशल रिसपॉन्सिबिलिटी के तहत समन्वय का पूरा दायित्व उन्हीं पर है। इसके जरिए तमाम उपकरण बीएमसी को उपलब्ध कराया जा रहा है। अस्पतालों में उपकरणों इत्यादि की खरीदी प्रक्रिया तेज करने के उद्देश्य से ही उन्हें यह दायित्व सौंपा गया है।

इसके अलावा, पी. वेलूरासू, ए. जरहाड, जयश्री भोज पहले से ही बतौर अडिशनल कमिश्नर अलग-अलग जिम्मेदारियां निभा रहे हैं।

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मुंबई
कोरोना वायरस के लगातार बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए तरह-तरह की तकनीक खोजी जा रही है। इसी के तहत मुंबई में डिसइंफेक्शन चेंबर (Corona Preventions) की शुरुआत की गई है। इन चेंबर्स को कोरोना के खिलाफ (Fight Against Corona) सुरक्षित होने के तरीके के तौर पर देखा जा रहा है। वर्ली में स्थित पोद्दार कॉलेज में मुंबई के पहले डिसइंफेक्शन चेंबर की शुरुआत की गई है। इसका लाभ कॉलेज में क्वारंटीन किए गए लोगों के साथ वहां के हेल्थ वर्कर ले सकेंगे।
चेंबर में निकलने वाला मिस्ट सोप वॉटर (साबुन का पानी) है, जिसका शरीर पर कोई दुष्प्रभाव नहीं है। यह वैसे ही है, जैसे हम साबुन से हाथ धोते हैं।
डॉ. मुफ्फजल लकड़ावाला
चेंबर की शुरुआत बीएमसी और मोटापा रोग विशेषज्ञ डॉ मुफ्फजल लकड़ावाला के आपसी सहयोग से की गई है।
लकड़ावाला के अनुसार, 'यह एक तरीके का अतिरिक्त प्रिकॉशन है, जो कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने में मदद कर सकता है। चेंबर में एक खास तरह का मिस्ट निकलता है, जो कपड़ों पर रहने वाले वायरस को खत्म करने में मददगार है। कॉलेज आने वाले लोगों को हम 20 सेकंड इस चेंबर में रहने की सलाह देते हैं। इससे अगर उनके कपड़ों पर किसी भी तरह का वायरस यहां तक कि कोरोना भी होगा, तो वह मर जाएगा, जिससे वायरस के प्रसार में कमी आएगी।'

डॉ. लकड़ावाला ने बताया कि चेंबर में केवल सोप वॉटर का इस्तेमाल किया जा रहा है। हाइपो सोडियम क्लोराइड का इस्तेमाल हमें पर्सनल डिसइन्फेक्शन के लिए नहीं करना चाहिए, क्योंकि इसका दुष्प्रभाव भी शरीर पर हो सकता है।

बीएमसी फायर विभाग के प्रमुख पी राहंगदले के अनुसार पर्सनल डिसइंफेक्शन के लिए हाइपो सोडियम क्लोरोइड नहीं है। देश में कुछ जगहों पर हाइपो सोडियम क्लोरोइड का इस्तेमाल पर्सनल डिसइन्फेक्शन के लिए किए जाने की बात सामने आई है। ऐसे में मुंबई में शुरू हुए इस चेम्बर में भी इसका इस्तेमाल होने को लेकर चर्चा शुरू हो उसके पहले ही डॉक्टरों ने साफ कर दिया है कि इसमें केवल सोप वाटर का इस्तेमाल किया जा रहा है।फिलहाल बीएमसी एवं महाराष्ट्र सरकार कोरोना को मात देने के लिए हर संभव कोशिश कर रहा है ।

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मुंबई के सबसे घनी आबादी वाले धारावी इलाके में कोरोना वायरस का कहर बढ़ता ही जा रहा है। लगभग 14 लाख से अधिक की आबादी वाले इस धारावी इलाके में अब तक कोरोना वायरस के 43 मामले सामने आ चुके हैं जिसके बाद इसके संक्रमण के तेजी से फैलने का खतरा बढ़ गया है। हालांकि, कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए प्रशासन की मुस्तैदी दिख रही है। धारावी में बैरिकेडिंग कर दी गई है और भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है। इसके अलावा स्क्रीनिंग भी तेज कर दी गई है।

एशिया की इस सबसे बड़ी स्लम बस्ती धारावी में कोरोना वायरस से अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है। शनिवार को कस्तुरबा अस्पताल में 80 साल के एक बुजुर्ग की मौत के बाद यह आंकड़ा चार हो गया।
देश में सबसे अधिक कोरोना की मार महाराष्ट्र में देखने को मिल रही है। राज्य में कुल 2096 पॉजिटिव केस कोरोना वायरस के मिल चुके हैं। कोरोना के इन कुल केसों में से 1761 केस एक्टिव हैं और 208 लोग पूरी तरह से स्वस्थ हो चुके हैं या उन्हें छुट्टी दे दी गई है। इस राज्य में अब तक सबसे अधिक 127 लोगों की जान जा चुकी है।

देश में पिछले 24 घंटों के दौरान कोरोना वायरस (कोविड-19) संक्रमण के 900 से अधिक नए मामले दर्ज किये जाने के साथ ही संक्रमितों की संख्या बढ़कर 8356 हो गई और इस दौरान इस संक्रमण के कारण 34 लोगों की मौत हो जाने से मरने वालों की संख्या 273 पर पहुंच गई। पिछले 24 घंटों के दौरान कोरोना के 909 नये मामले सामने आने के साथ ही अब तक इसके कुल 8356 मामलों की पुष्टि हुई है जिनमें 1 विदेशी मरीज शामिल हैं। अभी तक कोरोना संक्रमित 716 लोग स्वस्थ हो चुके हैं।देश में कोरोना के कहर से सबसे अधिक प्रभावतति राज्य महाराष्ट्र में कोरोना का कहर बढ़ता ही जा रहा है हालांकि सरकार और बीएमसी ने लगभग साढे सात लाख लोगों की जाचं का लक्ष्य रखा है जिनकी युद्व स्तर पर जाचं की जा रही है लेकिन फिर भी स्थिति बिगड़ती ही जा रही है ।

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महाराष्ट्र में लाॅकडाउन 14 के बाद भी जारी रहेगा। खुद मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि राज्य में लॉकडाउन 30 अप्रैल तक जारी रहेगा इसकी घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि कुछ क्षेत्रों में लॉकडाउन में ढील दी जा सकती है जबकि कुछ क्षेत्रों में उसे और कड़ा किया जाएगा उन्होंने यह भी कहा कि 30 अप्रैल के बाद पाबंदियां पूरी तरह हटाने का निर्णय स्थिति के आधार पर लिया जाएगा।

कोरोनावायरस को लेकर पीएम मोदी ने शनिवार को मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक की , बैठक में ज्यादातर मुख्यमंत्रियों ने लॉकडाउन बढ़ाए जाने की वकालत की । वहीं पीएम मोदी ने लॉकडाउन को दो हफ्ते और बढ़ाने के संकेत दिए । संवाद में शामिल मुख्यमंत्रियों में पंजाब के कैप्टन अमरिंदर सिंह, पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी, महाराष्ट्र के उद्धव ठाकरे, उत्तर प्रदेश के योगी आदित्यनाथ, हरियाणा के मनोहर लाल, तेलंगाना के के चंद्रशेखर राव, बिहार के नीतीश कुमार,झारखडं के हेमंत सोरेन सहित कई राज्यों के मुखिया शामिल थे मिल रही जानकारी के मुताबिक पीएम मोदी ने संकेत दिए हैं कि लॉकडाउन को 30 अप्रैल तक बढ़ाया जा सकता है। इसके साथ ही इसको 30 अप्रैल से आगे बढ़ाए जाने की संभावनाओं से भी इनकार नहीं किया है।
देश में महाराष्ट्र कोरोनावायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य है और यहां अब तक इस वायरस के संक्रमण के करीब 1600 मामले सामने आ चुके हैं. इनमें से 110 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 188 लोग ठीक हो चुके हैं ।

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मुंबई--सबसे अधिक कोरोना संक्रमित मरीजों के साथ ही मुंबई एक दूसरे संकट की ओर बढ़ रहा है। मेडिकल स्टाफ और अस्पताल की नर्सों के कोरोना पॉजिटिव निकलने के बाद मुंबई के कई बड़े निजी अस्पताल बंद होते जा रहे हैं। शुक्रवार को शहर के अस्पतालों के 19 हेल्थ वर्कर कोरोना संक्रमित पाए गए। इसी के साथ मेडिकल स्टाफ के संक्रमित होने का आंकड़ा लगभग 100 हो गया है।
कोरोना के फ्रंटलाइन मेडिकल वर्करों के बीच संक्रमण बढ़ने के चलते मुंबई में प्राइवेट अस्पतालों से तत्काल रूप से सेफ्टी किट, अतिरिक्त वेतन और ट्रांसपोर्ट मुहैया कराने को कहा गया है। भाटिया अस्पताल के 14 कर्मियों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई जिसमें 10 नर्सें, दो डॉक्टर और एक फिजियोथेरपिस्ट शामिल हैं। इसके बाद अस्पताल को सील कर दिया गया।
जसलोक, भाटिया अस्पताल सील दादर के शुश्रूषा अस्पताल में दो नर्स कोरोना संक्रमित पाई गईं जिसके बाद अस्पताल में मरीजों की भर्ती रोक दी गई है। इसी के साथ 48 घंटे के अंदर सभी मरीजों को डिस्चार्ज करने का आदेश दे दिया गया। मुंबई के बड़े अस्पताल जैसे जसलोक, वॉकहार्ट और भाटिया अस्पताल सील हो चुके हैं। इसके चलते अस्पतालों में सेफ्टी प्रोटोकॉल पर सवाल उठने लगने हैं।
सही प्रोटोकॉल का पालन जरूरी
एक सिविक अधिकारी ने बताया कि सही प्रोटोकॉल के साथ कुछ हद तक संक्रमण को रोका जा सकता है। उन्होंने बताया, 'उदाहरण के लिए कस्तूरबा अस्पताल जहां अभी तक डॉक्टर या स्टाफर में संक्रमण का केस नहीं आया है।' प्राइवेट अस्पताल के एक वरिष्ठ मैनेजमेंट अधिकारी ने बताया, 'अस्पतालों में संक्रमण के कुछ मामले का अनुमान था क्योंकि हम कोविड-19 के सक्रिय मामलों को देख रहे हैं। हालांकि पीपीई किट की कमी और अधिक संक्रमित मरीजों के चलते अस्पतालों की स्थिति चिंताजनक हो गई है।'
डॉक्टर, नर्सें, टेक्निशियन भी संक्रमित
ब्रीच कैंडी अस्पताल में दो और नर्सें कोरोना पॉजिटिव पाई गईं, जहां कुछ दिन पहले 180 नर्सों को क्वारंटीन करने के बाद सिर्फ इमर्जेंसी और आईसीयू सेवाएं दी जा रही थीं। 100 संक्रमित हेल्थकेयर वर्करों में 60 से अधिक नर्सें, 10 डॉक्टर और बाकी कार्डिऐक या पैथोलॉजी लैब के टेक्निशियन और सफाईकर्मी हैं।
प्राइवेट अस्पतालों की जरूरत
प्राइवेट अस्पतालों की स्थिति पर बीएमसी कमिश्नर प्रवीन परदेसी कहते हैं कि प्राइवेट अस्पतालों की इस समय सख्त जरूरत है। उन्होंने कहा, 'कुछ मरीज प्राइवेट अस्पताल में जाना प्रिफर करते हैं और इनमें से कुछ कोविड-19 के केसों में अच्छा काम भी कर रहे हैं।' वह कहते हैं, 'अगर एक अस्पताल संक्रमित होता है तो उसे प्रोटोकॉल के तहत टेस्टिंग और परिसर को डिसइंफेक्टेड करना जरूरी है। यह सब होने के बाद अस्पताल फिर से काम शुरू कर सकते हैं।'
साउथ मुंबई के एक अस्पताल की नर्स ने अस्पताल प्रशासन पर आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'हमारी दशा के बावजूद पीपीई किट केवल कोविड-19 वार्डों में काम करने वालों को दिए गए। यहां तक कि जिनमें वायरस के लक्षण दिख रहे थे उनकी भी शिफ्ट लगा दी गई। जब वे बहुत बीमार हो गए, तब छुट्टी मिली।' यूनाइडेट नर्स असोसिएशन की एक सदस्य ने कहा, 'अधिकतर नर्सें केरल से हैं, 8 से 12 लोगों के बीच हॉस्टल और अपार्टमेंट में रहती हैं। ऐसे में संक्रमण फैलने की बहुत संभावना है। अधिकतर को न क्वारंटीन किया गया और न टेस्ट हुआ। फिलहाल अगर अस्पताल कर्मी ही सुरक्षित नहीं रहे तो आगे दिक्कत बढ़ सकती है वहीं बीएमसी प्रशासन इस महामारी से बचाव के लिए युद्व स्तर पर कार्य कर रहा है जो फिलहाल संभलता नहीं दिख रहा है ।धारावी जैसे स्लम एरिए में कोरोना पाॅजिटिव मरीजों के मिलने से लोग और शंसकित हो गये हैं लोगों का कहना है कि अगर वहां स्थिति गड़बड़ होती है तो फिर संभालना मुश्किल हो जाएगा ।

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मुंबई--मुंबई के साउथ में पूर्वी और पश्चिमी दोनों उपनगरों के पांच इलाकों को कोरोना वायरस का हॉटस्पॉट चिन्हित किया गया है। यहां के मोहल्लों को पूरी तरह से लॉकडाउन कर दिया गया है। कोविड-19 वायरस ने गति पकड़ ली और अब यह समुदायों में फैलने लगा है। इसे रोकने के लिए मुंबई के हॉटस्पॉट चिन्हित करके बीएमसी से पुलिस की मदद से उन्हें पूरी तरह बंद किया है। जी साउथ इलाका, डी वार्ड, ई वार्ड के इलाके कोरोना हॉटस्पॉट बन गए हैं।
मुंबई के 24 वॉर्ड में से 4 वॉर्डों में सर्वाधिक 209 कोरोना मरीज पाए गए हैं। इसमें जी साउथ वॉर्ड में सर्वाधिक 78 कोरोना मरीज हैं। इसके बाद ई वॉर्ड में 48 और तीसरे नंबर पर डी-वार्ड है, जहां 43 मरीज मिले हैं।
इसमें मुंबई का जी-साउथ इलाका टॉप पर है। लेकिन ई-वॉर्ड में 48 घंटे के भीतर सबसे तेजी से कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ी है। इस वॉर्ड में 48 घंटों के भीतर 29 नए कोरोना मरीज मिले हैं। यहां 4 अप्रैल को कोरोना के 19 मरीज थे।
मुंबई के जी साउथ वॉर्ड के अंतर्गत वरली, प्रभादेवी और दादर के कुछ इलाके आते हैं। यहां 48 घंटों में 20 कोरोना के पॉजिटिव मरीज मिले हैं। इन इलाकों में 4 अप्रैल को कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 58 थी, जो 24 घंटे में बढ़कर 5 अप्रैल को 68 तक पहुंच गई। अगले 24 घंटे यानी 6 अप्रैल को इन इलाकों में मरीजों की संख्या में 10 की वृद्धि हुई और यहां कोरोना मरीजों की संख्या 78 तक पहुंच गई।
ई वॉर्ड मरीजों की संख्या के आधार पर पांचवें नंबर पर था। इसमें 5 अप्रैल को 25 मरीज और जुड़ गए। इस वॉर्ड में 24 घंटे में 25 नए मरीज सामने आए। 5 अप्रैल को मरीजों की संख्या 44 तक पहुंच गई। हालांकि अगले 24 घंटे में इसके रफ्तार में कमी आई और 6 अप्रैल को इसमें 4 नए कोरोना मरीज जुड़े। ई वॉर्ड के अंतर्गत भायखला, चिंचपोकली, रानीबाग और मजगांव एरिया आते हैं।
इसके बाद डी वॉर्ड का नंबर आता है। यहां कोरोना के 43 मरीज मिले हैं। इसके अंतर्गत मालाबार हिल्स, महालक्ष्मी, रेसकोर्स, ओपेरा हाउस और खेतवाडी का एरिया आता है।
जी साउथ वॉर्ड में कोरोना मरीजों की संख्या मुंबई में सबसे ज्यादा है। बीएमसी अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रही है कि इसकी रफ्तार पर ब्रेक लगे। इसके लिए दवाओं का छिड़काव हो रहा है और मरीजों की जांच की जा रही है ।

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मुंबई--मुंबई के साउथ में पूर्वी और पश्चिमी दोनों उपनगरों के पांच इलाकों को कोरोना वायरस का हॉटस्पॉट चिन्हित किया गया है। यहां के मोहल्लों को पूरी तरह से लॉकडाउन कर दिया गया है। कोविड-19 वायरस ने गति पकड़ ली और अब यह समुदायों में फैलने लगा है। इसे रोकने के लिए मुंबई के हॉटस्पॉट चिन्हित करके बीएमसी से पुलिस की मदद से उन्हें पूरी तरह बंद किया है। जी साउथ इलाका, डी वार्ड, ई वार्ड के इलाके कोरोना हॉटस्पॉट बन गए हैं।
मुंबई के 24 वॉर्ड में से 4 वॉर्डों में सर्वाधिक 209 कोरोना मरीज पाए गए हैं। इसमें जी साउथ वॉर्ड में सर्वाधिक 78 कोरोना मरीज हैं। इसके बाद ई वॉर्ड में 48 और तीसरे नंबर पर डी-वार्ड है, जहां 43 मरीज मिले हैं।
इसमें मुंबई का जी-साउथ इलाका टॉप पर है। लेकिन ई-वॉर्ड में 48 घंटे के भीतर सबसे तेजी से कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ी है। इस वॉर्ड में 48 घंटों के भीतर 29 नए कोरोना मरीज मिले हैं। यहां 4 अप्रैल को कोरोना के 19 मरीज थे।
मुंबई के जी साउथ वॉर्ड के अंतर्गत वरली, प्रभादेवी और दादर के कुछ इलाके आते हैं। यहां 48 घंटों में 20 कोरोना के पॉजिटिव मरीज मिले हैं। इन इलाकों में 4 अप्रैल को कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 58 थी, जो 24 घंटे में बढ़कर 5 अप्रैल को 68 तक पहुंच गई। अगले 24 घंटे यानी 6 अप्रैल को इन इलाकों में मरीजों की संख्या में 10 की वृद्धि हुई और यहां कोरोना मरीजों की संख्या 78 तक पहुंच गई।
ई वॉर्ड मरीजों की संख्या के आधार पर पांचवें नंबर पर था। इसमें 5 अप्रैल को 25 मरीज और जुड़ गए। इस वॉर्ड में 24 घंटे में 25 नए मरीज सामने आए। 5 अप्रैल को मरीजों की संख्या 44 तक पहुंच गई। हालांकि अगले 24 घंटे में इसके रफ्तार में कमी आई और 6 अप्रैल को इसमें 4 नए कोरोना मरीज जुड़े। ई वॉर्ड के अंतर्गत भायखला, चिंचपोकली, रानीबाग और मजगांव एरिया आते हैं।
इसके बाद डी वॉर्ड का नंबर आता है। यहां कोरोना के 43 मरीज मिले हैं। इसके अंतर्गत मालाबार हिल्स, महालक्ष्मी, रेसकोर्स, ओपेरा हाउस और खेतवाडी का एरिया आता है।
जी साउथ वॉर्ड में कोरोना मरीजों की संख्या मुंबई में सबसे ज्यादा है। बीएमसी अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रही है कि इसकी रफ्तार पर ब्रेक लगे। इसके लिए दवाओं का छिड़काव हो रहा है और मरीजों की जांच की जा रही है ।
तो वहीं महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे के निजी निवास 'मातोश्री' के बाहर एक चायवाले के कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद से दहशत फैल गई है। सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों को हटाकर क्वारंटीन किए जाने के बाद घर के कामों में लगे जरूरी स्टाफ को छोड़कर बाकी को छुट्टी दे दी गई है।

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मुंबई शहर के जी वॉर्ड के अंतर्गत आने वाले वर्ली को कोरोना का नया हॉट स्पॉट कहा गया है। यहां एक दिन में 55 नए मरीज पाए गए हैं, जिसके बाद सभी आइसोलेशन वॉर्ड में भर्ती किए गए हैं।
महानगर के जी साउथ वॉर्ड के अंतर्गत आने वाला वर्ली इलाका कोरोना वायरस से प्रभावितों का हॉटस्पॉट बन गया है। यहां एक दिन में 55 नए मरीज पाए गए हैं। एक दिन में एक वॉर्ड में कोरोना मरीजों की यह सबसे अधिक संख्या है। मुंबई में बुधवार को कोरोना के 106 नए मामले आए। अब यहां इन मरीजों की कुल संख्या 696 हो गई है। यहां भी मरीजों की मौत हो गई।
जी साउथ वॉर्ड में कोरोना मरीजों की संख्या बढ़कर 133 हो गई है। लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए जानकार आशंका जताने लगे हैं कि यहां अब वायरस संक्रमण का तीसरा स्टेज आ गया है। घनी बस्ती को देखते हुए यह खतरनाक है। बता दें कि वर्ली कोलीवाडा में सबसे ज्यादा कोरोना मरीज पाए गए हैं।

यहां पुलिस और बीएमसी ने मिलकर ज्यादातर परिसरों को सील कर दिया है। वॉर्ड ऑफिसर शरद उघडे ने कहा, ‘हम यहां कोरोना का संक्रमण कम करने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं। इसके लिए यहां सैनेटाइजेशन किया जा रहा है, दवाओं का छिड़काव भी हो रहा है। हेल्थ डिपार्टमेंट के लोग घर-घर जा कर लोगों की जांच कर रहे हैं।’
देश में बढ़े कोरोना केस,यहां राज्यों की पूरी लिस्ट
मुंबई में बुधवार को पांच और लोगों की मौत
मुंबई में कोरोना संक्रमण से बुधवार को 5 और मरीजों की मौत होने के बाद महानगर में यह आंकड़ा 45 हो गया है। केईएम अस्पताल में 46, 64, 54 और 59 साल के मरीजों की मौत हुई, जबकि कस्तूरबा अस्पताल में 85 साल के एक मरीज की मौत हुई। इनमें 4 महिलाएं और 1 पुरुष है। इन सबको बुखार और सांस लेने की तकलीफ की वजह से अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसमें से तीन को डायबीटीज और एक को अस्थमा था।
मुंबई में अब सार्वजनिक स्थान पर निकलने से पहले मास्क लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। बीएमसी कमिश्नर प्रवीण परदेशी ने यह आदेश जारी करते हुए चेतावनी दी है कि यदि बिना मास्क लगाए कोई व्यक्ति सार्वजनिक स्थान पर पाया गया, तो उसकी गिरफ्तारी भी हो सकती है। तीन लेयर का या घर में बना अच्छी क्वॉलिटी का मास्क पहनना जरूरी किया गया है। रुमाल को मास्क के तौर पर नहीं इस्तेमाल किया जा सकता है।

बीएमसी ने 24 वॉर्डों में लोगों को क्वारंटाइन करने की व्यवस्था की है। इन सेंटरों में करीब 11,000 लोगों को रखा जाएगा। इन सेंटरों में कोरोना मरीजों की संपर्क में आने वाले 'हाई और लो रिस्क' वाले मरीजों को रखा जाएगा।
कंटेनमेंट जोन में सड़कों पर सब्जियां बेचने पर रोक लगा दी गयी है ।
राज्य में कोरोना के 117 नए मामले दर्ज किए गए हैं। इसके बाद राज्य में मरीजों की संख्या 1135 तक पहुंच गई है। पुणे में 2 और कल्याण-डोंबिवली में 1 मरीज की मौत कोरोना से हुई।पूरे देश में कोरोना से संक्रमितों और मृत्यु का सबसे अधिक आंकडा महाराष्ट्र राज्य का ही है ।
सोर्स एनबीटी

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मुंबई शहर के जी वॉर्ड के अंतर्गत आने वाले वर्ली को कोरोना का नया हॉट स्पॉट कहा गया है। यहां एक दिन में 55 नए मरीज पाए गए हैं, जिसके बाद सभी आइसोलेशन वॉर्ड में भर्ती किए गए हैं।
महानगर के जी साउथ वॉर्ड के अंतर्गत आने वाला वर्ली इलाका कोरोना वायरस से प्रभावितों का हॉटस्पॉट बन गया है। यहां एक दिन में 55 नए मरीज पाए गए हैं। एक दिन में एक वॉर्ड में कोरोना मरीजों की यह सबसे अधिक संख्या है। मुंबई में बुधवार को कोरोना के 106 नए मामले आए। अब यहां इन मरीजों की कुल संख्या 696 हो गई है। यहां भी मरीजों की मौत हो गई।
जी साउथ वॉर्ड में कोरोना मरीजों की संख्या बढ़कर 133 हो गई है। लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए जानकार आशंका जताने लगे हैं कि यहां अब वायरस संक्रमण का तीसरा स्टेज आ गया है। घनी बस्ती को देखते हुए यह खतरनाक है। बता दें कि वर्ली कोलीवाडा में सबसे ज्यादा कोरोना मरीज पाए गए हैं।

यहां पुलिस और बीएमसी ने मिलकर ज्यादातर परिसरों को सील कर दिया है। वॉर्ड ऑफिसर शरद उघडे ने कहा, ‘हम यहां कोरोना का संक्रमण कम करने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं। इसके लिए यहां सैनेटाइजेशन किया जा रहा है, दवाओं का छिड़काव भी हो रहा है। हेल्थ डिपार्टमेंट के लोग घर-घर जा कर लोगों की जांच कर रहे हैं।’
देश में बढ़े कोरोना केस,यहां राज्यों की पूरी लिस्ट
मुंबई में बुधवार को पांच और लोगों की मौत
मुंबई में कोरोना संक्रमण से बुधवार को 5 और मरीजों की मौत होने के बाद महानगर में यह आंकड़ा 45 हो गया है। केईएम अस्पताल में 46, 64, 54 और 59 साल के मरीजों की मौत हुई, जबकि कस्तूरबा अस्पताल में 85 साल के एक मरीज की मौत हुई। इनमें 4 महिलाएं और 1 पुरुष है। इन सबको बुखार और सांस लेने की तकलीफ की वजह से अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसमें से तीन को डायबीटीज और एक को अस्थमा था।
मुंबई में अब सार्वजनिक स्थान पर निकलने से पहले मास्क लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। बीएमसी कमिश्नर प्रवीण परदेशी ने यह आदेश जारी करते हुए चेतावनी दी है कि यदि बिना मास्क लगाए कोई व्यक्ति सार्वजनिक स्थान पर पाया गया, तो उसकी गिरफ्तारी भी हो सकती है। तीन लेयर का या घर में बना अच्छी क्वॉलिटी का मास्क पहनना जरूरी किया गया है। रुमाल को मास्क के तौर पर नहीं इस्तेमाल किया जा सकता है।

बीएमसी ने 24 वॉर्डों में लोगों को क्वारंटाइन करने की व्यवस्था की है। इन सेंटरों में करीब 11,000 लोगों को रखा जाएगा। इन सेंटरों में कोरोना मरीजों की संपर्क में आने वाले 'हाई और लो रिस्क' वाले मरीजों को रखा जाएगा।
कंटेनमेंट जोन में सड़कों पर सब्जियां बेचने पर रोक लगा दी गयी है ।
राज्य में कोरोना के 117 नए मामले दर्ज किए गए हैं। इसके बाद राज्य में मरीजों की संख्या 1135 तक पहुंच गई है। पुणे में 2 और कल्याण-डोंबिवली में 1 मरीज की मौत कोरोना से हुई।पूरे देश में कोरोना से संक्रमितों और मृत्यु का सबसे अधिक आंकडा महाराष्ट्र राज्य का ही है ।
सोर्स एनबीटी

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लॉकडाउन शब्द का इस्तेमाल पश्चिमी देश कई बार आपात स्थिति में ऐसा कर चुके हैं।
भारत में लोगों को घरों में रखने के लिए कर्फ्यू या धारा 144 जैसे कानून का सहारा लेते रहे हैं।
मगर लॉकडाउन का इस्तेमाल भारत में पहली बार हो रहा है। इसका सीधा सा मतलब है कि जरूरी सेवाओं को छोड़कर सब कुछ बंद रहेगा।
इस दौरान सिर्फ जरूरी या आपात स्थिति होने पर ही आपको घर से निकलने की अनुमति रहेगी।

*क्या पहले भी हुआ है लॉकडाउन*

अमेरिका ने 9/11 आतंकी हमले के बाद तीन दिन के लिए पहली बार लॉकडाउन किया था।
इसके बाद 2013 में बॉस्टन और 2015 में पेरिस हमले के बाद ब्रुसेल्स लॉकडाउन किया गया था।

*क्या-क्या खुलेगा रहेगा*

दूध, सब्जी और दवा की दुकानें लॉकडाउन के दौरान खुले रहेंगे।
अस्पताल और क्लीनिक भी इस दौरान खुले रहेंगे।
इसके अलावा राशन की दुकानें भी खुली रहेंगी।
किसी बेहद जरूरी काम के लिए भी प्रशासन की ओर से छूट मिल सकती है।


*क्या पेट्रोल पंप भी खुले रहेंगे*

सरकार ने पेट्रोल पंपों और एटीएम को आवश्यक श्रेणी में रखा है।
इसलिए जरूरत के हिसाब से इन्हें खोला जा सकता है।

*क्या निजी वाहन चला सकेंगे*

अगर बहुत जरूरी हो तो लॉकडाउन में भी निजी वाहनों का प्रयोग किया जा सकता है।
हालांकि बिना वजह बाहर घूमने पर सरकार कार्रवाई कर सकती है।
आपात व्यवस्था में एंबुलेंस को भी बुला सकते हैं।
क्या आप घूमने जा सकेंगे
लॉकडाउन का फैसला इसलिए लिया गया है ताकि लोग एक-दूसरे के संपर्क में न आएं।
इसलिए जरूरी नहीं होने पर घर से बाहर न निकलें।

*क्या शादी-विवाह के कार्यक्रम होंगे*

संक्रमण फैलने के डर से किसी भी कार्यक्रम के लिए लोगों के जुटने पर पाबंदी रहेगी।
बहुत जरूरी होने पर आपको प्रशासन से अनुमति लेनी होगी।

*क्या निजी कर्मचारियों को काम पर जाना होगा*

लॉकडाउन में सरकारी हो या निजी कंपनी सभी बंद रहेंगी। सिर्फ जरूरी विभाग के कार्यालय खुले रहेंगे

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पालघर-पालघर जिले के अंतर्गत तमाम कस्बों में कोरोना वायरस (COVID-19) का खौफ के कारण आंशिक लाकडाउन हो ही गया ।संतोषभवन,स्टेशनरोड नालासोपारा,वाकनपाडा,धानिव बाग, हाइवे समेत अन्य जगहों पर चाय,पान एवं खाने के होटलों समेत ,राशन की दुकानें स्थानीय पुलिस एवं महानगरपालिका द्वारा बंद करा दी गयी हैं लोग संख्या में इकट्ठा न हों इसलिए यह कदम उठाया गया पूरे देश में सबसे अधिक कोरोना से प्रभावित राज्य महाराष्ट्र है इसलिए यहां पर अधिक एहतियात बरता जा रहा है ताकि लोगों को इसके संक्रमण से बचाया जा सके इसलिए लोगों को कुछ दिनों तक घरों में ही रहने की सलाह दी जा रही है ।लेकिन इसको लेकर रोजमर्रा की जरूरत की चीजों की भारी किल्लत भी उत्पन्न हो सकती है और काफी संख्या में लोगों के समक्ष रोजी-रोटी का संकट भी उत्पन्न हो सकता है क्योंकि इनसब जगहों पर अधिकतर मजदूर वर्ग ही रहता है जिनको रोज कुआं खोदकर पानी पीना पड़ता है ।फिलहाल क्लीनिक और मेडिकल स्टोर ही खुले नजर आ रहे हैं ।

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सुलतानपुर---पुलिस अधीक्षक शिव हरि मीणा ने थाना बल्दीराय का औचक निरीक्षण किया गया । श्री मीणा द्वारा थाना परिसर में स्थापित बैरक, सीसीटीएनएस कक्ष, भोजनालय,बन्दीगृह, स्टोर रुम व कार्यालयों का निरीक्षण किया गया । स्वच्छता के सम्बन्ध में महोदय द्वारा थाना परिसर को साफ व स्वच्छ रखने के साथ ही जनता के साथ मृदुल व्यवहार एवं जनता की समस्या को सुनने तथा उनका निस्तारण करने हेतु उचित दिशा निर्देश दिया गया । ऩिरीक्षण को दौरान क्षेत्राधिकारी बल्दीराय महोदय उपस्थित रहे।इस दौरान एसओ अखिलेश सिंह भी मौजूद रहे।

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(COVID-19) कोरोना का खौफ,168 ट्रेनें 30 मार्च तक रद्द

(COVID-19) कोरोना का खौफ,168 ट्रेनें 30 मार्च तक रद्द

 

भारतीय रेल ने कोरोना वायरस (C0VID-19) के खतरे और यात्रियों की कम संख्या को देखते हुए  20 से 31 मार्च के बीच चलने वाली कई ट्रेनों को रद्द कर दिया है।
रद्द होने वाली ट्रेनों की कुल संख्या 168 हो गई है।कोरोना वायरस के खतरे की वजह से घर से कम निकल रहे हैं, जिस वजह से ट्रेनों में यात्रियों की संख्या कम हो गई। इसी देखते हुए रेलवे के विभिन्न जोनों ने ट्रेनें रद्द करने का कदम उठाया है। रद्द की गई ट्रेनों में टिकट करवाने वाले यात्रियों को सूचित किया जा रहा है।ताकि वह समय से सूचना पा सकें ।

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पालघर-महाराष्‍ट्र में कोरोना वायरस संक्रमण से लोगों की संख्या 42 तक पहुंच गयी है । जिसके उपरांत महाराष्‍ट्र आने-जाने वाली कई ट्रेनों को भी रद्द कर दिया गया है इन सबके बावजूद बुधवार को मुंबई से दिल्‍ली आ रही गरीबरथ एक्‍सप्रेस से कोरोना वायरस के 4 संदिग्‍ध यात्रियों को पालघर स्‍टेशन पर उतार लिया गया है। इसके बाद उन्‍हें सरकारी अस्‍पताल ले जाया गया।
पश्चिमी रेलवे की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार इन सभी 4 संदिग्‍धों के हाथ में उन्‍हें घर में पृथक रहने के लिए स्‍टैंप लगाया गया था।ये सभी जर्मनी से वापस लौटे थे।इनमें कोरोना के संदिग्‍ध लक्षणों के कारण उनको 14 दिन घर पर रहने की सलाह दी गई थी। इसके बावजूद वे ट्रेन में सफर कर सूरत जा रहे थे।
हाथ में स्‍टैंप लगा होने के कारण उनकी पहचान ट्रेन में टीटीई ने की। इसके बाद उन्‍हें पालघर रेलवे स्‍टेशन पर उतारा गया।सभी को सरकारी अस्‍पताल ले जाया गया है उन्‍हें जिला स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारियों को सौंप दिया गया है।इतनी जागरूकता के बावजूद लोगों की यह हरकत पूर्णरूप से स्वस्थ्य लोगों को काफी भारी पड़ने वाली है लगातार सख्त दिशा-निर्देश के बावजूद संक्रमित लोग भी सफर कर रहे हैं ।इससे पहले महारास्ट्र के मुंबई शहर में संक्रमित व्यक्ति के एक टैक्सी में सफर करने के कारण चार अन्य यात्री कोरोना वायरस से संक्रमित हो गये थे ।

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मुंबई/पालघर-कोरोना वायरस(COVID-19) को लेकर पूरे देश समेत दुनिया में तहलका मचा हुआ है ।सरकार इससे लोगों बचाने के लिए लगातार दिशा-निर्देश जारी कर रही है ।ताकि लोगों को इससे बचाया जा सके ।पूरे देश में जारी आंकडों के अनुसार देश में सबसे प्रभावित राज्य महाराष्ट्र है ।यहां पर अबतक इससे पीडित 42 लोगों की पहचान हो चुकी है और ये आंकडे लगातार बढ़ते जा रहे हैं ।राज्य सरकार ने इससे बचने के लिए एक सप्ताह तक सरकारी एवं प्राइवेट कार्यालयों को बंद कर दिया है तो वहीं खान-पान के होटलों पर भी प्रतिबंध लगना शुरू हो गया है ।पालघर जिले में खान-पान के अधिकतर होटलों पर ताला लटक गया है जिससे रोज काम करने वालों मजदूरों के समक्ष पेट भरने की परेशानी उत्पन्न हो गयी है ।इस जिले में अधिकतर दूसरे प्रदेशों के लोग रहते हैं जो कंपनियों समेत कल कारखानों और कार्यालयों में काम कर होटलों में खान-पान करते हैं लेकिन इनके बंद होने से अब इनके सामने एक मुश्किल खडी हो गयी है । 30 मार्च तक इन होटलों ओर ढाबों को बंद किया गया है। तो वहीं इससे लगातार चलने वाले मुंबई शहर की सड़कों पर भी भीड़ कम हो गयी है ।खचाखच भरी रहनी वाली लोकल ट्रेनों अब थोडी बहुत खाली रहने लगी हैं फिलहाल स्थिति देखकर यही लगता है कि मुंबई शहर लाकडाउन की तरफ बढ़ रहा है जिससे लोगों को भारी कठिनाईयों का सामना करना पड़ सकता है।

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