जिले मे कोरोना पॉजिटिव के 6 नए मामले आने से आंकड़ा पहुँचा 112_रिपोर्ट_अज़हर अब्बास     
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-21 से 27 सितम्बर तक मनाया जाएगा राष्ट्रीय डिमेंशिया जागरूकता सप्ताह


-बीमारी का जल्द पता लगाकर बुढ़ापे की इस बड़ी समस्या से मिल सकता है छुटकारा
बलरामपुर 20 सितम्बर। उम्र बढ़ने के साथ ही तमाम तरह की बीमारियाँ हमारे शरीर को निशाना बनाना शुरू कर देती हैं। इन्हीं में से एक प्रमुख बीमारी बुढ़ापे में भूलने की आदतों (अल्जाइमर्स-डिमेंशिया) की है, ऐसे बुजुर्गों की तादाद बढ़ रही है इसलिए जरूरी है कि बुजुर्गों को डिमेंशिया से बचाने के लिए परिवार के सभी सदस्य उनके प्रति अपनापन रखें। अकेलापन न महसूस होने दें, समय निकालकर उनसे बातें करें, उनकी बातों को नजरंदाज कदापि न करें बल्कि उनको ध्यान से सुनें। ऐसे कुछ उपाय करें कि उनका मन व्यस्त रहे, उनकी मनपसंद की चीजों का ख्याल रखें । निर्धारित समय पर उनके सोने-जागने, नाश्ता व भोजन की व्यवस्था का ध्यान रखें ।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. घनश्याम सिंह ने रविवार को बताया कि हर साल 21 सितम्बर को विश्व अल्जाइमर्स-डिमेंशिया दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य जागरूकता लाना है ताकि घर-परिवार की शोभा बढ़ाने वाले बुजुर्गों को इस बीमारी से बचाकर उनके जीवन में खुशियाँ लायी जा सकें। इसी के तहत 21 से 27 सितम्बर तक चलने वाले राष्ट्रीय डिमेंशिया जागरूकता सप्ताह के तहत विभिन्न कार्यक्रमों के जरिये इस बीमारी की सही पहचान और उससे बचाव के उपायों के बारे में जागरूकता लाने की बड़ी कोशिश की जायेगी।
डा. घनश्याम सिंह का कहना है कि अमूमन 65 साल की उम्र के बाद लोगों में यह बीमारी देखने को मिलती है या यूँ कहें कि नौकरी-पेशा से सेवानिवृत्ति के बाद यह समस्या पैदा होती है। इसके लिए जरूरी है कि जैसे ही इसके लक्षण नजर आएं तो जल्दी से जल्दी चिकित्सक से परामर्श करें ताकि समय रहते उनको उस समस्या से छुटकारा दिलाया जा सके। इस बीमारी के प्रमुख लक्षणों में से एक है कि जीवन शैली में एकदम से बदलाव आना जैसे-शरीर में आलसपन का आना, लोगों से बात करने से कतराना, बीमारियों को नजरंदाज करना, भरपूर नींद का न आना, किसी पर भी शक करना आदि ।
-जागरूकता सप्ताह के तहत होंगें आयोजन
महानिदेशक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं, उत्तर प्रदेश ने सीएमओ को पत्र भेजकर 21 से 27 सितम्बर तक चलने वाले डिमेंशिया जागरूकता सप्ताह के दौरान विविध आयोजन करने को कहा है। इसके तहत कोविड-19 के सभी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए रैली, संगोष्ठी, अर्बन स्लैम कैम्प, मंद बुद्धि प्रमाण पत्र प्रदान करने के सम्बन्ध में शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।
-स्वास्थ्य विभाग मदद को तैयार
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत “नेशनल प्रोग्राम फॉर द हेल्थ केयर ऑफ एल्डर्ली” (एनपीएचसीई) संचालित किया जा रहा है। इसके तहत वरिष्ठ नागरिकों/वृद्धजनों के समुचित उपचार पर विशेष ध्यान दिया जाता है। इसके लिए जिले में इसके लिए विशेषज्ञ चिकित्सक और स्टाफ की तैनाती भी की गयी है। बुजुर्गों के लिए अलग वार्ड भी बनाए गए हैं। इसके अलावा उनके मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं पर परामर्श के लिए मनोचिकित्सक तैनात किया गए हैं। मनकक्ष की व्यवस्था की गयी है, जहाँ पर काउंसिलिंग से लेकर इलाज तक की व्यवस्था होती है। समय-समय पर शिविर आयोजित कर भी बुजुर्गों की मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ीं समस्याओं का समाधान किया जाता है।
-डिमेंशिया के लक्षण
रोजमर्रा की चीजों को भूल जाना, व्यवहार में परिवर्तन आना, रोज घटने वाली घटनाओं को भूल जाना, दैनिक कार्य न कर पाना आदि इस बीमारी के प्रमुख लक्षण हैं । इसके चलते बातचीत करने में दिक्कत आती है या किसी भी विषय में प्रतिक्रिया देने में विलम्ब होता है। डायबिटीज, उच्च रक्तचाप, हाई कोलेस्ट्रोल, सिर की चोट, ब्रेन स्ट्रोक, एनीमिया और कुपोषण के अलावा नशे की लत होने के चलते भी इस बीमारी के चपेट में आने की सम्भावना रहती है।
-जागरूक बनें, डिमेंशिया दूर करें
बीमारी पर नियंत्रण पाने के लिए जरूरी है कि हम अपने आप को मानसिक व शारीरिक रूप से स्वस्थ रखें। सकारात्मक विचारों से मन को प्रसन्न रखें। पसंद का संगीत सुनने, गाना गाने, खाना बनाने, बागवानी करने, खेलकूद आदि जिसमें सबसे अधिक रुचि हो, उसमें मन लगायें। इसके अलावा नियमित रूप से व्यायाम और योगा करें। इस दिनचर्या को नियमित रखें क्योंकि अनियमित दिनचर्या इस बीमारी को बढ़ाती है। धूम्रपान और शराब से पूरी तरह से दूरी बनाए। डायबिटीज या कोलेस्ट्रोल जैसी बीमारी है तो उसको नियंत्रित रखें।
-फोन मिलाएं, समस्या का समाधान पाएं
अगर आप मानसिक तनाव या चिंता महसूस कर रहे हैं तो राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य और स्नायु विज्ञान संस्थान के टोल फ्री नंबर: 080-46110007 पर कॉल करके मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी हर समस्या का समाधान पा सकते हैं।

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धनघटा --संतकबीरनगर।

सीएचसी हैसर बाजार के स्वास्थ्य कर्मियों ने रामपुर मध्य में शनिवार को कैंप लगाकर कुल203 ग्रामीणों का करोना टेस्ट किया।जिसमें 01 ग्रामीण कोरोना पाॅजिटिव पाया गया।
उक्त जांच में सैम्पलिंग का कार्य अजय कुमार यादव द्वारा किया गया।स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा जांच शिविर में 91लोगों का आरटीपीसीआर तथा112लोगों का एंटीजेन टेस्ट किया गया।
टीम में मुख्य रूप से डा0 डीपीएन शुक्ला, विनोद कुमार डेंटल, राहुल सी एच ओ, रवि योगी , संदीप अनिल, प्रियंका सीएचओ , चंद्रोदय पटेल काउंसलर , ध्रुव प्रताप सिंह आदि समेत तमाम ग्रामीण मौजूद रहे।

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ऽ जेई से बच्ची की मौत के बाद एलर्ट स्वास्थ्य प्रशासन।


सेमरियावां (संतकबीरनगर)। ब्लॉक के उसरा शहीद में बीते 30 अगस्त को एक दस वर्षीय मासूम बच्ची की (जेई) जापानी इंसेफलाइटिस से मृत्यु हो गयी थी जिसका सत्यापन करने बृहस्पतिवार को सीएचसी सेमरियावां की स्वास्थ्य टीम गांव में पहुंची इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों को जेई से बचाव हेतु जागरूक किया। इस दौरान सीएचसी सेमरियावां की स्वास्थ्य टीम के सदस्य डा. हिमांशु , आईओ मो.कौसर खान, एएनएम संगीता, एचएस राम कुमार, आशा उमाकांती ने एंटी लार्वा दवाओं का छिड़काव कराकर 6 घरो एवं पास पड़ोस के साथ 26 लोगो का स्लाइड बनाया और इस दौरान तीन हजार क्लोरीन की गोलियां घर घर वितरण की गयी। ब्लॉक टीकाकरण अधिकारी मो.कौसर खान ने इंसेफेलाइटिस से बचाव हेतु ग्रामीणों को जागरूक करते हुए कहा कि मच्छरों से बचने हेतु मच्छर दानी लगाये, फूल बाह के कपड़े पहने साफ-सफाई का विशेष तौर से ध्यान दे उन्होंने बताया कि पूरे गांव में एंटी लार्वा दवाओं का छिड़काव एवं फगिंग करायी जा रही हैं।

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- प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में बेहतर सुविधा देने के लिए जारी हुआ हेल्पलाइन नंबर
- जिले में लक्ष्य के सापेक्ष 97.51 प्रतिशत मिल चुकी है सफलता


बलरामपुर 01 सितम्बर। कोरोना काल में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत लाभार्थियों को आ रही समस्याओं के निराकरण के लिए शासन स्तर से एक हेल्प लाइन नंबर जारी किया है। लाभार्थी योजना का लाभ पाने में यदि कोई दिक्कत महसूस कर रहे हों या इस योजना से संबंधित कोई जानकारी लेना चाहते हों तो हेल्प लाइन नंबर 7998799804 पर कॉल कर सकते हैं।
-मोबाइल पर मिलेगा समाधान
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ बी.पी. सिंह ने मंगलवार को बताया कि कोरोना काल में लाभार्थियों की सुविधा के लिए शासन द्वारा राज्य स्तर से हेल्प लाइन नंबर जारी किया गया है। इस हेल्प लाइन पर लाभार्थी कॉल करके योजना के आवेदन संबंधी तथा भुगतान न होने पर आ रही समस्या का समाधान प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने बताया इस नंबर पर कॉल करने पर और बताए गये, निर्देश का पालन करने पर प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के प्रतिनिधि स्वयं लाभार्थी को फोन कर समस्या का निस्तारण करेंगे। उन्होने बताया कि योजना के अंतर्गत लाभार्थी अपने ग्राम की आशा या आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अथवा निकटतम प्राथमिक या सामुदायिक केंद्र पर जाकर नियमानुसार फार्म 01 ए, फार्म 01 बी और फार्म 01 सी भर सकते हैं। इसी कार्य को और अधिक आसान बनाने के लिये राज्य स्तर से प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की हेल्प लाइन द्वारा 7998799804 जारी किया गया है। इस नम्बर पर लाभार्थी कॉल करके आवेदन से सम्बंधित या भुगतान न होने की स्थिति में आयी समस्याओं की जानकारी एवं उनके निराकरण संबधित जानकारी ले सकेंगे। इस नम्बर पर कॉल करके बताए गए निर्देशों का पालन करने पर योजन के प्रतिनिधि लाभार्थी को कॉल करके उनकी समस्याओं का निराकरण करेगें। डा. बी.पी. सिंह ने बताया कि जनवरी 2017 से सितम्बर 2020 तक जिले को 42,858 लाभार्थियों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिसके सापेक्ष 31 अगस्त तक 41789 लाभार्थियों को पंजीकृत करके लाभान्वित किया जा चुका है। जिले में लक्ष्य के सापेक्ष 97.51 प्रतिशत सफलता प्राप्त हुई है। उन्होने बताया योजना में लाभार्थियों को लाभ दिलाने के मामले में जिला प्रदेश में तीसरे व देवीपाटन मंडल में पहले पायदान पर है।
-इस खास बात पर भी दें ध्यान
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के जिला कार्यक्रम सहायक पुनीत मणि त्रिपाठी ने बताया कि योजना से संबंधित कोई भी प्रतिनिधि लाभार्थी से ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) नहीं पूछता है और न ही संवेदनशील सूचनायें जैसे अकाउंट नंबर, सीवीवी पिन मांगता है। यदि कोई व्यक्ति लाभार्थी से इस तरह की जानकारी मांगता है, तो उसे यह जानकारी कतई न दें। इस तरह की जानकारी मांगने वाला व्यक्ति प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का प्रतिनिधि नहीं हो सकता है।

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आज दिनाँक 29 अगस्त 2020 को जिला सर्विलांस व अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ अनिल शर्मा ने आज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जगत और दातागंज द्वारा आयोजित स्वास्थ्य शिविर क्रमशः ग्राम मूसाझाग और भटौली का निरीक्षण किया शिविर में एन्टी मलेरियल दवाओं की उपलब्धता देखी साथ ही घर घर जाकर धनात्मक मरीजो का फॉलो अप देखा साथ ही ग्राम में मच्छरदानी का वितरण किया। डॉ अनिल शर्मा ने स्वास्थ्य टीम से कहा की पी एफ धनात्मक निकलने पर सभी घर वालो की जांच स्लाइड के माध्यम से सुनिश्चित की जाए। मलेरिया धनात्मक केसों का पूर्ण रूप से फोलोअप हो बुखार का सर्वे नियमित हो और मरीज को पूरा ट्रीटमेंट समय से मिले। इस दौरान ग्राम भटौली दातागंज ब्लॉक में टीम के पास पर्याप्त दवाई नही मिलने पर नाराजगी जताई एवं चिकित्सा अधीक्षक दातागंज को फ़ोन पर दवाई की उपलब्धता हेतु निर्देशित किया, साथ ही कहा कि कोई भी मलेरिया धनात्मक रोगी बिना उपचार के नही रहे, इस दौरान स्वास्थ्य परीक्षण टीम को दवाइयों की उपलब्धता हेतु निर्देशित कर समय पर ग्राम में पहुंचने हेतु कहा। इस दौरान जिला समन्वयक फैमिली हेल्थ इंडिया डॉ संतोष भार्गव ने कहा लोगो से कहा कि दवाई पूरी खाये, मलेरिया की दवाई खाने से पहले पर्याप्त भोजन करे। मलेरिया निरीक्षक श्री तनवीर सिंह यादव ने लोगो से पानी जमा नही होने देने हेतु कहा। इस दौरान बीसीसीएफ जितेंद्र सिंह यादव उपस्थित थे

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- विश्व स्तनपान सप्ताह की पूर्वसंध्या पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एवं यूनिसेफ द्वारा हुई आॅनलाइन मीडिया मीट
-कोरोना के समय भी स्तनपान है शिशु के लिए सर्वोत्तम आहार, सावधानी से नहीं फैलता संक्रमण
बलरामपुर 31 जुलाई। मां का दूध शिशु के लिए सर्वोत्तम है। इस समय जब पूरा देश कोरोना वायरस से जूझ रहा है, तब भी स्तनपान शिशु के लिए जीवन रक्षक है। विशेषज्ञों के अनुसार कोरोना वायरस मां के दूध से नहीं फैलता, इसलिए कोरोना पीड़ित व संदिग्ध होने पर भी मां कोरोना वायरस से बचाव के उपायों का पालन करते हुए एवं मास्क का प्रयोग कर स्तनपान जारी रख सकती हैं।
कोविड-19 स्तनपान से जुड़े सवालों के जवाब देने व स्तनपान की महत्ता जनमानस तक पहुंचाने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एवं यूनिसेफ द्वारा एक आॅनलाइन मीडिया मीट का आयोजन किया गया। विश्व स्तनपान सप्ताह की पूर्व संध्या पर आयोजित इस मीडिया मीट में पत्रकारों को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की मिशन निदेशक अर्पणा उपाध्याय ने कहा स्तनपान शिशु मृत्यु दर कम करने का सबसे सशक्त माध्यम है। स्तनपान शिशु के आरंभिक शारीरिक व मानसिक विकास में भी सहायक होता है।
बैठक में उपस्थित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के चाइल्ड हेल्थ मैनेजर डॉ वेद प्रकाश ने कहा मां के दूध का कोई विकल्प नहीं है। बाजार में मिलने वाले डिब्बा बंद दूध, मां के दूध का स्थान नहीं ले सकते। यह डिब्बा बंद दूध शिशु को स्तनपान से होने वाले लाभ से वंचित रखते हैं और पर्यावरण के लिए भी हानिकारक हैं। डिब्बा बंद दूध के प्रचार प्रसार को रोकने के लिए एक्ट भी बनाए गए हैं। इस विषय में जागरूकता फैलाने की विशेष जरूरत है।
कोविड-19 के समय स्तनपान के विषय पर प्रकाश डालते हुए यूनिसेफ की पोषण विशेषज्ञ डा. ऋचा सिंह पांडे ने कहा स्तनपान शिशु का पहला अधिकार है। यह प्रकृति का वरदान है, जिससे शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है एवं शारीरिक एवं मानसिक विकास भी बेहतर होता है। उन्होने कहा कि कोविड उपचाराधीन होने पर भी मां शिशु को कोविड-19 के नियमों का पालन करते हुए स्तनपान करा सकती है।
प्रतिवर्ष 1 से 7 अगस्त को विश्व स्तनपान सप्ताह के रूप में मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को स्तनपान के महत्व को समझाना एवं उन्हें स्तनपान के लिए प्रेरित करना है। लैनसेट 2016 के अनुमान के अनुसार प्रतिवर्ष विश्व में 8,20,000 बच्चों की मृत्यु स्तनपान के अभाव में होती है। भारत में 6 माह तक केवल स्तनपान कराने की दर 55 फीसदी होने के बावजूद प्रत्येक वर्ष डायरिया एवं निमोनिया जैसी बीमारियों के कारण अनुमानित 5 वर्ष से कम आयु के 99,499 बच्चों की मृत्यु हो जाती है। इन मृत्यु को 1 घंटे के अंदर स्तनपान की शुरुआत करने व छह माह तक केवल स्तनपान जारी रखकर रोका जा सकता है। इस मीट में स्वास्थ्य विभाग एवं यूनिसेफ के अधिकारियों के साथ उत्तर प्रदेश के कई जिलों से पत्रकारों ने डिजिटल माध्यम से प्रतिभाग किया।

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-एक माह तक चलने वाले अभियान में संक्रामक बीमारियों पर नियंत्रण पाने का होग प्रयास
-16 जुलाई से दस्तक अभियान के तहत घर घर लोगों को जागरूक करेंगी आशा


बलरामपुर 01 जुलाई। जिले में एक माह तक चलने वाले विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान का शुभारम्भ किया गया। सदर विधायक ने सीएमओ कार्यालय से फागिंग मशीन वाहन को हरी झंड़ी दिखाकर जिले में अभियान की शुरूआत की। इस अभियान के तहत 10 विभाग एक साथ मिलकर जेई व एईएस जैसी जानलेवा बीमारी पर सघन नियंत्रण एवं रोकथाम के लिए अभियान चलाएंगे।
बुधवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान का शुभारम्भ करते हुए सदर विधायक पल्टूराम ने कहा कि अभियान के दौरान आशा, एएनएम व आंगनवाड़ी कार्यकर्ता घर घर जाकर बीमार लोगों का डाटा तैयार करेंगी। उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिले के सीएमओ को निर्देश दिये है कि किसी भी बीमार व्यक्ति की मौत दवा के अभाव में ना होने पाये, दवा के अभाव में कोई व्यक्ति बीमार ना रहे। इसी लिए इस तरह के अभियान जिले में चलाए जाते है जिससे संक्रामक सहित तमाम बीमारियों पर नियंत्रण पाया जा सके। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. घनश्याम सिंह ने कहा कि पूर्वांचल में जेई, एईएस और डेंगू जैसी बीमारियां ज्यादा होती है इसीलिए लगातार तीन सालों से एक माह के लिए 10 विभाग मिलकर गांवों में स्वच्छता अभियान चलाते है। जिससे ग्रामीणों को स्वच्छ पीने का पानी मिल सके। उन्होने कहा कि जेई व एईएस बीमारी पर नियंत्रण के लिए पूरे माह का प्लान तैयार किया गया है जिसमें 16 जुलाई से दस्तक अभियान चलेगा। इसके दौरान आशाएं टीम बनाकर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के साथ घर घर जाएंगी और घर में बीमार बच्चों की माॅनिटरिंग करने के साथ लोगों को जल जनित बीमारियों के प्रति जागरूक करेंगी। बाढ़ के दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं में आने वाले समस्याओं को लेकर उन्होने कहा कि बाढ़ निकल जाने के बाद जो पानी इकट्ठा होता है उससे परेशानी होती है। हमें ये प्रयास करना चाहिए कि घर के आस पास के इलाके में पानी ना इकट्ठा हो और यदि पानी इकट्ठा ही हो रहा हो तो उसमें केरोसिन तेल डाल दे जिससे मच्छर ना पनपने पाये। कार्यक्रम केे दौरान कोरोना वायरस स्वास्थ्य विभाग के नोडल अफसर जे.डी. डा. ए.के. सिंह, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. बी.पी. सिंह, अपर उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. ए.के. सिंघल, डा. अरूण कुमार, जिला मलेरिया अधिकारी डा. मंजुला आनंद, एपीडेमियोलाॅजिस्ट डा. श्यामजी श्रीवास्तव, युनिसेफ डी.एम.सी. शिखा श्रीवास्तव, डब्लूएचओ से एस.के. सिंह, बीजेपी पूर्व जिलाध्यक्ष चन्द्र प्रकाश सिंह गुड्डू, बृजेन्द्र तिवारी, अपूर्व सिंह, पवन यादव, अमरेन्द्र सिंह, सुधीर यादव सहित तमाम लोग मौजूद रहे।

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ऽ जिम्मेदारों द्वारा अस्पताल परिसर में स्चच्छता अभियान को लगाया जा रहा पलीता।

 

सेमरियावां (संतकबीरनगर)। जहाँ हर कोई अपने इलाज के लिए अस्पताल जाता हैं और वहाँ चिकित्सको के द्वारा मरीजों को  साफ-सफाई हेतु परामर्श देकर जागरूक करने का काम किया जाता हैं ताकि विभिन्न प्रकार की बीमारियों से बचा जा सके। लेकिन प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र दानोकुईया पर तैनात चिकित्सक भले ही दूसरों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हो, लेकिन खुद में बिल्कुल जागरूक नहीं है। पीएचसी पर आये दिन आने वालो मरीजों को और घातक बीमारी फैलने का डर बना रहता हैं। पीएचसी परिसर में गंदगी की भरमार है। परिसर में खड़ी बड़ी-बड़ी घास और झाड़ियां उग आयी हैं जिसमें कीड़े मकोड़ों और मच्छरों के पनपने का वास बन गया हैं। जिससे आसपास के भी रहने वाले लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। यह समस्या बरसात के समय और बढ़ गयी हैं। इस स्थिति में पीएचसी दानोकुईया पर इलाज कराने आ रहे मरीजों और उनके तीमारदारों को विभिन्न प्रकार की बीमारियो के फैलने का डर सता रहा हैं। वहीं ग्रामीण शकील अहमद चैधरी, जैनुल्लाह शेख, खलिलुर्रहमान, मो कलीम, अलीम अखतर, अब्दुल अहद, हफिज मजिबुर्रहमान, आदि ने बताया कि परिसर में रोशनी की व्यवस्था नहीं हैं रात्रि में परिसर में चारो ओर काफी अंधेरा रहता हैं किसी भी मरीज को रात्रि आने पर बहुत दिक्कतें होती हैं। इस सम्बंध सीएचसी अधीक्षक ने बताया कि जल्द ही परिसर में दवाओं का छिड़काव करा दिया जायेगा रहा सवाल परिसर में रोशनी के लिए तो कई बार स्टैंड लाइट लगायी लेकिन कुछ अराजक तत्वो द्वारा उसे तोड़कर उठा ले गये। जहां तक सम्भव हैं रोशनी की सुविधा की गयी हैं।

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संतकबीरनगर- विकासखंड के सेमरियावां के ग्राम पंचायत ऊंचहरा कला में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बाहर से आए हुए लोगों की स्क्रीनिंग की ।इस दौरान टीम द्वारा कांट्रैक्टिंग सर्वे किया ।टीम के लीडर सीएचसी सेमरियावां पर तैनात ब्लाक कार्यक्रम प्रबंधक राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि विगत दिनों दो मरीज पाॅजिटिव पाए गये थे जो कि अन्य प्रदेशों से आए थे इसलिए सतर्कता के तौर पर सभी लोगों की स्क्रीनिगं की जाएगी और उन मरीजों से संम्पर्क में आने वाले सभी लोगों की सेम्पंलिगं की जाएगी ।उन्होंने कहा कि विभागीय निर्देशानुसार गावं वालों को पूरी तरह से सतर्क रहने के लिए कहा गया है ।इस दौरान टीम में मो.कौसर एवं रंजना भी मौजूद रहे

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ऽ अंसार टोला को बनाया गया कण्टेनमेन्ट एरिया।


संतकबीरनगर। बुधवार की देर रात आये रिपोर्ट में खलीलाबाद कोतवाली क्षेत्र के शहरी इलाके के अंसार टोला में बम्बई से लौटे युवक की रिपोर्ट कोरोना संक्रमित/पाॅजिटिव आया है। सुबह से ही स्वास्थ्य एवं जिला प्रशासन ने सम्बन्धित मरीज के एरिया को कण्टेनमेन्ट एरिया बनाते हुए सेनेटाइज किया जा रहा है। परिवार के अन्य सदस्यो को भी सेम्पल के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया। हालांकि इस मरीज का सगा भाई हेयर शैलून पर काम करता है लेकिन उसकी रिपोर्ट निगेटिव आयी है। रैण्डम सेम्पलिग के दौरान खलीलाबाद शहर में यह पहला मरीज मिला है। इसकी पुष्टि अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा0 मोहन झा ने की है। जिलाधिकारी रवीश गुप्ता ने बताया कि मरीजो के बढ़ने की शंका का क्रम अभी जारी रहेगा क्योकि स्वास्थ्य प्रशासन लगातार रैण्डम सेम्पलिंग का कार्य कर रही है मरीज स्वस्थ भी हो रहे है। उन्होने कहा कि अफवाहो से बचे और यदि किसी को सांस लेने सहित कोरोना संक्रमित के लक्षण प्रतीत हो रहे हो तो वह स्वंय आगे बढकर अपनी जाॅच कराये तथा दूसरो को भी सुरक्षित रखे। सत्यमेव जयते की रिपोर्ट अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा0 मोहन झा ने बताया कि जनपद में कुल 166 कोरोना संक्रमित पाये गये थे जिनमें 34 एक्टिव केस है। टोटल मृतको की संख्या 7 है। उन्होने बताया कि बृहस्पतिवार को जनपद में 4 मरीज मिले है और 4 मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज भी हुए है।

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उझानी (बदायूं)। जनपद में प्रवासियों की वापसी के बाद से ही कोरोना की रफ्तार बढती जा रही है। शनिवार को 8 लोगों कोरोना सैंपल की रिपोर्ट पॉजिटिव आई हैं।

शनिवार को जनपद में 115 सैंपल की रिपोर्ट 8 लोग कोरोना पॉजिटिव निकले हैं। नए मामलों में ब्लॉक म्याऊं में 3, दातागंज में 2 वहीं बिल्सी, सहसवान में एक-एक मरीज पॉजिटिव है। वहीं कस्बा उझानी में कोरोना ने दस्तक दे दी है, एक मरीज यहाँ भी सामने आया है। कस्बे के मुहल्ला श्रीनारायण गंज निवासी युवक दिल्ली में टैक्सी चलाता है। युवक करीबन 6 दिन पहले पत्नी और बेटी के साथ लौटा था। जिसके बाद उसे होम क्वांरटीन कर दिया गया था, वहीं 3 दिन पहले जब उनकी तबियत बिगड़ी तो परिवार को एम्बुलेंस से जिला अस्पताल ले जाया गया जहाँ उनका सैंपल लिया गया।

शुक्रवार को माँ-बेटी की रिपोर्ट निगेटिव आई जिसके बाद उन्हें घर भेज दिया गया। वहीं शनिवार को युवक की रिपोर्ट पॉजिटिव आई।फिलहाल इलाके को सैनेटाईज कर वैरेकेडिंग की गयी है। एसआई शिवेंद्र भदौरिया ने आसपास के सभी लोगों की जानकारी लेकर बाहर न निकलने को कहा है।

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संतकबीरनगर। जिलाधिकारी रवीश गुप्ता शनिवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के कक्ष में स्वास्थ्य अधिकारियो के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। जिलाधिकारी प्रतिदिन स्वास्थ्य अधिकारियो के साथ बैठक कर फीडबैक प्राप्त करते हुए आवश्यक निर्देश देते है। जिसके क्रम में उन्होने आज भी बैठक किया है तदोपरान्त उन्होने एल-1 हास्पिटल/सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र खलीलाबाद पहुॅचकर जहाॅ कोरोना संक्रमित मरीज भर्ती है बाहर से ही पूरे परिसर का भ्रमण कर सीएचसी अधीक्षक डा0 वी0पी0 पाण्डेय से जानकारी ली। तदोपरान्त उन्होने एल-1 अटैच फैसिलिटी हास्पिटल सेन्ट थाॅमस भी पहुॅचकर वहाॅ के नोडल डा0 एस0डी0 ओझा से जानकारी ली। उन्होने निर्देश दिया कि कोरोना संक्रमित मरीजो के स्वास्थ्य सेवाओ में लगातार डयूटी पर रहने वाले डाक्टर एवं स्वास्थ्य कर्मी अपने दायित्व का निर्वहन करते हुए सेवा प्रदान करें। मरीजो के स्वास्थ्य में सुधार हो रहा हैं यह सकारात्मक संदेश है। वर्तमान में भी सक्रियता बनाये रखे।

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सुल्तानपुर---जनपद में 6 नए कोरोना पॉजिटिव के मरीज मिले है जिनमे देहली निवासी के पॉजिटिव के पिता भी संक्रमित हो गए है। अन्य मरीज मुबई व दिल्ली से आए हुए प्रवासी हैं। जनपद मे कोरोना पॉजिटिव संक्रमितों की कुल संख्या 112 हो गयी है जिनमे 76 स्वास्थ्य लाभ लेकर डिस्चार्ज हो चुके है।धनपतगंज ब्लॉक के देहली अतरौला निवासी मरीज संजय यादव के पिताजी ठाकुर प्रसाद भी संक्रमित पाए गए है इससे पहले उनके भाई व भतीजे की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आयी थी।अखण्डनगर थाना क्षेत्र के उनुरखा गांव के बृजमोहन गोआ से मुंबई फिर वहां से सुलतानपुर ट्रेन से आये थे। इसी गांव के विनोद नोयडा से परिवार सहित बस से आये थे। महुली बल्दीराय के सचिन दुबे दिल्ली से सुहेलदेव ट्रेन से आये थे। इसी ट्रेन से कांपा हलियापुर के गोमती लाल शर्मा भी आये थे।कोतवाली नगर के चुनहा गांव का राम अभिलाख निषाद पुत्र रामनारायण निषाद मुम्बई से बस से आया था ये सभी कोरोना पॉजिटिव संक्रमित पाए गए है केएनआई कोविड -19 केअर सेंटर में भर्ती रहे अशोक गुड्डू श्रीमती चन्द्रीशा व दो साल की पलक स्वस्थ हो गए है उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी सीबीएन त्रिपाठी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी जानकारी और बताया कि कोरोना पॉजिटिव मिले इन गांव को कंटेन्मेंट ज़ोन घोषित करके कार्यवाही की जा रही हैं।

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सुल्तानपुर---जिले में एक और व्यक्ति में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई है। अब तक 103 लोग हो चुके हैं कोरोना वायरस से संक्रमित। 30 एक्टिव मरीजों का चल रहा इलाज। 72 लोग हो चुके डिस्चार्ज हो गए हैं।एक कोरोना संक्रमित व्यक्ति की मौत हो चुकी है।

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ सीबीएन त्रिपाठी ने जानकारी दी है कि धनपतगंज ब्लॉक के देहली बाजार गाँव निवासी संदीप कुमार यादव दिल्ली से लखनऊ आये वहां से अपने भाई व भतीजे के साथ बस से घर आये। उनकी जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आयी है। कुल 105 में से 104 लोगो की रिपोर्ट नेगेटिव आयी है। जिनमे एक अमेठी सहित अन्य लोगों को स्वस्थ घोषित कर डिस्चार्ज किया जा रहा है।

103 मरीजों में से 72 स्वस्थ हुए है। तीस में से 28 का इलाज केएनआई कोविड केअर सेंटर व 2 का इलाज मेडिकल कॉलेज लखनऊ में चल रहा है एक का निधन हो चुका है।

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सेमरियावां (संतकबीरनगर)। बुधवार को ब्लॉक के कोहरियावां गांव में आये 40 प्रवासियों की सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सेमरियावां की स्वास्थ्य टीम ने पहुंचकर कोरोना जांचकर सेम्पलिंग के लिए जिला भेज दिया गया। अधीक्षक डा.जगदीश पटेल ने बताया कि कोहरियावां ग्राम प्रतिनिधि अनीस अहमद ने सूचना दी कि 40 प्रवासी गांव में आये हैं जिसपर तत्तकाल स्वास्थ्य टीम आईओ मोहम्मद कौसर, एएनएम शीना, आगनवाड़ी बिंद्रावती गुप्ता, एलटी पंकज त्रिपाठी व स्टाफ नर्स नीतू यादव ने मौके पर पहुंचकर सभी को सामाजिक दूरी का पालन कराते हुए कोरोना जांच किया और सेम्पलिंग जिला चिकित्सालय पर भेज दिया गया। उन्होंने सभी लोगो से मास्क लगाने साफ-सफाई रखने और परिवार के सदस्यों से दूरी बनाकर रहने के लिए प्रेरित किया। साथ ही लाकडाउन का पालन करते हुए क्वारंटीन में रहने का निर्देश भी दिया। इस मौके पर प्रधान प्रतिनिधि अनीस अहमद जहीर अहमद समाज सेवी, मोहम्मद सादिक, मोहम्मद शफी, मौलाना खुर्सीद अहमद हाफिज कयूम आदि लोग मौजूद रहे।

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-21 से 27 सितम्बर तक मनाया जाएगा राष्ट्रीय डिमेंशिया जागरूकता सप्ताह


-बीमारी का जल्द पता लगाकर बुढ़ापे की इस बड़ी समस्या से मिल सकता है छुटकारा
बलरामपुर 20 सितम्बर। उम्र बढ़ने के साथ ही तमाम तरह की बीमारियाँ हमारे शरीर को निशाना बनाना शुरू कर देती हैं। इन्हीं में से एक प्रमुख बीमारी बुढ़ापे में भूलने की आदतों (अल्जाइमर्स-डिमेंशिया) की है, ऐसे बुजुर्गों की तादाद बढ़ रही है इसलिए जरूरी है कि बुजुर्गों को डिमेंशिया से बचाने के लिए परिवार के सभी सदस्य उनके प्रति अपनापन रखें। अकेलापन न महसूस होने दें, समय निकालकर उनसे बातें करें, उनकी बातों को नजरंदाज कदापि न करें बल्कि उनको ध्यान से सुनें। ऐसे कुछ उपाय करें कि उनका मन व्यस्त रहे, उनकी मनपसंद की चीजों का ख्याल रखें । निर्धारित समय पर उनके सोने-जागने, नाश्ता व भोजन की व्यवस्था का ध्यान रखें ।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. घनश्याम सिंह ने रविवार को बताया कि हर साल 21 सितम्बर को विश्व अल्जाइमर्स-डिमेंशिया दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य जागरूकता लाना है ताकि घर-परिवार की शोभा बढ़ाने वाले बुजुर्गों को इस बीमारी से बचाकर उनके जीवन में खुशियाँ लायी जा सकें। इसी के तहत 21 से 27 सितम्बर तक चलने वाले राष्ट्रीय डिमेंशिया जागरूकता सप्ताह के तहत विभिन्न कार्यक्रमों के जरिये इस बीमारी की सही पहचान और उससे बचाव के उपायों के बारे में जागरूकता लाने की बड़ी कोशिश की जायेगी।
डा. घनश्याम सिंह का कहना है कि अमूमन 65 साल की उम्र के बाद लोगों में यह बीमारी देखने को मिलती है या यूँ कहें कि नौकरी-पेशा से सेवानिवृत्ति के बाद यह समस्या पैदा होती है। इसके लिए जरूरी है कि जैसे ही इसके लक्षण नजर आएं तो जल्दी से जल्दी चिकित्सक से परामर्श करें ताकि समय रहते उनको उस समस्या से छुटकारा दिलाया जा सके। इस बीमारी के प्रमुख लक्षणों में से एक है कि जीवन शैली में एकदम से बदलाव आना जैसे-शरीर में आलसपन का आना, लोगों से बात करने से कतराना, बीमारियों को नजरंदाज करना, भरपूर नींद का न आना, किसी पर भी शक करना आदि ।
-जागरूकता सप्ताह के तहत होंगें आयोजन
महानिदेशक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं, उत्तर प्रदेश ने सीएमओ को पत्र भेजकर 21 से 27 सितम्बर तक चलने वाले डिमेंशिया जागरूकता सप्ताह के दौरान विविध आयोजन करने को कहा है। इसके तहत कोविड-19 के सभी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए रैली, संगोष्ठी, अर्बन स्लैम कैम्प, मंद बुद्धि प्रमाण पत्र प्रदान करने के सम्बन्ध में शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।
-स्वास्थ्य विभाग मदद को तैयार
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत “नेशनल प्रोग्राम फॉर द हेल्थ केयर ऑफ एल्डर्ली” (एनपीएचसीई) संचालित किया जा रहा है। इसके तहत वरिष्ठ नागरिकों/वृद्धजनों के समुचित उपचार पर विशेष ध्यान दिया जाता है। इसके लिए जिले में इसके लिए विशेषज्ञ चिकित्सक और स्टाफ की तैनाती भी की गयी है। बुजुर्गों के लिए अलग वार्ड भी बनाए गए हैं। इसके अलावा उनके मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं पर परामर्श के लिए मनोचिकित्सक तैनात किया गए हैं। मनकक्ष की व्यवस्था की गयी है, जहाँ पर काउंसिलिंग से लेकर इलाज तक की व्यवस्था होती है। समय-समय पर शिविर आयोजित कर भी बुजुर्गों की मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ीं समस्याओं का समाधान किया जाता है।
-डिमेंशिया के लक्षण
रोजमर्रा की चीजों को भूल जाना, व्यवहार में परिवर्तन आना, रोज घटने वाली घटनाओं को भूल जाना, दैनिक कार्य न कर पाना आदि इस बीमारी के प्रमुख लक्षण हैं । इसके चलते बातचीत करने में दिक्कत आती है या किसी भी विषय में प्रतिक्रिया देने में विलम्ब होता है। डायबिटीज, उच्च रक्तचाप, हाई कोलेस्ट्रोल, सिर की चोट, ब्रेन स्ट्रोक, एनीमिया और कुपोषण के अलावा नशे की लत होने के चलते भी इस बीमारी के चपेट में आने की सम्भावना रहती है।
-जागरूक बनें, डिमेंशिया दूर करें
बीमारी पर नियंत्रण पाने के लिए जरूरी है कि हम अपने आप को मानसिक व शारीरिक रूप से स्वस्थ रखें। सकारात्मक विचारों से मन को प्रसन्न रखें। पसंद का संगीत सुनने, गाना गाने, खाना बनाने, बागवानी करने, खेलकूद आदि जिसमें सबसे अधिक रुचि हो, उसमें मन लगायें। इसके अलावा नियमित रूप से व्यायाम और योगा करें। इस दिनचर्या को नियमित रखें क्योंकि अनियमित दिनचर्या इस बीमारी को बढ़ाती है। धूम्रपान और शराब से पूरी तरह से दूरी बनाए। डायबिटीज या कोलेस्ट्रोल जैसी बीमारी है तो उसको नियंत्रित रखें।
-फोन मिलाएं, समस्या का समाधान पाएं
अगर आप मानसिक तनाव या चिंता महसूस कर रहे हैं तो राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य और स्नायु विज्ञान संस्थान के टोल फ्री नंबर: 080-46110007 पर कॉल करके मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी हर समस्या का समाधान पा सकते हैं।

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धनघटा --संतकबीरनगर।

सीएचसी हैसर बाजार के स्वास्थ्य कर्मियों ने रामपुर मध्य में शनिवार को कैंप लगाकर कुल203 ग्रामीणों का करोना टेस्ट किया।जिसमें 01 ग्रामीण कोरोना पाॅजिटिव पाया गया।
उक्त जांच में सैम्पलिंग का कार्य अजय कुमार यादव द्वारा किया गया।स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा जांच शिविर में 91लोगों का आरटीपीसीआर तथा112लोगों का एंटीजेन टेस्ट किया गया।
टीम में मुख्य रूप से डा0 डीपीएन शुक्ला, विनोद कुमार डेंटल, राहुल सी एच ओ, रवि योगी , संदीप अनिल, प्रियंका सीएचओ , चंद्रोदय पटेल काउंसलर , ध्रुव प्रताप सिंह आदि समेत तमाम ग्रामीण मौजूद रहे।

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ऽ जेई से बच्ची की मौत के बाद एलर्ट स्वास्थ्य प्रशासन।


सेमरियावां (संतकबीरनगर)। ब्लॉक के उसरा शहीद में बीते 30 अगस्त को एक दस वर्षीय मासूम बच्ची की (जेई) जापानी इंसेफलाइटिस से मृत्यु हो गयी थी जिसका सत्यापन करने बृहस्पतिवार को सीएचसी सेमरियावां की स्वास्थ्य टीम गांव में पहुंची इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों को जेई से बचाव हेतु जागरूक किया। इस दौरान सीएचसी सेमरियावां की स्वास्थ्य टीम के सदस्य डा. हिमांशु , आईओ मो.कौसर खान, एएनएम संगीता, एचएस राम कुमार, आशा उमाकांती ने एंटी लार्वा दवाओं का छिड़काव कराकर 6 घरो एवं पास पड़ोस के साथ 26 लोगो का स्लाइड बनाया और इस दौरान तीन हजार क्लोरीन की गोलियां घर घर वितरण की गयी। ब्लॉक टीकाकरण अधिकारी मो.कौसर खान ने इंसेफेलाइटिस से बचाव हेतु ग्रामीणों को जागरूक करते हुए कहा कि मच्छरों से बचने हेतु मच्छर दानी लगाये, फूल बाह के कपड़े पहने साफ-सफाई का विशेष तौर से ध्यान दे उन्होंने बताया कि पूरे गांव में एंटी लार्वा दवाओं का छिड़काव एवं फगिंग करायी जा रही हैं।

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- प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में बेहतर सुविधा देने के लिए जारी हुआ हेल्पलाइन नंबर
- जिले में लक्ष्य के सापेक्ष 97.51 प्रतिशत मिल चुकी है सफलता


बलरामपुर 01 सितम्बर। कोरोना काल में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत लाभार्थियों को आ रही समस्याओं के निराकरण के लिए शासन स्तर से एक हेल्प लाइन नंबर जारी किया है। लाभार्थी योजना का लाभ पाने में यदि कोई दिक्कत महसूस कर रहे हों या इस योजना से संबंधित कोई जानकारी लेना चाहते हों तो हेल्प लाइन नंबर 7998799804 पर कॉल कर सकते हैं।
-मोबाइल पर मिलेगा समाधान
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ बी.पी. सिंह ने मंगलवार को बताया कि कोरोना काल में लाभार्थियों की सुविधा के लिए शासन द्वारा राज्य स्तर से हेल्प लाइन नंबर जारी किया गया है। इस हेल्प लाइन पर लाभार्थी कॉल करके योजना के आवेदन संबंधी तथा भुगतान न होने पर आ रही समस्या का समाधान प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने बताया इस नंबर पर कॉल करने पर और बताए गये, निर्देश का पालन करने पर प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के प्रतिनिधि स्वयं लाभार्थी को फोन कर समस्या का निस्तारण करेंगे। उन्होने बताया कि योजना के अंतर्गत लाभार्थी अपने ग्राम की आशा या आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अथवा निकटतम प्राथमिक या सामुदायिक केंद्र पर जाकर नियमानुसार फार्म 01 ए, फार्म 01 बी और फार्म 01 सी भर सकते हैं। इसी कार्य को और अधिक आसान बनाने के लिये राज्य स्तर से प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की हेल्प लाइन द्वारा 7998799804 जारी किया गया है। इस नम्बर पर लाभार्थी कॉल करके आवेदन से सम्बंधित या भुगतान न होने की स्थिति में आयी समस्याओं की जानकारी एवं उनके निराकरण संबधित जानकारी ले सकेंगे। इस नम्बर पर कॉल करके बताए गए निर्देशों का पालन करने पर योजन के प्रतिनिधि लाभार्थी को कॉल करके उनकी समस्याओं का निराकरण करेगें। डा. बी.पी. सिंह ने बताया कि जनवरी 2017 से सितम्बर 2020 तक जिले को 42,858 लाभार्थियों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिसके सापेक्ष 31 अगस्त तक 41789 लाभार्थियों को पंजीकृत करके लाभान्वित किया जा चुका है। जिले में लक्ष्य के सापेक्ष 97.51 प्रतिशत सफलता प्राप्त हुई है। उन्होने बताया योजना में लाभार्थियों को लाभ दिलाने के मामले में जिला प्रदेश में तीसरे व देवीपाटन मंडल में पहले पायदान पर है।
-इस खास बात पर भी दें ध्यान
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के जिला कार्यक्रम सहायक पुनीत मणि त्रिपाठी ने बताया कि योजना से संबंधित कोई भी प्रतिनिधि लाभार्थी से ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) नहीं पूछता है और न ही संवेदनशील सूचनायें जैसे अकाउंट नंबर, सीवीवी पिन मांगता है। यदि कोई व्यक्ति लाभार्थी से इस तरह की जानकारी मांगता है, तो उसे यह जानकारी कतई न दें। इस तरह की जानकारी मांगने वाला व्यक्ति प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का प्रतिनिधि नहीं हो सकता है।

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आज दिनाँक 29 अगस्त 2020 को जिला सर्विलांस व अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ अनिल शर्मा ने आज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जगत और दातागंज द्वारा आयोजित स्वास्थ्य शिविर क्रमशः ग्राम मूसाझाग और भटौली का निरीक्षण किया शिविर में एन्टी मलेरियल दवाओं की उपलब्धता देखी साथ ही घर घर जाकर धनात्मक मरीजो का फॉलो अप देखा साथ ही ग्राम में मच्छरदानी का वितरण किया। डॉ अनिल शर्मा ने स्वास्थ्य टीम से कहा की पी एफ धनात्मक निकलने पर सभी घर वालो की जांच स्लाइड के माध्यम से सुनिश्चित की जाए। मलेरिया धनात्मक केसों का पूर्ण रूप से फोलोअप हो बुखार का सर्वे नियमित हो और मरीज को पूरा ट्रीटमेंट समय से मिले। इस दौरान ग्राम भटौली दातागंज ब्लॉक में टीम के पास पर्याप्त दवाई नही मिलने पर नाराजगी जताई एवं चिकित्सा अधीक्षक दातागंज को फ़ोन पर दवाई की उपलब्धता हेतु निर्देशित किया, साथ ही कहा कि कोई भी मलेरिया धनात्मक रोगी बिना उपचार के नही रहे, इस दौरान स्वास्थ्य परीक्षण टीम को दवाइयों की उपलब्धता हेतु निर्देशित कर समय पर ग्राम में पहुंचने हेतु कहा। इस दौरान जिला समन्वयक फैमिली हेल्थ इंडिया डॉ संतोष भार्गव ने कहा लोगो से कहा कि दवाई पूरी खाये, मलेरिया की दवाई खाने से पहले पर्याप्त भोजन करे। मलेरिया निरीक्षक श्री तनवीर सिंह यादव ने लोगो से पानी जमा नही होने देने हेतु कहा। इस दौरान बीसीसीएफ जितेंद्र सिंह यादव उपस्थित थे

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- विश्व स्तनपान सप्ताह की पूर्वसंध्या पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एवं यूनिसेफ द्वारा हुई आॅनलाइन मीडिया मीट
-कोरोना के समय भी स्तनपान है शिशु के लिए सर्वोत्तम आहार, सावधानी से नहीं फैलता संक्रमण
बलरामपुर 31 जुलाई। मां का दूध शिशु के लिए सर्वोत्तम है। इस समय जब पूरा देश कोरोना वायरस से जूझ रहा है, तब भी स्तनपान शिशु के लिए जीवन रक्षक है। विशेषज्ञों के अनुसार कोरोना वायरस मां के दूध से नहीं फैलता, इसलिए कोरोना पीड़ित व संदिग्ध होने पर भी मां कोरोना वायरस से बचाव के उपायों का पालन करते हुए एवं मास्क का प्रयोग कर स्तनपान जारी रख सकती हैं।
कोविड-19 स्तनपान से जुड़े सवालों के जवाब देने व स्तनपान की महत्ता जनमानस तक पहुंचाने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एवं यूनिसेफ द्वारा एक आॅनलाइन मीडिया मीट का आयोजन किया गया। विश्व स्तनपान सप्ताह की पूर्व संध्या पर आयोजित इस मीडिया मीट में पत्रकारों को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की मिशन निदेशक अर्पणा उपाध्याय ने कहा स्तनपान शिशु मृत्यु दर कम करने का सबसे सशक्त माध्यम है। स्तनपान शिशु के आरंभिक शारीरिक व मानसिक विकास में भी सहायक होता है।
बैठक में उपस्थित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के चाइल्ड हेल्थ मैनेजर डॉ वेद प्रकाश ने कहा मां के दूध का कोई विकल्प नहीं है। बाजार में मिलने वाले डिब्बा बंद दूध, मां के दूध का स्थान नहीं ले सकते। यह डिब्बा बंद दूध शिशु को स्तनपान से होने वाले लाभ से वंचित रखते हैं और पर्यावरण के लिए भी हानिकारक हैं। डिब्बा बंद दूध के प्रचार प्रसार को रोकने के लिए एक्ट भी बनाए गए हैं। इस विषय में जागरूकता फैलाने की विशेष जरूरत है।
कोविड-19 के समय स्तनपान के विषय पर प्रकाश डालते हुए यूनिसेफ की पोषण विशेषज्ञ डा. ऋचा सिंह पांडे ने कहा स्तनपान शिशु का पहला अधिकार है। यह प्रकृति का वरदान है, जिससे शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है एवं शारीरिक एवं मानसिक विकास भी बेहतर होता है। उन्होने कहा कि कोविड उपचाराधीन होने पर भी मां शिशु को कोविड-19 के नियमों का पालन करते हुए स्तनपान करा सकती है।
प्रतिवर्ष 1 से 7 अगस्त को विश्व स्तनपान सप्ताह के रूप में मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को स्तनपान के महत्व को समझाना एवं उन्हें स्तनपान के लिए प्रेरित करना है। लैनसेट 2016 के अनुमान के अनुसार प्रतिवर्ष विश्व में 8,20,000 बच्चों की मृत्यु स्तनपान के अभाव में होती है। भारत में 6 माह तक केवल स्तनपान कराने की दर 55 फीसदी होने के बावजूद प्रत्येक वर्ष डायरिया एवं निमोनिया जैसी बीमारियों के कारण अनुमानित 5 वर्ष से कम आयु के 99,499 बच्चों की मृत्यु हो जाती है। इन मृत्यु को 1 घंटे के अंदर स्तनपान की शुरुआत करने व छह माह तक केवल स्तनपान जारी रखकर रोका जा सकता है। इस मीट में स्वास्थ्य विभाग एवं यूनिसेफ के अधिकारियों के साथ उत्तर प्रदेश के कई जिलों से पत्रकारों ने डिजिटल माध्यम से प्रतिभाग किया।

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-एक माह तक चलने वाले अभियान में संक्रामक बीमारियों पर नियंत्रण पाने का होग प्रयास
-16 जुलाई से दस्तक अभियान के तहत घर घर लोगों को जागरूक करेंगी आशा


बलरामपुर 01 जुलाई। जिले में एक माह तक चलने वाले विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान का शुभारम्भ किया गया। सदर विधायक ने सीएमओ कार्यालय से फागिंग मशीन वाहन को हरी झंड़ी दिखाकर जिले में अभियान की शुरूआत की। इस अभियान के तहत 10 विभाग एक साथ मिलकर जेई व एईएस जैसी जानलेवा बीमारी पर सघन नियंत्रण एवं रोकथाम के लिए अभियान चलाएंगे।
बुधवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान का शुभारम्भ करते हुए सदर विधायक पल्टूराम ने कहा कि अभियान के दौरान आशा, एएनएम व आंगनवाड़ी कार्यकर्ता घर घर जाकर बीमार लोगों का डाटा तैयार करेंगी। उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिले के सीएमओ को निर्देश दिये है कि किसी भी बीमार व्यक्ति की मौत दवा के अभाव में ना होने पाये, दवा के अभाव में कोई व्यक्ति बीमार ना रहे। इसी लिए इस तरह के अभियान जिले में चलाए जाते है जिससे संक्रामक सहित तमाम बीमारियों पर नियंत्रण पाया जा सके। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. घनश्याम सिंह ने कहा कि पूर्वांचल में जेई, एईएस और डेंगू जैसी बीमारियां ज्यादा होती है इसीलिए लगातार तीन सालों से एक माह के लिए 10 विभाग मिलकर गांवों में स्वच्छता अभियान चलाते है। जिससे ग्रामीणों को स्वच्छ पीने का पानी मिल सके। उन्होने कहा कि जेई व एईएस बीमारी पर नियंत्रण के लिए पूरे माह का प्लान तैयार किया गया है जिसमें 16 जुलाई से दस्तक अभियान चलेगा। इसके दौरान आशाएं टीम बनाकर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के साथ घर घर जाएंगी और घर में बीमार बच्चों की माॅनिटरिंग करने के साथ लोगों को जल जनित बीमारियों के प्रति जागरूक करेंगी। बाढ़ के दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं में आने वाले समस्याओं को लेकर उन्होने कहा कि बाढ़ निकल जाने के बाद जो पानी इकट्ठा होता है उससे परेशानी होती है। हमें ये प्रयास करना चाहिए कि घर के आस पास के इलाके में पानी ना इकट्ठा हो और यदि पानी इकट्ठा ही हो रहा हो तो उसमें केरोसिन तेल डाल दे जिससे मच्छर ना पनपने पाये। कार्यक्रम केे दौरान कोरोना वायरस स्वास्थ्य विभाग के नोडल अफसर जे.डी. डा. ए.के. सिंह, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. बी.पी. सिंह, अपर उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. ए.के. सिंघल, डा. अरूण कुमार, जिला मलेरिया अधिकारी डा. मंजुला आनंद, एपीडेमियोलाॅजिस्ट डा. श्यामजी श्रीवास्तव, युनिसेफ डी.एम.सी. शिखा श्रीवास्तव, डब्लूएचओ से एस.के. सिंह, बीजेपी पूर्व जिलाध्यक्ष चन्द्र प्रकाश सिंह गुड्डू, बृजेन्द्र तिवारी, अपूर्व सिंह, पवन यादव, अमरेन्द्र सिंह, सुधीर यादव सहित तमाम लोग मौजूद रहे।

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ऽ जिम्मेदारों द्वारा अस्पताल परिसर में स्चच्छता अभियान को लगाया जा रहा पलीता।

 

सेमरियावां (संतकबीरनगर)। जहाँ हर कोई अपने इलाज के लिए अस्पताल जाता हैं और वहाँ चिकित्सको के द्वारा मरीजों को  साफ-सफाई हेतु परामर्श देकर जागरूक करने का काम किया जाता हैं ताकि विभिन्न प्रकार की बीमारियों से बचा जा सके। लेकिन प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र दानोकुईया पर तैनात चिकित्सक भले ही दूसरों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हो, लेकिन खुद में बिल्कुल जागरूक नहीं है। पीएचसी पर आये दिन आने वालो मरीजों को और घातक बीमारी फैलने का डर बना रहता हैं। पीएचसी परिसर में गंदगी की भरमार है। परिसर में खड़ी बड़ी-बड़ी घास और झाड़ियां उग आयी हैं जिसमें कीड़े मकोड़ों और मच्छरों के पनपने का वास बन गया हैं। जिससे आसपास के भी रहने वाले लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। यह समस्या बरसात के समय और बढ़ गयी हैं। इस स्थिति में पीएचसी दानोकुईया पर इलाज कराने आ रहे मरीजों और उनके तीमारदारों को विभिन्न प्रकार की बीमारियो के फैलने का डर सता रहा हैं। वहीं ग्रामीण शकील अहमद चैधरी, जैनुल्लाह शेख, खलिलुर्रहमान, मो कलीम, अलीम अखतर, अब्दुल अहद, हफिज मजिबुर्रहमान, आदि ने बताया कि परिसर में रोशनी की व्यवस्था नहीं हैं रात्रि में परिसर में चारो ओर काफी अंधेरा रहता हैं किसी भी मरीज को रात्रि आने पर बहुत दिक्कतें होती हैं। इस सम्बंध सीएचसी अधीक्षक ने बताया कि जल्द ही परिसर में दवाओं का छिड़काव करा दिया जायेगा रहा सवाल परिसर में रोशनी के लिए तो कई बार स्टैंड लाइट लगायी लेकिन कुछ अराजक तत्वो द्वारा उसे तोड़कर उठा ले गये। जहां तक सम्भव हैं रोशनी की सुविधा की गयी हैं।

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संतकबीरनगर- विकासखंड के सेमरियावां के ग्राम पंचायत ऊंचहरा कला में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बाहर से आए हुए लोगों की स्क्रीनिंग की ।इस दौरान टीम द्वारा कांट्रैक्टिंग सर्वे किया ।टीम के लीडर सीएचसी सेमरियावां पर तैनात ब्लाक कार्यक्रम प्रबंधक राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि विगत दिनों दो मरीज पाॅजिटिव पाए गये थे जो कि अन्य प्रदेशों से आए थे इसलिए सतर्कता के तौर पर सभी लोगों की स्क्रीनिगं की जाएगी और उन मरीजों से संम्पर्क में आने वाले सभी लोगों की सेम्पंलिगं की जाएगी ।उन्होंने कहा कि विभागीय निर्देशानुसार गावं वालों को पूरी तरह से सतर्क रहने के लिए कहा गया है ।इस दौरान टीम में मो.कौसर एवं रंजना भी मौजूद रहे

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ऽ अंसार टोला को बनाया गया कण्टेनमेन्ट एरिया।


संतकबीरनगर। बुधवार की देर रात आये रिपोर्ट में खलीलाबाद कोतवाली क्षेत्र के शहरी इलाके के अंसार टोला में बम्बई से लौटे युवक की रिपोर्ट कोरोना संक्रमित/पाॅजिटिव आया है। सुबह से ही स्वास्थ्य एवं जिला प्रशासन ने सम्बन्धित मरीज के एरिया को कण्टेनमेन्ट एरिया बनाते हुए सेनेटाइज किया जा रहा है। परिवार के अन्य सदस्यो को भी सेम्पल के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया। हालांकि इस मरीज का सगा भाई हेयर शैलून पर काम करता है लेकिन उसकी रिपोर्ट निगेटिव आयी है। रैण्डम सेम्पलिग के दौरान खलीलाबाद शहर में यह पहला मरीज मिला है। इसकी पुष्टि अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा0 मोहन झा ने की है। जिलाधिकारी रवीश गुप्ता ने बताया कि मरीजो के बढ़ने की शंका का क्रम अभी जारी रहेगा क्योकि स्वास्थ्य प्रशासन लगातार रैण्डम सेम्पलिंग का कार्य कर रही है मरीज स्वस्थ भी हो रहे है। उन्होने कहा कि अफवाहो से बचे और यदि किसी को सांस लेने सहित कोरोना संक्रमित के लक्षण प्रतीत हो रहे हो तो वह स्वंय आगे बढकर अपनी जाॅच कराये तथा दूसरो को भी सुरक्षित रखे। सत्यमेव जयते की रिपोर्ट अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा0 मोहन झा ने बताया कि जनपद में कुल 166 कोरोना संक्रमित पाये गये थे जिनमें 34 एक्टिव केस है। टोटल मृतको की संख्या 7 है। उन्होने बताया कि बृहस्पतिवार को जनपद में 4 मरीज मिले है और 4 मरीज स्वस्थ होकर डिस्चार्ज भी हुए है।

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उझानी (बदायूं)। जनपद में प्रवासियों की वापसी के बाद से ही कोरोना की रफ्तार बढती जा रही है। शनिवार को 8 लोगों कोरोना सैंपल की रिपोर्ट पॉजिटिव आई हैं।

शनिवार को जनपद में 115 सैंपल की रिपोर्ट 8 लोग कोरोना पॉजिटिव निकले हैं। नए मामलों में ब्लॉक म्याऊं में 3, दातागंज में 2 वहीं बिल्सी, सहसवान में एक-एक मरीज पॉजिटिव है। वहीं कस्बा उझानी में कोरोना ने दस्तक दे दी है, एक मरीज यहाँ भी सामने आया है। कस्बे के मुहल्ला श्रीनारायण गंज निवासी युवक दिल्ली में टैक्सी चलाता है। युवक करीबन 6 दिन पहले पत्नी और बेटी के साथ लौटा था। जिसके बाद उसे होम क्वांरटीन कर दिया गया था, वहीं 3 दिन पहले जब उनकी तबियत बिगड़ी तो परिवार को एम्बुलेंस से जिला अस्पताल ले जाया गया जहाँ उनका सैंपल लिया गया।

शुक्रवार को माँ-बेटी की रिपोर्ट निगेटिव आई जिसके बाद उन्हें घर भेज दिया गया। वहीं शनिवार को युवक की रिपोर्ट पॉजिटिव आई।फिलहाल इलाके को सैनेटाईज कर वैरेकेडिंग की गयी है। एसआई शिवेंद्र भदौरिया ने आसपास के सभी लोगों की जानकारी लेकर बाहर न निकलने को कहा है।

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संतकबीरनगर। जिलाधिकारी रवीश गुप्ता शनिवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के कक्ष में स्वास्थ्य अधिकारियो के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। जिलाधिकारी प्रतिदिन स्वास्थ्य अधिकारियो के साथ बैठक कर फीडबैक प्राप्त करते हुए आवश्यक निर्देश देते है। जिसके क्रम में उन्होने आज भी बैठक किया है तदोपरान्त उन्होने एल-1 हास्पिटल/सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र खलीलाबाद पहुॅचकर जहाॅ कोरोना संक्रमित मरीज भर्ती है बाहर से ही पूरे परिसर का भ्रमण कर सीएचसी अधीक्षक डा0 वी0पी0 पाण्डेय से जानकारी ली। तदोपरान्त उन्होने एल-1 अटैच फैसिलिटी हास्पिटल सेन्ट थाॅमस भी पहुॅचकर वहाॅ के नोडल डा0 एस0डी0 ओझा से जानकारी ली। उन्होने निर्देश दिया कि कोरोना संक्रमित मरीजो के स्वास्थ्य सेवाओ में लगातार डयूटी पर रहने वाले डाक्टर एवं स्वास्थ्य कर्मी अपने दायित्व का निर्वहन करते हुए सेवा प्रदान करें। मरीजो के स्वास्थ्य में सुधार हो रहा हैं यह सकारात्मक संदेश है। वर्तमान में भी सक्रियता बनाये रखे।

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सुल्तानपुर---जनपद में 6 नए कोरोना पॉजिटिव के मरीज मिले है जिनमे देहली निवासी के पॉजिटिव के पिता भी संक्रमित हो गए है। अन्य मरीज मुबई व दिल्ली से आए हुए प्रवासी हैं। जनपद मे कोरोना पॉजिटिव संक्रमितों की कुल संख्या 112 हो गयी है जिनमे 76 स्वास्थ्य लाभ लेकर डिस्चार्ज हो चुके है।धनपतगंज ब्लॉक के देहली अतरौला निवासी मरीज संजय यादव के पिताजी ठाकुर प्रसाद भी संक्रमित पाए गए है इससे पहले उनके भाई व भतीजे की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आयी थी।अखण्डनगर थाना क्षेत्र के उनुरखा गांव के बृजमोहन गोआ से मुंबई फिर वहां से सुलतानपुर ट्रेन से आये थे। इसी गांव के विनोद नोयडा से परिवार सहित बस से आये थे। महुली बल्दीराय के सचिन दुबे दिल्ली से सुहेलदेव ट्रेन से आये थे। इसी ट्रेन से कांपा हलियापुर के गोमती लाल शर्मा भी आये थे।कोतवाली नगर के चुनहा गांव का राम अभिलाख निषाद पुत्र रामनारायण निषाद मुम्बई से बस से आया था ये सभी कोरोना पॉजिटिव संक्रमित पाए गए है केएनआई कोविड -19 केअर सेंटर में भर्ती रहे अशोक गुड्डू श्रीमती चन्द्रीशा व दो साल की पलक स्वस्थ हो गए है उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी सीबीएन त्रिपाठी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी जानकारी और बताया कि कोरोना पॉजिटिव मिले इन गांव को कंटेन्मेंट ज़ोन घोषित करके कार्यवाही की जा रही हैं।

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सुल्तानपुर---जिले में एक और व्यक्ति में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई है। अब तक 103 लोग हो चुके हैं कोरोना वायरस से संक्रमित। 30 एक्टिव मरीजों का चल रहा इलाज। 72 लोग हो चुके डिस्चार्ज हो गए हैं।एक कोरोना संक्रमित व्यक्ति की मौत हो चुकी है।

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ सीबीएन त्रिपाठी ने जानकारी दी है कि धनपतगंज ब्लॉक के देहली बाजार गाँव निवासी संदीप कुमार यादव दिल्ली से लखनऊ आये वहां से अपने भाई व भतीजे के साथ बस से घर आये। उनकी जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आयी है। कुल 105 में से 104 लोगो की रिपोर्ट नेगेटिव आयी है। जिनमे एक अमेठी सहित अन्य लोगों को स्वस्थ घोषित कर डिस्चार्ज किया जा रहा है।

103 मरीजों में से 72 स्वस्थ हुए है। तीस में से 28 का इलाज केएनआई कोविड केअर सेंटर व 2 का इलाज मेडिकल कॉलेज लखनऊ में चल रहा है एक का निधन हो चुका है।

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सेमरियावां (संतकबीरनगर)। बुधवार को ब्लॉक के कोहरियावां गांव में आये 40 प्रवासियों की सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सेमरियावां की स्वास्थ्य टीम ने पहुंचकर कोरोना जांचकर सेम्पलिंग के लिए जिला भेज दिया गया। अधीक्षक डा.जगदीश पटेल ने बताया कि कोहरियावां ग्राम प्रतिनिधि अनीस अहमद ने सूचना दी कि 40 प्रवासी गांव में आये हैं जिसपर तत्तकाल स्वास्थ्य टीम आईओ मोहम्मद कौसर, एएनएम शीना, आगनवाड़ी बिंद्रावती गुप्ता, एलटी पंकज त्रिपाठी व स्टाफ नर्स नीतू यादव ने मौके पर पहुंचकर सभी को सामाजिक दूरी का पालन कराते हुए कोरोना जांच किया और सेम्पलिंग जिला चिकित्सालय पर भेज दिया गया। उन्होंने सभी लोगो से मास्क लगाने साफ-सफाई रखने और परिवार के सदस्यों से दूरी बनाकर रहने के लिए प्रेरित किया। साथ ही लाकडाउन का पालन करते हुए क्वारंटीन में रहने का निर्देश भी दिया। इस मौके पर प्रधान प्रतिनिधि अनीस अहमद जहीर अहमद समाज सेवी, मोहम्मद सादिक, मोहम्मद शफी, मौलाना खुर्सीद अहमद हाफिज कयूम आदि लोग मौजूद रहे।

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गोरखपुर -बीआरडी मेडिकल कॉलेज में कोरोना संक्रमण की जांच अब कोबास मशीन से हो सकेगी। इस मशीन से 24 घंटे में एक हजार नमूनों की जांच होती है। शासन ने इसकी अनुमति दे दी है। जून के प्रथम सप्ताह में इसके पहुंचने की उम्मीद है।

प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने बताया कि कोरोना संक्रमण की जांच में तेजी लाने के लिए यह मशीन मंगाई जा रही है। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए आइसीयू को 20 बेड से बढ़ाकर 40 बेड का कर दिया गया है। 31 सिलेंडर लगाकर पाइप लाइन से ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा रही है। इसके अलावा 250 सिलेंडर कॉलेज के पास अतिरिक्त हैं, जिनका उपयोग इमरजेंसी में किया जा सकता है। गीडा स्थित एक कंपनी ने आश्वस्त किया है कि आवश्यकता पडऩे पर पर्याप्त सिलेंडर की आपूर्ति हो जाएगी।

कोरोना वार्ड में दो की हालत गंभीर

मेडिकल कॉलेज के कोरोना वार्ड में 62 मरीज भर्ती है। इनमें दो की हालत गंभीर है। प्रतिदिन लगभग पांच सौ नमूनों की जांच हो रही है। प्राचार्य के अनुसार 40 फीसद मरीज ठीक हो रहे हैं।

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- अनुभव के आधार पर तय होगा-लोगों को कितने दिनों में हुआ फायदा
- आयुष मंत्रालय की सभी एडवाइजरी से भी लैस है संजीवनी एप
बलरामपुर 18 मई । कोरोना वायरस यानि कोविड-19 से लोगों की रक्षा करने में अग्रणी भूमिका निभा रहा आयुष मंत्रालय अब आयुष संजीवनी एप लेकर आगे आया है। इस एप में जहाँ आयुष मंत्रालय की सभी एडवायजरी हैं वहीं इसमें लोगों के सवाल-जवाब का भी प्रावधान किया गया है। इन्हीं सवाल-जवाब के आंकड़ों के आधार पर यह तय होगा कि आयुष मंत्रालय की सलाह लोगों के लिए कितनी फायदेमंद साबित हो रही है। लोग इस एप पर अपने अनुभव साझा कर सकेंगे कि वह आयुष मंत्रालय की सलाह को कब से अपना रहे हैं और कितने दिनों में फायदा हुआ। इसके अलावा किन दिशा-निर्देशों के पालन से ज्यादा लाभ हुआ।
क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डा. दिग्विजयनाथ ने सोमवार को बताया सरकार का प्रयास है कि इस एप का ज्यादा से ज्यादा प्रचार-प्रसार हो ताकि और लोग इसका फायदा उठाकर निरोगी काया पा सकें। भारत में पारंपरिक चिकित्सा का लम्बा इतिहास रहा है और आयुर्वेद के क्षेत्र में अग्रणी होने के नाते आयुष मंत्रालय, आयुष प्रणालियों के नैदानिक अध्ययन के माध्यम से देश में कोरोना वायरस यानि कोविड-19 की समस्या का समाधान करने के लिए काम कर रहा है। इन्हीं आयुर्वेद से जुड़ीं पद्धतियों पर क्लिनिकल रिसर्च स्टडीज और आयुष संजीवनी एप की शुरुआत की गयी है। यह एप कोविड की रोकथाम के लिए आयुष चिकित्सा प्रणालियों के उपयोग की स्वीकृति और लोगों के बीच इसके प्रभावों से आंकड़े जुटाने में उपयोगी साबित होगा । मंत्रालय लोगों के बीच कोविड की रोकथाम के लिए आयुष प्रभाव का भी आकलन कर रहा है ।
-एप के जरिये 50 लाख लोगों के आंकड़े जुटाने का लक्ष्य
आयुष संजीवनी एप के जरिये देश भर के 50 लाख लोगों के अनुभवों के बारे में आंकड़े जुटाने का लक्ष्य तय किया गया है। यह आंकड़े कोविड-19 की रोकथाम के लिए आयुष चिकित्सा प्रणालियों के उपयोग की स्वीकृति और लोगों के बीच इसके प्रभावों के आकलन में उपयोगी साबित होंगे।
-जनसंख्या आधारित पारम्परिक अध्ययन पर जोर
आयुष मंत्रालय उच्च्च जोखिम वाली आबादी में कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम में आयुर्वेदिक दवाओं के प्रभाव का अध्ययन करने के लिए जनसंख्या आधारित अध्ययन भी शुरू करने जा रहा है। इससे निवारक क्षमता का पता चल सकेगा। देश में आयुष मंत्रालय के अनुसंधान परिषदों, राष्ट्रीय संस्थानों व कई राज्यों के माध्यम से यह अध्ययन किया जाएगा। इसके तहत पांच लाख की आबादी को कवर करने की योजना है। यह अध्ययन रिपोर्ट कोविड-19 के उपचार में आयुष पद्धति की क्षमताओं के आकलन के लिए वैज्ञानिक सबूतों के आधार पर अवसरों के नए द्वार खोलेगी।
-कोरोना से बचने के लिए आयुष मंत्रालय की सलाह
दिन में बार-बार गुनगुना पानी पिएं। रोजाना 30 मिनट तक योगा करें। भोजन में हल्दी, जीरा, धनिया और लहसुन का इस्तेमाल करें। एक चम्मच या 10 ग्राम च्यवनप्राश का हर रोज सेवन करें। दिन में एक-दो बार हर्बल चाय/काढ़ा पियें। दिन में एक या दो बार हल्दी वाला दूध पियें। तिल या नारियल का तेल या घी सुबह-शाम नाक के छिद्रों में लगायें। एक चम्मच नारियल या तिल का तेल को मुंह में लेकर इधर-उधर घुमाएँ और गुनगुने पानी के साथ कुल्ला करें (थूक दें)। गले में खरास या सूखा कफ हो तो पुदीने की पत्तियां व अजवाइन को गर्म कर भाप लें। गुड़ या शहद के साथ लौंग का पाउडर मिलाकर दिन में दो-तीन बार खाएं।

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-नाखूनों के बीच जमी मैल में हो सकता है अदृश्य शत्रु
-इस वक्त हर कदम पर सजगता ही सबसे बड़ा हथियार
बलरामपुर 14 मई । कोरोना वायरस यानि कोविड-19 के खिलाफ जंग में सजगता ही हमारा सबसे बड़ा हथियार है। लड़ाई जब एक अदृश्य और अनजान वायरस के खिलाफ चल रही हो तो हमें हर एक छोटे-बड़े मोर्चों पर सतर्क रहना होगा तभी हम खुद के साथ घर-परिवार और समुदाय को सुरक्षित रख सकेंगे । इसलिए आपको यह भी पता होना चाहिए कि आपके नाखूनों के बीच जमा मैल में भी कोरोना वायरस या बैक्टीरिया हो सकते हैं जो कि खाते-पीते समय मुंह के रास्ते पेट तक पहुँच सकते हैं और इस लड़ाई में आपको कमजोर कर सकते हैं।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जहाँ इस मुश्किल दौर में हर किसी को सुरक्षित बनाने को लेकर तरह-तरह की अपील की जा रही है वहीं इस बारे में भी जागरूक किया जा रहा है कि अगर कोरोना वायरस के संक्रमण से बचना है तो नाखूनों को छोटा रखें। इस बारे में कोरोना वायरस के नोडल अफसर व एसीएमओ डॉ. ए.के. सिंद्यल का कहना है कि हमारे नाखूनों के बीच मैल (गंदगी) बड़े आसानी से जमा हो जाती है। इस मैल में वायरस या बैक्टीरिया भी हो सकते हैं। इसलिए नाखून को छोटा रखें और हाथ अच्छी तरह से धोएं। बहुत से लोगों की आदत नाखूनों को चबाने की होती है, जो कि बहुत ही नुकसानदायक साबित हो सकती है, उससे तौबा करने में ही भलाई है। कोरोना वायरस को पूरी तरह से मात देने वाली वैक्सीन जब तक नहीं मिल जाती तब तक तो हमें इन्हीं छोटी-छोटी बातों का ख्याल रखते हुए सजगता के साथ लड़ाई लड़नी है।
बाहर निकलें, तो बरतें जरूरी सावधानी
-साबुन-पानी से बार-बार अच्छी तरह से हाथ धुलें।
-बाहर निकलें तो मास्क, गमछा या रूमाल से मुंह ढकें।
-सार्वजानिक स्थलों पर दो गज दूर से ही लोगों से मिलें।
-नाक, मुंह व आँख को अनावश्यक रूप से छूने से बचें।

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- बच्चों पर जी भरकर लुटाती हैं ममता
- नर्सेज डे (12 मई) पर विशेष
श्रावस्ती, 12 मई। जिला अस्पताल के स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट में विशेष नवजात शिशुओं पर पहले उनकी खास मांएं ही ममता लुटाती हैं। हम बात कर रहे हैं यहां पर तैनात स्टाफ नर्सों की, जो चौबीसों घंटे मां की भूमिका में रहकर नवजातों की देखभाल करती रहती हैं। इन बच्चों की किलकारियां यहां की स्टाफ नर्सों के चेहरों की मुस्कान को बढ़ा देती है। यहां पर वर्तमान में कुल 11 स्टाफ नर्स तैनात हैं। कहने को तो यह यहां पर अपनी ड्यूटी करती हैं, लेकिन यह ड्यूटी कब ममता और अपनत्व में बदल जाती है, इन्हें खुद ही पता नहीं चलता है।
समय से पूर्व जन्म लेने वाले अथवा अस्वस्थ नवजातों को पूरी तरह से स्वस्थ करने की जिम्मेदारी इनके कंधों पर होती है। इन बच्चों के रोने की आवाज सुनकर दौड़ी चली आती हैं, और बच्चों पर जी भरकर प्यार लुटाती हैं। यह नर्सें तब तक मां की भूमिका निभाती हैं, जब तक यह नवजात पूरी तरह से स्वस्थ होकर अपनी मां के आंचल में नहीं चले जाते हैं। यहां ऐसे बच्चे रखे जाते हैं जिनका जन्म नौ माह से पहले हुआ हो अथवा उनका वजन कम हो। इन नर्सों के सामने इस बात की चुनौती होती है कि समय से पूर्व जन्में बच्चे को किस तरह से स्वस्थ बनाया जाए। संकट की इस घड़ी में उसके साथ उसे जन्म देने वाली मां अथवा परिवार का कोई दूसरा सदस्य भी नहीं होता है। ऐसे में यह नवजातों को ट्यूब फीडिंग, स्पून फीडिंग या फॉर्मूला फीडिंग कराती हैं। यहां के प्रभारी डॉ. इमरान कहते हैं कि इन नर्सों के कामों को बेहद करीब से देखा है। यह अपने दायित्वों को सिर्फ ड्यूटी समझकर नहीं बल्कि एक मां के रूप में पूरा करती हैं।
इस यूनिट की शुरूआत अप्रैल 2016 में हुई थी। अब तक यहां पर 6,112 बच्चे भर्ती किए जा चुके हैं। वर्ष 2019 में यहां पर 1,394 बच्चे भर्ती हो चुके हैं। यूनिट के प्रभारी स्टाफ नर्स रमेश सिंह हैं। यहां पर तैनात मेनका सिंह, पार्वती देवी, हुमा इफ्तदार, योगिता पाठक, रिंकी कनौजिया, आकांक्षा गुप्ता, स्वर्ण लता विश्वकर्मा बच्चों पर जी भरकर ममता उड़ेलती हैं। इसके अलावा यहां पर शैलेंद्र यादव, अजय उपाध्याय, राकेश वर्मा भी इन बच्चों के स्वास्थ्य का ध्यान रखते हैं। महिला स्टाफ नर्सों का कहना है कि इन नवजातों की देखभाल करना एक बड़ी चुनौती होती है। इनकी देखभाल करते करते जुड़ाव बहुत ज़्यादा हो जाता है। बच्चों को तब तक नहीं छोड़ते हैं जब तक उनका वजन 1500 ग्राम से ज़्यादा न हो जाए। इन शिशुओं के साथ जुड़ाव काफी अच्छा लगता है। बच्चे जब कई कई दिन रह लेते हैं तो काफी जुड़ाव हो जाता है। भेजते वक्त मन भर आता है।

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सुलतानपुर---जिलाधिकारी सी इंदुमती ने अवगत कराया है कि बलबीर चौरसिया उम्र लगभग 40 वर्ष पुत्र राममूर्ति चौरसिया निवासी ग्राम राजा उमरी विकासखंड व तहसील लंभुआ जो विगत चार-पांच माह से मुंबई के अंधेरी वेस्ट में रह रहे थे दिनांक 28-4 -2020 को मुंबई से अपनी यात्रा प्रारंभ कर दिनांक 1 मई 2020 को अपने ग्राम राजा उमरी पहुंचे थे दिनांक 2-5 -2020 को फैसिलिटी क्वॉरेंटाइन सेंटर फरीदीपुर में क्वॉरेंटाइन किया गया दिनांक 3:05 2020 को इनका सैंपल लिया गया तथा आज दिनांक 6 मई 2020 को रात्रि में जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई जिसमें बलबीर चौरसिया को एसजीपीजीआई लखनऊ की लैबरिपोर्ट के आधार पर कोविड - 19 पॉजिटिव पायागया परंतु कोविड 19 के कोई भी लक्षण नहीं है उक्त पाए गए कोविद 19 पॉजिटिव केस को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुड़वार में निर्मित L1 हॉस्पिटल में शिफ्ट कर समुचित इलाज किया जा रहा है इस प्रकार जनपद में चौथा को कोरोना पाया गया ग्राम राजा उमरी तहसील लंभुआ के 1 किलोमीटर क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन घोषित करते हुए सील करने की कार्यवाही की जा रही है समस्त जनपद वासियों से अपील की जाती है कि कोरोना वायरस 19 के बचाव के जो भी उपाय बताए गए हैं उन्हें अपनाते हुए सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन करें ताकि हम सब जनपद वासी कोरोना वायरस के संक्रमण से बच सकें सतर्क रहें अपने घर में रहें सुरक्षित रहें

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सिद्धार्थ नगर।आज मंगलवार को जिले में दस कोविट 19 से संक्रमित मिलने से स्वास्थय विभाग में हड़कंप मच गया है। पिछले चार दिन पहले दो पाज़िटिव मरीज मिले थे। उसके बाद क्वारेंटीन में रह रहे जिले के 295 नमूनों की जांच भेजी गई थी जिसमें दस की रिपोर्ट पॉजिटिव आईं है। यह सभी सदर तहसील के गंगा इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल में क्वारंटाइन हैं। इन्हें बर्डपुर सीएचसी में बने एल-वन सेंटर में भेजा जा रहा है। इसके पहले दो और पॉजिटिव मिले थे, जिसमें से एक इसी स्कूल में क्वारंटाइन था। दूसरा बाँसी तहसील के महामाया आईटीआई में मिला था। इन दोनों का इलाज संतकबीर नगर में हो रहा है। इस तरह से कुल पॉजिटिव की संख्या 12 हो गई है। रिपोर्ट मंगलवार आई है।
तीन दिनों में लगभग 300 लोगों का सेंपल लिया गया है। जिसमें 205 का सेंपल आयुर्विज्ञान अनुसंधान केंद्र में जांच के लिए भेजा गया था। यहां दस के पॉजिटिव की पुष्टि हुई है। शेष 90 की जांच किंग जार्ज मेडिकल विश्वविद्यालय लखनऊ में भेजा गया है। इनमें 80 की रिपोर्ट आ गई है। सभी निगेटिव मिले हैं। दस की जांच रिपोर्ट आनी है। जानकारी मिलते ही प्रशासन में हड़कंप की स्थिति है।

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बलरामपुर 29 अप्रैल। कोरोना यानि कोविड-19 के सुपर हीरो वायरस के हर हमले को नाकाम करने की पूरी ताकत रखते हैं। इसलिए जब तक सुपर हीरो का साथ है तब तक आपको बहुत चिंता करने की जरूरत नहीं हैं, सिर्फ जरूरत उनके सही तरीके से इस्तेमाल करने की है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा भी इन्हीं सुपर हीरो पर फोकस किया जा रहा है।
कोरोना वायरस के नोडल व एसीएमओ डा. ए.के. सिंघल ने बुधवार को ये जानकारी देते हुए बताया स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने भी इन तीनों सुपर पावर के साथ चलने की बात की है और “मिलिए कोविड-19 के सुपर हीरो से” नाम से एक पोस्टर भी जारी किया है, जिसमें साबुन, मास्क और अल्कोहल आधारित हैण्ड सैनिटाइजर को इस वायरस का सही मायने में मुकाबला करने वाले सुपर हीरो के रूप में प्रदर्शित किया गया है।
कोविड 19 के पहले सुपर हीरो साबुन को महत्वपूर्ण बताया गया है। इसके जरिये यह सन्देश दिया जा रहा है कि कोरोना के संक्रमण से सुरक्षित रहना है तो साबुन और पानी से बार-बार अच्छी तरह से हाथ धोएं। बाहर से जब भी घर के अंदर आयें तो हाथों को अच्छी तरह से धोना कतई न भूलें। नाक, मुंह व आँख को न छुएं।
कोविड-19 के दूसरे सुपर हीरो मास्क को भी संक्रमण से खुद बचने और दूसरों को बचाने के लिए बहुत ही आवश्यक बताया गया है। कोरोना का वायरस खांसने व छींकने से निकलने वाली बूंदों के संपर्क में आने से दूसरे व्यक्ति को संक्रमित कर सकता है, इसलिए खांसते या छींकते समय नाक व मुंह को ढककर रखें। मास्क को आसानी से घर पर भी बनाया जा सकता है और अच्छी तरह से धुलकर दोबारा भी इस्तेमाल किया जा सकता है। मास्क की जगह पर रूमाल, गमछा या स्कार्फ को दो-तीन परत कर इस्तेमाल किया जा सकता है ।
कोविड-19 के तीसरे सुपर हीरो अल्कोहल आधारित सैनिटाइजर भी कोरोना की जंग में अहम भूमिका निभा रहे हैं। कोरोना को फैलने से रोकने के साथ ही कीटाणुओं को खत्म करने और खुद को सुरक्षित रखने में इनका इस्तेमाल बहुत ही प्रभावी है। इन तीनों सुपर हीरो को अतिरिक्त ताकत सोशल डिस्टेंशिंग के पूर्ण पालन से मिलती है। इस तरह कोरोना से जंग में इन सभी का सही से इस्तेमाल करिए और अपने साथ अपनों को सुरक्षित रखिये।
-कंट्रोल रूम व हेल्पलाइन में दें जानकारी
कोरोना वायरस महामारी के लिए जिला प्रशासन द्वारा 24 घंटे के लिए कंट्रोल रूम बनाये गये हैं जिसमें काॅल करके आप कोरोना वायरस संबंधी कोई भी जानकारी दे सकते हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में स्थापित कंट्रोल रूम का नम्बर 7880831068 व 7081224641, पुलिस अधीक्षक कार्यालय में कंट्रोल रूम का नम्बर 9454417381 व 8957422023 व कलेक्ट्रेट में कोरोना रोकथाम व नियंत्रण के लिए इन्टीग्रेटेड कंट्रोल रूम का नम्बर 05263-232046, 05263-236250 जारी किया गया है। प्रदेश सरकार के हेल्पलाइन नंबर 18001805145 पर भी संपर्क कर सकते हैं।

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कोरंटीन सेंटर में मौजूद 49 लोगों की होगी जांच
-डीएम व एसपी ने पचपेड़वा पहुंचकर कोरंटीन सेटर का लिया जायजा, युवक से की बात

-ड्यूटी में लगे सभी पुलिस, स्वास्थ्यकर्मियों व चिकित्सकों को विशेष सर्तकता बरतने के निर्देश

 


बलरामपुर। कोरंटीन सेंटर में आये व्यक्ति की जांच रिपोर्ट आने पर जिले में पहले कोरोना पाॅजिटिव मरीज का केस सामने आया है। मामला सामने आते ही स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी कर जिले में सभी लोगों को सर्तकता बरतने के निर्देश दिये है। डीएम एसपी ने मौके पर पहुंचकर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए मरीज से बात की। मरीज में पहले से कोरोना वायरस के कोई लक्षण नहीं थे। विभाग अब कोरंटीन सेंटर में मौजूद सभी लोगों के सैम्पल जांच के लिए लखनऊ भेजेगा।
गुरूवार को जिले में पहला कोरोना पाॅजिटिव मरीज मिलने का मामला सामने आया है। यहां पर पचपेड़वा थाना क्षेत्र का रहने वाला 23 वर्षीय युवक 18 अप्रैल को अपने दो साथियों के साथ 10 अप्रैल को मुम्बई से पैदल व अन्य साधनों से वाया सिद्धार्थनगर जिले के बढ़नी, इटवा और बिस्कोहर होकर 18 अप्रैल को बलरामपुर आया था। इससे पहले तीनों सिद्धार्थनगर जिले के अलफारूक इंटर काॅलेज इटवा में 15 से 17 अप्रैल तक रहे। इनके जिले में प्रवेश करने से पहले बलरामपुर-सिद्धार्थनगर बार्डर पर थर्मल स्कैनिंग भी हुई थी। जब वे 18 अप्रैल को अपने गांव पहुंचे तो तीनों को गांव के बाहर स्थित प्राथमिक विद्यालय पर रखा गया और उसी दिन तीनों को पचपेड़वा के फजले रहमानिया इंटर कालेज में बने कोरंटीन सेंटर में रखा गया। मुम्बई जैसे अति संवेदनशील स्थान से आने के कारण 19 अप्रैल को तीनों के सैम्पल जांच के लिए लखनऊ भेजे गये थे जिसमें से 23 अप्रैल को मिली रिपोर्ट में एक युवक पाॅटिटिव निकला है जबकि युवक में कोरोना के कोई भी लक्षण नहीं दिख रहे थे। कोरोना पाॅजिटिव मिलने पर डीएम कृष्णा करूणेश, एसपी देव रंजन वर्मा व एसीएमओ डा. बी.पी. सिंह ने कोरंटीन सेंटर पहुंचकर सोशल डिस्टेंसिंग के साथ कोरोना पाॅजिटिव मरीज से बात की और उसे सांत्वना दी कि वो 14 दिन बाद ठीक होकर अपने घर जा सकेगा। एसपी ने पचपेड़वा थाने में पहुंचकर क्षेत्र में ड्यूटी में लगे सभी पुलिस व प्रशासनिक कर्मचारियों को विशेष सर्तकता बरतने के निर्देश दिये और उन्हे बताया कि मरीज मिलने के बाद अब उन्हे क्या सावधानियां बरतनी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. घनश्याम सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग अब युवक की ट्रैवल हिस्ट्री व सम्पर्क में आये लोगों का डाटा खंगालने में जुट गया है। कोरंटीन सेंटर के एक किलोमीटर सेंसिटिव जोन और दो किलोमीटर बफर जोन का सील कर दिया गया है। सेंटर में रह रहे सभी 49 लोगों के सैम्पल लेकर जांच कराई जाएगी। मरीज को प्रोटोकॉल के अनुसार कोविड-19 पॉजिटिव व्यक्ति को एल-1 हॉस्पिटल में भर्ती किया जा रहा है। मरीज के सम्पर्क जिस भी जिले के मिलेंगे उस जिले को सूचित किया जाएगा।

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- हाथ और होठों के संपर्क से संक्रमण फैलने का खतरा
- रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी करता है कमजोर
- धूम्रपान का सीधा असर स्वसन प्रणाली व फेफड़ों पर
बलरामपुर 20 अप्रैल। कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण की चपेट में आने से बचना है तो धूम्रपान से तौबा करने में ही भलाई है। बीड़ी-सिगरेट संक्रमित हो सकते हैं और उँगलियों व होंठों के संपर्क में आकर वह आसानी से संक्रमण फैला सकते हैं। हालाँकि सरकार ने सिगरेट व अन्य तम्बाकू उत्पादों की बिक्री पर रोक लगा रखी है, फिर भी लोग चोरी-चुपके इसका इस्तेमाल कर अपनी जान को जोखिम में डालने से बाज नहीं आ रहे हैं। इन उत्पादों का सेवन कर इधर-उधर थूकने से भी संक्रमण का खतरा था, इसलिए सरकार ने खुले में थूकने पर भी रोक लगा रखी है, इसका उल्लंघन करने पर दण्ड का प्रावधान भी किया गया है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. घनश्याम सिंह ने सोमवार को बताया कि धूम्रपान से व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है, जिसके चलते कोरोना जैसे वायरस सबसे पहले ऐसे लोगों को ही अपनी चपेट में लेते हैं। इसके अलावा बीमारी की चपेट में आने पर ऐसे लोगों के इलाज पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। यही कारण है कि धूम्रपान न करने वालों की तुलना में धूम्रपान करने वालों को कोरोना का खतरा कई गुना अधिक रहता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने भी बाकायदा दिशा-निर्देश जारी कर धूम्रपान से कोरोना की जद में आने के खतरे के बारे में सचेत कर चुका है।
एसीएमओ व कोरोना के नोडल अफसर डा. ए.के. सिंघल का कहना है कि बीड़ी-सिगरेट ही नहीं बल्कि अन्य तम्बाकू उत्पादों के साथ ही हुक्का, सिगार, ई-सिगरेट भी कोरोना वायरस के संक्रमण को फैला सकते हैं, इसलिए अपने साथ ही अपनों की सुरक्षा के लिए इनसे छुटकारा पाने में ही भलाई है । कोरोना का वायरस छींकने, खांसने और थूकने से निकलने वाली बूंदों के जरिये एक दूसरे को संक्रमित करता है। इसीलिए प्रदेश में खुले में थूकने को दंडनीय अपराध की श्रेणी में शामिल कर दिया गया है। इसके अलावा धूम्रपान से श्वसन प्रणाली, सांस की नली और फेफड़ों को भारी नुकसान पहुँचता है। यही कारण है कि फेफड़ों की कोशिकाएं कमजोर होने से संक्रमण से लड़ने की क्षमता अपने आप कम हो जाती है।

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जनपद बदायूं मे कोरोना संक्रमित व्यक्ति ने एक नाई से बाल कटवाया अब उस नाई को क्वारेंटाइन किया गया।
जालंधरी सराय के संक्रमित युवक ने क्वारटीन होने के एक नाई से बाल कटवाए थे, अब नाई का सैंपल भेजा गया है। साथ ही उसके परिवार को होम क्वारंटीन किया गया है। चिंता की बात ये है कि नाई ने 70 अन्य लोगों के भी बाल और शेविंग की है।

दिल्ली से लौटा युवक कोरोना संक्रमित मिल जाने के बाद शहर के जालंधरी सराय और आसपास के एरिया सील कर दिया गया है। जालंधरी सराय मुहल्ला का जो युवक संक्रमित मिला है वह अपने भाई के साथ दिल्ली के सीलमपुर मुहल्ले में टेलरिंग का काम करता था। जनता कर्फ्यू के अगले ही दिन दोनों घर आ गए थे। जिसके बाद उन्हें होम क्वारंटीन कर दिया गया। लेकिन लापरवाह युवक और उसका भाई न सिर्फ आस पडोस में घूमते रहे बल्कि सैम्पल लेने के दो दिन बाद एक पड़ोसी नाई की दुकान पर जाकर बाल भी कटवा आए।

कोरोना संक्रमित युवक का सैंपल लेने के दो दिन बाद उसने मोहल्ले की दुकान में शेखूपुर निवासी एक नाई से बाल कटवाए थे। अब युवक की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद नाई का भी सैंपल लिया गया है। उझानी सीएचसी के चिकित्साधीक्षक डॉ. सुयश दीक्षित ने आज सुबह स्वास्थ्य कर्मियों की टीम भेजकर एंबुलेंस के जरिए उसे जिला अस्पताल के कोरोना वार्ड में भर्ती करा दिया। जहाँ उसका सैंपल लिया गया। चिकित्साधीक्षक ने बताया कि उसके परिवार में पत्नी, दो बच्चों सहित एक बहन को होम क्वारंटीन किया गया है। उन्होंने बताया कि नाई ने 70 लोगों के बाल और शेविंग की हैं। आगे की कार्यवाही नाई की कोरोना रिपोर्ट पर निर्भर होगी, हालाँकि नाई के सम्पर्क में आए लोगों में वो मुश्किल से 10 लोगों को ही जानता है।

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सेमरियावां /संतकबीरनगर। टयूटर पर अनुरोध के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहल करते हुए कोटा राजस्थान से विद्यार्थियो को प्रदेश के विभिन्न जनपदो में वापस बुलाने का पहल शुरू कर दिया है। उनके आदेश के क्रम में हाथरस डिपो से रविवार को जनपद में 81 बच्चों का दल वापस आया। सर्वप्रथम जिला प्रशासन ने उन्हे खलीलाबाद कोतवाली क्षेत्र के इण्डस्ट्रियल एरिया स्थित एक विद्यालय के निकट उतरवाया। उनके स्वास्थ्य का चेकअप कराकर विद्यालय में शिफ्ट किया गया। इसी क्रम में सेमरियावा प्रतिनिधि के अनुसार रविवार के दिन कौशांबी से आए दो मजदूरों की सीएचसी सेमरियावां से जांच के बाद प्राथमिक विद्यालय पर 14 दिन के लिए कवारनटाइन किया गया। सेमरियावां निवासी निजामुद्दीन पुत्र अली रजा ने बताया कि कौशांबी से 16 अप्रैल को शफीकुउर्रहमान के साथ घर के लिए निकला था। 150 किमी की पैदल यात्रा की। कई स्थानों पर पुलिस की मदद से ट्रक आदि से यात्रा करके सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, फैजाबाद, बस्ती से होते हुए रविवार को घर पहुंचा। हमारे साथ चार लोग थे। दो सिद्धार्थनगर जनपद के थे जो बस्ती से अपने जनपद के लिए चले गए। शफीकउर्रहमान को प्रधान सेमरियावां वकील अहमद की मदद से उसके नाना के गांव करमा खान भेज दिया गया। सेमरियावा निवासी शिव कुमार पुत्र घनश्याम जो प्रयागराज से आया है पिछले चार दिन से स्कूल पर कवारनटाइन में रह रहा है। रविवार को प्रधान वकील अहमद पूर्व माध्यमिक विद्यालय सेमरियावा के अध्यापक जफीर अली व मेहताब अहमद ने इन मजदूरों के लिए स्कूल पर पहुंचकर व्यवस्था की। घर पहुंचकर मजदूरों ने राहत की सांस ली।

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हीमोफीलिया दिवस पर विशेष_रिपोर्ट-रवि गुप्त

हीमोफीलिया दिवस पर विशेष_रिपोर्ट-रवि गुप्त

 

 


मसूढ़े से लगातार खून बहे तो हो जाएं सावधान, हो सकता है हीमोफीलिया
-हीमोफीलिया रक्तस्राव संबंधी अनुवांशिक बीमारी, प्रदेश के 26 केन्द्रों पर होता है हीमोफीलिया का इलाज
बलरामपुर 18 अप्रैल। यदि आपके बच्चे के दूध के दांत टूटने एवं नये दांत निकलते समय मसूढ़े से लगातार खून बह रहा हो। तो सावधान हो जाएं यह हीमोफीलिया के लक्षणों में से एक है। हीमोफीलिया रक्तस्राव संबंधी एक अनुवांशिक बीमारी है। इससे ग्रसित व्यक्ति में लम्बे समय तक रक्त स्राव होता रहता है। यह खून में थक्का जमाने वाले आवश्यक फैक्टर के न होने या कम होने के कारण होता है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. घनश्याम सिंह ने शनिवार को बताया कि हीमोफीलिया दिवस हर वर्ष 17 अप्रैल को मनाया जाता है। हीमोफीलिया रक्तस्राव चोट लगने या अपने आप भी हो सकता है। मुख्यतः रक्तस्राव जोड़ो, मांसपेशियों और शरीर के अन्य आंतरिक अंगों में होता है और अपने आप बन्द नहीं होता है। यह एक असाध्य जीवन पर्यन्त चलने वाली बीमारी है लेकिन इसको कुछ खास सावधानियां बरतने से और हीमोफीलिया प्रतिरोधक फैक्टर के प्रयोग से नियंत्रित किया जा सकता है। भारत में लगभग 80,000 से 100,000 लोग हीमोफीलिया से ग्रसित हैं इसमें से अब तक करीब 18,500 की पहचान ही हो पायी है। हीमोफीलिया के इलाज कि सुविधा प्रदेश के 26 स्वास्थ्य केन्द्रों पर उपलब्ध है।
-हीमोफीलिया के लक्षण
यदि प्रसव के समय नाभि की नाल, माँस से अलग करने पर लम्बे समय तक लगातार रक्तस्राव होता है। यदि बच्चे के शरीर पर किसी भी जगह नीले या काले दाग पड़ जाते हैं और महीने या उससे अधिक समय तक रहते हैं। यदि बच्चे के दूध के दांत टूटने एवं नये दांत निकलने की प्रक्रिया में मसूड़े से लगातार रक्तस्राव होता है। यदि बच्चे के किसी भी जोड़ में सूजन आ जाती है और वह रक्त अथवा फ्रेश फ्रोजन प्लाज्मा देने से ठीक हो जाती है। तो यह सभी लक्षण बच्चे के हीमोफीलिया से ग्रसित होने की प्रबल सम्भावना को दर्शाते हैं। हीमोफीलिया के रोगी के जोड़ो में सूजन के साथ अक्सर दर्द का होना असल में उसके जोड़ में आन्तरिक रक्तस्राव होना है यदि यह सूज नया आन्तरिक रक्तस्राव जोड़ो में बार-बार होता है तो वह जोड़ों को विकृत बना देता है और उस जोड़ को बेकार कर देता है। इस तरह रोगी में विकलांगता की शुरुआत हो जाती है। इसके अतिरिक्त यदि यह रक्तस्राव रोगी की आंतों में अथवा दिमाग के किसी हिस्से में शुरू हो जाये तो यह जान लेवा भी हो सकता है। इसका इलाज तुरन्त अथवा जल्द से जल्द होना अति आवश्यक है।
-हीमोफीलिया के प्रकार
यदि हीमोफीलिया रोगी के रक्त में थक्का जमाने वाले फैक्टर VIII की कमी हो तो इसे हीमोफीलिया ए कहते है। यदि रक्त में थक्का जमाने वाले फैक्टर IX की कमी हो तो इसे हीमोफीलिया बी कहते है। इस प्रकार मरीज को जिस फैक्टर की कमी होती है वह इंजेक्शन के जरिये उसकी नस में दिया जाता है। जिससे रक्तस्राव रूक सके, यही हीमोफीलिया की एक मात्र औषधि है। रक्त जमाने वाले फैक्टर अत्यधिक महंगे होने के कारण अधिकांश मरीज इलाज से वंचित रह जाते हैं। हीमोफीलिया से ग्रस्त व्यक्तियों को सही समय पर इंजेक्शन लेना, नित्य आवश्यक व्यायाम करना, रक्त संचारित रोग (एचआईवी, हीपाटाइटिस बी व सी आदि) से बचाव, दांतों की सुरक्षा के बारे में शिक्षित करना ही हीमोफीलिया से बचाव का उपाए है।

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बलरामपुर 17 अप्रैल। कोरोना वायरस का अभी तक कोई इलाज नहीं है सिर्फ इससे बचाव कर अपने आप को सुरक्षित रखा जा सकता है। इसलिए जरूरी है कि आप घर पर ही रहें।बहुत जरूरी काम हो तभी घर से बाहर निकलें। जिला प्रशासन ने सभी आवश्यक सामग्रियों के होम डिलेवरी की सुविधा की है। किसी को कोई असुविधा हो या उसके पास कोई महत्वपूर्ण जानकारी हो तो जिला प्रशासन के हेल्पलाइन नम्बरों पर काॅल कर सकता है। इस वक्त सबसे जरूरी ये है कि यदि कोई बाहर से आया है तो उसकी सूचना तुरन्त जिला प्रशासन को दें नही तो मामला संज्ञान में आने पर परिवार के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी कृष्णा करूणेश ने शुक्रवार को यह बातें स्टेट बैंक आफ इंडिया मंड़ी शाखा और प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक पर मीडिया प्रतिनिधियों के सहयोग से लाइन में लगे खाताधारकों को मास्क वितरित करते हुए कही। उन्होने कहा कि कोरोना जैसी महामारी के दौरान सरकार की तमाम योजनाओं के द्वारा लोगों को लाभान्वित किया जा रहा है। यदि फिर भी किसी को योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा या फिर उन्हे राशन आदि की जरूरत है तो वो कलेक्ट्रेट में स्थापित कोविड 19 एकीकृत नियंत्रण कक्ष के नम्बर 1077 टोल फ्री, 02563 236250, 232046, 7880831068 पर सम्पर्क कर अपनी समस्या बता सकता है। काॅल मिलने के बाद प्राथमिक के आधार पर उसका समाधान किया जाएगा। डीएम ने खाताधारकों को मास्क देते हुए कहा कि कपड़े से बने इस मास्क को रोजाना धोकर पांच घंटे धूप में सुखाकर ही पहने और इसे सुरक्षित स्थान पर रखें। उन्होने कहा कि लोगों से दो मीटर की दूरी बनाकर रखें, चेहरे को छूने से बचें और हाथों को दिन में कई बार साबुन से साफ करते रहें। जिलाधिकारी ने खाताधारकों को मीडिया प्रतिनिधियों के सहयोग से करीब 250 मास्क का वितरण किया। इस दौरान मजिस्ट्रेट राकेश शर्मा, सीओ सिटी राधारमण सिंह, जीतेन्द्र सिंह, अखिलेश्वर तिवारी, योगेन्द्र मिश्रा, कृष्ण कुमार तिवारी, रवि गुप्ता, आनंद मणि, अवधेश मणि तमाम साथी मौजूद रहे।

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सेमरियावां (संतकबीरनगर)। दिल्ली से सीतापुर पहुंचे क्षेत्र के दो जमातियों के कोरोना पॉजिटिव होने की खबर मिलते ही जहां प्रशासन पूरी तरीके से अलर्ट हो गया वही उनके परिवार के सदस्यों को तत्काल जिले पर स्थित आइसोलेशन वार्ड में क्वांरनटाइन कर दिया गया। बुधवार को उनके घरों और पृथक गांव में पूरी तरीके से सन्नाटा पसरा रहा लोगों में कोरोना संक्रमण का भय साफ देखा गया फिलहाल इन संक्रमित व्यक्तियों का कई माह से गांव में आना जाना नहीं हुआ हैं। धर्म परिवर्तन कर चुके क्षेत्र के बुडाननगर उर्फ मदाईन निवासी बृजमोहन उर्फ अब्दुल्लाह के कोरोना पॉजिटिव मिलते ही उसके घर व गांव में सन्नाटा पसर गया हैं। प्रधान प्रतिनिधि अब्दुल हकीम ने बताया कि बृजमोहन उर्फ अब्दुल्लाह ने लगभग चार साल पहले धर्म परिवर्तन करके इस्लाम धर्म को अपनाया लिया और लगभग चार माह पहले मदाईन से परसा सूरत जमात में चले गये और वही से फिर दिल्ली निजामुद्दीन मरकज की जमात में शामिल हुए जैसे ही मंगलवार को उनके कोराना पाजिटिव की सूचना मिली तत्काल चैकी इंचार्ज बाघनगर मनोज पटेल के साथ मिलकर उनके घर पहुंचे और उनके के घर से बेटे, बहू, एक नतिनी व दो नाती को सीएचसी सेमरियावां पर सूचना देकय 108 एम्बुलेंस की मदद से आइसोलेशन वार्ड में भेज दिया गया है और लोगो से निरंतर घरो में रहकर लाकडाउन का पालन करवाने के लिए कहा जा रहा हैं। इसी क्रम में क्षेत्र के पचदेउरी  निवासी गुफरान अहमद पुत्र गुलाम अली के सीतापुर में कोरोना पाजिटिव की सूचना मिलते ही  उनके घर में सन्नाटा पसर गया  परिवार के सदस्यों को तत्काल प्रशासन ने आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर लिया हैं। ग्राम प्रधान मंगरु राम ने बताया कि गुफरान मौजूदा वक्त सीतापुर में हैं वहीं से दिल्ली स्थित निजामुद्दीन मरकज पर जाकर जमात में शामिल हुआ। जैसे ही उसके कोरोना संक्रमित होने की सूचना मिली उनके परिवार से उनकी विधवा मां शैकुन्निसा बेटी जुबैदा खातून व सायमा खातून को प्रशासन की सहायता से आईसोलेशन वार्ड में भर्ती करा दिया गया हैं। उन्होंने बताया कि परिवार के दो और लड़के मुम्बई हैं जो लगभग एक साल से गांव में नहीं आये हैं। उनके पड़ोस के रहने वाले बबलू, अब्दुल, मुनीरूल हसन, वाले ने बताया कि आज सुबह फोन पर सुबह 8 बजें उनके परिवार के सदस्य से बात हुई थी उन्होंने वार्तालाप में उन्होंने बताया कि जबसे यहां आइसोलेशन वार्ड में आए हैं  हमारी कोई देख रेख नहीं हो पा रही हैं सही से खाना व पानी नहीं मिल पा रहा काफी दिक्कतें हो रही हैं।

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-मीडिया प्रतिनिधियों के सहयोग से पुलिस अधीक्षक ने 200 खाताधारकों को वितरित किया मास्क
-मॉस्क लगाने व इस्तेमाल का सही तरीका जानना जरूरी, घर पर भी बनाया जा सकता है मॉस्क
बलरामपुर 13 अप्रैल। कोरोना वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के संपर्क में आने से आसानी से फैलता है। मॉस्क पहनने से किसी संक्रमित व्यक्ति से हवा में मौजूद थूक की बूंदों के माध्यम से कोरोना वायरस के स्वसन तंत्र में प्रवेश करने की सम्भावना कम रहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार द्वारा घर से बाहर निकलने पर हर किसी को मॉस्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। इसका उल्लंघन करने पर कार्रवाई भी हो सकती है।
पुलिस अधीक्षक देव रंजन वर्मा ने ये बातें सोमवार को इलाहाबाद बैक की मण्डी शाखा पर रूपये निकालने आये खाताधारकों को कोरोना वायरस से बचाव के लिए मास्क वितरित करते हुए कही। मीडिया प्रतिनिधियों द्वारा आयोजित मास्क वितरण के दौरान एसपी ने कहा कि पुलिस व स्वास्थ्य विभाग लोगों को बाहर निकलने पर मास्क लगाने और घर पर मास्क बनाने के बारे में जागरूक करने में जुट गया है। इसके प्रचार-प्रसार के लिए पोस्टर और पम्पलेट का भी सहारा लिया जा रहा है, जिसमें जिक्र है कि बाजार में मॉस्क न मिलने पर उसे आसानी से घर पर भी बनाया जा सकता है। इसके लिए मोटे फैब्रिक, काटन टी शर्ट या बनियान को परतों में काटकर मॉस्क बना सकते हैं। मोटा फैब्रिक होने से वह सुरक्षित रहेगा और उसे धोने में भी आसानी होगी। स्कार्फ या रुमाल को अगर मास्क की जगह इस्तेमाल कर रहे हैं तो उसके भी भी दो-तीन फोल्ड कर लें ताकि कपड़े की परतें बनी रहें। इस दौरान एसपी व मीडिया कर्मियों ने बैक में रूपये निकाले आईं महिलाओं सहित करीब 200 खाताधारकों को मास्क का वितरण कराया। इस दौरान मंडी समिति व भगवतीगंज में तैनात मजिस्ट्रेट राकेश सिंह, चैकी इंचार्ज राज कुमार यादव, ग्राम प्रधान महेश मिश्रा, योगेन्द्र त्रिपाठी, कृष्ण कुमार तिवारी, रवि गुप्ता, आनंद मणि तिवारी सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
-दोबार इस्तेमाल से पहले अच्छे से धोएं कपड़े का मास्क
कोरोना के नोडल डा. ए.के. सिंघल ने बताया मास्क को साबुन और गरम पानी में अच्छे से धोएं और इसे धूप में कम से कम पांच घंटे तक सूखने दें ।यदि धूप उपलब्ध नहीं है तो मास्क को प्रेशर कुकर में पानी डालें और इसे कम से कम 10 मिनट तक उबालें और सूखने दें। पानी में नमक डालना बेहतर रहेगा। प्रेशर कुकर न होने पर कपड़े के मास्क को 15 मिनट तक गर्म पानी में उबाल सकते हैं। परिवार के हर सदस्य के पास कम से कम दो मास्क होने चाहिए ताकि एक को पहन सकें और दूसरे को धोकर सुखा सकें। ध्यान रहे अपने मास्क को किसी से भी शेयर न करें। जिस प्लास्टिक बैग में मास्क रखें उसे भी साबुन-पानी से ठीक से धोकर सुखा लें उसके बाद मास्क रखकर सील कर दें।
-इन बातों का रखें ख्याल
मॉस्क को पहनने से पहले हाथों को अच्छी तरह से धोएं। सुनिश्चित करें कि मॉस्क चेहरे पर अच्छी तरह से फिट हो तथा किनारों से कोई गैप न हो। मॉस्क के सामने की सतह को न छुएँ, उतारते समय इसे पट्टी की तरफ से पीछे से निकालें। हमेशा पट्टी को नीचे और उसके बाद ऊपर की तरफ से खोलें। उतारने के बाद मॉस्क को तुरंत साबुन के घोल या उबलते पानी में डालें। मॉस्क को हटाने के बाद हाथों को 40 सेकण्ड तक साबुन व पानी से धोएं या तो अल्कोहल वाले सेनेटाइजर का इस्तेमाल करें।
-बरतें सावधानी
मॉस्क तभी प्रभावी हो सकते हैं जब उन्हें इस्तेमाल करने के साथ-साथ बार-बार साबुन और पानी से 40 सेकण्ड तक हाथ धोया जाए। हर समय दूसरे व्यक्ति से दो मीटर की दूरी बनाकर रखें। बाहर से घर आने पर हाथों को अच्छे से धोएं तथा अपने चेहरे या आँख को न छुएँ।


 

 

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-डोरबेल, कूड़ादान, दरवाजे के हैंडल, नोट व सिक्के छूने के बाद हाथ साफ ना करना पड़ सकती है जान पर भारी
बलरामपुर 12 अप्रैल। सरकार ने लॉकडाउन आपके सुरक्षित व स्वस्थ रहने के लिए ही किया है लेकिन घर में रहकर आप द्वारा की गई छोटी सी चूक आपको कोरोना के नजदीक ला सकती है। लिहाजा सावधानी बरतें ताकि आप सभी महफूज रह सकें। विशेषज्ञों के मुताबिक बाहर से आएं किसी भी खाद्य पदार्थ या उसके पैकेटे को साफ ना करना काफी खतनाक हो सकता है। इससे बिन बुलाए कोरोना वायरस आपके घर तक पहुंच सकता है। जरूरी है कि अपनी छोटी छोटी आदतों में सुधार लाकर कोरोना वायरस अपने आप को बचाया जाएं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. घनश्याम सिंह ने रविवार को बताया कि घर में आई कच्ची सब्जी और फल को यूं ही नंगे हाथों से न पकड़ें। हाथों में गलव्ज लगाकर सब्जी को लें और फौरन धोएं। अगर नंगे हाथों में ले भी रहे हैं तो फौरन हाथों को सेनेटाइज करें। उन्होने बताया कि सब्जी भी आपको संक्रमण दे सकती है। इसी तरह दूध के पैकेट लेने जाते वक्त झोला साथ ले जाएं। कतई नंगे हाथों में न पकड़ें। अगर पकड़ना मजबूरी हो तो घर आते ही फौरन हाथ धोएं।
कोरोना वायरस के नोडल अधिकारी व एसीएमओ डा. ए.के. सिंद्यल के मुताबिक डोरबेल, कूड़ादान, लिफ्ट के बटन, कार के दरवाजे, बगीचे के फूल, जूते-चप्पल, दरवाजे के हैंडल और नोट व सिक्के जब भी छुएं तो हाथ फौरन धोएं। जरा भी कोताई न करें। उन्होंने कहाकि बच्चों व बुजुर्गों के लिए तो यह वायरस है ही नुकसानदेह, जवानों को भी लापरवाही नहीं करनी चाहिए। जिन लोगों को डायबिटीज और ब्लड प्रेशर की शिकायत रहती है वह दवाएं खाते रहें और अपने डॉक्टर के संपर्क में रहें। उन्होंने कहा कि खांसी आए या छींक, हाथ फौरन साबुन से धोएं। डॉ. सिंद्यल के मुताबिक कोरोना वायरस से बचने के लिए सावधानी बरतना ही सबसे कारगर उपाय है। उन्होंने कहा कि खांसी या बुखार के लक्षण होने या सांस लेने में तकलीफ होने पर फौरन सरकारी अस्पताल में दिखाएं।

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बस्ती ।श्री कृष्णा मिशन हॉस्पिटल बरगदवा बड़ेबन बस्ती में स्थापित पैथकाइंड लैब द्वारा जनपद में कोरोनावायरस कोविड-19 महामारी की रोकथाम व बचाव के लिए कोरोना के मरीजों का निशुल्क सेंपलिंग एवं टेस्टिंग किया जाएगा।
उक्त जानकारी जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन ने दी हैं। उन्होंने बताया कि केवल उन्हीं व्यक्तियों का सैंपलिंग किया जाएगा जिसे सीएमओ द्वारा रेफर किया हो।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि जिसको सर्दी,जुकाम,बुखार है या उस व्यक्ति की कोई ट्रैवलिंग हिस्ट्री है, उसे प्राथमिकता पर कोरोना की जांच की आवश्यकता है। इसके लिए उसे कहीं जाने की आवश्यकता नहीं हैं। वह सीधे डाटा एंट्री ऑपरेटर कमलापति त्रिपाठी को मोबाइल नंबर 9450610034 पर फोन कर सकता है। उस व्यक्ति का सैंपल लेने के लिए पैरामेडिकल स्टाफ उसके घर पहुंचेगा
उन्होंने बताया कि सीएमओ द्वारा रिफरल फॉर्मेट पर ही रेफर किया जाएगा और उसकी एक प्रति डिप्टी सीएमओ डॉक्टर फखरे यार हुसैन के कार्यालय में सुरक्षित रखी जाएगी। प्राइवेट टेस्टिंग के लिए डॉक्टर हुसैन मरीज की हिस्ट्री के साथ फार्म उपलब्ध कराएंगे। इसके लिए सीएमओ ऑफिस में डिस्पैच टीम के साथ क्षेत्रीय सफाई कर्मी, लेखपाल, आशा को भी तैनात किया गया है।
उन्होंने बताया कि सैंपलिंग के लिए मरीज की क्लीनिकल हिस्ट्री एवं आईडी कार्ड देना अनिवार्य होगा ,साथ ही बायो मेडिकल वेस्ट डिस्पोजल के लिए सभी प्राइवेट लैबोरेट्री द्वारा सायं 7:00 बजे तक जिला क्वालिटी परामर्शदाता सीएमओ ऑफिस को उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि श्री कृष्णा मिशन हॉस्पिटल को संदिग्ध कोरोना के मरीजों की सेंपलिंग एवं टेस्टिंग के लिए अधिकृत किया जाता है तथा डॉक्टर फखरेयार हुसैन को नोडल अधिकारी नामित किया जाता है।

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- प्रवासी कामगारों के साथ ग्रामीणों को सुरक्षित रखना प्रधानों की बड़ी जिम्मेदारी
- आशा कार्यकर्ताओं और एएनएम की मदद से लोगों की सेहत पर रख रहे नजर
- भोजन की व्यवस्था के साथ ही आश्रय स्थलों पर लोगों को किया जा रहा जागरूक
बलरामपुर 07 अप्रैल। कोरोना वायरस के संक्रमण से ग्रामीणों को सुरक्षित रखने के साथ ही उनके रोजाना के कार्यों में विशेष सतर्कता बरतने के प्रति जागरूक करने की बड़ी जिम्मेदारी इस वक्त ग्राम प्रधानों के कंधे पर है। इसके साथ ही बड़ी संख्या में दूसरे राज्यों और शहरों से आये प्रवासी कामगारों को एक सुरक्षित माहौल प्रदान करने का भी भार वह उठा रहे हैं। इस आपत काल में मन की सारी दूरियां मिटाकर बहुत से लोग एक-दूसरे की मदद को आगे आ रहे हैं, जिसे एक अच्छी पहल के रूप में देखा जा रहा है।
जिलाधिकारी कृष्णा करूणेश ने मंगलवार को बताया सूबे के मुख्यमंत्री और अधिकारियों द्वारा भी अपील की गयी है कि ग्रामीणों को कोरोना वायरस से बचाने को ग्राम प्रधान आगे आयें। इसी को ध्यान में रखते हुए ग्राम प्रधान ग्रामीणों को ज्यादा से ज्यादा घर के अन्दर रहने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उनके द्वारा सामुदायिक स्थलों की समुचित साफ-सफाई करायी जा रही है। एक फीसदी हायपोक्लोराइट के घोल से इन भवनों के फर्श की सफाई करायी जा रही है। कूड़े के सही तरीके से निस्तारण पर भी ध्यान दिया जा रहा है। सामुदायिक स्थलों पर आने वालों को हाथ धोने के लिए साबुन और पानी की व्यवस्था की गयी है। बाहर से गाँव आने वाले लोगों की सूची तैयार करने में आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मदद कर रहे हैं और लोगों को आशा द्वारा दी जा रही हिदायतों का पालन करने को प्रेरित कर रहे हैं। लोगों के भोजन की व्यवस्था के लिए सामुदायिक रसोई घर की भी व्यवस्था कई ग्राम प्रधानों के माध्यम से की गयी है।
-ग्रामीणों को दे रहे जरूरी सन्देश
दूसरे राज्यों व शहरों से आने वाले लोग 14 दिनों तक परिवार से अलग रहें। कोरोना के संक्रमण से बचने के लिए एक-दूसरे से एक मीटर की दूरी बनाकर रखें। यदि बुखार, खांसी या सांस लेने में तकलीफ हो तो तुरंत आशा से संपर्क। हाथों को बार-बार साबुन-पानी से अच्छी तरह से धोएं। चेहरे, आँख, नाक, कान और मुंह को बार-बार न छुएँ। खांसते-छींकते समय नाक-मुंह को रुमाल या साफ कपडे से ढकें। लोगों से हाथ मिलाने की बजाय नमस्कार और आदाब करें।
-फसल की कटाई में भी सोशल डिस्टेंशिंग का रख रहे ख्याल
गाँवों में यह सरसों, मटर, चना और गेहूं की कटाई का वक्त है, ऐसे में कटाई के दौरान भी सोशल डिस्टेंशिंग का पूर्ण पालन करने की हिदायत ग्राम प्रधानों द्वारा दी जा रही है। ग्रामीणों को बताया जा रहा है कि खेतों में काम के समय एक उचित दूरी बनाये रखने से कोरोना के संक्रमण को रोका जा सकता है।
-कंट्रोल रूम व हेल्पलाइन में दें जानकारी
कोरोना वायरस महामारी के लिए जिला प्रशासन द्वारा 24 घंटे के लिए कंट्रोल रूम बनाये गये हैं जिसमें काॅल करके आप कोरोना वायरस संबंधी कोई भी जानकारी दे सकते हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में स्थापित कंट्रोल रूम का नम्बर 7880831068 व 7081224641, पुलिस अधीक्षक कार्यालय में कंट्रोल रूम का नम्बर 9454417381 व 8957422023 व कोरोना रोकथाम व नियंत्रण के लिए इन्टीग्रेटेड कंट्रोल रूम का नम्बर 05263-232046, 05263-236250 जारी किया गया है। प्रदेश सरकार के हेल्पलाइन नंबर 18001805145 पर भी संपर्क कर सकते हैं।

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कोरोना वायरस की चपेट में आने से बचाने के उद्देश्य से मंगलवार को नाथनगर ब्लाक क्षेत्र के ग्राम पंचायत गिठनी को प्रधान राजकुमार गौतम ने सैनेटाइज कराया। ग्रामीणों के बीच मास्क वितरण कर लोगो को इस महामारी से बचाव सम्बंधित जानकारी दी गई। कोरोना जैसी वैश्विक महामारी से उतपन्न हुए संकट के समय बड़ी पंचायतो के माननीय जब अंडरग्राउंड हो गए। तो अधिकांश जागरूक ग्राम प्रधानो ने अपनी जिम्मेदारियों का बखूबी निर्वाहन करके सच्चे जन प्रतिनिधि होने का प्रमाण पेश किया। इन्ही जागरूक और सजग जन प्रहरियों में से एक नाथनगर ब्लाक के ग्राम गिठनी के ग्राम प्रधान राजकुमार गौतम संकट की इस घड़ी में अपनी ग्राम पंचायत के ग्रामीणों के साथ खडे नजर आए। मंगलवार को ग्राम प्रधान राजकुमार की देखरेख एवं ग्राम पंचायत अधिकारी केशव दास के पर्यवेक्षण में डोर टू डोर पहुंच कर सैनेटाइज किया गया। जाम नालियां साफ सफाई की गई। ग्रामीणों के बीच मास्क देकर उसे पहनने की बात कही गई। साफ सफाई पर विशेष ध्यान देने के साथ लोगो को घरों में रहकर लॉक डाउन का पालन करने की अपील की गई। इस मौके पर हल्का लेखपाल विवेक रंजन यादव, सफाई कर्मचारी संघ जिलाध्यक्ष परमहंस गौतम, सफाई कर्मी चन्द्रकला देवी, विजय कुमार, धर्मेंद्र कुमार, वंशीलाल मौजूद रहे।

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-शेल्टर होम्स या आश्रय स्थलों में रह रहे लोगों को मिलेगी सुविधा
-शासन ने सीएमओ और मुख्य चिकित्सा अधीक्षकों को दिये निर्देश
बलरामपुर 04 अप्रैल। लॉकडाउन के दौरान आश्रय स्थलों या शेल्टर होम्स में रह रहे प्रवासी मजदूरों को मानसिक तनाव बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अनोखी पहल की है। इन मजदूरों को मानसिक रूप से स्वस्थ रखने के लिए अब उनकी काऊंसिलिंग की जाएगी। इस दौरान उन्हे बताया जाएगा कि लॉकडाउन के दौरान उनको अपना समय बेहतर तरीके से किस तरह व्यतीत करना है। इस संबंध में महानिदेशक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं ने सीएमओ और जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को शासनादेश जारी किया है।
पत्र में मानसिक स्वास्थ्य के राज्य नोडल अधिकारी सुनील पांडे ने लिखा है कि सुप्रीम कोर्ट की रिट पिटीशन संख्याः 468/2020 एवं 469/2020 में दिये गए निर्देशों के अनुपालन में मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों की भूमिका अहम है। गौरतलब है कि कोर्ट ने सरकार से अपेक्षा की है कि वह सुनिश्चित करें कि लॉकडाउन के दौरान समस्त शेल्टर होम्स में आमजन को किसी तरह के मानसिक तनाव का सामना न करना पड़े। इस संबंध में जिल के स्वास्थ्य विभाग को शुक्रवार को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि लॉकडाउन के दौरान शेल्टर होम्स या आश्रय स्थलों में रह रहे प्रवासी मजदूरों को मानसिक रूप से स्वस्थ्य रखने के लिए समय-समय पर उनकी काऊंसिलिंग की जाए। इस कार्य के लिए जिले में मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत तैनात साइकेट्रिस्ट, क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट और साइकेट्रिक सोशल वर्कर की मदद लें। साथ ही यह भी निर्देश है कि जिन जनपदों में मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत संसाधन उपलब्ध नहीं है वहां राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम, एनपीसीडीसीएस कार्यक्रम या अन्य कार्यक्रम में तैनात क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट, काऊंस्लर्स और साइकोलॉजिस्ट से सेवाएं ली जाएं। पत्र में यह भी स्पष्ट है कि लॉकडाउन के दौरान शेल्टर होम्स या आश्रय स्थलों में काऊंसिलिंग कार्य सुचारु रूप से चलाने के आवागमन और सुरक्षा आदि का भी पूरा ध्यान रखा भी जाये। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. घनश्याम सिंह ने शनिवार को बताया कि शासन का पत्र मिला है। गाइडलाइन के अनुसार जिले के मानसिक स्वास्थ्य केन्द्र के प्रभारी को व्यवस्था सुनिश्चित कराने के निर्देश दे दिये गये हैं। टीमें बनने के बाद जल्द ही उन्हे सुरक्षा उपकरण उपलब्ध करवाकर शेल्टर होम्स में मौजूद लोगों की काउंसलिंग करने के लिए भेजा जाएगा।

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