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संतकबीर नगर--बच्चों का मार्गदर्शन तथा उत्साहवर्दन करें_रिपोर्टः- मु. परवेज़ अख्तर

संतकबीरनगर। शिक्षा ही व्यक्ति को आदमी से इंसान बनाती है। आज का यह दौर प्रतियोगिता का दौर है इसलिए...

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संतकबीरनगर। शिक्षा ही व्यक्ति को आदमी से इंसान बनाती है। आज का यह दौर प्रतियोगिता का दौर है इसलिए बच्चों के मानसिक स्तर को देखकर बच्चों का मार्गदर्शन तथा उत्सावर्धन करें।

उक्त बातें हजरते फातिमा गर्ल्स इन्टर कालेज सालेहपुर के प्रबंधक मौलाना सैयद निज़ाम अशरफ ने कहीं।

उन्होंने कहा कि व्यक्ति के मानसिक, नैतिक, चारित्रिक विकास करना ही शिक्षा का मुख्य उद्देश्य है। किताबी शिक्षा के बजाय बच्चों के चरित्र निर्माण का ध्यान देना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि विद्यालय क्षेत्र में शिक्षा अलख जगा रहा है। समय समय पर विभिन्न कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को अपनी कला का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का मौका दिया जाता है।

उन्होंने कहा कि शिक्षा ही व्यक्ति को संस्कार सिखाती है। शिक्षा के बिना व्यक्ति पशु के समान है। हमारा मकसद बच्चे के अन्दर की छिपी हुई प्रतिभा को उभारकर उसे समाज का एक जागरूक नागरिक बनाना है।

आज का यह दौर प्रतियोगिता का है। इस प्रतियोगिता के दौर में हमें खुद को आधुनिक जानकारियों से लैस होना पड़ेगा। बच्चों को सिर्फ किताबी ज्ञान न देकर व्यवहारिक ज्ञान भी दिया जाय ताकि वह अपने जीवन में सफल हो सकें।

उन्होंने कहा कि उनका प्रयास है कि क्षेत्र के लोगों को गुणात्मक शिक्षा प्रदान करना।

उन्होंने कहा कि शिक्षा मानव को एक अच्छा इंसान बनाती है शिक्षा में ज्ञान, उचित आचरण और तकनीकी दक्षता, शिक्षण और विद्या प्राप्ति और समाविष्ट हैं। शिक्षा समाज एक पीढ़ी द्वारा अपने से निचली पीढ़ी को अपने ज्ञान के हस्तांतरण का प्रयास भी है।

उन्होंने कहा कि बच्चा शिक्षा द्वारा समाज के आधारभूत नियमों, व्यवस्थाओं, समाज के प्रतिमानों एवं मूल्यों को सीखता है। इसलिए बच्चे को उचित वातावरण देना चाहिए ताकि उसका सम्पूर्ण विकास हो सके।