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संतकबीर नगर---शिक्षा के बिना व्यक्ति पशु के समान_रिपोर्ट---नूर आलम सिद्दीकी

सेमरियावां (संतकबीरनगर)। शिक्षा ही व्यक्ति को उत्कृष्ट और संस्कारी बनाती हैं शिक्षा के बिना व्यक्ति...

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सेमरियावां (संतकबीरनगर)। शिक्षा ही व्यक्ति को उत्कृष्ट और संस्कारी बनाती हैं शिक्षा के बिना व्यक्ति पशु के समान है। हमारा मकसद बच्चों के अंदर छूपी प्रतिभाओं को निखारकर एक उच्चश्रेणी का स्थान दिलाना हैं ताकि छात्र देश विदेश में क्षेत्र का नाम रोशन करें। उक्त बातें एच.आर. ग्लोबल एकेडमी उसराशहीद के प्रबंधक बलिराम विश्वकर्मा ने शिक्षकों को छात्र-छात्राओं की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने हेतु एक संगोष्ठी के दौरान कही। उन्होंने कहा इस प्रतिस्पर्धा के दौर में छात्र-छात्राओं की शिक्षा पद्धति को एक शिक्षक ही मुख्य मार्गदर्शक के रुप में साबित हो सकता हैं। उन्होंने कहा हमें स्वयं को आधुनिक जानकारियों से लैस होकर बच्चों को सिर्फ किताबी ज्ञान न देकर व्यवहारिक ज्ञान भी दिया जाय ताकि वह अपने जीवन में सफल हो सकें। उन्होंने कहा कि शिक्षा मानव को एक अच्छा इंसान बनाती है शिक्षा में ज्ञान, उचित आचरण और तकनीकी दक्षता, शिक्षण और विद्या प्राप्ति और समाविष्ट हैं। शिक्षा समाज एक पीढ़ी द्वारा अपने से निचली पीढ़ी को अपने ज्ञान के हस्तांतरण का प्रयास भी है। प्रधानाचार्य राजेश कुमार विश्वकर्मा ने कहा कि बच्चा शिक्षा द्वारा समाज के आधारभूत नियमों, व्यवस्थाओं, समाज के प्रतिमानों एवं मूल्यों को सीखता है। उन्होंने कहा कि इन उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए ही हम प्रयत्नशील हैं। इस मौके पर रमेश गुप्ता, आशीष गुप्ता, बालकेश कन्नौजिया, रिंकू यादव, राहुल शर्मा, दिनेश चैधरी, शगुफ्ता बानो, तराना अंजुम, रीता चैधरी, कुंजलता, निदा शाह, तनु वर्मा, गुल अफ्शां बानो, पिंकी कुमारी, मालती विश्वकर्मा आदि मौजूद रहे।