Home » यू पी/उत्तराखण्ड » संतकबीर नगर--आलिमे इस्लाम की अज़ीम शख्सियत हजरत अल्लामा अलहाजुश्शाह एजाज़ अहमद खान आजमी की नमाजे-ए-जनाजा में उमड़ा जन सैलाब_रिपोर्ट:नूर आलम सिद्दीकी

संतकबीर नगर--आलिमे इस्लाम की अज़ीम शख्सियत हजरत अल्लामा अलहाजुश्शाह एजाज़ अहमद खान आजमी की नमाजे-ए-जनाजा में उमड़ा जन सैलाब_रिपोर्ट:नूर आलम सिद्दीकी

सेमरियावां।संतकबीरनगर---दुधारा थाना क्षेत्र के बसडीला स्थित मदरसा दारूल उलूम अहले सुन्नत तदरीसुल...

संतकबीर नगर--आलिमे इस्लाम की अज़ीम शख्सियत हजरत अल्लामा अलहाजुश्शाह एजाज़ अहमद खान आजमी की नमाजे-ए-जनाजा में उमड़ा जन सैलाब_रिपोर्ट:नूर आलम सिद्दीकी
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सेमरियावां।संतकबीरनगर---दुधारा थाना क्षेत्र के बसडीला स्थित मदरसा दारूल उलूम अहले सुन्नत तदरीसुल इस्लाम में कई वर्षो से कार्यरत पूर्व शैखुल हदीस व प्रधानाचार्य तथा आलिमे इस्लाम की अज़ीम शख्सियत हजरत अल्लामा अलहाजुश्शाह एजाज़ अहमद खान आजमी के नमाजे-ए-जनाजा में आये कोने कोने से लोगो का हुजूम जनसैलाब की तरह उमड़ा हजरत की नमाजे-ए-जनाजा मदरसे के ग्राउंड में अदा की गयी और बगल में ही बनायी गयी कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। इस दौरान भारी संख्या में उलेमाओं की बड़ी फेहरिस्त मौजूद रही।

उनकी नमाज़े जनाज़ा हजरत के साहबजादे मुफ्ती नईम अख्तर मिस्बाही ने दोपहर लगभग 2:30 बजें पढ़ाई। शैखूल हदीस अलिमे इस्लाम हजरत मौलाना एजाज अहमद खान आजमी का इंतेकाल बीते 30 दिसम्बर को मगहर स्थित गांव गाही में उनके दामाद के घर पर हुआ था। हजरत ने बुढ़ापे की उस उमर तक पहुंचे जो दुनिया में कम लोग पहुचते हैं मगर आप जवानों से हजारों कदम आगे रहे अल्लाह की रहमते आप पर बरसते रही। हजरत ने अपनी पूरी जिंदगी सुन्नत के मुताबिक़ गुजारी और उसी सुन्नत के मुताबिक अखिरी वक्त में दुनिया को छोड़ा।

ताउम्र दीन की खिदमात अन्जाम देते रहे-अलिमे इस्लाम हजरत एजाज अहमद खान आजमी

दशकों पहले आप हुजूर हाफिज़-ए-मिल्लत के हुक्म से बसडीला आए और दारुल उलूम अहले सुन्नत तदरीसुल इस्लाम बसडीला में ताउम्र दीन की खिदमात अन्जाम देते रहे। और दारुल उलूम तदरूसुल इस्लाम बसडीला को उन ऊँचाइयों पर पहुँचाया कि जिससे मदरसे का नाम मुल्कगीर पैमाने पर पहचाना जाने लगा। जामिया अशरफिया मुबारकपुर आज़मगढ़ के संस्थापक हुजूर हाफिज-ए-मिल्लत अलै0 ने अपने साहब़जादे को इल्मेदीन हासिल करने के लिए तदरीसुल इस्लाम बसडीला भेजा। आपको सनदुलमुदर्रिसीन कहा जाता था। आपको लोग बड़े-हज़रत के नाम से जानते थे। हजरत के जाने के बाद जो खालीपन हुआ है उसकी भरपाई होना बहुत मुश्किल हैं।

इस मौके पर अल्ललामा ज़ियाउल मुस्तफा साहब, हुज़ूर हाफिज़-ए-मिल्लत के साहबज़ादे हज़रत अज़ीजे मिल्लत मौलाना अब्दुल हफीज साहब, शहज़ादए खतीबुल बराहीन हज़रत मौलाना हबीबुर्रहमान साहब, मुफ्ती निज़ामुद्दीन प्रिंसिपल अशरफिया मुबारकपुर, मौलाना मोहम्मद अहमद मिस्बाही नाजिम-ए-तालीमात अशरफिया,मौलाना एजाज़ अहमद,सपा के पूर्व विधायक अब्दुल कलाम, सपा नेता गौहर अली खान, ब्लॉक प्रमुख सेमरियावां मुमताज अहमद, मुश्ताक अहमद, इरफान अहमद ,मो. अहमद खान समेत हज़ारों की तादाद में मुसलमानों ने शिरकत की।