Home » यू पी/उत्तराखण्ड » बदायूँ---डीएम-एसएसपी ने किया कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय का औचक निरीक्षण_रिपोर्ट-संजीव सक्सेना

बदायूँ---डीएम-एसएसपी ने किया कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय का औचक निरीक्षण_रिपोर्ट-संजीव सक्सेना

बदायूं-डीएम एसएसपी ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के छात्राओं से अंग्रेजी के सवाल किए तो कुछ बता...

Share Post


बदायूं-डीएम एसएसपी ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के छात्राओं से अंग्रेजी के सवाल किए तो कुछ बता ही नहीं पाई। डीएम ने अध्यापिका के प्रति नाराज़गी व्यक्त करते हुए शिक्षण व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि एक्सट्रा क्लास लगाकर बच्चों की अंग्रेजी सुधारी जाए।

मंगलवार को जिलाधिकारी कुमार प्रशान्त ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार त्रिपाठी के साथ विकासखण्ड सालारपुर अन्तर्गत ग्राम मोंगर स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने कक्षा आठ में प्रवेश किया तो वहां कम्प्यूटर का पीरियड चल रहा था। डीएम ने बच्चों से हार्डवेयर और साॅफ्टवेयर में अन्तर जाना तो बच्चों ने बता दिया। एसएसपी ने अंग्रेजी के टेंस के बारे में पूछा तो बच्चे नहीं बता पाए। उन्होंने अंग्रेजी की किताब भी पढ़वाकर देखी तो बच्चे उसको नहीं पढ़ पाए। डीएम ने कहा कि बच्चों की अंग्रेजी बहुत कमज़ोर है। एसएसपी ने कहा कि बच्चों को अंग्रेजी बेसिक नाॅलेज भी नहीं है। उन्होंने अंग्रेजी पढ़ाने वाली अध्यापिका प्रियम्बडा राठौर को बुलाने के निर्देश दिए। उन्होंने डीएम को अवगत कराया कि वह गृह विज्ञान की शिक्षिका है, अंग्रेजी की अध्यापिका इंदू राठौर छोड़कर चली गई हैं, इसलिए थोड़े दिन पहले ही उन्होंने अंग्रेजी पढ़ाना शुरू किया है। डीएम ने उनको शिक्षण व्यवस्था में सुधार करने के निर्देश दिए हैं। दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने विद्यालय का निरीक्षण करते हुए सीसीटीवी देखा तो उसका व्यू साफ नहीं आ रहा था। डीएम ने नाराज़गी जताते हुए सीसीटीवी व्यू ठीक करने के निर्र्देश दिए हैं। विद्यालय में फ्रिज, वाशिंग मशीन, आरओ एवं टीवी की व्यवस्थाएं पूर्ण थीं। डीएम को वार्डन मंजू राठौर ने अवगत कराया कि विद्यालय में छात्राओं के कपड़ों को स्त्री करने के लिए कोई प्रेस नहीं है। डीएम ने प्रत्येक कक्ष में एक-एक प्रेस उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। बाउंड्री नीची देख उन्होंने इसे ऊंचा करने के निर्देश दिए हैं। वार्डन ने अवगत कराया कि विद्यालय में 100 के सापेक्ष 97 छात्राएं उपस्थित हैं, शेष तीन छात्राएं बीमार हो गई हैं। चार फुल टाइम अध्यापिकाएं एवं तीन पार्ट टाइम अध्यापिकाएं हैं। दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने रसोई के जाकर भोजन को गुणवत्ता को परखा। भोजन मैन्यु के अनुसार नहीं बना था। उन्होंने आटे और चावल की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए ठेकेदार को नोटिस देने के भी निर्देश दिए हैं। एसएसपी ने छात्राओं को महापुरुषों के सीरियल दिखाने और अंग्रेजी समाचार पत्र को विद्यालय में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।