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संतकबीरनगर- प्रभा ग्रुप के दामन में हैं अनेकों दाग, नया दाग शराब की खेप से जुड़ी बरामदगी........

संतकबीरनगर- प्रभा ग्रुप के दामन में हैं अनेकों दाग, नया दाग शराब की खेप से जुड़ी...

संतकबीरनगर- प्रभा ग्रुप के दामन में हैं अनेकों दाग, नया दाग शराब की खेप से जुड़ी बरामदगी........
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संतकबीरनगर- प्रभा ग्रुप के दामन में हैं अनेकों दाग, नया दाग शराब की खेप से जुड़ी बरामदगी........

संतकबीरनगर- स्वाट टीम और औद्योगिक चौकी पुलिस की संयुक्त कार्यवाई के बाद बेनकाब हुए प्रभा इंडस्ट्रीज E-22 के कारनामों की एक लंबी फेहरिस्त है जिसको हम क्रमवार प्रस्तुत करते रहेंगे, क्रमवार प्रस्तुति के माध्यम से पाठकों को जानने के लिए मिलेगा जिले के एक स्वयंभू समाजसेवी से जुड़ी अजीबोग़रीब दास्तान.......

तमाम नियमों और कानूनों को ठेंगे पर रख कर एक शराब माफिया को स्वयं का गोदाम किराए पर देने वाले प्रभा इंडस्ट्रीज के मालिक का नाम वैभव चतुर्वेदी है जो रसूखदार व्यक्ति हैं,जिनके पास इंडस्ट्रीज के अलावा तमाम एजेन्सी के साथ दर्जनों डिग्री एवं इंटर कॉलेजों के साथ बीटीसी, बीएड व लॉ कॉलेजों का स्वामित्व है, जिनके पिता विनय चतुर्वेदी स्वयं एक जिला स्तरीय अधिकारी है जिनके वजूद से इंडस्ट्रियल एरिया में काफ़ी दिनों से अवैध शराब का धंधा फल फूल रहा था, जिसको बेनकाब कर स्वाट टीम और औद्योगिक चौकी पुलिस ने ये साबित किया कि कानून अभी जिंदा है।

खैर जिस गोदाम से अवैध शराब का जखीरा पुलिस ने बरामद किया वो प्रभा ग्रुप के वैभव चतुर्वेदी के नाम से है जिसकी फर्द बरामदगी में पुलिस ने जिक्र तो किया है पर अभियुक्तों के साथ नाम सम्मलित नही किया है, ये शायद उनके ऊंचे रसूख का परिणाम है...... रसूखदार वैभव चतुर्वेदी के इस मामले की बात करने के पहले हम इनके अन्य मामलों की बात करतें है....

वर्ष 1997-98 से किराए के एक मकान से ब्लूमिंग बड्स एकेडमी की शुरुआत करने वाला प्रभा ग्रुप महज बीस वर्षों के अंदर आज लगभग अरबों का मालिक बन बैठा है, जिसके पीछे इस संस्थान के मुखिया का बड़ा हाथ है जो जिला स्तरीय अधिकारी भी है जिसकी सांठ गांठ उच्च अधिकारियों से प्रायः रहती है। इसी सांठ गांठ का फायदा उठाते हुए आज यह ग्रुप बुलंदियों को भले ही छू लिया हो पर इस बुलंदी को पाने के एवज में ना जाने कितनों का दिल दुखाकर आगे बढ़ा है यह ग्रुप। एक पत्रकार होने के नाते मुझे यह बात अच्छी तरह से याद है कि इस शिक्षण संस्थान ग्रुप के खिलाफ जब छात्रों और अध्यापकों ने पिछले कई वर्ष पूर्व जब जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव कर इनके खिलाफ कार्यवाई की मांग किया था तब इस रसूखदार चतुर्वेदी परिवार ने किस तरह प्रशासन को मैनेज कर मामले को शांत कराया था, दरअसल ये मामला बीएड के छात्रों से अवैध फीस वसूली से जुड़ा था जिसपर छात्र भड़के थे और कार्यवाई की मांग कर रहे थे, उस वक्त नियमानुसार 100 बीएड सीटों के मुकाबले प्रभा देवी बीएड कॉलेज ने 236 सीटों पर नियमाविरुद्ध एडमिशन कर रखा था जिसको लेकर उस वक्त खूब हंगामा हुआ था जिसको पैसे एवं अपने रसूख के बल पर चतुर्वेदी परिवार ने अधिकारियों से सांठ गांठ कर मामले को रफा दफा करवा दिया था, इसके बाद अभी वर्ष भर पूर्व कन्नौज के तिर्वा में हुए हादसे के मामले में कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ दर्ज मृतक छात्रों के परिजनों के द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे में अपनी ऊंची रसूख का फायदा उठाते हुए प्रभा देवी ग्रुप ने मामले को पुलिस की मिलीभगत से ठंडे बस्ते में डाल दिया। और अब औद्योगिक एरिया के गोदाम E-22 से बरामद की गई शराब की खेप के मामले में स्वयं को बचाने के लिए यह ग्रुप जद्दोजहद कर रहा है। खंजर सूत्रों से पता चला है कि जिस दिन प्रभा ग्रुप के प्रभा इंडस्ट्रीज के गोदाम से अवैध शराब का जखीरा बरामद हुआ उसी दिन सरकार के एक प्रभावशाली मंत्री का फोन पुलिस विभाग के उच्चाधिकारी के पास आया था जिसके चलते उक्त इंडस्ट्रीज के मालिक वैभव चतुर्वेदी के खिलाफ कोई खास एक्शन नही लिया गया जबकि अवैध शराब का जखीरा वैभव चतुर्वेदी के इंडस्ट्रियल एरिया स्थित गोदाम से बरामद हुआ था, सनद रहे कि अब से कुछ 4 या 5 साल पहले इसी एरिया के सावित्री कोल्ड स्टोरेज से बरामद नकली खोए के मामले में गोदाम संचालक राम कृपाल रूंगटा जेल भी जाकर आ चुके है, नियमानुसार जिस गोदाम से शराब की बरामदगी हुई उस गोदाम के मालिक यानी वैभव चतुर्वेदी के खिलाफ एफआईआर होनी चाहिए थी, उन्हें भी जेल भेजना चाहिए था पर शायद उस प्रभावशाली मंत्री के दबाव में आई पुलिस गोदाम मालिक वैभव चतुर्वेदी के खिलाफ सीधी कार्यवाई करने से बचती नजर आई जबकि इसी तरह के मामले में कोल्ड स्टोरेज के स्वामी को जेल तक की हवा खानी पड़ी। अकूत सम्प्पति के मालिक व जिला स्तरीय अधिकारी पिता के प्रभाव से बचे गोदाम मालिक व विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के मालिक वैभव चतुर्वेदी से जुड़ी खबरों की परत दर परत सच्चाई को हम बिना डरे उजागर करते रहेंगे, लोगों के सामने सच्चाई लाते रहेंगे......

(पार्ट-1 में बस इतना ही.....आगे और खुलासों से जुड़ी खबरों के लिए बने रहिये हमारे साथ)