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अम्बेडकर नगर-अति पिछड़ी 17 उप जातियों को बीजेपी सरकार ने किया गुमराह - शंखलाल मांझी_रिपोर्ट_ प्रवीण कुमार

अति पिछड़ी 17 उप जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल न करने के मामले में कश्यप, निषाद, बिन्द, मांझी,...

अम्बेडकर नगर-अति पिछड़ी 17 उप जातियों को बीजेपी सरकार ने किया गुमराह - शंखलाल मांझी_रिपोर्ट_ प्रवीण कुमार
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अति पिछड़ी 17 उप जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल न करने के मामले में कश्यप, निषाद, बिन्द, मांझी, प्रजापति व राजभर समाज के संयुक्त संगठनों के तत्वावधान में आगामी 11 दिसम्बर को संसद भवन मार्ग के निकट स्थित जंतर मंतर पर विशाल धरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया है। पूर्व कैबनेट मंत्री व सपा नेता शंखलाल मांझी और राज्य सभा सदस्य विशम्भर प्रसाद निषाद के नेतृत्व में होने वाले इस धरना प्रदर्शन में भाजपा सरकार द्वारा 17 उपजातियों का आरक्षण समाप्त करने तथा जातिवार जनगणना न किये जाने का मामला मुख्य होगा। जिला मुख्यालय पर आयोजित प्रेस वार्ता में शंखलाल मांझी ने कहा कि मुलायम सिंह यादव सरकार द्वारा 17 पिछड़ी जातियों को अनुसूचित जाति का दर्जा दिये जाने का शासनादेश दस अक्टूबर 2006 को जारी किया था जिससे समाज के लोगों को अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र तथा नौकरी मिलने लगी थी किन्तु बसपा द्वारा उच्चन्यायालय में मुकदमा कर उक्त शासनादेश पर स्थगन आदेश प्राप्त कर लिया गया था। 2012 में सपा सरकार द्वारा पुनः 15 फरवरी 2013 को भारत सरकार के पास इसकी संस्तुति के लिए पत्र भेजा गया। इसके बावजूद अभी तक इन जातियों को इसका लाभ नही मिल सका है। इस दौरान सरकार पर हमला बोलते हुए शंखलाल माझी ने कहा कि वर्तमान बीजेपी सरकार ने इन 17 उप जातियों के साथ धोखा किया है पहले तो इनको अनुसूचित जाति दर्जा देकर इनकी वाहवाही लूटी और बाद में जानबूझ कर माननीय न्यायालय के समक्ष अपना पक्ष मजबूती से नहीं रखा जिससे इन जातियों से अनुसूचित जाति का दर्जा छिन गया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार सरकार यह दिखाना चाह रही थी कि हम इन उप जातियों के लिए कुछ करना चाह रहे हैं पर कर नहीं पा रहे हैं इस तरह योगी सरकार ने एक तीर से दो निशाना साधने का प्रयास किया और जनता को गुमराह किया। लेकिन जल्द ही सरकार की मंशा को जनता समझ गई और अपना हक पाने लिए इन जातियों के लोगों ने मजबूर होकर नई दिल्ली में विशाल धरना प्रदर्शन करने का निर्णय किया। जिसमें समाज के लोगों से भारी संख्या में पंहुचने की अपील की गई है। इस दौरान साधू गौड़, विद्यावती राजभर समेत अन्य नेता भी मौजूद रहे।