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फर्जी पाए गए 74 शिक्षक बर्खास्त, 10 साल में मिला वेतन भी वसूला जाएगा_रिपोर्ट - शैलेश सिंह ।

मैनपुरी जिले में एसआईटी द्वारा फर्जी घोषित किए गए बेसिक शिक्षा विभाग के 74 शिक्षक शनिवार को...

फर्जी पाए गए 74 शिक्षक बर्खास्त, 10 साल में मिला वेतन भी वसूला जाएगा_रिपोर्ट - शैलेश सिंह ।
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मैनपुरी जिले में एसआईटी द्वारा फर्जी घोषित किए गए बेसिक शिक्षा विभाग के 74 शिक्षक शनिवार को बर्खास्त कर दिए गए। सभी की डिग्री आगरा के डॉ आंबेडकर विश्वविद्यालय की है। ज्यादातर की डिग्री फर्जी पाई गई है और कुछ की मार्कशीट में फेरबदल करके अंक बढ़ाए गए हैं। एसआईटी की जांच के बाद जिला चयन समिति ने सभी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देश खंड शिक्षाधिकारियों को दिए हैं। ये शिक्षक पिछले 10 साल से बेसिक शिक्षा विभाग में नौकरी कर रहे थे। सभी बर्खास्त किए गए फर्जी शिक्षकों से 10 साल का वेतन भी वसूल किया जाएगा।

बता दें कि डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से वर्ष 2004-05 में बीएड करने वाले मैनपुरी जिले के 78 शिक्षकों को एसआईटी ने फर्जी घोषित किया था। नवंबर 2017 में एसआईटी ने इन शिक्षकों की बर्खास्तगी के लिए सीडी बीएसए कार्यालय को भेजी थी। दो वर्ष तक चली कई चरणों की जांच के बाद शनिवार की शाम 74 शिक्षकों की बर्खास्तगी जिला चयन समिति के निर्देश के बाद कर दी गई। देर शाम जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विजय प्रताप ने बर्खास्तगी पत्र जारी कर दिए।

*फर्जी तरीके से बनवाई डिग्री, नंबर भी बढ़वाए -*

बर्खास्त किए गए सभी 74 शिक्षकों को पहले ही तीन बार बर्खास्तगी के नोटिस जारी किए गए थे। चार शिक्षकों को अब बर्खास्तगी नोटिस भी जारी कर दिया गया है। एसआईटी की जांच में सामने आया था कि बर्खास्त किए गए शिक्षकों में से 33 शिक्षकों का बीएड अंकपत्र फर्जी है। वहीं, 41 शिक्षकों ने फर्जी तरीके से अपने अंकपत्रों में अंक बढ़वाने का काम किया है। विश्वविद्यालय रेकॉर्ड में इनके अंक जितने दर्ज हैं, उनमें 30 से 40 अंक तक बढ़वाए गए हैं।

बीएसए विजय प्रताप सिंह ने बताया कि एसआईटी द्वारा फर्जी घोषित किए गए शिक्षकों को जिला चयन समिति के निर्णय के बाद बर्खास्त किया गया है। इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश बीईओ को दिए गए हैं। अब इन शिक्षकों की बर्खास्तगी के साथ ही पिछले 10 साल में दिए गए वेतन की रिकवरी भी की गई जाएगी।