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संतकबीर नगर-आवास के इंतजार में पथरा गई आंखें,ब्लॉक एवं जिला मुख्यालय का चक्कर लगाकर थक हार के बैठ गया अवधराज का परिवार_रिपोर्ट:-नूर आलम सिद्दीकी

सेमरियावांसंतकबीरनगरसरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं में गरीब परिवारों को विशेष तौर पर चिन्हित करके...

संतकबीर नगर-आवास के इंतजार में पथरा गई आंखें,ब्लॉक एवं जिला मुख्यालय का चक्कर लगाकर थक हार के बैठ गया अवधराज का परिवार_रिपोर्ट:-नूर आलम सिद्दीकी
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सेमरियावांसंतकबीरनगर

सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं में गरीब परिवारों को विशेष तौर पर चिन्हित करके सरकारी योजनाओं का सही क्रियान्वयन हो सके जिसके लिए निरंतर प्रयासरत होने का दावा सरकार द्वारा किया जा रहा हैं लेकिन कहीं न कहीं जमीनी स्थिति इसके विपरीत ही रहती हैं जिससे एक गरीब परिवार ब्लॉक एवं जिला मुख्यालय के अधिकारियों के कार्यालयों का चक्कर लगाकर थक जाता हैं और सरकार की योजनाओं में एक गरीब परिवार की पात्रता की उपलब्धि सरकारी आदेशों के दावोंं को खोखला साबित कर देती है और सरकारी योजना में पात्रता रखने वाला गरीब परिवार इस राजनीति में पिसकर योजनाओं के लाभ से कोसों दूर चला जाता हैं।

बताते चलें कि इसी राजनीति में पीसकर विकास खंड सेमरियावां के ग्राम पंचायत डड़वा माली निवासी अवधराज पुत्र सम्पत का गरीब पात्र परिवार एक झोपड़ी में रहने को विवश हैं। इस गरीब परिवार को करीब 10 वर्षों से आज भी एक अदद प्रधानमंत्री आवास की उम्मीद है। इस गरीब परिवार ने ब्लॉक मुख्यालय से लेकर जिला मुख्यालय के अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के कार्यालय का चक्कर लगाकर थक हार के बैठ चुका है।जिसकी सुधि लेने वाला

वर्तमान में कोई नहीं है। इस गरीब परिवार की बदकिस्मती और बेबसी का आलम यह है कि घास-फूस व पुराने टीन शेड का छप्पर डालकर मौसम की दुश्वारियां को झेलने के लिए विवश हैं।गरीब अवधराज के परिवार में पांच बच्चे हैं जो अभी छोटे हैं।

गरीबी की मार झेल रहा पूरा परिवार एक कमाऊ सदस्य अवधराज मेहनत मजदूरी करके अपना और अपने बाल बच्चों का पालन पोषण बड़ी मुश्किलों के साथ कर रहा हैं ऐसे में खुद के पैसे से आवास बनाने का सपना कभी पूरा होने की उम्मीद दूर-दूर तक नजर नहीं आती। ग्राम प्रधान से लेकर ब्लॉक स्तर पर बीडीओ व सेक्रेटरी के पास चक्कर लगाकर अवधराज का परिवार थक चुका हैं। प्रधानमंत्री आवास में उसकी पात्रता एक उम्मीद बची है अब देखना है कि गरीब परिवार को आवास मुहैया होता हैं कि नहीं या सारी जिंदगी छप्पर में ही गुजरेगी।

युवा संघर्ष समिति के महासचिव संतोष प्रजापति ने बताया कि इस पात्र गरीब परिवार को प्रधानमंत्री आवास न मिलना बहुत ही दयनीय है यह परिवार ठंडी, गर्मी,बरसात में बड़ी ही कठिनाइयो से अपना जीवन यापन कर रहा है जिसे अपना सर छुपाने के लिए एक अदद प्रधानमंत्री आवास की सख्त जरूरत हैं।

इस बारे में खण्ड विकास अधिकारी सेमरियावां

आर.के. चतुर्वेदी ने बताया कि 2012 की आर्थिक जनगणना सूची में अवधराज के परिवार का नाम दर्ज नहीं था जबकि आवास प्लस योजना में इन्होंने ऑनलाइन आवेदन किया हैं और इधर नये आवास ऐप प्लस साफ्टवेयर के तहत परिवार का फोटो खीचा गया हैं जैसे ही ऐप के माध्यम से जवाब आयेगा उन्हें आवास उपलब्ध कराया दिया जायेगा।