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सन्त कबीर नगर - वायु शोधन के लिए हवन करना जरूरी - आचार्य रजनी कान्त त्रिपाठी_रिपोर्ट --इंद्रमणि त्रिपाठी

पौली- सन्त कबीर नगर।विकास खण्ड पौली स्थित सेंट्रल बैंक के सामने आयोजित नव दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा...

सन्त कबीर नगर - वायु शोधन के लिए हवन करना जरूरी - आचार्य रजनी कान्त त्रिपाठी_रिपोर्ट --इंद्रमणि त्रिपाठी
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पौली- सन्त कबीर नगर।विकास खण्ड पौली स्थित सेंट्रल बैंक के सामने आयोजित नव दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का मंगलवार को हवन-पूजन के साथ सम्पन हो हुआ ।

कथा समापन के अवसर पर मौजूद लोगों को यज्ञाचार्य प0 आचार्य रजनीकांत त्रिपाठी ने यज्ञ के महत्व को बताते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत कथा के माध्यम से ईश्वर का गुणानुवाद से जहाँ मानव की आत्म शुद्धि होती है । वही यज्ञ करने से सहकारिता के साथ-साथ विषाक्त वायु मण्डल का शोधन होता है। यज्ञकुंड में भस्मीभूत हुए सुगन्धित द्रव्य वातावरण में व्याप्त बहुत से संक्रामक कीटाणुओं का नाश कर देते है ।यज्ञ त्यागमय जीवन के आदर्श का प्रतीक है। इदन्न मम—(यह मेरा नहीं सम्पूर्ण समाज का है) इन भावनाओं के विकास से ही हमारा सनातन आध्यात्मिक समाजवाद जीवित रह सकता है।

यज्ञ हमारा सर्वोत्तम शिक्षक है जो अपना आदर्श अपनी क्रिया से स्वयं ही प्रकट करता रहता है ।अग्नि का स्वभाव है कि सदा उष्णता और प्रकाश धारण किये रहती है हम भी उत्साह, श्रमशीलता, स्फूर्ति, आशा एवं विवेक शीलता की गर्मी और रोशनी अपने में धारण किये रहें।

अग्नि में जो वस्तु पड़ती है उसे वह अपने समान बना लेती है, हम भी अपने निकटवर्ती लोगों को अपने समान सद्गुणी बनावें।

अग्नि की ज्योति सदा ऊपर को ही उठती है, उलटने पर भी मुंह नीचे को नहीं करती, हम भी विषम परिस्थितियां आने पर भी अधोगामी न हों । इस तरह यज्ञ मानव मात्र को अपने आदर्श व विचार को ऊंचा रखने कि शिक्षा देती है ।

इस मौके पर यजमान सपत्नी सभापति त्रिपाठी व श्रीमती सुभद्रा देवी, श्रीकान्त त्रिपाठी, बजेंद्र नाथ त्रिपाठी, महेन्द्र नाथ त्रिपाठी, अनिल तिवारी, , मुन्ना तिवारी , पुष्पा ,अंजू, नेहा, निशु, प्रीति,हरिओम सत्यम,मस्तराम तिवारी, गुड्डू उत्तम अग्रहरि, सहित तमाम लोग मौजूद रहे ।