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बदायूं- कुभं मेला ककोडा का नगर विकास मंत्री ने किया उद्वाटन_रिपोर्ट-संजीव सक्सेना

बदायूं-रुहेलखंड का सुप्रसिद्ध मिनी कुंभ मेला ककोड़ा का मुख्य अतिथि नगर विकास राज्यमंत्री महेश चंद्र...

बदायूं- कुभं मेला ककोडा का नगर विकास मंत्री ने किया उद्वाटन_रिपोर्ट-संजीव सक्सेना
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बदायूं-रुहेलखंड का सुप्रसिद्ध मिनी कुंभ मेला ककोड़ा का मुख्य अतिथि नगर विकास राज्यमंत्री महेश चंद्र गुप्ता और दर्जा राज्यमंत्री बीएल वर्मा ने मेले के मुख्य द्वार का फीता काटकर मेले का उद्घाटन किया। बैंड बाजों के साथ अतिथियों का अमला आगे बड़ा। इसके बाद स्काउट कैंप, ब्रह्मकुमारी, गायत्री परिवार के मुख्य द्वारों का फीता काटा। प्रदर्शनी में विभिन्न क्षेत्रों और कार्यस्थलों की लगी प्रदर्शनी का निरीक्षण कर और उनके सभी विभागों का फीता काटा। इसके बाद मुख्य अतिथि महेश चंद्र गुप्ता और बीएल वर्मा मुख्य गंगा तट पर पहुंचे रामप्रकाश शास्त्री ने वेदमंत्रोच्चारण कर पूजन कराया। सांस्कृतिक कला मंच पर मां सरस्वती के चित्र दीप प्रज्ज्वलन किया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों का विधिवत शुभारंभ कराया। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के बालिकाओं ने सरस्वती वंदना और स्वागीत प्रस्तुत किया।

प्रदर्शनी के विशाल मैदान में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रामपाल सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी प्रवीन शुक्ल की मौजूद रहे। शिक्षक मनोज कुमार बघेल के नेतृत्व में उच्च प्राथमिक विद्यालय असरासी और शिक्षक इदरीश व रफ्फान मियां के नेतृत्व में गौसिया बेगम पब्लिक स्कूल मिढ़ौली के बच्चों ने शानदार पीटी का प्रदर्शन किया।

दोपहर बाद मेला स्थल पर मूंछ प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। जिले के अलावा प्रदेश भर के एक से एक दिग्गजों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया।

इसके बाद बाॅडी शौ प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। इस प्रतियोगिता में भी जिले भर के आलावा और अन्य जिलों के महारथियों ने अपनी-अपनी बाॅडी का शानदान प्रदर्शन किया।

सांस्कृतिक कलामंच पर कठपुतली नृत्य का संदेशात्मक नृत्य कराया गया।

काला जादू के माध्यम से अंधविश्वास को दूर किया गया। सरकार की योजनाएं बताई। कन्या भू्रण हत्या, दहेज प्रथा, पर्यावरण संरक्षण, हरीतिमा संवर्धन आदि अंधविश्वास और रात्रि में सांस्कृतिक कार्यक्रम लोककला का आयोजन हुआ।

श्रद्धालुओं ने गंगा तट पर अपने बच्चों के मुंडन संस्कार, सत्यनारायण की कथाएं हुई। भक्तों गरीब असहाय लोगों को आटा, खिचड़ी, चावल और अन्य दान दक्षिणा दी।

ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की ओर से भव्य आध्यत्मिक चरित्र निर्माण प्रदर्शनी लगाई गई। पश्चिमी उ.प्र. की क्षेत्रीय प्रभारी राजयोगिनी सरोज दीदी ने प्रदर्शनी का उद्देश्य को बताया। केंद्र की प्रभारी बीके करुणा, बीके अरुणा ने प्रदर्शनी का अवलोकन कराया। पम्मी, चंद्रप्रकाश, रामेंद्र, मनोज, राम, दीनदयाल, मंसुखलाल, प्यारेलाल आदि मौजूद रहे।

मेला ककोड़ा में पतित पावनी मां गंगा के किनारे बसी तम्बुओं की तीर्थ नगरी पूरी तरह बस चुकी है। लेकिन इसके बाबजूद श्रद्धालुओं का रात दिन में मेले में आने का तांता लगा हुआ है। श्रद्धालु अपने निजी वाहनों से मेले में पहुंच रहे हैं। अपने डेरों और तम्बुओं को सजा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के श्रद्धालु भी बैलगाड़ियों से पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं ने हर हर गंगे, निर्मल गंगे के जयघोष के साथ पतित पावनी मां गंगा में डुबकी लगाई। सूर्य भगवान को अघ्र्यदान दिया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने दीपदान के साथ ही मां गंगे की भव्य आरती की। दीपकों की झिलमिलाती रोशनी आकर्षण का केंद्र रही। श्रद्धालुओं ने अपने-अपने तम्बुओं में गंगा किनारे खिचड़ी बनाकर खाई जाने वाली खिचड़ी की परम्परा को निभाया। श्रद्धालुओं ने गंगा तीरे कन्याओं के चरण धोए, पूजन कर गंगा किनारें खिचड़ी और जलेबी दही का भोज कराया। मनोकामना पूर्ण होने पर श्रद्धालुओं मां गंगा को साड़ियां पहनाईं। श्रद्धालुओं ने ईष्ट देवी देवताओं और बुजुर्गों का आशीष पाने को भगत भी बचबाई। श्रद्धालुओं ने लड्डू, बतासे, इलायची दाना और चियोरा का प्रसाद चढ़ाया। मातृशक्तियों और देवकन्याओं ने मां भागीरथी का दुग्धाभिषेक कर नमन वंदन किया।