Home » यू पी/उत्तराखण्ड » संतकबीरनगर-विभिन्न मांगो को लेकर राजस्व अधिकारी/कर्मियो ने आवाज को किया बुलन्द, दिया धरना_रिपोर्ट बिट्ठल दास

संतकबीरनगर-विभिन्न मांगो को लेकर राजस्व अधिकारी/कर्मियो ने आवाज को किया बुलन्द, दिया धरना_रिपोर्ट बिट्ठल दास

संतकबीरनगर। उत्तर प्रदेश राजस्व महासंघ के मांग पत्र का सदंर्भ ग्रहण करने का कष्ट करें, जिसके द्वारा...

संतकबीरनगर-विभिन्न मांगो को लेकर राजस्व अधिकारी/कर्मियो ने आवाज को किया बुलन्द, दिया धरना_रिपोर्ट बिट्ठल दास
Share Post


संतकबीरनगर। उत्तर प्रदेश राजस्व महासंघ के मांग पत्र का सदंर्भ ग्रहण करने का कष्ट करें, जिसके द्वारा राजस्व विभाग में चकबन्दी विभाग के विलय/कर्मचारियों की प्रति नियुक्ति के विरोध में प्रदेश भर के जिला मुख्यालयो में एक दिवसीय धरना/प्रदर्शन करते हुए प्रस्तावित विलय/आमेलन/कर्मचारियो की प्रति नियुक्ति के कारण ज्येष्ठना व पदोन्नति आदि के प्रभावित होने वेतन विसंगतियों को दूर किये जाने की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को इस जनपद के समस्त राजस्व प्रशासनिक अधिकारी (तहसीलदार/नायब तहसीलदार व सहायक भूलेख अधिकारी) राजस्व निरीक्षक, रजिस्ट्रार काननूगो कलेक्ट्रेट मिनिस्ट्रीरियल संर्व, लेखपाल संवर्ग, अमीन संवर्ग, संग्रह अनुसेवक संवर्ग के संवर्गीय सदस्यो की उपस्थिति में पारित प्रस्तावित के उपरान्त जिलाधिकारी के माध्यम से आपको इस आशय से प्रेषित किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश महासंघ द्वारा मांग की गई कि चकबन्दी विलय/प्रति-नियुक्ति का विरोध राजस्व परिषद के अमीन तहसीलों में विभिन्न पदों पर चकबन्दी विभाग के कार्मिको का किसी भी स्तर एवं किसी भी रूप में विलय/आमेलन/प्रतिनियुक्ति हेतु शासन द्वारा अभी तक की गयी कार्यवाही का प्रबल विरोध, आधार-शासन के राजसव विभाग द्वारा यह मान लिया गया है कि चकबन्दी विभाग निष्प्रयोज्य है तथा इस पर नाहक व्यय किया जा रहा है और विभाग भ्रष्टाचार से ग्रस्त है जब कि स्थिति यह है कि उत्तर प्रदेश 22.5 करोड़ आबादी का प्रदेश है जहाॅ छोटी-छोटी जोतें है जिनका समेकित किये बिना किसानों का भला नही सम्भव है और न ही कृषि उत्पादन बढ़ाया जा सकता हैं 1100 ग्रामो में प्रथम चक्र की चकबन्दी न होने से वर्ष 1925 के बन्दोबस्त एवं बन्दोबस्ती नक्शों से कार्य हो रहा है। जिन ग्रामों में चकबन्दी हो चुकी है। वहां भी अधिकांश ग्रामो के नक्शे जीर्ण शीर्ण एवं अपठनीय है। चकबन्दी प्रक्रिया के माध्यम से होने वाले भूमि अभिलेख आदि को बंद कर मनमाने तरीके से राजस्व विभाग के पदो पर आमेलन/प्रति-नियुक्ति का कोई औचित्य एवं आधार नही हैं वेतन उच्चीकरण राजस्व विभाग के दायित्व एवं महत्व अन्य विभागों से भिन्न एवं विशिष्ट प्रकृति के है, जन सामान्य से जुड़ी समस्त समस्याओं/आवश्यकताओं चाहे यह किसी भी विभाग से सम्बन्धित हो का समाधान राजस्व विभाग के कर्मचारी लेखपाल, संग्रहअमीन, राजस्व निरीक्षक, रजिस्ट्रार कानूनगों, नायब तहसीलदार व तहसीलदार के द्वारा कराया जाता है। सरकारी/शासन की समस्त जन कल्याणकारी एवं विकासोपरक योजनाओं का क्रियान्वयन राजस्व विभाग के कर्मचारियो के सहयोग के बगैर सम्भव नही है। राजस्व विभाग के कर्मचारियो/अधिकारियों के वेतन एवं सुविधाओ, संसाधनो के सम्बन्ध में शासन/सरकार के अन्य विभागों से पृथक रखकर विशिष्ट रूप से विचार करने की आवश्यकता है। प्रथमतः लेखपाल व संग्रह अमीन का प्रारम्भिग ग्रेड-पे 2800, राजस्व निरीक्षक व रजिस्ट्रार कानूनगो का 4200, नायब तहसीलदार का ग्रेड-पे 4800 किया जाना आवश्यक है तथा उत्तर प्रदेश मिनिस्ट्रीरियल कलेक्ट्रेट संवर्ग हेतु राजस्व परिषद की संस्तुति पत्र में कलेक्ट्रेट को विशिष्ट प्रतिष्ठा प्रदान करते हुए ग्रेड वेतन उच्चीकृत करने का शासनादेश निर्गत किया जाये, एवं संग्रह अनुसेवक सवंर्ग की वेतन विसंगतियों दूर की जाय। पदोन्नति राजस्व निरीक्षक के लगभग 1000, नायब तहसीलदार के लगभग 650, सहायक भूलेख अधिकारी के 68 पद एवं मिनिस्ट्रियल संघ के जो पद रिक्त पड़े है जबकि पात्र कर्मचारी उपलब्ध है तथा लेखपाल 35 से 40 वर्ष तक की सेवा के उपरान्त भी पदोन्नति हो पा रही है, जिससे जन समस्याओं के निस्तारण एवं शासन के महत्वपूर्ण योजनाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ना स्वाभाविक है। समस्त रिक्त पदों पर तत्काल डी0पी0सी0 कराया जाना नितान्त आवश्यक है। उक्त धरने की अध्यक्षता तहसीलदार सदर जिलाध्यक्ष शंशाक शेखर राय, मेंहदावल तहसीलदार श्रीमती प्रियंका चैधरी तथा संचालन जिलामंत्री बुद्विराम चैधरी, लेखपाल संघ के मीडिया प्रभारी इम्तियाज अहमद, के द्वारा की गयी। धरने में जितेन्द्र कुमार कन्नौजिया, नायब तहसीलदार, कलेक्ट्रेट मिनीस्ट्रियल संघ, अमीन संग्रह, रजिस्ट्रार कानूनगो संघ के समस्त तथा यदुनाथ त्रिपाठी, कर्मचार चैरसिया, अमित दूबे, राजेन्द्र प्रसाद, प्रेमलता यादव, पूजा भारती तथा सभी संगठनो के कर्मचारीगण उपस्थित रहे।