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बस्ती-मेडिकल कॉलेज में भर्ती के नाम पर खेला गया जातिवाद का खेल-राजू रंजन

बस्ती जिले में सत्ताधारियों के खेल का एक बड़ा मामला सामने आ रहा है। महर्षि वशिष्ठ मेडिकल कॉलेज में...

बस्ती-मेडिकल कॉलेज में भर्ती के नाम पर खेला गया जातिवाद का खेल-राजू रंजन
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बस्ती जिले में सत्ताधारियों के खेल का एक बड़ा मामला सामने आ रहा है। महर्षि वशिष्ठ मेडिकल कॉलेज में विभिन्न पदों के बाबत 175 रिक्तियों पर आउटसोर्सिंग से होने वाली भर्ती के लिए प्राचार्य को संबोधित एक सांसद, दो विधायक और भाजपा के एक जिलाध्यक्ष के लेटरपैड जारी किए गए हैं, जो सोशल मीडिया पर से वायरल हो रहे हैं। वहीं प्राचार्य डॉ. नवनीत कुमार ने ऐसे किसी भी लेटरपैड के मिलने से इनकार किया है।

मेडिकल कॉलेज बस्ती में फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन, कनिष्ठ सहायक, एक्सरे टेक्नीशियन, स्टाफ नर्स, स्टोर कीपर सहित विभिन्न पदों के लिए 175 रिक्तियों पर आउटसोर्सिंग के जरिए भर्ती होनी है। शासन ने इसके लिए ए-स्क्वायर जीत सिक्योरिटी एण्ड एचआर सर्विसेज, हर्ष इंटरप्राइजेज, लायलटेज मैनेजमेंट सर्विसेज प्रा.लि. और बाजपेई ट्रेडर्स को जिम्मेदारी सौंपी है।

मामला सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद विपक्षी अब पूरे मामले पर तंज कसते नजर आ रहे हैं।

ISO प्रमाणित गैर सरकारी संगठन के अध्यक्ष राजू रंजन यादव ने पूरे मामले पर तंज कसते हुए कहा कि यूपी की योगी सरकार में जातिवाद का ज़हर अब नौकरियों में बोया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मेडिकल कालेज में होने वाले संविदाकर्मियों के भर्ती में माननीयों के पत्र में लिखे चहेतों के नाम देखने पर ये बात साफ तौर पर सिद्ध हो रही कि जातिवाद कितनी पराकाष्ठा पर है। उन्होंने पिछली सपा सरकार का बचाव करते हुए कहा कि सपा सरकार में एक जाति विशेष का मुख्यमंत्री होने पर पूरे जाति को हर एक मुद्दों पर विरोध करने वाले भाजपाई आज बेनकाब हुए है। उन्होंने कहा कि पुलिस भर्ती प्रक्रिया होने से पहले इन भाजपाइयों को पता हो जाता था कि किस जिले में कितने यादव भर्ती हो गए,जिस सरकार में 20 में से 13 एक वर्ग के मंत्री होने पर भी सपा को जातिवादी सरकार कहा जाता था वहीं आज गोरखपुर यूनिवर्सिटी हो या इलाहाबाद अधिवक्ताओं की नियुक्ति या फिर बस्ती मेडिकल भर्ती सब जगह एक वर्ग विशेष की नियुक्ति हो रही है, यहाँ तक कि विधायको द्वारा घर से लिस्ट बनाया जा रहा है, अब कोई जातिवाद की बात नही करता।आज राजनीति मात्र जाति धर्म के आधार पर द्वेष से काम किया जा रहा है।हर जगह हत्या, डकैती लूट, बालात्कार कानून व्यस्था ध्वंश हो चुका है। पर कोई जंगलराज गुंडाराज नही कहता।