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सुलतानपुर-हमारा जनपद पूर्व से ही विकसित है आवश्यकता है कि इसके विकास में और अधिक गति देने की-मंत्री जय प्रताप सिंह_रिपोर्ट:-अज़हर अब्बास

सुलतानपुर---मंत्री आबकारी एवं मद्य निषेध विभाग, उ0प्र0/जनपद प्रभारी मंत्री जय प्रताप सिंह ने कहा कि...

सुलतानपुर-हमारा जनपद पूर्व से ही विकसित है आवश्यकता है कि इसके विकास में और अधिक गति देने की-मंत्री जय प्रताप सिंह_रिपोर्ट:-अज़हर अब्बास
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सुलतानपुर---मंत्री आबकारी एवं मद्य निषेध विभाग, उ0प्र0/जनपद प्रभारी मंत्री जय प्रताप सिंह ने कहा कि हमारा जनपद पूर्व से ही विकसित हैआवश्यकता है कि इसके विकास में और अधिक गति देने की|जनपद प्रभारी मंत्री आज यहां कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में मा0 मुख्यमंत्री जी द्वारा निर्धारित प्राथमिकता के 71 बिन्दुओं उज्जवला योजना, आयुष्मान भारत, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, राजस्व विभाग के प्रकरणों के निस्तारण, राष्ट्रीय खाद सुरक्षा योजना, 50 लाख से अधिक के निर्माण कार्य, विभिन्न माध्यमों से जन शिकायतों का निराकरण, स्वास्थ्य एवं शिक्षा व्यवस्था आदि की समीक्षा कर रह थे। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वह जनप्रतिनिधियों एवं उच्चाधिकारियों से समन्वय स्थापित करते हुए कार्य योजना को मूर्तरूप दें। उद्घाटन/शिलान्यास अथवा अन्य कोई सार्वजनिक जनहित के कार्य जिलाधिकारी की अनुमति के बिना किसी भी दशा में किसी के भी निर्देश पर कदापि न करें। अन्यथा की स्थिति में सम्बन्धित के खिलाफ कठोर कार्यवाही अमल में लायी जायेगी। मंत्री जी ने अधिकारियों से शासन की मंशा के अनुरूप विकास कार्यक्रमों को गुणवत्ता के साथ समयानुसार क्रियान्वयन किये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि अधिकारी गांव में जाकर वस्तुस्थिति से अवगत होते हुए आवास विहीनों को आवास, शौंचालय विहीनों को शौंचालय तथा अन्य लाभार्थी परक योजनाओं का लाभ पात्रों को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें, जिससे कि हमारा जनपद विकास के क्षेत्र में और अधिक गति से आगे बढ़े।

बैठक में कर करेत्तर के अन्तर्गत वाणिज्यकर, स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन, आबकारी, परिवहन, विद्युत देय, नगर निकाय, बाट माप, वन, खनन, मण्डी, मुख्य देय एवं विविध देय आदि बिन्दुओं की गहन समीक्षा की गयी। वाणिज्यकर की समीक्षा के दौरान मंत्री जी ने वैट वसूली की विस्तार से जानकारी ली तथा पंजीकरण बढ़ाये जाने के निर्देश सम्बन्धित अधिकारियों को दिये। आबकारी एवं परिवहन विभाग की वसूली संतोष जनक न पाये जाने पर प्रवर्तन कार्य को तेज किये जाने के निर्देश दिये। विद्युत देय की समीक्षा में 84 हजार बकायेदारों पर प्रभावी कार्यवाही किये जाने के निर्देश दिये। भू-माफिया सम्बन्धी बिन्दु पर जिलाधिकारी सी0 इन्दुमती ने जनपद प्रभारी मंत्री जी को बताया कि तहसीलवार कुल 22 शिकायतें जमीन के कब्जे की प्राप्त हुई थी, जिन पर प्रभावी कार्यवाही करते हुए शत-प्रतिशत कब्जा मुक्त करा दिया गया। इसी प्रकार विभिन्न माध्यमों लोकवाणी, जनता दर्शन, समाधान दिवस, आईजीआरएस से प्राप्त शिकायतों का समयान्तर्गत निराकरण कराये जाने की जानकारी भी दी। दैवीय अपदाओं में प्रभावित हुए 489 लोगों अथवा उनके परिजनों को मुवायजा उपलब्ध कराने की जानकारी दी गयी।

चिकित्सा विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने सृजित पद के सापेक्ष चिकित्सकों की कमी बताई वहीं दवाओं की उपलब्धता प्रर्याप्त मात्रा में बताया। 102 की 39 एम्बुलेन्स, 108 की 33 एम्बुलेन्स तथा एएलआई की 04 एम्बुलेन्स की जानकारी दी। करौंदीकला में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन के पूर्णरूप से तैयार हो जाने के बावजूद अभी तक स्वास्थ्य केन्द्र संचालित न होने की जानकारी पर मंत्री जी ने नाराजगी प्रकट की तथा शीघ्र संचालन के निर्देश दिये। उन्होंने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को और बेहतर ढंग से संचालित किये जाने के निर्देश सीएमओ को दिये। बैठक में राष्ट्रीय ग्रामीण अजीविका मिशन के अन्तर्गत 10 हजार महिला स्वयं समूहों के गठन की जानकारी दी गयी। इसी प्रकार मनरेगा के अन्तर्गत दिसम्बर तक एक हजार तालाबों का जीर्णोद्धार किये जाने की जानकारी, राष्ट्रीय खाद सुरक्षा योजना के अन्तर्गत 96 प्रतिशत आधार सीडिंग का कार्य पूर्ण किये जाने के साथ में बायोमैट्रिक डिस्ट्रीब्यूशन की जानकारी, यूनीफार्म, बैग, जूता-मोजा के वितरण की जानकारी, स्कूलों को कायाकल्प किये जाने की जानकारी, उर्वरकों एवं बीज की उपलब्धता की जानकारी, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की जानकारी, अवैध खनन के विरूद्ध कार्यवाही किये जाने की जानकारी, पारदर्शी किसान रजिस्ट्रेशन की जानकारी, प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री आवास योजना की जानकारी, राष्ट्रीय ग्राम स्वराज योजना की जानकारी, पेंशन आदि की जानकारी जनपद प्रभारी मंत्री को दी गयी। कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुए जनपद प्रभारी मंत्री जय प्रताप सिंह ने पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि अपराध अधिकतर भूमि विवाद के कारण बढ़ते हैं। इनकी रोकथाम के लिये अधिकारी भूमि से सम्बन्धित छोटे से छोटे प्रकरणों को नजर अंदाज न करें, उनकों गम्भीरता से लेते हुए पुलिस व राजस्व के अधिकारी मौके पर जाकर ऐसे प्रकरणों का तत्काल समाधान करें। उन्होंने बालिका सुरक्षा एवं महिला सुरक्षा हेतु प्रभावी कार्यवाही किये जाने, स्थानान्तरण नीति के तहत जनपद में एक ही स्थान पर काफी समय से जमे लेखापालों को स्थान परिवर्तन किये जाने के भी निर्देश दिये।

बैठक में जिलाधिकारी सी0 इन्दुमती ने मंत्री जी को आश्वास्त करते हुए कहा कि उनके आदेशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराया जायेगा, जो भी कमियां एगिंत की गयी हैं उन्हें यथाशीघ्र दूर किया जायेगा।