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चित्रकूट- 48 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ अभी भी है खाली ,बबुली कोल ने पुलिस को दी सीधी चुनौती_रिपोर्ट-बसंत द्विवेदी

सबसे बड़ा प्रश्न- अपराधी और डकैतों के मामले आते ही क्यों मौन धारण कर लेती जिले की सियासत...

चित्रकूट- 48 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ अभी भी है खाली ,बबुली कोल ने पुलिस को दी सीधी चुनौती_रिपोर्ट-बसंत द्विवेदी
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सबसे बड़ा प्रश्न- अपराधी और डकैतों के मामले आते ही क्यों मौन धारण कर लेती जिले की सियासत ?

मानिकपुर के निही पंचायत की वारदात, उप्र पुलिस ने पाठा के बीहड़ो में बढ़ाई चौकसी

चित्रकूट । बुन्देलखण्ड का मिनी चम्बल कहा जाने वाला चित्रकूट का बीहड़ एक बार फिर धधक उठा है । पिछले एक वर्ष से शांत इस बीहड़ में अपहरण की घटना ने इसे फिर से जीवंत कर दिया है। मानिकपुर थानाक्षेत्र के निहि ग्राम पंचायत अंतर्गत सटे दस्यु प्रभावित इलाके मजरा बरहा से एक किसान के अपहरण का सनसनीखेज मामला सामने आया है। डकैत गिरोह ने गुरुवार की रात करीब नौ बजे किसान का अपहरण कर लिया। डकैतों ने बाहर से घर की कुंडी बंदकर पत्नी को अंदर कैद कर दिया। रातभर पत्नी इंतजार करती रहे। सुबह घटना की जानकारी मिलने पर एसओ मानिकपुर मौके पर पहुंचे। पुलिस ने कई संभावित ठिकानों पर दबिश भी दी। शुरुआत में पुलिस ने मामले पर पूरी तरह चुप्पी साधे रखी लेकिन इसके बाद जैसे ही 38 घण्टे बाद परिवार ने डकैत बबुली कोल और लवलेश के खिलाफ अपहरण की तहरीर दी ,इसके बाद पुलिस ने गहन जांच शुरू की

। जानकारी के अनुसार , बरहा कोलान मजरा निवासी बृजभूषण पाण्डेय पत्नी के साथ घर मे रहते थे । उक्त किसान रात 9 बजे घर में भट्ठी जलाकर खोवा तैयार कर रहा था। उसी दौरान दस्यु गिरोह उसके घर पहुंचा। गिरोह के दो असलहाधारी सदस्य घर के भीतर पहुंचे और किसान को अपने साथ लेकर चले गए। डकैतों ने किसान का फोन भी उसी समय ले लिया। जाते समय घर के दरवाजे की कुंडी बाहर से डकैतों ने बंद कर दिया ताकि परिवार का सदस्य बाहर निकलकर किसी को सूचना न दे सके। घर वाले रातभर किसान के आने की राह देखते रहे पर वह सुबह तक वापस घर नहीं आया। अपहरण को लेकर पाठा समेत मानिकपुर कस्बे में दिनभर तरह-तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म है ।