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संतकबीरनगर- हक को पहचानो और हक अदा करने की कोशिश करोः मुफ्ती मुजाहिदुद्दीन_रिपोर्ट-मु0 परवेज़ अख्तर

लोहरौली संतकबीरनगर। अल्लाह ने इंसान को महज इबादत के लिये पैदा किया है। हक को पहचानो और हक अदा...

संतकबीरनगर- हक को पहचानो और हक अदा करने की कोशिश करोः मुफ्ती मुजाहिदुद्दीन_रिपोर्ट-मु0 परवेज़ अख्तर
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लोहरौली संतकबीरनगर। अल्लाह ने इंसान को महज इबादत के लिये पैदा किया है। हक को पहचानो और हक अदा करने की कोशिश करो।

उक्त बातें मुफ्ती मुजाहिदुद्दीन ने दुधारा स्थित अपने आवास पर एक भेंट में कहीं।

उन्होंने कहा कि कामयाबी के लिये इल्म ही नहीं तरबियत भी जरूरी है। उलेमा की सोहबत अख्तियार करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि अल्लाह पाक ने पैगम्बर भेजे तो उनके साथ किताबें भी नाजिल कीं। कुरान पाक हमारे आखिरी पैगम्बर हजरत मुहम्मद(सल्ल.) पर नाजिल हुई। कुरान क्यामत तक के लिये मुकम्मल दस्तूरे हयात है। कुरान की तालीमात को आम किया जाये और कुरानी अहकामात पर अमल भी करना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि मर्ज रूहानी और जिस्मानी होते हैं। रूहानी अमराज का इलाज और तश्खीस उलेमा करते हैं। कीना, हसद, बुग्ज, हुब्बे माल और हुब्बे जाह रूहानी अमराज हैं।

उन्होंने कहा कि रमजान का मुकद्दस महीना चल रहा है सिर्फ भूखे रहने का नाम ही रोजा नहीं है बल्कि अल्लाह ने जिन चीजों से बचने का हुक्म दिया है उनसे रूकें। अस्तगफार की कसरत करें। दुनियावी तथा लायानी बातों से खुद की हिफाजत करें। रहमत व मगफिरत का अशरा खत्म हो चुका है आखिरी अशरा जहन्नम से आजादी का है। इस आखिरी अशरे में एक रात लैलतुल कद्र की है इसका एहतेमाम करें।