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देवरिया- तेल पाइपलाइन परियोजना के विरोध में लामबंद हुए किसान,कार्य बाधित_रिपोर्ट-अरविंद वर्मा

उत्तर प्रदेश के देवरिया जनपद के किसान इस समय तेल पाइप लाइन परियोजना के विरोध में ग्रामीण फिर लामबंद...

👤 Ajay26 May 2019 1:16 PM GMT
देवरिया- तेल पाइपलाइन परियोजना के विरोध में लामबंद हुए किसान,कार्य बाधित_रिपोर्ट-अरविंद वर्मा
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उत्तर प्रदेश के देवरिया जनपद के किसान इस समय तेल पाइप लाइन परियोजना के विरोध में ग्रामीण फिर लामबंद हो गए हैं । शहर से सटे घटैलागाजी गांव के किसानों ने परियोजना का विरोध करते हुए काम बाधित कर दिया । वह 2018 के सर्किल रेट से मुआवजे की मांग कर रहे थे। मौके पर पहुंचे एएसडीएम शशिभूषण ने वार्ता की । नियमों का हवाला देते हुए किसानों को समझाने का काफी प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बनी तो डीएम खुद गांव में चौपाल लगाकर ग्रामीणों की शिकायत सुनी और इसका समाधान कराया । बिहार के सिवान से बैतालपुर तक इंडियन ऑयल तेल पाइप लाइन बिछा रहा है । वर्ष 2013 में स्वीकृत हुई यह परियोजना काफी विवादित रही । किसानों के बार-बार विरोध के चलते काम की गति सुस्त रही है । बताया जाता है कि छह साल के लंबे समय बाद अब शहर के पास परियोजना के तहत पाइप लाइन बिछाई जा रही है । काम शुरू होते ही घटैलागाजी के किसानों ने विरोध शुरू कर दिया । किसानों का कहना था कि पाइप लाइन के लिए ली जा रही जमीन के बदले उन्हें वर्ष 2013 के सर्किल रेट के अनुसार मुआवजा दिया जा रहा है, जबकि अधिग्रहण अब हो रहा है । ऐसे में वह नए सर्किल रेट से ही मुआवजा लेेंगे। सूचना पर एएसडीएम शशिभूषण फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे । किसानों से वार्ता की नियमों का हवाला देते हुए बताया कि पाइप लाइन के लिए अधिग्रहण अन्य अधिग्रहण से अलग है । इसमें जमीन का पूरी तरह अधिग्रहण नहीं किया जाना है । भूमि का स्वामित्व किसान का रहेगा, बस उसके जमीन के नीचे से पाइप ले जाई जाएगी । किसानों का कहना था कि जहां से पाइप जाएगी, उसके ऊपर वह कोई निर्माण नहीं करा पाएंगे और न ही कोई अन्य काम कर पाएंगे । फिर वह भूमि उनके किस काम की । यह शहर से सटी व्यावसायिक उपयोग की भूमि है । इसका वर्तमान सर्किल रेट से मुआवजा ही चाहिए । घंटे भर तक चली वार्ता विफल रही। जहा आज मौके पर जिलाधिकारी पहुँचे और ग्रामीणों की समस्या को सुना और उसका समाधान करा दिया ! इस बाबत किसान नेता का कहना था कि यह पाईप लाइन जा रही बरौनी से बैतालपुर तक उसको लेकर 9 गाँवो के लोग विरोध कर रहे थे उनका कहना था कि उन्हें उनके जमीन का उचित मुवावजा मिलना चाहिए ! काफी प्रयास के बाद उन्हें मुवावजे का तीन गुना रकम मिल रहा है जिससे वह अब काफी हद तक राहत महसूस कर रहे है ! वही जिलाधिकारी का कहना था कि इंडियन आयल का पाइप लाइन का काम चल रहा है जिसे किसानो को समझा बुझा दिया गया है साथ ही 9 गाँवो में कुछ विकास कार्य रुके हुए है जिन्हे जल्द कराया जायेगा !