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बलिया:- सन 1857 के शहीद मंगल पांडेय के गांव मनाया गया मंगल क्रान्ति दिवस_मुकेश मिश्र की रिपोर्ट

बलिया:- 1857 के प्रथम शहीद मंगल पांडे के पैतृक गांव नगवा स्थित राजकीय महिला महाविद्यालय में आज...

👤 Ajay2017-03-29 17:20:22.0
बलिया:- सन 1857 के शहीद मंगल पांडेय के गांव मनाया गया मंगल क्रान्ति दिवस_मुकेश मिश्र की रिपोर्ट
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बलिया:- 1857 के प्रथम शहीद मंगल पांडे के पैतृक गांव नगवा स्थित राजकीय महिला महाविद्यालय में आज मंगल क्रांति दिवस समारोह का आयोजन ज्ञात हो कि आज ही के दिन मंगल पांडे ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ बगावत का बिगुल फूंक कर कई अंग्रेज अफसरों को मौत के घाट उतार दिया था इसके बाद काफी संघर्ष के बाद मंगल पांडे को गिरफ्तार कर लिया गया उन पर मुकदमा चला फिर उन्हें 8 अप्रैल 1857 को फांसी दे दी गई उन्हि की स्मृति में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जन नायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफ़ेसर जोगिंदर सिंह होंगे तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉक्टर जनार्दन राय करेंगे । उक्त कार्यक्रम में सम्मिलित होकर जंगे आजादी के प्रथम शहीद मंगल पांडे को श्रद्धा सुमन अर्पित करें धन्यवाद उर्वरा भूमि ने शस्त्र नायक से लेकर जननायक को जन्म दिया। जब जब हिंदुस्तान की भूमि पर बदलाव एवं क्रांति की आवश्यकता महसूस हुई तो बलिया की पवित्र माटी ने नायक के रूप में उन सपूतों को भेजा। जो अपने-अपने क्षेत्रों में बलिया का नेतृत्व किए। ऐसे मैं ही बलिया के पवित्र माटी ने शास्त्र नायक के रुप में 30 मार्च 1857 को क्रांति की बिगुल फूंकने वाले अमर शहीद मंगल पांडेय रहे। इस बात की जानकारी उपस्थित जनसमूह के बीच जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर योगेंद्र सिंह ने बतौर मुख्य अतिथि के रुप में उपस्थित जनसमूह के बीच कहीं। उन्होंने आगे कहा की व्यवस्था एवं गुलामी के विरुद्ध आवाज उठाना क्रांतिकारियों एवं जन नायकों का काम है। इस परिपेक्ष में शिक्षा क्षेत्र में वह जो बलिया निवासी पंडित हजारी प्रसाद द्विवेदी ने शासन व्यवस्था के विरुद्ध,जय प्रकाश नारायण लोक नायक बन गए। आम जनमानस को गैर कांग्रेसी विचारधारा की तरफ मोड़ ना हुआ तो चंद्रशेखर महानायक की भूमिका में अवतरित हुए भारत की आजादी की प्रथम न्यू 1857 में ही रखी गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉक्टर जनार्दन राय ने कहा मंगल शब्द ही अपने आप में सेवा का भाव लिए हुए हैं। वीरों के पदचिन्हों पर चलकर ही हम उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित कर सकते हैं। कार्यक्रम में डॉक्टर गणेश पाठक प्रचार्य ने कुलपति की तरफ इशारा करते हुए कहा कि इस महाविद्यालय में मंगल पांडेय शोध पीठ की स्थापना की जाए ताकि मंगल पाण्डेय के ऊपर लिखे गए अनछुए तथ्य उजागर हो सके। कार्यक्रम के अंत में प्रधान प्रतिनिधि विमल पाठक ने समस्त उपस्थित आगंतुकों का अभिनंदन किया। एवं कार्यक्रम के संचालन रणजीत सिंह ने किया। कार्यक्रम के अंत में मंगल पांडेय महिला महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर चंदन साहू ने धन्यवाद अर्पित किया।