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संतकबीरनगर:- सूख गये ताल-तलैया ,कहाँ जाये पशु -पक्षी _क्षेत्र के अधिकतर सीवान में स्थित तालाबों में नहीं है पानी_मो.अदनान की पड़ताल

संतकबीरनगर:- गर्मी का मौसम शुरू हो चुका है ।राहगीरों समेत पशु-पक्षियों के होंठ गर्मी शुरू होते ही...

👤 Ajay2017-03-23 11:19:19.0
संतकबीरनगर:-  सूख गये ताल-तलैया ,कहाँ जाये पशु -पक्षी _क्षेत्र के अधिकतर सीवान में स्थित तालाबों में नहीं है पानी_मो.अदनान की पड़ताल
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संतकबीरनगर:- गर्मी का मौसम शुरू हो चुका है ।राहगीरों समेत पशु-पक्षियों के होंठ गर्मी शुरू होते ही सूखने लगे हैं । फिलहाल प्यास बुझाने में सबसे अधिक दिक्कत पशु-पक्षियों को हो रही है ।
विकासखंड सेमरियावां के अंतर्गत अधिकतर ग्राम पंचायतों के सीवानों में मनरेगा द्वारा खुदाई कर पशु-पक्षियों के लिये बने तालाब लगभग सूख गये हैं । जिससे पशु-पक्षियों को एक-एक बूंद पानी के लिये तरसना पड़ रहा है । गांव के सीवान के तालाबों में पानी न होने कारण कभी-कभी नीलगाय , वनसूअर जैसे खतरनाक जानवर भटक कर रिहायशी जगहों पर पानी की तलाश में आ जाते हैं ।जिससे आमजन को किसी खतरे के होने का एहसास होने लगता है ।
अभी से क्षेत्र के सीवानों में पानी की तलाश में पशु-पक्षियों को भटकते हुये देखा जा सकता है ।पूर्व में मनरेगा के अंतर्गत पूरे ब्लाक में खुदाई किये गये दर्जनों की संख्या में तालाब में एक बूँद भी पानी नहीं होने से पशु-पक्षियों को भटकने के साथ ही सरकार की मंशा को भी पलीता लगता दिखाई दे रहा ।तो वहीं मनरेगा के अंतर्गत करोड़ों रूपया खर्च होने के बाद भी गर्मी शुरू होते ही स्थिति में कोई बदलाव होता नहीं दिखाई दे रहा है ।
फिलहाल अब मनरेगा विभाग एवं प्रशासन इस स्थिति से निपटने का क्या प्रयत्न करता है यह एक गंभीर सवाल है ।जिसपर उच्चाधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों को ध्यान देना होगा । क्योंकि अगर क्षेत्र के सीवानों के ताल-पोखरे में अगर ऐसी ही सूखे की स्थिति रही है तो वहां रहने वाले जानवर पानी के लिये रिहाईशी इलाकों का रूख करेंगे ।और ऐसा होने से आमजन के भीतर असुरक्षा की भावना भी घर कर जायेगी ।