Home » यू पी/उत्तराखण्ड » मथुरा:- प्रशासन के दर्द से बेखबर पुलिस _धनीराम खण्डेलवाल की रिपोर्ट

मथुरा:- प्रशासन के दर्द से बेखबर पुलिस _धनीराम खण्डेलवाल की रिपोर्ट

मथुरा से दो परिवारो के बच्चे हुए गायव है जिनमे एक तो कानून के रखवाले और दूसरा न्याय करने वाले के...

👤 Ajay2017-03-22 10:52:09.0
मथुरा:- प्रशासन के दर्द से बेखबर पुलिस _धनीराम खण्डेलवाल की रिपोर्ट
Share Post


मथुरा से दो परिवारो के बच्चे हुए गायव है जिनमे एक तो कानून के रखवाले और दूसरा न्याय करने वाले के है जिनका अभी तक पुलिस ने कोई भी सुराग नहीं लगा पाई है जिसके चलते माता पिता के साथ साथ दो परिवारो में लोगो का रो रो कर हुआ बुरा हाल है ।
ये मामला है थाना सदर का जहा जवाहर बाग़ कॉलोनी का जिसमे रहते है धर्मेश मिश्रा जी जो कि सिविल कोर्ट मथुरा में कार्यरत है इनके दो लड़के है जो की बड़ा लड़का सतेंद्र 11 वीं क्लास में कान्हा माखन स्कूल में पड़ता है ।सतेंद्र की दोस्ती लोकेश पुत्र ललित मोहन पांडेय पुलिस लाइन मथुरा से है जो कि लोकेश भी 11 वीं का उसी स्कूल का छात्र है।सतेंद्र और लोकेश आपस में मित्र है और दोनों का एक दूसरे के घर आना जाना है और बताया जाता है कि इन दोनों का एग्जाम हुए है ।दोनों ही बच्चों का अचानक से गायव हो जाना किसी भी अनहोनी की शंका दर्शाता है या कोई और कारन है ।जबकि सतेंद्र की माँ का कहना है कि शाम को पुलिस लाइन में एक लड़का रहता है जो की सतेंद्र के पास आया था और हमारे लड़के को अपने साथ ले गया था और कह कर गया था कि कॉलेज की फ़ाइल लेने की कह कर ले गया है और हमने देर रात तक इंतजार किया मगर अभी कई दिन होने के बाद भी कोई जानकारी नही मिली है और ना ही मोबाइल चालु है ।हम तो इतना जानते है कि लोकेश हमारे लड़के को ले गया है जबकि सतेंद्र के पिताजी का कहना है कि में सिविल कोर्ट में नोकरी करता हु और मेरे को इसी बात का दुःख है की मै सरकारी आदमी होकर मुझे अभी तक कोई जानकारी नही मिल पा रही है वही सरकार और पुलिस मंत्रियो की भैंस को 1 दिन में ढूंढ देती है और हमारे बच्चों का कई दिन होने के बाद भी कोई पता नही लग पाया है ।वही जब लोकेश के पिता ने जानकारी दी तो पांडेय जी ने बताया की में कप्तान के ऑफिस में नोकरी करता हु और मेरा बेटा भी कान्हा माखन में पड़ता है जबकि सतेंद्र की माँ के कहने के अनुशार लोकेश सतेंद्र के घर आया था जबकि लोकेश के पिताजी के अनुशार सतेंद्र लोकेश को लेकर गया है और हमने सभी जगह तलाश कर ली है मगर कोई सुचना नही मिल पा रही है जबकि पुलिस के सवाल पर ललित मोहन का कहना है की पुलिस और अधिकारी पूरा सप्पोर्ट कर रहे है और हर जगह सुचना करदी गई है ।

अब सवाल ये उठता है कानून के रखवाले ही अपनी मदद नही करपा रहे है तो आम जनता क्या उम्मीद कर सकते है ।इन परिवारो को पुलिस कब तक राहत देती है ये समय बताएगा।