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बुलंदशहर:- यूपी पुलिस का शर्मशार कर देने वाला चेहरा एक बार फिर उजागर_इकबाल सैफी की रिपोर्ट

बुलंदशहर - यूपी पुलिस का यूँ तो कई बार चेहरा शर्मशार हुआ है, मगर हाल ही में चुनाव से ठीक पहले तो...

👤 Ajay2017-03-21 16:49:25.0
बुलंदशहर:- यूपी पुलिस का शर्मशार कर देने वाला चेहरा एक बार फिर उजागर_इकबाल सैफी की रिपोर्ट
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बुलंदशहर - यूपी पुलिस का यूँ तो कई बार चेहरा शर्मशार हुआ है, मगर हाल ही में चुनाव से ठीक पहले तो घटनाये महिलाओं के साथ तेजी से बढ़ी तो खाकी की मुस्तेदी पर सवाल खड़े होने लगे,चुनाव के वक्त लॉयन ऑडर और महिलायों के साथ होने वाला अपराध मुद्दे बने मगर यूपी पुलिस है की सुधरने का नाम नहीं लेती, ताजा मामला बुलंदशहर का है जहाँ एक परिवार इंसाफ की गुहार लगा रहा है, एक बहन की अस्मत बचाने में भाई ने कटवायी उंगलिया, इतना ही नहीं परिवार को पीटा गया और घर को आँग के हवाले कर दिया, पुलिस आई तो पीड़ित पिता को हवालात में डाल दिया, भाई और बहन जिला अस्पताल में भर्ती है, जहाँ उनका इलाज चल रहा है, पुलिस पूरे मामले को उलझा रही है पढिये ये रिपोर्ट-----

क्या जातिबाद आज भी हावी है, क्या किसी छोटी जाती वाले को जीने का अधिकार नहीं,ये मामला है उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर का, बुलंदशहर पुलिस पर ये आरोप है की जहाँगीराबाद कोतवाली के कटियावली गॉव में स्वर्ण जाती के लड़को ने बाल्मीकि समाज के लड़की को 14 तारिक की शाम को बलात्कार की नियत से उस वक्त दबोच लिया, जब वह घेर पर चारा डालने गई थी, पीड़िता का आरोप है की लड़को ने उसके कपडे उतार दिए और उसके साथ जबरदस्ती करने लगे, चीख पुकार सुन पास से गुजर रहा उसका भाई पहुँच गया तो दबंग युवको ने उसके भाई को जमकर पीटा। यहाँ तक की उसकी उंगलिया काट दी, दबंग यही नहीं रुके पुरे परिवार को पीटा और घर भी आग के हवाले कर दिया, जब पीड़ित के पिता ने पुलिस को 100 नंबर पर फ़ोन किया तो उल्टा पुलिस ने पीड़ित के पिता को हवालात में डाल दिय।
पुलिस का पुरे मामले में कहना घटना के बिलकुल उलट है पुलिस की माने तो गॉव के ही दुसरे बाल्मीकि परिवार से इस परिवार का झगड़ा हुआ था और दोनों में पथराव हुआ जो स्वर्ण जाति के कुछ लोगो को भी पत्थर जा लगा जिसकी वजह से झगड़ा बढ़ा, हालांकि पुलिस ने दोनों पक्षो का मुकदमा दर्ज किया है और मामले की जाँच में लगी है।
गॉव में बाल्मीकियों के चंद घर है मगर सभी घरो में ताला है, गॉव में बताते है की ये सभी लोग रोजगार करने के लिए दिल्ली रहते है, पीड़ित परिवार का आरोप है की गॉव में अकेला होने की वजह से उनको ये सब झेलना पढ़ रहा है, पुलिस की कार्रवाही कितनी सही होगी ये तो वक्त ही बताएगा, अगर बाकई अगर ये घटना सत्य है तो एक ऐसे वक्त में जब हम कन्धे से कन्धा मिलाकर चलने की बात करते है, तो इस वक्त में ये घटना समाज के लिए किसी कोड से कम नहीं।