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हापुड़:- रोडवेज बसों में यात्रियों की आग से सुरक्षा राम भरोसे-बसों से गायब फर्स्ट एड बॉक्स ,अग्निशमन यंत्र भी गायब-घायल यात्रियों को नहीं मिलता प्राथमिक उपचार-यात्रियों को सुविधा देने के विभाग के �

हापुड़-उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग की बसों में यात्रियों को सुरक्षित यात्रा मुहैया कराने एवं बसों के...

👤 Ajay2017-03-20 15:49:37.0
हापुड़:- रोडवेज बसों में यात्रियों की आग से सुरक्षा राम भरोसे-बसों से गायब फर्स्ट एड बॉक्स  ,अग्निशमन यंत्र भी गायब-घायल यात्रियों को नहीं मिलता प्राथमिक उपचार-यात्रियों को सुविधा देने के विभाग के �
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हापुड़-उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग की बसों में यात्रियों को सुरक्षित यात्रा मुहैया कराने एवं बसों के बेहतर संचालन के करने के अधिकारियों के दावे खोखले साबित हो गये है। क्योंकि रोडवेज बसों की वर्तमान दशा पर प्रकाश डाला जाये तो अधिकांश बसों से फस्र्ट एन्ड बाक्स गायब हो चुके है। जिस कारण यात्रा के दौरान दुघर्टना होने पर घायल को प्राथमिक चिकित्सा मुहैया कराने के लिए उसे नर्सिंग होम में भर्ती कराना पड़ता है। आग से बचाव को बसों में लगाये गये अग्निशमन यंत्र भी गायब हो चुके है।
आपको बता दें कि गाजियाबाद रीजन में सभी छह रोडवेज डिपो लोनी,साहिबाबाद,सिकन्द्राबाद,बुलन्द शहर,खुर्जा व हापुड़ डिपो से करीब 550 बसों का संचालन प्रदेश के विभिन्न शहरों एवं दूसरे प्रदेशों के शहरों में भी किया जा रहा है। जिसमें हापुड़ डिपो से लगभग 117 बसों का संचालक किया जाता है। अधिकांश बसों में वर्तमान समय में फस्र्ट एन्ड बाक्स गायब हो चुके है। ऐसी हालत में किसी समय दुघर्टना के समय यात्रियों को तत्काल चिकित्सा उपलब्ध करा पाना संभव नहीं होगा। जबकि इन बसो में यात्रियों को सुविधा देने के लिए मुख्यालय से आये दिन नये आदेश आते रहते है।
आपात कालीन स्थिति में यात्रियों की सुविधा के लिए विभाग द्वारा लगाये गये फस्र्ट एन्ड बाक्स देखने को भी नहीं मिलते है। जिन बसों में लगे रहते है उनमें रखा जाने वाला सामान गायब होता है। बस दुर्घटना के समय यात्रियों को प्राथमिक उपचार के लिए कोई सुविधा उपलब्ध कराने में चालक परिचालक लाचार दिखाई देने पर घायल को उपचार के लिए नर्सिंग होम में भर्ती कराया जाता है। कभी कभी प्राथमिक चिकित्सा मिलने में देरी होने के कारण घायल दम भी तोड़ देता है।
बताया जाता है कि जबकि मुख्यालय से प्रत्येक बस में रखे जाने वाले फस्र्ट एन्ड बाक्स के लिए धनराशि भी दी जाती है। जिसमें कॉटन का पैकेट,लाल दवाई,चोट पर लगाई जाने वाली टयूब आदि खरीदने के निर्देश दिये जाते है। लेकिन अधिकारियों व चालक परिचालकों की लापरवाही के चलते इस सुविधा के यात्री दर्शन करने को नहीं मिले है। इतना ही नहीं रोडवेज बसों में आग लगने की घटना से विभाग को होने वाली हानि को देखते हुए विभाग ने रोडवेज बसों में अग्निशमन यंत्र भी लगवाये थे। लेकिन अब बसों में लगे यंत्र भी गायब हो चुके है। जिससे बसों में यात्रियों की आग से सुरक्षा राम भरोसे चल रही है।
इस संबंध में रोडवेज के सहायक प्रबन्ध एनपी सिंह सिंह बताया कि रोडवेज बसों में फस्र्ट एन्ड बाक्स का रख रखाव करना बहुत मुश्किल है। जिस कारण यात्रियों को रोडवेज बस स्टैण्ड कार्यालय में प्राथमिक चिकित्सा प्रदान की जाती है। इसके अलावा परिचालक को दवार्ईयों का बाक्स दिया जाता है। डिपो की अधिकांश बसों में अग्निशमन यंत्र लगे हुए है। जिन बसों में नहीं लगे है,उन बसों की जानकारी की जा रही है।