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संतकबीरनगर:- युवा कवि प्रिंस की दिल को छू जाने वाली रचनाएँ-सत्यमेव जयते लाइव की रिपोर्ट

ना एक सब्द कम ना ज्यादे बोलते है !ये आईने शाहब हमेशा सच बोलते है !!क्यों पहुँचती नही मेरे लफ्जों की...

👤 Ajay19 March 2017 3:04 PM GMT
संतकबीरनगर:- युवा कवि प्रिंस की दिल को छू जाने वाली रचनाएँ-सत्यमेव जयते लाइव की रिपोर्ट
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ना एक सब्द कम ना ज्यादे बोलते है !
ये आईने शाहब हमेशा सच बोलते है !!

क्यों पहुँचती नही मेरे लफ्जों की मिठास उन तक,
मीठा वो भी बोलते है और मीठा हम भी बोलते है!!

देखिये जमाने की इन अदाओं को क्या कहें,
चमचमाते पत्थर को भी सब शीशा बोलते है!!

हम अपने दिल में बसायें हुवे रखते है उन्हें ,
जिन्हे मानते है अपना उन्हें ही अपना बोलते है!!

ये सब अगर सोचते तो कबका मर जाते हम,
लोग जाने क्या सोचते है जाने क्या बोलते है!!

भूल जाते है वक़्त के साथ उन्हें भी सब,
जिन्हें हम माँ और जिन्हें पिता बोलते है!!

ये मत पूछिये की जमाने में देखा क्या"प्रिंस" ने,
यहां लोग जो सोचते है कहाँ वही बोलते है !!



कहाँ जाऊँ किसे बतलाऊं ये मेरा दिल है!
धड़कता है महकता है ये जो मेरा दिल है!!

अए खुदा तूने कैसी अपनी ये दुनिया बनाई है,
हर कारीगरी तेरी तारीफ की ही काबिल है!!

मेरा दिल शीशे का उसका पत्थर का है,
जानता हूँ टूटेगा ही ये जो मेरा दिल है!!

जो देखा खुद को तो खुद से ही बोला मैं,
तू रह दूर तू कहाँ मोहब्बत के काबिल है!!

तू जानता है हजारों दिलों में धड़कता है वो,
ढूढ़ इनमे कहाँ बेसहारा ये तेरा दिल है!!
(प्रिंस श्रीवास्तव-कवि एवं लेखक-संतकबीरनगर)
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