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संतकबीरनगर:- हम तो डूबे ही सनम, सपा-बसपा को भी ले डूबे_एक समीक्षा_अजय श्रीवास्तव_सत्यमेव जयते लाइव

संतकबीरनगर:- गरीब लड़की को दिवास्वप्न दिखाकर उसके यौन शोषण के मामले में आरोपी चल रहे खलीलाबाद विधान...

👤 Ajay2017-03-12 11:21:11.0
संतकबीरनगर:- हम तो डूबे ही सनम,  सपा-बसपा को भी ले डूबे_एक समीक्षा_अजय श्रीवास्तव_सत्यमेव जयते लाइव
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संतकबीरनगर:- गरीब लड़की को दिवास्वप्न दिखाकर उसके यौन शोषण के मामले में आरोपी चल रहे खलीलाबाद विधान सभा के निवर्तमान विधायक व् पीस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ अयूब खुद तो चुनाव हारे ही, बेटे के राजनैतिक कैरियर को भी चौपट करने के साथ मुस्लिम मतो के सहारे रहने वाले सपा और बसपा को भी ले डूबे ! खुद के साथ बेटे की नैया डुबोने वाले डॉ अयूब ने सपा और बसपा की भी नैया दोनों विधान सभावो मेंहदावल और खलीलाबाद में डूबा डाली ! इसे ही कहते है कि हम तो डूबेंगे ही सनम तुम्हे भी ले डूबेंगे !

मुस्लिम मतो के बिखराव का ही परिणाम रहा कि केशरिया ने धनघटा,खलीलाबाद और मेंहदावल विधान सभा से अपना पताका लहराया और बड़ी जीत दर्ज की, आंकड़ो पर यदि गौर करे तो खलीलाबाद विधान सभा से चुनाव लड़े पीस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष निवर्तमान विधायक डॉ अयूब ने जहाँ बयालीस हजार स्तर मत हासिल किये तो वहीँ बसपा के मशहूर आलम चौधरी ने पचपन हजार सात सौ चौसठ और सपा उम्मीदवार जावेद खान ने अठाइस हजार एक सौ चौदह मत हासिल करते हुए अल्पसंख्यको के मतो को आपस में जमकर लूटते हुए बी जे पी प्रत्याशी जय चौबे को जीत की दहलीज तक पहुचा दिया !

कामोवेश यही स्थिति मेंहदावल विधान सभा में भी देखने को मिली जब वहां भी मुस्लिम मतो में विखराव हुआ और बी जे पी प्रत्याशी राकेश सिंह बघेल को इसके चलते बड़ी जीत नशीब हुई ! अपने बेटे इरफ़ान को मेंहदावल विधान सभा से चुनाव लड़वाकर डा अयूब ने सीधे तौर पर सपा और बसपा का सफाया कर दिया, उनके बेटे इरफ़ान ने जहाँ अल्पसंख्यक मतो में सेंधमारी करते हुए पचीस हजार चार सौ उनचास मत प्राप्त किये जिसके चलते मुस्लिम मतो के सहारे अपनी नैया को पर लगाने में जुटे सपा और बसपा दोनों को भारी नुक्सान उठाना पड़ा, मेंहदावल से सपा प्रत्याशी जयचन्द उर्फ़ जयराम पांडेय ने जहाँ सैंतीस हजार पांच सौ सत्तावन मत प्राप्त किये तो वहीँ बसपा से अनिल त्रिपाठी को कुल चौआलिस हजार बासठ मत प्राप्त हुए ! उपरोक्त दोनों विधान सभावो में तीनो दलो के मत प्रतिशत को देखकर यदि अंदाज लगाया जाय तो अन्य मतो की तुलना में अल्पसंख्यको के मतो में काफी विखराव नजर आया जिसके बजह से दोनों विधान सभावो से पीस पार्टी तो खुद तो हारी ही साथ ही साथ सपा और बसपा को हराने में भी अहम भूमिका निभाई ! इसके साथ ही साथ दोनों विधान सभावो से हैदरावादी पार्टी aimim

का भी जिक्र होना चाहिए क्योकि भले ही aimim ने खलीलाबाद में कोई ख़ास प्रभाव नही छोड़ा पर मेंहदावल विधान सभा से aimim से चुनाव लड़े पूर्व विधायक मो ताबिश खान ने अपना प्रभाव छोड़ते हुए इस समीकरण को बिगाड़ने में कोई कोर कसर नही छोड़ी ! पूर्व विधायक ताबिश खान को उनके संघर्षो का फल तो मिला पर वो जीत की दहलीज से कोसो दूर नजर आये !