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कौशाम्बी:- होली पर सजी मौत की दुकान-नदारत हुए खाद्य सुरक्षा अधिकारी, ऑफिस में बैठकर आल इज वेल_ रमेश कुशवाहा की रिपोर्ट

कौशाम्बी:-होली के मद्देनजर खाने पीने की दुकानों में मिलावटी सामान यानी की मौत का समय सज गया है...

👤 Ajay2017-03-08 07:43:19.0
कौशाम्बी:- होली पर सजी मौत की दुकान-नदारत हुए खाद्य सुरक्षा अधिकारी, ऑफिस में बैठकर आल इज वेल_ रमेश कुशवाहा की रिपोर्ट
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कौशाम्बी:-होली के मद्देनजर खाने पीने की दुकानों में मिलावटी सामान यानी की मौत का समय सज गया है लेकिन साल भर नदारत रहने वाले अधिकारी त्योहारों पर भी बाहर निकल इन मिलावटी खाद्य सामानों की दूकान पर जाना मुनासिब नहीं समझते। यदि कभी गलती से बाहर निकले भी तो पहले मीडिया को सूचना दे दी जाती है ताकि कैमरे के सहारे अखबार की सुर्खियों में आने के बाद उसी सुर्खी के दमपर बड़े अधिकारियों के कार्रवाई से बचा जा सके।

बता दे खाद्य टीमों के न आने से पूरे जनपद में मिलावटी सामानों की भरमार है। दुकानदार तो मोटी कमाई कर रहे है लेकिन ग्राहक पैसे खर्च करने के बाद भी मिलावटी खाद्य सामग्री खाकर मौत के करीब जा रहा है। होली के मद्देनजर ग्राहकों की चहल पहल भी शुरू हो गई है। परचून की दुकानों में बेसन, मैदा, सूजी व सरसों के तेल के साथ रिफाइंड की खरीदारी भी शुरू हो गई है, लेकिन सावधान रहने की जरूरत है। क्योंकि सरसों के तेल में चावल के भूसी, पामआयल की मिलावट हो रही है। यहीं नहीं कुछ फुटकर दुकानदार चंद रुपयों की लालच में आर्जीमोन जैसे खतरनाक केमिकलयुक्त पदार्थ मिलाने से भी नहीं चूक रहे हैं। वहीं बेसन में मटर, मक्का व गेहूं के आटे की मिलावट कर पीले रंग का कलर मिला रहे हैं, जिससे खरीदारी में बेहद सावधानी बरतने की जरूरत है। बताते चलें कि परचून की दुकानों में 100 रुपये किलो बेसन व शुद्ध सरसों का तेल 110 रुपये लीटर मिल रहा है।

परचून दुकानदारों ने होली त्योहार के मद्देनजर दुकानें सजा ली हैं और बेसन, पापड़, चटरी आदि की खरीदारी भी शुरू हो गई है। खाद्य सुरक्षा विभाग के विभागीय अफसर भी मानते हैं कि कुछ फुटकर दुकानदार सरसों के तेल में चावल की भूसी के साथ पामआयल की मिलावट कर रहे हैं, क्योंकि सरसों का तेल महंगा रहता है और पामआयल व चावल की भूसी सस्ती रहती है। ठीक उसी तरह बेसन में मटर, मक्का, गेहूं का आटा मिलाने की शिकायत पर नमूने भरे जाते हैं। हालाँकि आर्जीमोन की मिलावट की शिकायतें अभी तक जिले में नहीं आई हैं, क्योंकि इसके उपयोग से शरीर में फफोले पड़ जाते हैं और फिर मिलावटी तेल का उपयोग करने वाले मरीज पर हालत अत्यंत खराब हो जाती है।