Home » यू पी/उत्तराखण्ड » रामपुर:- महाराज के तर्क ने खाक और राख की इंसानी पहचान दी-फरहत_जीशान खां की रिपोर्ट

रामपुर:- महाराज के तर्क ने खाक और राख की इंसानी पहचान दी-फरहत_जीशान खां की रिपोर्ट

रामपुर :- उत्तर प्रदेश रामपुर में आज अखिल भारतीय मुस्लिम महा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष फरहत अली...

👤 Ajay2017-03-05 03:19:48.0
रामपुर:- महाराज के तर्क ने खाक और राख की इंसानी पहचान दी-फरहत_जीशान खां की रिपोर्ट
Share Post


रामपुर :- उत्तर प्रदेश रामपुर में आज अखिल भारतीय मुस्लिम महा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष फरहत अली खाँ ने भाजपा के विवादित नेताओ के विषय में कहा कि जो योगी हो उनमें योग है । वह समय रहते जवाब देते हैं। साक्षी महाराज ने देश की ज़मीन की चिंता जताई है ।कब्रस्तान और श्मशान का मुद्दा नहीं है। उन के दिए बयान को तोड़ मरोड़ के मीडिया ने जारी किया है । उन का तर्क था कि मुसलमान अगर दफन किया जाता है। तो उस के लिए कब्रस्तान है । हिन्दू भाई के लिए अंतिम संस्कार के लिए श्मशान भी राज्य सरकार को मयसर नही हुए । शाक्षी महाराज ने अगर यह कहा है कि मुस्लिम लोगो का भी अंतिम। संस्कार होना चाहिये तो यह उन का राजनितिक लाभ हो सकता है।

क्योंकि अभी मुस्लिम समाज उन के इस बयान से सहमत नही है । यह बयान गले से भी नही उतर रहा है। क्योंकि इस बयान से राजनीती की बू आ रही है। पहले तो शाक्षी जी जो कि हमारे बड़े नेताओं में गिने जाते है । उन का यह बयान इस समझ से परे है । अगर ऐसा है । भी तो इस में मीडिया ने कही न कही शरारत की है। कौन ऐसा होगा जो देश की एकता अखण्डता से विश्वास घात करेगा । भाजपा देश में रह रहे 22करोड़ मुस्लिम समुदाय के लोगो से गलत बयानबाज़ी नही कर सकती है। रही चुनाव की बात से हट कर साक्षी महाराज मुस्लिम समाज के कई प्रोग्रम में जाते हैं।
मुस्लिम समुदाय के लोगो में भोजन तक साथ बैठ कर किया है। अब बात मरने की है । तो मुसलमान मर कर मिट्टी में मिल जाता है। हम अपनी जुबान में सपुर्दे खाक बोलते हैं। हिन्दू समाज में दाहसंस्कार बोलते है । इस का पूरा मतलब यह है । कि इंसान को राख और ख़ाक की ही पहचान करना चाहिए मुस्लिम समाज में मरा तो सपुर्दे खाक हिन्दू में मरा तो राख यह दोनों शब्द एक ही है ।
लेकिन इस की वजह दोनों अलग है। मुस्लिम समाज के लोग मिट्टी में समा जाते हैं। और हिन्दू लोग श्मशान में दाहसंस्कार कर दिए जाते हैं। लेकिन साषी के इस बयान को जो तूल दिया गया वह नफरत फैलाने वाले लोगों ने राजनीती लाभ के लिए इस प्रकार की शरारत की है ।
Attachments area