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हापुड़ :- मॉडल स्टेशन पर लगा समस्याओं का अंबार,यात्री परेशान-प्लेटफार्म नंबर 2,3,4 पर नहीं शौचालय की व्यवस्था -वर्ष 2009 में मिला था मॉडल स्टेशन का दर्जा_संवाददाता अवनीश पाल की ख़ास रिपोर्ट

हापुड़:-स्थानीय रेलवे स्टेशन को मॉडल स्टेशन को दर्जा मिले तकी वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है। रेल...

👤 Ajay2017-02-25 03:27:14.0
हापुड़ :- मॉडल स्टेशन पर लगा समस्याओं का अंबार,यात्री परेशान-प्लेटफार्म नंबर 2,3,4 पर नहीं शौचालय की व्यवस्था -वर्ष 2009 में मिला था मॉडल स्टेशन का दर्जा_संवाददाता अवनीश पाल की ख़ास रिपोर्ट
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हापुड़:-स्थानीय रेलवे स्टेशन को मॉडल स्टेशन को दर्जा मिले तकी वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है। रेल मंत्रालय द्वारा हापुड़ स्टेशन को मॉडल पर विकास कार्य करने के लिए करोड़ों की धनराशि आवंटित की थी। जिसे खर्च करने के उपरांत भी मॉडल स्टेशन पर समस्याओं का अंबार लगा है। जिन्हें दूर करने के लिए रेलवे अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाये जा रहे है। जिस कारण यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जबकि यह स्टेशन रेलवे विभाग को प्रतिवर्ष करोड़ों का राजस्व देता है।
आपको बता दें कि सन् 2009 में केन्द्रीय रेलवे मंत्री ममता बनर्जी ने हापुड़ के रेलवे स्टेशन को मॉडल स्टेशन का दर्जा दिया था। पूर्व में स्टेशन पर विकास कार्य कराने के लिए रेलवे मंत्रालय द्वारा करोड़ों रुपये की धनराशि रिलीज की थी। साथ ही स्टेशन पर यात्रियों व रेलवे विभाग के कर्मचारियों के उपचार के लिए एक बड़ा अस्पताल का निर्माण कराने के भी घोषणा की थी। मॉडल स्टेशन पर विकास कार्य कराने के लिए पैसा पानी की तरह बहाया गया। स्टेशन पर विकास कार्य पर करोड़ों रुपये खर्च होने के उपरांत भी विभिन्न समस्याएं आज भी मुँह फाड़े पड़ी है। जिन्हें दूर करने के लिए रेलवे अधिकारियों द्वारा कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। जिस कारण स्टेशन पर आने वाले यात्रियों को समस्याओं से दो चार होना पड़ रहा है। यह स्टेशन प्रतिवर्ष रेलवे विभाग को करोड़ों का राजस्व प्राप्त कराता है।

महीनों से स्क्रीन बोर्ड खराब
मॉडल स्टेशन आने वाले यात्रियों को ट्रेनों के आवागमन की जानकारी देने के लिए स्टेशन के मुख्य द्वारा पर बड़ी स्क्रीन व टिकट घर के अलावा स्टेशन के प्लेटफार्म पर लगवायी गई थी। जो पिछले दो माह से खराब पड़ी है।

प्रकाश व्यवस्था खराब
स्थानीय स्टेशन पर रेलवे अधिकारियों की घोर लापरवाही के चलते प्लेटफार्म पर पंखे व टयूब लाइटें व हाई मास्क लाइटें पिछले काफी समय से खराब पड़ी है। रात्रि में स्टेशन पर अधिकांश स्थानों पर अंधेरा पसरा रहता है। इतना ही नहीं विभिन्न स्थानों पर यात्री शेड टूटे पड़े है। जिन्हें ठीक कराने की अधिकारियों ने सुध नहीं ली है।

शौचालयों की व्यवस्था नहीं
मॉडल स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर दो,तीन,चार व पांच पर शौचालयों की व्यवस्था नहीं की गई है। प्लेटफार्म नंबर दो तीन पर बने शौचालयों को काफी समय पूर्व तोड़ दिया। अब महिला व पुरुषों को शौच के लिए एक नंबर पर आना पड़ता है। इसी कारण यात्रियों की कभी कभी ट्रेन भी छूट जाती है।
स्टेशन मास्टर वीरेन्द्र शर्मा ने बताया कि स्टेशन पर व्याप्त समस्याओं को दूर कराने के लिए उच्चाधिकारियों को लिखित रूप में कई बार अवगत कराया दिया गया है। शीघ्र ही मुँह फाड़े पड़ी समस्याओं का निस्तारण कराया जायेगा।