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मऊ- मुख्तार के पेरोल पर अब दिल्ली हाईकोर्ट 22 को सुनाएगी फैसला_अरुण सिंह भीमा की रिपोर्ट

मऊ। दिल्ली हाईकोर्ट में बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के पेरोल के मामले पर सोमवार को सुनवाई हुई।...

👤 Ajay2017-02-21 10:13:39.0
मऊ- मुख्तार के पेरोल पर अब दिल्ली हाईकोर्ट 22 को सुनाएगी फैसला_अरुण सिंह भीमा की रिपोर्ट
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मऊ। दिल्ली हाईकोर्ट में बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के पेरोल के मामले पर सोमवार को सुनवाई हुई। उसी बीच यूपी सरकार के वकील ने अपना पक्ष रखने के लिए मोहलत मांगी। कोर्ट ने उनके आग्रह को स्वीकार करते हुए 22 फरवरी को फैसला सुनाने की बात कही। सुनवाई के दौरान मुख्तार के पक्ष में वरिष्ठ वकील एवं कांग्रेसी नेता द्वय कपिल सिब्बल तथा खुर्शीद आलम ने पैरवी की। उन्होंने पिछले लोकसभा चुनाव में सीबीआई कोर्ट से मिले पेरोल को आधार बनाया। कहा कि मुख्तार पेरोल के हकदार हैं लेकिन निर्वाचन आयोग तथा सीबीआई के वकीलों ने पेरोल का पूरजोर विरोध किया। आयोग के वकील का कहना था कि मुख्तार की आपराधिक छवि है। वह बाहुबली हैं। लिहाजा विधानसभा के मऊ निर्वाचन क्षेत्र में वह वोटरों को अपने पक्ष में वोटरों को करने के लिए बेजा दबाव बनाएंगे। उससे चुनाव की निष्पक्षता प्रभावित होगी। सीबीआई के वकील का कहना था कि मुख्तार के जाने से उनके खिलाफ चल रहे मुकदमों के गवाह आतंकित रहेंगे। उनके टेरर से कानून-व्यवस्था पर भी असर पड़ेगा। मालूम हो कि भाजपा के पूर्व विधायक कृष्णानंद राय की हत्या के आरोपित मुख्तार अंसारी विधानसभा चुनाव में अपनी परंपरागत सीट मऊ सदर से इस बार बसपा उम्मीदवार हैं। अपने प्रचार अभियान के लिए पेरोल की अर्जी दी थी। सीबीआई कोर्ट ने उस अर्जी को मंजूर करते हुए उन्हें 17 फरवरी से मतदान के दिन चार मार्च तक के लिए पेरोल पर मऊ जाने की इजाजत दी। उसके लिए लखनऊ प्रशासन को आवश्यक उपाय करने का आदेश भी दी लेकिन लखनऊ प्रशासन ने प्रदेश शासन से इस बाबत मार्ग निर्देशन मांगा। साथ ही पेरोल के दौरान पुलिस कस्टडी पर आने वाले खर्च की राशि भी मुख्तार से जमा करा लिया। उधर प्रदेश शासन इस मामले को निर्वाचन आयोग तक पहुंचा दिया। उसके बाद आयोग सीबीआई कोर्ट के पेरोल के आदेश के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट गया। जहां आयोग की उस याचिका पर सुनवाई हो रही है। मुख्तार समर्थकों को पूरा यकीन है कि दिल्ली हाईकोर्ट से उन्हे पेरोल मिलेगा।