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बहराइच:- यहाँ छोटे दल बड़े दलों को पिला सकते हैं पानी-सदर सीट पर रोचक मुकाबला_विशेष संवाददाता की रिपोर्ट

बहराइच । 17वीं विधानसभा के लिए पांचवे चरण का मतदान 27 फरवरी को होना है । विधानसभा चुनाव में बड़े...

👤 Ajay12 Feb 2017 6:18 AM GMT
बहराइच:- यहाँ छोटे दल बड़े दलों को पिला सकते हैं पानी-सदर सीट पर रोचक मुकाबला_विशेष संवाददाता की रिपोर्ट
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बहराइच । 17वीं विधानसभा के लिए पांचवे चरण का मतदान 27 फरवरी को होना है । विधानसभा चुनाव में बड़े राजनैतिक दलों को छोटे दल बड़ा झटका दे सकते हैं भले से वो वोटकटवा की भूमिका निभा रहे हों लेकिन नुकसान बड़ी पार्टी के प्रत्याशियों का होना तय माना जा रहा है । जनपद की सात विधानसभा सीटों पर लगभग एक दर्जन पंजीकृत राजनैतिक दलों ने अपने अपने प्रत्याशियों को मैदान में उतार दिया है । ऐसे दलों का भले ही जनाधार कम लेकिन जिस प्रकार से प्रत्याशियों ने चुनावी गुणा गणित लगाया है उससे यह निष्कर्ष प्रकाश में आता है कि यदि उन्होंने अपनी ही जाति में 10 से 20 फीसदी वोटों में सेंधमारी कर दी तो वे बड़े दल के प्रत्याशियों के लिए परेशानी का सबब बन सकते हैं । इस असेम्बली इलेक्शन में कुछ ऐसे प्रत्याशी भी मैदान मारने की फ़िराक में उतरे हैं जिनका अपने क्षेत्रों में कुछ न कुछ जनाधार है । ऐसे प्रत्याशी लगातार सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं ।

यहाँ पर कुछ प्रत्याशियों को अच्छे वोट मिलने की भी सम्भावना है । जीत हार का फैसला भी सम्भवता कुछ ही मतों से हो सकता है । छोटे दल किसी भी करवट बैठकर बड़े राजनैतिक दलों को झटका दे सकते हैं । बात दलीय स्थिति की जाये तो यहाँ 282 विधानसभा क्षेत्र बलहा में राष्ट्रीय क्रांति पार्टी , रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया ए , राष्ट्रीय महान गणतन्त्र पार्टी , बहुजन मुक्ति पार्टी प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री बंशीधर के खिलाफ ताल ठोंके हैं । 283 विधानसभा नानपारा में सिर्फ दो छोटे दल के प्रत्याशी मैदान में हैं । राष्ट्रीय क्रांति पार्टी यहाँ भी मैदान में है । इसके अलावा कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया भी विधायक माधुरी वर्मा के खिलाफ मैदान में हैं । बता दें कि विधायक वर्मा 2012 में कांग्रेस पार्टी के टिकट पर चुनाव जीती थी इस बार वे भाजपा से मैदान में हैं । 284 विधानसभा क्षेत्र मटेरा में सिर्फ एक दल मैदान में हैं यहाँ ए आई एम आई एम ताल ठोंके हुए हैं । 285 विधानसभा क्षेत्र महसी में तीन छोटे दल चुनावी मैदान में हैं । यहाँ सबका दल यूनाइटेड , राष्ट्रीय महान गणतंत्र पार्टी और बहुजन मुक्ति पार्टी ताल ठोंके हैं । विधानसभा 286 बहराइच सदर की बात की जाए तो यहाँ छोटे दल सबसे ज्यादा बड़े दलों की नाक में दम किये हुए हैं । यहाँ से आधा दर्जन छोटे दलों ने अपने अपने प्रत्याशियों को मैदान में उतारा है । राष्ट्रीय लोकदल , राष्ट्रीय किसान मजदूर पार्टी , नैतिक पार्टी , शिवसेना , भारत राष्ट्र डेमोक्रेटिक पार्टी , सहित पीस पार्टी भी मैदान में हैं । ज्ञात हो कि बहराइच सदर विधानसभा समाजवादी पार्टी का गढ़ रहा है । विधानसभा में इस सीट का डॉ वकार अहमद शाह ने ढाई दशक तक प्रतिनिधित्व किया है । केन्द्रीय मंत्री रहे आरिफ मोहम्मद खान और बेनी प्रसाद ने डॉ वकार को हराने के लिए कोई कोर कसर बाकी नही रखी लेकिन वे इसमें कमजोर साबित हुए और दोनों को क्षेत्र छोड़ना पड़ा । अब जब वे अस्वस्थ हैं ऐसे में सपा ने उनकी पूर्व सांसद पत्नी पर अपना दाँव लगाया है । जो अपने चिर परिचित अंदाज के लिए क्षेत्र में जानी जाती हैं । 287 विधानसभा पयागपुर से पहले विधायक का ताज अपने सर पर सजवाने वाले प्रदेश के एकमात्र कायस्थ विधायक मुकेश श्रीवास्तव इस बार समाजवादी पार्टी से मैदान में हैं । 2012 में वे कांग्रेस के टिकट पर विधानसभा पहुँचे थे । यहाँ छोटे दल के प्रत्याशियों की संख्या दो है । लोकशाही पार्टी सेक्युलर व सोशलिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया के कैंडिडेट यहाँ अपनी किस्मत आजमा रहे हैं । कुछ ऐसा ही हाल 288 कैसरगंज विधानसभा का है । यहाँ तीन दल चुनावी मैदान में हैं । ए आई एम आई एम , मौलिक अधिकार पार्टी , राष्ट्रीय लोकदल पार्टी के प्रत्याशियों की किस्मत दाँव पर लगी है । यहाँ भाजपा विधायक मुकुट बिहारी वर्मा को कड़ी टक्कर मिल रही है । इन सबके बाद सभी विधानसभा क्षेत्रों में निर्दल उम्मीदवारों ने भी बड़ी पार्टियों के प्रत्याशियों की नाक मे दम कर रखा है । निर्दल प्रत्याशी इस बार बड़ी संख्या में मैदान में हैं ।