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शामली:-जनता के हाथों में नेताजी की किस्मत_राहुल राणा की रिपोर्ट

शामली:-शामली में तीनों विधानसभा सीटों पर छूट पुट घटनाओं को छोड़कर शांति पूर्ण तरीके के मतदान संपन्न...

👤 Ajay11 Feb 2017 2:35 PM GMT
शामली:-जनता के हाथों में नेताजी की किस्मत_राहुल राणा की रिपोर्ट
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शामली:-शामली में तीनों विधानसभा सीटों पर छूट पुट घटनाओं को छोड़कर शांति पूर्ण तरीके के मतदान संपन्न हो गया, शामली विधानसभा में 67.08% मतदान हुआ तो वही कैराना में 69.51% मतदान हुआ अगर थानाभवन की बात करें तो कुल 66.52% मतदान के साथ चुनाव पूरा हुआ हैं। पुरे जिले की बात करे तो कुल 67.94% मतदान यहाँ हुआ है, शामली जिले के करीब 9 मतदाता है, पहले चरण के चुनाव सम्पन्न होने के बाद जिला प्रशासन ने चैन की सांस ली है, कैराना विधान सभा सीट पर दिल्ली की मीडिया की भी नजर बनी हुई थी, क्योकि कैराना प्लायन के मुद्दे को लेकर बीजेपी काफी हा हुल्ला कर चुकी है, तीनो विधानसभा सीटो पर कई दिग्गजों की साख भी दाव और लगी हुई है, बीजेपी के फायर ब्रांड नेता कहे जाने वाले सुरेश राणा व् बीएसपी प्रत्याशी अब्दुल वारिस के बीच टक्कर का चुनाव हुआ है, तो वही कैराना में बीजेपी सांसद की बेटी चुनावी मैदान में थी तो उनके परिवार से ताल्लुक रखने वाले आरएलडी प्रत्याशी अनिल चौहान उनको कड़ी टक्कर दे रहे थे, हालांकि एक ही परिवार के दो लोग चुनाव में होने से एसपी प्रत्याशी नाहिद हसन के चुनाव की राह जरूर आसान हुई है, लेकिन चुनाव के नतीजों का फैसला 11 मार्च को होना है इसीलिए अभी जीत और हार का फैसला करना जल्दबाजी होगी, वही शामली सीट पर मुस्लिम मतदाताओं का रुझान साईकिल के निशान की और भी खूब दिखाई दिया, लेकिन जाट वोटर गठबंधन के प्रत्याशी पंकज मालिक से किनारा करते दिखाई दे रहे थे, हालांकि अपने दम पर गठबंधन प्रत्याशी कई जातियों के वोटों में सेंध मारी जरूर कर रहे है, जाट वोटरों ने हैण्डपम्प से खूब पानी निकाला, और आरएलडी के प्रत्याशी के लिए जमकर मतदान किया, लेकिन उनके पास भी अन्य जाती का वोट मिलने के चांस कम ही दिखाई दे रहे है.. वही बीजेपी प्रत्याशी को कम मेहनत में कई जातियों के वोट मिलते दिखाई दे रहे है, इसीलिए सीधा मुकाबला तीनो प्रत्याशियों के बीच होता नजर आ रहा है, माना जा रहा है कि शामली विधानसभा सीट पर 50 हजार मतदान के आसपास जीत हार का फैसला हो जाएगा, लिहाजा प्रत्याशियों की धकड़ने अभी तेज है.. सभी राजनितिक पंडित जीत हार का आंकड़ा लगाने में लगे हुए है.. लेकिन शामली की विधानसभा सीट पर अभी जीत और हार किसकी होगी ये कोई नहीं जानता, लेकिन इतना जरूर तय है कि जीत का सेहरा किसी के भी सर पर हो 5 सालो तक जो नेता जनता के बीच काम करेगा उसको जनता का प्यार जरूर मिलेगा।