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चित्रकूट- सतगुरु मुक्तिदाता होता है,जगत उद्धार के लिए सद्मार्ग ही एक विकल्प_रिपोर्ट-बसंत द्विवेदी

उक्त विचार संत निरंकारी सत्संग के शुभ अवसर पर पंचकुला (हरियाणा) से आए संत सुरेंद्र कुमार...

चित्रकूट- सतगुरु मुक्तिदाता होता है,जगत उद्धार के लिए सद्मार्ग ही एक विकल्प_रिपोर्ट-बसंत द्विवेदी
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उक्त विचार संत निरंकारी सत्संग के शुभ अवसर पर पंचकुला (हरियाणा) से आए संत सुरेंद्र कुमार सोनी जी सत्संग समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि जब-जब धर्म की हानि होती है, निराकार- प्रभु साकार रूप में सद्गुरु बनकर संसार में प्रकट होता है मानवता के कल्याण के लिए, सारे जगत के उद्धार के लिए सभी को सदमार्ग पर चलाने के लिए, सभी की अज्ञानता को मिटाने के लिए और सभी के मनों को दिव्य रोशनी से प्रज्ज्वलित करने के लिए ही यह संसार में आता है यह सभी धर्म, वर्ग, जाति और भिन्न-भिन्न भाषा- भाषी, भिन्न पहरावे वाले भिन्न-भिन्न खान- पान वाले और भिन्न-भिन्न स्थानों तथा देशों में रहने वाले, सभी के कल्याण के लिए आता है जैसे सूर्य सभी को समान रोशनी देता है उसी प्रकार सद्गुरु भी सभी को ब्रह्म ज्ञान की दात देकर मानव एकता एवं विश्व बंधुत्व का अनुगामी बनाता है !

सतगुरु हर युग में एक ही होता है और इस जैसा कोई और नहीं होता, सतगुरु का मुख्य लक्षण यही है कि वह एक क्षण में सर्व व्यापक प्रभु की पहचान करवाता है सतगुरु मुक्तिदाता होता है एक परमात्मा का ज्ञान देकर वह सारे भ्रमो का नाश करने वाला होता है और जीव को अपना भी ज्ञान हो जाता है सच्चे गुरसिख के दिल का तार गुरु से हमेशा जुड़ा रहता है वह गुरु की आंख से देखता है गुरु के कान से सुनता है और गुरु के ज्ञान सागर से हीरे मोती जैसे कल्याणकारी वचनों को सुनकर अपना लोक सुखी और परलोक सुहेला करता है! सत्संग समापन से पूर्व अनेकों प्रभु प्रेमियों भाई बहनों ने गीतों एवं प्रवचनों के माध्यम से सतगुरु का आशीर्वाद प्राप्त किया मंच का संचालन नीरज श्रीवास्तव जी ने किया