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संतकबीरनगर- नमाज दीन का सुतून है, नमाज मोमिन की मेराज है, नमाज कायम करोः मौलाना असजद_रिपोर्टः मु. परवेज़ अख्तर

लोहरौली संतकबीरनगर। विकास खण्ड सेमरियावां के गांव मदारपुर में दारूल उलूम अल इस्लामिया बस्ती के...

संतकबीरनगर- नमाज दीन का सुतून है, नमाज मोमिन की मेराज है, नमाज कायम करोः मौलाना असजद_रिपोर्टः मु. परवेज़ अख्तर
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लोहरौली संतकबीरनगर। विकास खण्ड सेमरियावां के गांव मदारपुर में दारूल उलूम अल इस्लामिया बस्ती के बानी मौलाना मु. बाकर हुसेन(रह.) की याद में जलसा इस्लाहे मुआशेरा सम्पन्न हुआ। जिसमें क्षेत्र के लोग भारी संख्या में मौजूद रहे।

सेमरियावां ब्लाक क्षेत्र के गांव मदारपुर स्थित मकतब अलमोअहिद अल इस्लामी तत्वावधान में बयादगार दारूल उलूम अल इस्लामिया बस्ती के बानी मौलाना मु. बाकर हुसेन(रह.) एक दिवसीय जलसा इस्लाहे मुआशेरा का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। मदरसा इमदादिया मुरादाबाद के शैखुल हदीस मौलाना मुहम्मद असजद कासमी नदवी ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि इस्लाम में कलमा के बाद नमाज़ की बड़ी अहमियत है। नमाज दीन का सुतून है। नमाज मोमिन की मेराज है। जिसने जानबूझकर नमाज छोड़ा। उसके लिये बहुत सख्त अजाब है। नमाज को कायम करो। मस्जिदों को नमाज, अल्लाह के जिक्र से आबाद करो।

उन्होंने कहा कि अल्लाह के हुक्म तथा आखिरी पैगम्बर हजरत मुहम्मद(सल्ल.) के तरीके में सौ फीसदी कामयाबी है। अल्लाह के गैर में सौ फीसदी नाकामी है। इस बात का पक्का यकीन हो और उस पर अमल भी हो।

उन्होंने कहा कि आमाल के साथ अखलाक का भी ध्यान दीजिये।

मुफ्ती मुजाहिदुद्दीन ने कहा कि तन्हाई के गुनाह छोड़ने से इंफेरादी व इज्तेमाई जिन्दगी पाकीजा होगी और अम्न व आमान का माहौल होगा और अल्लाह का ताल्लुक ही कामयाबी का जरिया है।

मौलाना मुहम्मद अहमद ने कहा कि औलाद की तरबीयत ही हमारी कामयाबी का पहला ज़ीना है और हमारी नस्लों की बेफिक्री हमारी तरक्की की मौत है। तरबीयत में नर्मी जरूरी है। अपनी औलाद को मोबाइल से जरूर बचायें।

जलसा की शुरुआत हाफिज मसरुर अहमद की तिलावत से शुरू हुआ।

जलसा का संचालन हाफिज शाहिद बस्तवी ने किया। कारी सुहैल कुशीनगरी ने नाते पाक पेश किया। इस मौके पर मौलाना अबरार अहमद, मौलाना सालिम, मौलाना शमशाद अहमद, मौलाना डा. अख्तर हुसेन, अब्दुस्सलाम, हाफिज़ कमाल अहमद, मु. इसराइल, मतीउद्दीन, अब्दुल गफ्फार आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे।