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संतकबीरनगर- श्री कृष्ण कथा सभी को आनन्द देने वाली है-आचार्य धरणीधर_रिपोर्ट-बिट्ठल दास

संतकबीरनगर। नाथनगर ब्लाक क्षेत्र के ग्राम अंजाव मे चल रहे श्रीमद् भागवत कथा के चतुर्थ दिवस में...

संतकबीरनगर- श्री कृष्ण कथा सभी को आनन्द देने वाली है-आचार्य धरणीधर_रिपोर्ट-बिट्ठल दास
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संतकबीरनगर। नाथनगर ब्लाक क्षेत्र के ग्राम अंजाव मे चल रहे श्रीमद् भागवत कथा के चतुर्थ दिवस में आचार्य धरणीधर जी महाराज ने कहा गृहस्थ योगाभ्यास करता नहीं है। फिर भी उसे योग का फल मिल सकता है। जो लोग योग साधना नहीं कर पाते हैं उन्हें गृहस्थाश्रम योग का फल देता है गृहस्थ आश्रम में धर्म ही मुख्य गृहस्थाश्रम बिगड़ता है कुसंग से गृहस्थ आश्रम का लक्ष्य ठीक से समझ में ना आने के कारण ही वह बिगड़ता है कश्यप अदिति का गृहस्थाश्रम श्रेष्ठ था। दिव्य था वे पवित्रता पूर्वक जीते हुए तपश्चार्य करते थे। अतः प्रभु ने उनके घर में जन्म लेने की सोची आज भी यदि कोई नारी आदिति की भांति पयो व्रत करें और उसका पति कश्यप शा बने। तो भगवान उनके घर में जन्म लेने को तैयार नारी अदिति का अर्थ है अभेदबुद्धि ब्रह्माकारवृत्ति ऐसी वृत्ति मे से ही ब्रम्ह का प्रकटीकरण होता है। उत्सव तो हृदय में होना चाहिए हृदय में मनाना चाहिए ईश्वर का प्राकट्य होने पर मनुष्य को दें में रहते हुए भी देखा भान नहीं रह पाता। धर्म भूलने पर ही उत्सव सफल होता है। परमात्मा को हृदय में पधराओ हृदय में परमात्मा का प्राकट्य होने पर भूख प्यास नहीं सताती जो हर रोज नंद महोत्सव मनाता है। उसका सारा दिन आनंद में बीत जाता है। निर्धन व्यक्ति भी यह महोत्सव मना सकता है। इस उत्सव में धन नहीं मन ही प्रधान है। इस अवसर पर मुख्य यजमान ब्रम्हदेव ओझा, अंगद ओझा, अश्वनीधर द्विवेदी, अनन्त दुबे, आशीष तिवारी, धीरज ओझा ,एडवोकेट धीरेन्द्र ओझा, सुरेन्द्र कुमार ओझा सहित श्रोतागण उपस्थित रहे।