Home » धर्म/ज्योतिष » हापुड़:-प्यारा सजा है,तेरा द्वार भवानी-मंदिरों में गूंजे रहे माता रानी के जयकारे -श्री मंशा देवी मंदिर में लग रही सुबह शाम भक्तों की भीड़-नवरात्रि में होती हैं मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा अर्चना_अ

हापुड़:-प्यारा सजा है,तेरा द्वार भवानी-मंदिरों में गूंजे रहे माता रानी के जयकारे -श्री मंशा देवी मंदिर में लग रही सुबह शाम भक्तों की भीड़-नवरात्रि में होती हैं मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा अर्चना_अ

हापुड़-नवरात्रि शुरू होने के बाद से नगर के मंदिरों में पूजा अर्चना करने के लिए सुबह शाम भक्तों की...

👤 Ajay2017-03-29 17:03:00.0
हापुड़:-प्यारा सजा है,तेरा द्वार भवानी-मंदिरों में गूंजे रहे माता रानी के जयकारे -श्री मंशा देवी मंदिर में लग रही सुबह शाम भक्तों की भीड़-नवरात्रि में होती हैं मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा अर्चना_अ
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हापुड़-नवरात्रि शुरू होने के बाद से नगर के मंदिरों में पूजा अर्चना करने के लिए सुबह शाम भक्तों की लग रही है। द्वितीय नवरात्रि पर बच्चों ने भी व्रत रखकर मंदिरों में पहुंचकर माता की पूजा अर्चना कर जयकारे लगाये। साथ मां मंशा देवी से मन्नतें मांगी। माता के जयकारों से शिवालय भी गंूज उठे।
आपको बता दें कि मां दुर्गा की नव शक्तियों का दूसरा स्वरूप माता ब्रहाचारिणी का है। दूसरे नवरात्रि में मंदिरों व घरों में माता के इसी स्वरूप की भक्तों द्वारा पूजा अर्चना की जाती है। भक्तों द्वारा इनकी पूजा करने से मनोकामना पूर्ण होती है। माता रानी का यह संदेश देती हैं,कि बिना तपस्या,कठोर परिश्रम के सफलता प्राप्त करना असंभव हैं।
माता ब्रहमचारिणी की पूजा अर्चना करने के लिए बुधवार की तड़के से ही नगर के विभिन्न मंदिरों में महिलाओं,युवतियों की भीड़ लगी रही। द्वितीय नवरात्रि पर बच्चों ने व्रत रखकर मंदिरों में जाकर माता की पूजा अर्चना की। बच्चों व श्रद्घालुओं ने माता के नाम के जयकारों का उद्घोष किया। जिससे मंदिर परिसर माता के जयकारों से गूंज उठे। जिससे नगर का वातावरण भक्तिमय हो गया। वही मंदिरों में सुबह व शाम को श्रद्घालुओं की भारी भीड़ रही। जिससे मंदिरों में मेले जैसा माहौल दिखाई दे रहा है।
मंदिर के पुजारी का कहना कि जो भक्त सच्चे मन से मां मंशा देवी की सभी नौ रूपों की श्रद्घा से पूजा अर्चना करता है। माता उसकी मनोकामना अवश्य पूर्ण करती है। इसी आस्था के चलते मंदिर में नवरात्रों में भक्तों का तांता लगा रहता है। वही मंदिर में पूजा अर्चना करने आने वाले भक्तों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े,इसके लिए मंदिर समिति द्वारा व्यापक प्रबन्ध किये गये हैं।