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मथुरा:- बरसाना और नन्द गाँव के बाद कन्हैया की जन्मस्थली में होली की मची धूम_धनीराम खण्डेलवाल की रिपोर्ट

मथुरा:-:बरसाना और नन्द गाँव के बाद होली का धमाल भगबान कृषण की जन्मभूमि मथुरा मै मचा.रंग ,गुलाल,फूल...

👤 Ajay2017-03-09 04:34:55.0
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मथुरा:-:बरसाना और नन्द गाँव के बाद होली का धमाल भगबान कृषण की जन्मभूमि मथुरा मै मचा.रंग ,गुलाल,फूल और नाच गानों के साथ हुरियारों ने भगवान श्री कृष्ण की जन्मभूमि पर खूब धूम मचाई.पूरा जन्मभूमि परिसर राधा कृष्ण की प्रेम भरी होली के रंग मै रंग उठा और उड़त गुलाल लाल भये बद्र की गूँज गूंजने लगी.प्रकति के इस आलौकिक वसंतोत्सव मै होली का विशेष महत्व है क्योंकि यह लोकप्रिय सुप्त जीवन के जागरण का पर्व है तथा चेतनाओं को शक्ति देने का प्रतीक है होली पर साधारण प्राणी तो क्या अध्यात्म चिन्तन मै लीन भक्त भी अपने अराध्य देव प्रभु के साथ विभिन्न खेल करता है .और एसा ही हुआ भगबान कृषण की जन्मभूमि पर /बरसाना और नन्द गाँव के बाद यहाँ आज होली खेली गई /जन्मभूमि स्थित मंच पर राधा कृषण के स्वरुप के आते ही होली के हुरियारे और हुरियारिनों ने होली के गीतों पर जमकर ठुमके लगाये फिर बह चाहे ब्रज का प्रसिद मयूर नृत्य हो,या गागर,या जेयर,या फिर हो चरकुला नृत्य जिन्हें देखकर वहां उपस्थित श्रद्धालु मन्त्र मुग्ध हो गये और प्रिय प्रियतम के रंग में रंग गए .
लीला मंच पर जैसे ही राधा कृष्ण के स्वरुप तथा उपस्थित लोगों ने फूलों की होली खेलना शुरू किया तो बहां मौजूद हुरियारिन अपने आप को न रोक सकी और हुरियारों पर बरसाने लगीं रंगों के बीच लाठियां.हुरियारों ने हुरियारिनों से बचाव के लिए लाठियों का ही प्रयोग किया /जन्मस्थान पर खेली गई इस अनोखी होली मै भाग लेकर हर कोई श्रद्धालु अपने को धन्य मान रहा था क्योंकि एक तो यह भूमि स्वयं भगवान कृष्ण की जन्मस्थली और इसके बाद यहाँ नाच गाना ,फूल,रंग,गुलाल,तथा लाठियों का मिश्रण जो की पूरे वातावरण को रंग मय कर रहा था