Home » शख्सियत » जौनपुर:-रामराज से चलेगा देश : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ_रिपोर्ट वीपी श्रीवास्तव

जौनपुर:-रामराज से चलेगा देश : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ_रिपोर्ट वीपी श्रीवास्तव

जौनपुर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। कहा कि देश,...

जौनपुर:-रामराज से चलेगा देश : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ_रिपोर्ट वीपी श्रीवास्तव
Share Post

जौनपुर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। कहा कि देश, समाजवाद से नहीं राम राज से चलेगा। 1994-95 में प्रदेश में अराजकता चरम पर थी। इसके खिलाफ आवाज उठाते हुए शहीद हुए पूर्व मंत्री उमानाथ सिंह के नाम से अब जौनपुर में बन रहे राजकीय मेडिकल कॉलेज का नामकरण होगा। वे पूर्व मंत्री अमर शहीद उमानाथ सिंह की 24 वीं पुण्य तिथि पर शामिल होने आए थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन चलाया जा रहा है। दो अक्टूबर 2018 से 2 अक्टूबर 2020 तक विशेष कार्यक्रम चलेगा। गाँधी दर्शन अभियान नहीं आंदोलन बनना चाहिए। गोरखपुर और उसके ज़िले में रोगों से सैकड़ो मौते हुई। मीडिया से खूब हल्ला किया। 40 साल के आकड़ें को देखेंगे तो अगस्त माह में 400 मरीज भर्ती होते थे, जिनमें सैकडॉ की मौत होती थी। इस बार 8 मौतें हुई है। 15 सितम्बर स्वछता ही देश सेवा है कार्यक्रम चलेगा। हर नागरिक की हिस्सेदारी होनी चाहिए। अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि दो अक्टूबर तक बेस लाइन सर्वे के आधार पर जिलों को ओडीएफ घोषित किया जाएगा। इसके बाद छूटे बेस लाइन सर्वे से छूटे शौचालय विहीन लोगों के लिए भी एक-एक शौचालय का निर्माण कराया जाएगा। जौनपुर पंडित दीनदयाल की कर्मभूमि रही है। यहीं उन्होंने अंत्योदय की बात की थी। इसी भाव को शहीद हुए उमानाथ सिंह ने आगे बढ़ाया और तत्कालीन सपा सरकार के खिलाफ आवाज उठाई। उन्होंने वैचारिक प्रतिबध्दता को आगे बढ़या। अब सरकार समानता का भाव पैदा करने का काम कर रही है। पहली बार गरीबों के बैंक खाते खोले जा रहे हैं। इससे यदि सरकार के धन का एक-एक रूपया यदि किसी योजना के नाम पर भेज जाए तो वह सीधे उनके खाते में पहुंचे। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत 25 करोड़ खाते खोले गए। 82 करोड़ रुपये उनके द्वारा बैंक खाते में जमा किया गया। पीएम आवास 2022 तक आवास उपलब्ध कराने की योजना चल रही है, लेकिन पूर्व की राज्य सरकार ने इसमें रुचि नहीं ली, क्योंकि उनके संस्कारो की कमी है, जिसे उन्होंने जन्म से नही सीखा।