Home » शख्सियत » पूर्वांचल के बेरोजगार युवाओं के लिए किसी मसीहा से कम नहीं संतोष चतुर्वेदी_यशवंत यादव की रिपोर्ट

पूर्वांचल के बेरोजगार युवाओं के लिए किसी मसीहा से कम नहीं संतोष चतुर्वेदी_यशवंत यादव की रिपोर्ट

संतकबीरनगर:- ' कौन कहता है कि आसमां में सुराख नही होता यारो..... तबियत से एक पत्थर तो उछालो यारों'...

पूर्वांचल के बेरोजगार युवाओं के लिए किसी मसीहा से कम नहीं संतोष चतुर्वेदी_यशवंत यादव की रिपोर्ट
Share Post


संतकबीरनगर:- " कौन कहता है कि आसमां में सुराख नही होता यारो..... तबियत से एक पत्थर तो उछालो यारों" । मशहूर कवि दुष्यंत कुमार की इन्ही पंक्तियों को अपने जीवन का गाइडलाइन बनाने वाले जिले के संतोष चतुर्वेदी आज पूर्वांचल के बेरोजगार युवकों के लिए मसीहा बन बैठे है । आज के दौर का बेरोजगार उन्हें ईश्वर के समान पूजता है क्योंकि संतोष चतुर्वेदी ऐसे कर्मठी एवं योग्य युवाओं के लिए रोजगार का साधन मुहैया करा रहे हैं ।

कौन है संतोष चतुर्वेदी??

संतकबीरनगर जिला मुख्यालय से लगभग 15 किलोमीटर उत्तर दिशा में स्थित भीठहा पर्वता गाँव मे जन्मे संतोष चतुर्वेदी आज किसी परिचय के मोहताज नही । संघर्षो के साथ खुद को आगे बढ़ाकर एक बड़े उद्योगपति के रूप में स्थापित करने वाले श्री चतुर्वेदी का जन्म वर्ष उन्नीस सौ चौहत्तर में उनके पैतृक गांव भीठहा में हुआ था । धर्मावलम्बी पिता श्री वीएम चतुर्वेदी एवं माता श्रीमती विमला चतुर्वेदी के पुत्र संतोष चतुर्वेदी प्रारम्भिक शिक्षा के साथ स्नातक की शिक्षा पूरी करने के बाद स्वयं के कैरियर को लेकर बहुत चिंतित रहा करते थे उनकी यही चिंता उन्हें देश की राजधानी दिल्ली तक ले गयी जहां उन्होंने खुद को कड़ी मेहनत से स्थापित करते हुए न सिर्फ एक युवाओं के रोलमॉडल बने बल्कि आज के दौर में जहां रोजी रोटी की समस्याओं से जूझ रहे बेरोजगार युवाओं के लिए एक ऐसे प्लेटफार्म बनकर उभरे है जो आज इस सत्र में लगभग दो हजार युवाओं को विभिन्न क्षेत्र की बड़ी निजी कम्पनियों में रोजगार का साधन मुहैया कराकर उनके लिए गॉडफादर बन बैठे है ।

शैक्षणिक क्षेत्र के साथ राजनैतिक पहचान बनाने वाले कुनबे के साथ है संतोष चतुर्वेदी का नाता.......

पूर्वांचल में शिक्षा के क्षेत्र में अलख जगाने के लिए प्रसिद्ध पंडित सूर्यनारायण चतुर्वेदी के भतीजे संतोष चतुर्वेदी आज किसी परिचय के मोहताज नही । शिक्षा क्षेत्र में लीजेंड मैन कहे जाने वाले पंडित सूर्यनारायण चतुर्वेदी के भतीजे संतोष चतुर्वेदी आज जहां खुद के संघर्षो के नाम से जाने जाते है वहीं इनकी एक और पहचान बीजेपी के सदर विधायक दिग्विजय नरायन चतुर्वेदी उर्फ जय चौबे के भाई के तौर पर भी की जाती है । विधान सभा चुनाव के दौरान महती भूमिका का निर्वहन करने वाले संतोष चतुर्वेदी को कभी राजनीति से कोई सरोकार नही रहा, उनके अनुसार राजनीति करने के पहले युवाओं में संस्कार और संघर्ष करने की क्षमता का विकास होना चाहिए क्योंकि संघर्ष ही युवाओं को राजनीति, व्यवसाय आदि के क्षेत्र में आगे बढ़ा सकती है ।

प्रणेता मैनपॉवर, इंडोकैम गैसेस, एवं VIBSH इंटरनेशनल कम्पनी के संचालक है संतोष चतुर्वेदी.........

छोटी सी उम्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करने वाले संतोष चतुर्वेदी स्नातक की पढ़ाई के उपरांत जब रोजी रोटी के सिलसिले में दिल्ली गए थे तब उनके मन मे कुछ बड़ा कर गुजरने की तमन्ना थी, मन मे लगन और दिल मे आत्मविश्वास लिए दिल्ली पहुंचे संतोष चतुर्वेदी को जहां माता पिता के अरमानों को पूरा करने की जिम्मेदारी थी वहीं उन्हें भागमभाग भरी जिंदगी में खुद को स्थापित करने की जिद भी थी, श्री चतुर्वेदी की यही जिद उनके लिए एक बडे हौंसले के रूप में काम आई और धीरे धीरे करके आज वो विश्वस्तरीय मैन पावर सॉल्यूशन कम्पनी प्रणेता के एम डी बनने के अलावा दिल्ली एन सी आर के रेस्त्रां कारोबारियों में प्रमुख स्थान बनाते हुए इस क्षेत्र में VIBSH इंटरनेशनल कम्पनी के मुख्य मालिक बनकर युवाओं को रोजगार की सुविधा मुहैया करा रहे है । इन दोनो बड़ी कम्पनियों के मालिक श्री संतोष चतुर्वेदी जी का एक बड़ा प्लेटफॉर्म इंडो गैसेस कम्पनी है जो मौजूदा समय मे कई देशों में स्थापित है । श्री चतुर्वेदी मूलरूप से फरीदाबाद में रहकर भी पूर्वांचल के बेरोजगार युवकों के रोजगार के लिए सतत प्रयत्नशील है जिसका जीता जागता उदाहरण बना इस सत्र यानी दो हजार सत्रह अठारह जिसमे अब तक लगभग 2 हजार से ज्यादे बेरोजगार युवा देश एवं विदेश में उनकी बजह से नौकरी कर अपना एवं अपने परिवार का भरणपोषण कर रहे है ।