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सुल्तानपुर- मेनका का कांग्रेस पर हमला, राफेल में कोई छल नहीं, बोफोर्स के नाम पर जो मार खा चुके हैं वो बदले की नियत से बोल रहे बेवजह_रिपोर्ट-अज़हर अब्बास

सुल्तानपुर. गुरुवार को केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी एक बार फिर कांग्रेस को लेकर आक्रमक दिखी। राफेल...

👤 Ajay12 April 2019 12:11 AM GMT
सुल्तानपुर- मेनका का कांग्रेस पर हमला, राफेल में कोई छल नहीं, बोफोर्स के नाम पर जो मार खा चुके हैं वो बदले की नियत से बोल रहे बेवजह_रिपोर्ट-अज़हर अब्बास
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सुल्तानपुर. गुरुवार को केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी एक बार फिर कांग्रेस को लेकर आक्रमक दिखी। राफेल पर मीडिया के सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा मुझे समझ नहीं आता ये सवाल ही क्या है। राफेल में बार-बार, बार-बार कमेटियां इतना सा भी तनिक सा भी कोई छल कपट नहीं है। और न ही ये सरकार छल कपट की सरकार थी। जो लोग पहले मार खार चुके हैं बोफोर्स के नाम पर बस वो सोंच रहे हैं अपना बदला ले लें। बस बोलते जा रहे हैं, बोलते जा रहे हैं बे वजह।

परवाह नहीं मै मंत्री हूं-संतरी हूं या नहीं

सुल्तानपुर विधानसभा के सूदनापुर गांव में केंद्रीय परिवार कल्याण एवं बाल विकास मंत्री एवं सुलतानपुर लोकसभा की प्रत्याशी मेनका गांधी ने कहा कि जिले की जिस चीनी मिल को मेरी पति ने लगवाया था मैं उसकी क्षमता को बढ़वाऊगी। मेनका ने कहा मेरी जिंदगी सेवा मे ही डूबी है, और सेवा मे ही डूबी रहेगी। मै रोज के रोज लोगों के लिए काम करती हूं। मै मंत्री हूं संतरी हूं ये मुझे परवाह नहीं। मेरी ताकत मेनका गांधी की ताकत है। आप मेरी जिंदगी न बदले आप बदले अपनी जिंदगी।

उन्होंने कहा कि मोदी जी के इतने करिश्मे हो रहे, मोदी जी की गंगा रुकी नहीं है-गंगा चलती जा रही है। इसमें बीसों और चीज आएंगे। बेटे वरुण गांधी के कार्यों की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि भईया जब आए थे तो उन्होंने जी जान लगाकर सेवा करी। पूरे पूर्वांचल मे सबसे अच्छा अस्पताल उन्होंने अपने पैसे से बनाया। उन्होंने सड़कों का जाल बिछाया। अपनी तनख्वाह एक दिन भी नहीं ली। हालांकि उनका अपना परिवार है, उनकी अपनी बेटी है लेकिन पूरी तनख्वाह जाती थी सुल्तानपुर मे। कोई मर गया तो उसकी विधवा की मदद के लिए, सर्दियां हुई तो गरीबों को पचास हजार कम्बल बांट दिए जाते थे। कभी उन्होंने पूछा नहीं कौन सी जाति कौन सी कौम। उन्होंने भरपूर सबके लिए किया। मेनका गांधी ने ये भी कहा कि इस इलेक्शन में जाति-कौम के बारे मे सोचने की जरूरत ही नहीं है। क्योंकि दो ही लोग खड़े हैं। एक पल्ले पर मेनका संजय गांधी, भाजपा और सारे लोगों के सपने, तरक्की की ओर मोदी जी और दूसरी तरफ एक बंदूक धारी इंसान जो पता नहीं कितने क़त्ल कर चुका है।