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बस्ती:-- माल्या का कर्ज माफ़ करने वाले मोदी किसानों का कर्जा क्यों नहीं माफ़ करते -राहुल गांधी _विवेक गुप्ता की रिपोर्ट

बस्ती: :- कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी रूधौली विधान सभा क्षेत्र के किसान...

👤 Ajay2017-02-25 01:54:27.0
बस्ती:-- माल्या का कर्ज माफ़ करने वाले मोदी किसानों का कर्जा क्यों नहीं माफ़ करते -राहुल गांधी _विवेक गुप्ता की रिपोर्ट
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बस्ती: :- कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी रूधौली विधान सभा क्षेत्र के किसान इण्टर कालेज भानपुर के मैदान मे चुनाव सभा को संबोधित किया और प्रधानमंत्री पर जमकर निशाना साधा। उन्होने देश के जाने माने उद्योगपतियों का कर्जा माफ कर दिया। विजय माल्या का बारह हजार करोड़ माफ कर दिया और किसानों का कर्ज माफ करने में कोई रूचि नही दिखाई। अब चुनाव आया है तो कर्ज माफ करने की बात करते हैं। राहुल ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री देश में धूम घूमकर नफरत फैला रहे हैं। वे बांटने की राजनीति करते हैं। कभी जाति के नाम पर तो कभी धर्म के नाम पर। कांग्रेस ऐसी राजनीति में विश्वास नही करती। मोदी जी जगह जगह जाकर लोगों से रिश्ते जताते हैं, रिश्ते जताये नही निभाये जाते हैं। राहुल गाँधी यहीं नही रूके, प्रधानमंत्री पर हमले जारी रखते हुये उन्होने कहा कि लोकसभा चुनाव से पहले उन्होने दिल वाले दुल्हनिया ले जायेंगे जैसी फिल्म बनाने का वादा किया था, अच्छे दिन के सपने दिखाये थे, सत्ता में आये तो शोले बनाकर बैठ गये, और 8 नवम्बर आया तो खुद गब्बर बन गये और रातोरात नोटबंदी का फैसला ले लिया। गरीबों महिलाओं बुजुर्गों को लाइन में खड़ा कर दिया, एक भी अमीर

आदमी लाइन में नही दिखा, सच्चाई यह है कि मोदी जी पांच सौ और एक हजार की नोट बैंकों में जमा करवाकर अमीरों का कर्ज माफ करना चाहते थे, और उन्होने 50 जाने माने परिवारों का 6 लाख करोड रूपया माफ कर दिया। कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश भर मे घूम -घूमकर नफरत की राजनीति कर रहे है, बातो ही बातों में राहुल गांधी
ने फिल्म दिलवाली दुल्हनिया ले जायेंगे का जिक्र करते हुए पीएम मोदी की तुलना सोले के गब्बर से कर डाली, कहा कि जिस तरह प्रोड्यूसर और डारेक्टर फिल्म बनाते हैं उसी तरह मोदी ने भी अच्छे दिन की फिल्म बनाई थी और दुल्हनिया ले जायेंगे फिल्म में जैसे सब कुछ अच्छा, बड़ी बड़ी बिल्डिंग, अच्छे सड़क, वैसे ही फिल्म में दिखाया और सरकार बनते ही फिल्म सोले की तरह गब्बर आ गया,,, नोट बंदी पर बोलते हुए कहा कि गब्बर की तरह हस्ते हुए नोट बंदी कर दी जिसे देश के अर्थशास्त्री इसे आर्थिक पागल बताया है।