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मुंबई ब्रेकिंग--राज्यमंत्री अब्दुल सत्तार का इस्तीफा,मनाने पहुंचे शिवसेना के बडे नेता

मुंबई--महाराष्ट्र में शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस की गठबंधन सरकार में महज एक महीने बाद ही बड़ी टूट...

मुंबई ब्रेकिंग--राज्यमंत्री अब्दुल सत्तार का इस्तीफा,मनाने पहुंचे शिवसेना के बडे नेता
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मुंबई--महाराष्ट्र में शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस की गठबंधन सरकार में महज एक महीने बाद ही बड़ी टूट सामने आई है। उद्धव ठाकरे सरकार के कैबिनेट विस्तार के महज 5 दिन बाद ही शिवसेना कोटे से राज्य मंत्री बने अब्दुल सत्तार ने पद से इस्तीफा दे दिया है। उद्धव ठाकरे सरकार में राज्य मंत्री के तौर पर शामिल किए गए अब्दुल सत्तार की मांग थी कि उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया जाए।हांलाकि अभी सीएम उद्धव ठाकरे ने सत्तार का इस्तीफा मंजूर नहीं किया है। माना जा रहा है कि उन्हें उनकी पसंद का मंत्रालय देकर मनाया जा सकता है।

सूत्रों के मुताबिक, सत्तार महाराष्ट्र कैबिनेट विस्तार के बाद से ही नाराज चल रहे थे। उन्हें उम्मीद थी कि कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और उन्हें राज्य मंत्री की शपथ दिलवा दी गई। इससे नाराज सत्तार ने मंत्री पद ही छोड़ दिया, हालांकि वह अब भी शिवसेना के विधायक हैं।

मराठवाड़ा में औरंगाबाद के जमीनी नेता के रूप में अब्दुल सत्तार की पहचान रही है। इन दिनों महाराष्ट्र में जिला परिषद के चुनाव हो रहे हैं और जिला परिषद अध्यक्ष पद पर अब्दुल सत्तार अपने उम्मीदवार को जिताना चाहते हैं। हालांकि, महाविकास अघाड़ी सरकार में शामिल शिवसेना, एनसीपी और काग्रेंस में सहमति बनी है कि जिला परिषद अध्यक्ष का पद कांग्रेस को दिया जाए। सत्तार अघाड़ी के इस फैसले से भी नाराज हैं।

अब्दुल सत्तार नहीं चाहते कि औरंगाबाद में कोई कांग्रेसी जिला परिषद का अध्यक्ष बने। औरंगाबाद जिला परिषद में शिवसेना के पास इतना संख्या बल है कि वह अपना अध्यक्ष बना सकती है। खबर है कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने शिवसेना के मराठवाड़ा के बड़े नेता अर्जुन खोतकर को अब्दुल सत्तार को मनाने के लिए भेजा है।

पार्टी के वरिष्ट नेता संजय राउत भी नाराज चल रहे हैं ।

शिवसेना के सीनियर लीडर और प्रवक्ता संजय राउत की नाराजगी की खबरों के बीच सत्तार ने पार्टी को दूसरा बड़ा झटका दिया है। सूबे में कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर सरकार बनवाने में राउत की अहम भूमिका रही। सूत्रों के मुताबिक, वह अपने भाई सुनील राउत को महाराष्ट्र कैबिनेट में शामिल करवाना चाहते थे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कहा जा रहा है कि राउत इसी वजह से नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह में भी शामिल नहीं हुए थे।फिलहाल यह उठापटक कबतक जारी रहेगी कुछ कहा नहीं जा सकता है ।विभाग बंटवारे और मंत्रीपद को लेकर महाविकास अघाडी में पिछले एक माह से रार चल रही है ।