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मुंबई---सीएए, एनआरसी और एनपीआर के विरोध में कुर्ला में एहतजाजी मुशायरे का आयोजन

मुंबई---महाराष्ट्र राज्य के मुंबई शहर में स्थित कुर्ला पश्चिम में आई ए के डेंटल क्लिनिक पर जय हो...

मुंबई---सीएए, एनआरसी और एनपीआर के विरोध में कुर्ला में एहतजाजी मुशायरे का आयोजन
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मुंबई---महाराष्ट्र राज्य के मुंबई शहर में स्थित कुर्ला पश्चिम में आई ए के डेंटल क्लिनिक पर जय हो फाउंडेशन द्वारा सीएए एन आरसी और एनपीआर के विरूद्व एक एहतेजाजी मुशायरे का आयोजन किया गया जिसमें मुल्क के मशहूर शायरों ने भाग लिया और शायरी के माध्यम से देशभक्ति की भावना जगाने की कोशिश की गयी ।

इस एहतेजाजी मुशायरे में उबैद आजम आजमी, असद बस्तवी,, फैज गोरखपुरी, अख्तर इलाहाबादी,आलम निजामी समेत अन्य लोगों ने उपस्थित लोगों को शेरो,शायरी के माध्यम से सरकार तक आवाज पहुंचाने की कोशिश की ।शायरों से सरकार से इस काले कानून को वापस लेने की मागं की गयी ।मुशायरे की निजामत नजर बिजनौरी ने की और इसका आयोजन जय हो फाउंडेशन के अध्यक्ष अफरोज मलिक ने किया ।

इस दौरान सबसे पहले नौशाद प्रतापगढी ने कबतक सहोगे जुल्म सितम जालिमों के तुम,

उनके खिलाफ जंग का एलान तो करो पढ़कर खूब वाहवाही बटोरी।

अशहद आजमी ने यहीं पर देंगे अपनी जान,जो होगा देखा जाएगा,नहीं जाएंगे पाकिस्तान ,जो होगा देखा जाएगा पढकर मुल्क की मोहब्बत बयान की ।

अख्तर इलाहाबादी ने निभा सकते नहीं कातिल से रिश्ता दोस्ती का हम।

कुचल कर रख दिए पैरों तले घर वापसी को हम ने यह गीत पढ़कर काले कानून की मुखालफत की बात की ।

अख्तर इलाहाबादी ने लहू का कतरा-कतरा देश पर कुर्बान कर देंगे ।

हमें हर मुल्क से प्यारा ये हिंदोस्तान हमारा है पढ़कर देश से अपनी मोहब्बत को बयान की ।

ओबैद आजम आजमी ने अहले जूनूं को आगे निकलना वहां से है शोले बिछे जहां से चलना वहां से है पढ़कर लोगों के भीतर जज्बा जगाने की कोशिश की ।

असद बस्तवी साहब--जो साहब रोज करते हैं वो वादा भी नहीं अच्छा ।

हमें मालूम है उनका इरादा भी नहीं अच्छा पढ़कर सरकार के इरादे पर अफसोस जताया ।तो वहीं ,कि जब चाहो जो चाहो वही कानून लगवा दो ।

हूकुमत का नशा इतना ज्यादा भी नहीं अच्छा पढ़कर सरकार को जनहित के कार्य करने की सलाह दी ।

शायर कयूम दानिश ने तुमको करनी सियासत कुछ ऐसी सियासत करते ,हिंदू मुस्लिम आपस में मोहब्बत करते पढ़कर सरकार से एकता की बात की ।

डा रशीद अलीग ने शहादत रंग लायेगी ,इबादत रंग लाएगी पढ़कर लोगों को जुल्म से डटकर मुकाबला करने की बात कही ।

फैज गोरखपुरी ने अभी सोचो चरागों को उजाले कौन देता है ।

फलक के चादं को मंजर निराले कौन देता है पढकर खुदा की फजीलत बयान की ।

आलम निजामी ने सच्चाई कभी अपनी सफाई नहीं देती ।

महसूस तो होती है दिखाई नहीं देती पढ़कर देश से मोहब्बत जाहिर की

आलम निजामी ने जामिया जब तेरी तारीख लिखेगी दुनिया।

तेरे किरदार के हर एक लफ्ज को गोशा देगी पढ़कर जामिया के छात्रों की खूब तारीफ की ।

इस दौरान।मुख्य रूप से समी अख्तर, निशात खान, फजलुर्रहमान अंसारी, राशिद खान,इश्तियाक चौधरी,शोएब अख्तर,डा.शकील, डा. सलीम समेत काफी संख्या में लोग उपस्थित रहे ।