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बलरामपुर- सुपोषित गांव सोनपुर में बाल विकास विभाग की पहल से लगा ''संजीवनी कैम्प''_रिपोर्ट-रवि गुप्ता

-कैम्प में महिलाओं, किशोरियों व बच्चों के स्वास्थ्य की जांच कर दी पोषण परामर्श व दवाएं-कुपोषित...

बलरामपुर- सुपोषित गांव सोनपुर में बाल विकास विभाग की पहल से लगा संजीवनी कैम्प_रिपोर्ट-रवि गुप्ता
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-कैम्प में महिलाओं, किशोरियों व बच्चों के स्वास्थ्य की जांच कर दी पोषण परामर्श व दवाएं

-कुपोषित बच्चे के परिवार का बना राशन कार्ड, दो कुपोषित व एक कुपोषित बच्चे हुए चिंहित

बलरामपुर 19 अगस्त। बाल विकास विभाग की नई पहल से चयनित सोनपुर गांव को सुपोषित करने के लिए संजीवनी कैम्प का आयोजन किया गया। कैम्प के माध्यम से गांव में बच्चों, किशोरियों, गर्भवती व धात्री महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच कर उन्हे पोषण परामर्श देकर पोषाहार व दवाओं का वितरण किया गया। गांव में मिले तीन कुपोषित बच्चों को स्वास्थ्य परामर्श देकर एनआरसी रेफर किया गया।

सोमवार को शासन द्वारा चयनित गैसड़ी ब्लाक के सुपोषित गांव सोनपुर में बाल विकास विभाग ने स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्राम विकास और खाद्य व रसद विभाग के साथ मिलकर संजीवनी कैम्प का आयोजन किया। कैम्प का शुभारम्भ गैसड़ी विधायक प्रतिनिधि दयाराम प्रजापति ने फीता काटकर किया। दयाराम प्रजापति ने स्वास्थ्य जांच के बाद ग्रामीणों को दवा व बच्चों को पोषाहार का वितरण भी किया। कैम्प में चार काउंटर बनाए गये थे जिसमें स्वास्थ्य जांच, वजन, पोषण व परामर्श काउंटर के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग के डा. नित्यानंद, डा. सब्बूर, फार्मासिस्ट हीरालाल व प्रमोद ने गांव की सभी बच्चों, गर्भवती व धात्री महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच की। बाल विकास विभाग की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पूनम सिंह नेे गांव की गर्भवती महिलाओं और किशोरियों को स्वस्थ्य रहने के लिए पोषक आहार ही खाने की सलाह दी। ग्राम विकास विभाग के एडीओ पंचायत जीतेन्द्र व एडीओ कृषि ने सोनपुर के आंगबाड़ी केन्द्र में साफ सफाई कराकर पोषण वाटिका बनाने में मदद की जिसके बाद वाटिका में सहजन, कद्दू, करेला और लौकी के पौधे लगाये गये। खाद्य एवं रसद विभाग ने गांव में मौजूद राशन कार्ड धारकों की काउंसलिंग कर परिवार के पोषण के लिए कोटे की दुकान से हर माह राशन ले जाने के लिए प्रेरित किया। गांव में 8 माह के कुपोषित बच्चे अमित के पिता डब्बू का राशन कार्ड नहीं बना था जिसपर विभाग के राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू की। शिक्षा विभाग से खंड शिक्षा अधिकारी हृदयशंकर लाल श्रीवास्तव ने स्कूल जाने व ना जाने वाली किशोरियों के परिवारों से मिलकर किशोरियों का नामांकन सरकारी स्कूलों में कराने के लिए प्रेरित किया। गांव में मात्र दो किशोरियां ऐसी पाई गई जो स्कूल नहीं जा रही थीं जिनके परिवारों ने काउंसलिंग के बाद उन्हे स्कूल भेजने की बात कही।

संजीवनी कैम्प की आयोजक सीडीपीओ गरिमा श्रीवास्तव ने बताया कि कैम्प के दौरान 42 किशोरियों को आयरन की गोली व दो स्कूल ना जाने वाली किशोरियों को सेनेटरी पैड का वितरण किया गया। 20 गर्भवती महिला, 15 धात्री महिला, 35 स्कूल जाने वाली किशोरियों, 2 स्कूल ना जाने वाली किशोरियों, 3 से 6 माह के 89 तथा 6 माह से 3 वर्ष तक के 75 बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की गई। जांच के दौरान 2 कुपोषित व 1 अति कुपोषित बच्चे का पता लगा जिसके बाद परिवार की काउंसलिंग करते हुए बच्चों को एनआरसी के लिए रेफर किया गया। अब तक गांव में कुल 17 कुपोषित बच्चे मिल चुके है जिसमें से 14 बच्चों को स्वस्थ्य किया जा चुका है।