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मुरादाबाद:- डिप्टी एसपी के इस साहस को सलाम_सागर रस्तोगी की विशेष रिपोर्ट

मुरादाबाद: - सूबे की पुलिस को बदलने के लिए चलाए जा रहे तमाम कार्यक्रमों में सबसे ज्यादा...

👤 Ajay2 March 2017 12:37 PM GMT
मुरादाबाद:- डिप्टी एसपी के इस साहस को सलाम_सागर रस्तोगी की विशेष रिपोर्ट
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मुरादाबाद: - सूबे की पुलिस को बदलने के लिए चलाए जा रहे तमाम कार्यक्रमों में सबसे ज्यादा उम्मीद उसके साहस कार्यक्रम ने बनाई है, जिसकी मदद से पुलिस न सिर्फ निशक्त लोगों की मदद करती है बल्कि उनके जीवन यापन के इंतजाम भी इसके द्वारा किया जा रहा है। पुलिस के लिए इस नेक काम की नींव मुरादाबाद में तैनात रहे डिप्टी एसपी राहुल कुमार ने रखी। इस कार्यक्रम को न केवल यूपी पुलिस मैनुअल में शामिल किया गया बल्कि अब इस कार्यक्रम की सराहना अंतररष्ट्रीय मंच पर भी हो रही है।दरअसल, इसी क्रम में उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा मानसिक निशक्त लोगों के लिए चलाए जा रहे साहस कार्यक्रम की सराहना अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी हो रही है। इंग्लैंड की एज हिल (Edge Hill) यूनिवर्सिटी के सीनियर लेक्चरर जेम्स रिडले (James Ridley) इस कार्यक्रम से जुड़ने के लिए 24 मार्च को 15 दिन के लिए भारत आ रहे हैं।मुरादाबाद व रामपुर में होंगी वर्कशाॅपउनके द्वारा मुरादाबाद व रामपुर में विभिन्न वर्कशॉप संचालित की जाएंगी, जिनमें पुलिस अकादमी के ट्रेनी डिप्टी एसपी को ग्रामीण हेल्थ वर्कर्स जैसे कि एएनएम, आशा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता तथा प्राइमरी स्कूल टीचर को मानसिक निशक्तता के बारे में समझाया जाएगा। साथ ही अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार, उनकी हैंडलिंग और स्पेशल शिक्षा के बारे में बताया जाएगा। उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा ग्रामीण परिवेश में रहने वाले मानसिक निशक्त बच्चों के लिए कांठ में साहस स्पेशल स्कूल चलाया जा रहा है। उनके द्वारा इस स्कूल का भी भ्रमण किया जाएगा, जिन्होंने अभी यूपी पुलिस के इस नेक काम को नहीं समझा हो, वो इसको

रामपुर में तैनाती के दौरान शुरू किया था कार्यक्रम , रामपुर में तैनात डिप्टी एसपी राहुल कुमार के मुताबिक ये कार्यक्रम जब शुरू किया था, तब इतनी उम्मीद नहीं थी, लेकिन इसमें पुलिस की सहभागिता के साथ स्थानीय लोगों ने भी बढ़चढ़ कर साथ दिया, इसलिए ये अपने उद्देश्य में सफल हो पाया। यहां बता दें की डिप्टी एसपी राहुल ने मुरादाबाद में कांठ सर्किल में तैनाती के दौरान इस प्रोजेक्ट पर काफी काम किया था। उनके साथ उनकी पत्नी भी निशक्त बच्चों को पढ़ाती हैं और अब उनके इस कार्यक्रम में अंतरष्ट्रीय संस्था का जुड़ना उनके लिए किसी पुरष्कार से कम नहीं है। राहुल कुमार उन पुलिस अधिकारियों में शामिल हैं जो सिर्फ नौकरी को अपना दायित्व नहीं समझते बल्कि इसे सामाजिक जिम्मेदारी भी समझते हैं। शायद इसलिए एक नेक प्रयास आज इस मुकाम तक पहुंचा है। निश्चित रूप से आज यूपी पुलिस को अपने इस अफसर पर गर्व हो रहा होगा। उल्लेखनीय है कि एज हिल यूनिवर्सिटी द्वारा पिछले 4 वर्षों से कर्नाटक के मैसूर ज़िले में सुसाइड सर्वाइवर और मानसिक समस्याओं से पीड़ित लोगों पर एक वृहद् कार्यक्रम चलाया जा रहा है।