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उत्तर प्रदेश उपचुनाव 2019: एनडीए ने 8 और सपा ने 3 सीटें जीतीं, नहीं खुला बसपा का खाता

उत्तर प्रदेश विधानसभा की 11 सीटों के लिए हुए उपचुनाव के नतीजे घोषित हो गए हैं। मुख्यमंत्री योगी...

उत्तर प्रदेश उपचुनाव 2019: एनडीए ने 8 और सपा ने 3 सीटें जीतीं, नहीं खुला बसपा का खाता
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उत्तर प्रदेश विधानसभा की 11 सीटों के लिए हुए उपचुनाव के नतीजे घोषित हो गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 7 सीटों पर जीत दर्ज की है। जबकि एक सीट पर भाजपा के सहयोगी पार्टी 'अपना दल' ने जीत हासिल की है। समाजवादी पार्टी के खाते में 3 सीटें गई हैं। वहीं बसपा अपना खाता खोलने में भी नाकाम रही है। सपा ने जैदपुर सीट भाजपा से छीन ली है, जबकि रामपुर और जलालपुर सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखा है। भाजपा ने बलहा सुरक्षित, गंगोह, लखनऊ कैंट, इगलास, गोविन्दनगर, घोसी और मानिकपुर सीटें जीतीं, जबकि उसके सहयोगी 'अपना दल' ने प्रतापगढ सीट पर कब्जा बरकरार रखा है।

रामपुर सीट पर आजम खां की पत्नी ने दर्ज की जीत

रामपुर सीट पर सपा सांसद आजम खां की पत्नी और सपा प्रत्याशी तंजीन फातिमा ने भाजपा के भारत भूषण को 7700 से अधिक वोट से हरा दिया। मानिकपुर से भाजपा प्रत्याशी आनंद शुक्ला ने सपा प्रत्याशी डॉ निर्भय सिंह पटेल को 12840 मतों से हराया। घोसी सीट पर भाजपा प्रत्याशी विजय कुमार राजभर ने निर्दलीय प्रत्याशी सुधाकर सिंह को 1773 वोटों के नजदीकी अंतर से हराया। इकलास सीट पर भाजपा के राजकुमार सहयोगी ने बसपा के अभय कुमार को 25937 मतों से पराजित किया। गोविन्दनगर में भाजपा के सुरेन्द्र मैथानी ने कांग्रेस की करिश्मा ठाकुर को 21244 मतों से हराया।

सपा ने भाजपा के हाथ से छीनी जैदपुर विधानसभा सीट

सबसे पहला परिणाम जैदपुर का आया। इस सीट पर सपा के गौरव कुमार ने भाजपा के अंबरीश को 4165 मतों से हराया। यह सीट सपा ने भाजपा से छीनी है। बलहा सुरक्षित सीट पर भाजपा का कब्जा बरकरार है। यहां भाजपा की सरोज सोनकर ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी सपा की किरण भारती को 46 हजार 487 मतों से हराया। अपना दल प्रत्याशी राजकुमार पाल प्रतापगढ विधानसभा सीट पर चुनाव जीत गए हैं। पाल ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी सपा के बृजेश वर्मा को 29 हजार 714 मतों से हराया। भाजपा की सहयोगी अपना दल ने अपनी यह सीट बरकरार रखी है। भाजपा ने लखनऊ कैण्ट सीट बरकरार रखी है। पार्टी प्रत्याशी सुरेश चंद्र तिवारी ने इस सीट पर अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी सपा के मेजर आशीष चतुर्वेदी को 35428 मतों से पराजित किया।

लखनऊ कैण्ट सीट पर भाजपा का कब्जा बरकरार रहा

लखनऊ कैण्ट सीट पर 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की रीता बहुगुणा जोशी चुनाव जीती थीं। रीता के इलाहाबाद से लोकसभा चुनाव जीतने के बाद यह सीट रिक्त हो गई थी। कांग्रेस सहारनपुर के गंगोह में पहले बढत बनाए हुए थी लेकिन अंतिम दौर की मतगणना में भाजपा आगे हो गई। गंगोह विधानसभा सीट के उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी ने ज्यादातर राउंड तक पीछे रहने के बाद जोरदार वापसी करते हुए अपने करीबी प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस प्रत्याशी को हरा दिया। जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी आलोक कुमार पाण्डेय ने बताया कि गंगोह उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी कीरत सिंह ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस उम्मीदवार नोमान मसूद को 5362 मतों से हरा दिया है। भाजपा प्रत्याशी को 68 हजार 237 मत जबकि मसूद को 62875 वोट मिले। सपा के चौधरी इन्द्रसेन को 57352 तथा बसपा के चौधरी इरशाद को 32269 मत हासिल हुए।

गंगोह सीट पर भाजपा-कांग्रेस के बीच कांटे की टक्कर

कांग्रेस ने लगातार बढ़त बनाए रहे अपने प्रत्याशी के ऐन मौके पर हारने का विरोध किया है। पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने चुनाव आयोग से मामले की निष्पक्षता से जांच कराने की मांग की है। प्रियंका ने कहा कि भाजपा इतने अहंकार में है कि गंगोह से हमारे जीतते हुए प्रत्याशी को मतगणना स्थल से निकालकर उसके मंत्री ने जनता का निर्णय बदलवा दिया । जिलाधिकारी को पांच-पांच बार फोन करके गड़बड़ी करायी गयी। यह लोकतंत्र का सरासर अपमान है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि कांग्रेस इसके खिलाफ सख्ती से लड़ेगी। निर्वाचन आयोग से मांग है कि वह इस मामले की निष्पक्षता से जांच कराए। उत्तर प्रदेश विधानसभा उपचुनाव में जीत दर्ज करने वाले सभी प्रत्याशियों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने को बधाई दी।

मुख्यमंत्री ने योगी आदित्यनाथ ने जीत पर जताई खुशी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उपचुनाव के नतीजों पर कहा, 'इस जीत को सभी चुने गए जन प्रतिनिधि माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मंत्र 'सबका साथ, सबका विकास' के माध्यम से सबका विश्वास में बदलेंगे।' मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि जीते हुए सभी प्रत्याशी जन आकांक्षाओं को पूरा करने में अपना पूर्ण योगदान देंगे तथा प्रदेश की प्रगति में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। जिन 11 सीटों पर सोमवार को उपचुनाव हुए, उनमें से आठ पर भाजपा का और एक पर उसकी सहयोगी अपना दल का कब्जा था। अन्य दो सीटों पर सपा और बसपा का कब्जा था।मई के लोकसभा चुनावों में विधायकों के जीतने के बाद अधिकांश सीटों पर उपचुनाव कराने पड़े। घोसी विधायक फागू चौहान को बिहार का राज्यपाल बनाये जाने के बाद यह सीट रिक्त हो गई थी।