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संतकबीरनगर:- फैसले की घड़ी पास आ रही है,उलझन सुलझानी होगी, वोट देना ही होगा क्योंकि हमारा वोट ही हमारा मुस्तकबिल लिखेगा- वरिष्ठ पत्रकार जे पी ओझा की कलम से

संतकबीरनगर:- फैसले की घड़ी यानी पांचवे चरण के मतदान में अब बस चार ही दिन बचे है ऐसे में अपने अनुभव...

👤 Ajay2017-02-23 04:19:04.0
संतकबीरनगर:- फैसले की घड़ी पास आ रही है,उलझन सुलझानी होगी, वोट देना ही होगा क्योंकि हमारा वोट ही हमारा मुस्तकबिल लिखेगा- वरिष्ठ पत्रकार जे पी ओझा की कलम से
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संतकबीरनगर:- फैसले की घड़ी यानी पांचवे चरण के मतदान में अब बस चार ही दिन बचे है ऐसे में अपने अनुभव के आधार पर वोटरों को सही और गलत का फैसला लेते हुए अपने मत का प्रयोग करनी की सलाह देते हुए वरिष्ठ पत्रकार जयप्रकाश ओझा ने सलाह दी है कि वोटरों को जाति बिरादरी के नाम पर बहलाने वालों को पहचानना बहुत जरूरी है क्योकि ये वोट के ठेकेदार बन हमारे वोट का धंधा करते हैं। निशाना प्रदेश में अपने लिए एक ऐसी सरकार बनाने पर होना जरूरी है जो नारों के बदले हमारी जमीनी हालात को बदलने की कूबत रखती हो। सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता रख सके। हर जरूरत मंद को बिना जाति, मजहब को नजर डाले राहत दे सके। हमारी सड़कें बनते ही टूटने वाली न हों। हमारे जिले में सबको पीने का साफ पानी दे सके। बच्चों को अच्छी पढ़ाई मिले। जाति और धर्म का जहर बोकर समाज को वोट बैंक बनाने का काम न करे। हर साल जवान होने के पहले ही रोजी की तलाश में अपना गांव, शहर, मां बाप छोड़ कर रोजी के लिए परदेश जाने वालों को गांव में ही रह कर इज्जत की दो रोटी कमाने का मौका दे सके। प्रायमरी और जूनियर विद्यालयों की पढ़ाई सुधार सके। उद्योग के लिए तय जगहों पर कागजी उद्योग लगाने वालों को हैसियत दिखाने का मन बना सके। बखिरा की झील को पर्यटन स्थल बना सके। जिले के हजारों बुनकरी परिवारों के खाली हाथों को काम और उनके उदास चेहरों पर मुस्कान का सके।

हमें विधायक झुट्ठै, लापता हो जाने वाला गैर जिम्मेदार नही चाहिए। हमें चंद बेइमान स्कूल मालिकों के हाथों विधायक निधि बेचने वाला कारोबारी नहीं चाहिए। हर साल विधायक निधि का हिसाब देने वाला विधायक चाहिए। किसानों को खाद बीज, सिंचाई सुविधा मिले इस की चिंता करने वाला विधायक चाहिए। तहसील में, थानों पर सबकी सुनी जाय ऐसा इंतजाम करने वाला विधायक हमें चुनना होगा। हमारा विधायक हमारी सुने ऐसा इंतजाम हमें ही करना होगा। दारू, पैसा बांट कर वोट लेने वालों को यह एहसास दिलाना होगा कि इससे वोट नहीं मिलेंगे। बंद एसी गाड़ियों में चलने वाले प्रत्याशियों को नकारना होगा। दोस्तों ये भाषण नहीं आपके आज के चुनावी मुद्दे बनें इसके लिए हमको साथ आकर अपनी ताकत दिखानी होगी। सरकार मजबूत बने, खिचड़ी न बने यह इंतजाम हमको ही करना होगा।

दोस्तों ये हमारे मुद्दे हैं। इन पर बात हो यह हम सबकी जिम्मेदारी है। हम अपने सभी साथियो से इन मुद्दों को जन जन तक पहुंचाने की गुजारिश करते हैं। गुजारिश यह भी कि हर साथी इसे लाइक ही नहीं शेयर भी कर सके तो हम सबके सपने हर साथी तक पहुंच सकेंगे। हम वोटर ही बदलेंगे हालात यह हमें ही साबित करना है। जय राष्ट्र, जय संतकबीरनगर।