Home » चुनावी चर्चा » बस्ती :-नेताओं की अधुरी ज्ञान गंगा_एम् एल का फूल फ़ार्म नहीं जिन्हें मालूम वो लड़ रहे है चुनाव_ विवेक गुप्ता की रिपोर्ट

बस्ती :-नेताओं की अधुरी ज्ञान गंगा_एम् एल का फूल फ़ार्म नहीं जिन्हें मालूम वो लड़ रहे है चुनाव_ विवेक गुप्ता की रिपोर्ट

बस्ती - वैसे तो उत्तर प्रदेश में इस वक्त राजनीति की बयार बह रही है,, और बहे भी क्यो न,, आखिर पांच...

👤 Ajay2017-02-11 06:21:28.0
बस्ती :-नेताओं की अधुरी ज्ञान गंगा_एम् एल का फूल फ़ार्म नहीं जिन्हें मालूम वो लड़ रहे है चुनाव_ विवेक गुप्ता की रिपोर्ट
Share Post

बस्ती - वैसे तो उत्तर प्रदेश में इस वक्त राजनीति की बयार बह रही है,, और बहे भी क्यो न,, आखिर पांच साल का लंबा इंतेजार करने के बाद नेता बनने की चाहत रखने वाले लोगो के जो आज अच्छे दिन आ गये हैं,, लेकिन नेता बनने के लिये देश में किसी प्रकार की शैक्षणिक योग्यता होने की जरूरत नहीं,, तो आज हम आपको कुछ ऐसे ही नेताओं से मिलायेंगे जो बनना तो चाहते हैं एमएलए मगर उन्हे एमएलए का पुरा फुलफार्म तक नहीं पता,,,27 फरवरी को पांचवे चरण के लिये नामांकन के आज आखिरी बहुतायत मात्रा में नेताओं ने अलग अलग विधानसभा क्षेत्रो से अपनी दावेदारी का पर्चा भरा।सबसे पहले हम आपको मिलवाते हैं सदर विधान सभा से नामांकन करने आये सपा के प्रत्यासी महेन्द्र नाथ यादव से,, जिन्हे यह तो पता है कि अभी तक जिले के विधायक ने किस तरह की गणित लगाकर जीत हासिल की मगर एमएलए का फुलफार्म पुछते ही वे हाथ जोड़कर माफी मांगते नजर आते हैं,, दुसरे प्रत्यासी के रूप में पहुंचे रूधौली विधानसभा से कांग्रेस के बागी नेता हाजी वहाब निर्दल पर्चा भरा,, उन्होने तो बताया कि उनके क्षेत्र में मुस्लिम और ब्राह्रमण वोट अधिक है और वो स्थानीय मगर एमएलए की मीनिंग पुछने पर वे बगले झांकते नजर आये। महादेवा विधानसभा से रालौद पार्टी से नामांकन करने पहुंचे लवकुश राना का जवाब सुनकर यकीनन आप अपनी हंसी नहीं रोक पायेंगे।


एमएलए का फुलफार्म के बारे में इन जनाब का कहना है कि अभी नहीं पता मगर जब एमएलए बन जायेंगे तो जरूर जान जायेंगे। एक उदाहरण देते हुये कहा कि
जिस तरह से किसी घर में नई बोलेरो आती तो उसे चलाना हर को नहीं आता ।