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अम्बेडकरनगर/आलापुर- सपा भाजपा के बीच होगी जोरदार टक्कर__आलोक यादव की रिपोर्ट

अम्बेडकरनगर/आलापुर(आलोक यादव)- जहांगीरगंज सुरक्षित विधानसभा क्षेत्र जनसंघ काल से ही भाजपा के लिए...

👤 Ajay2017-02-10 02:13:45.0
अम्बेडकरनगर/आलापुर- सपा भाजपा के बीच होगी जोरदार टक्कर__आलोक यादव की रिपोर्ट
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अम्बेडकरनगर/आलापुर(आलोक यादव)- जहांगीरगंज सुरक्षित विधानसभा क्षेत्र जनसंघ काल से ही भाजपा के लिए उर्वरा रहा है हालांकि वर्ष 1991 की राम लहर को छोड़ दिया जाए तो विधानसभा क्षेत्र का नाम परिवर्तित होने के बाद हुए संतकबीरनगर संसदीय क्षेत्र से जुड़ाव के बाद संसदीय चुनाव में ही यहां भाजपा को सफलता मिल पाई है वर्ष 1980 में पार्टी की स्थापना के बाद से ही वर्ष 1996 तक भाजपा यहां दूसरे नंबर पर रही है वर्ष 1991 में भारतीय जनता पार्टी के त्रिवेणी राम बहुजन समाज पार्टी के सुक्खू प्रसाद को दस हजार से अधिक मतों के अंतर से हराकर विधायक निर्वाचित हुए थे हालांकि वर्ष 1993 में उन्हें सपा बसपा गठबंधन के संयुक्त उम्मीदवार घामूराम भास्कर से शिकस्त का सामना करना पड़ा था वर्ष 1996 में हुए चुनाव में भी त्रिवेणी राम को दूसरे नंबर पर ही रहकर संतोष करना पड़ा था सपा के भीम प्रसाद सोनकर मामूली मतों के अंतर से विधायक निर्वाचित होने में कामयाब हुए थे बसपा प्रत्याशी को तीसरे नंबर पर रहकर ही संतोष करना पड़ा था वर्ष 1998 व 1999 में पूर्व मुख्यमंत्री सुश्री मायावती के अकबरपुर संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ने के उपरांत यहां बहुजन समाज पार्टी की शक्ति में धीरे-धीरे इजाफा होने लगा वर्ष 2002 के विधानसभा चुनाव में खुद मायावती के जहांगीरगंज से चुनावी समर में कूदने के बाद यहां बसपा उफान पर पहुंच गई हालांकि मायावती भी बड़े ग्लैमर के बाद भी सपा के भीम प्रसाद सोनकर से महज 5000 मतों के अंतर से ही जीत दर्ज कर पाई बाद में हुए उपचुनाव में बसपा भाजपा गठबंधन के संयुक्त उम्मीदवार जयराम विमल ने सपा के भीम प्रसाद सोनकर को लगभग दस हजार मतों के अंतर से पराजित कर दिया हालांकि वर्ष 2007 के विधानसभा चुनाव में जयराम विमल का टिकट काटकर बसपा ने पूर्व सांसद त्रिभुवन दत्त को मैदान में उतारा तत समय सपा से नाराजगी के चलते त्रिभुवन दत्त को जीत हासिल हो गई समाजवादी पार्टी ने बसपा छोड़कर सपा में शामिल हुए पूर्व सांसद घनश्याम चंद्र खरवार को अपना उम्मीदवार बनाया था घनश्याम चंद्र खरवार के बाहरी होने के कारण भी उन्हें शिकस्त का सामना करना पड़ा वर्ष 2007 में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव के बाद जहांगीरगंज सुरक्षित विधानसभा क्षेत्र का अस्तित्व ही समाप्त कर दिया गया जहांगीरगंज सुरक्षित विधानसभा क्षेत्र का नाम परिवर्तित कर गोहनारपुर एवं नरियांव न्याय पंचायत को अतरौलिया विधानसभा क्षेत्र से आलापुर में समाहित कर किछौछा तथा हंसवर कानूनगो सर्किल को टांडा विधानसभा क्षेत्र में समाहित कर दिया गया आलापुर सुरक्षित विधानसभा क्षेत्र को संतकबीरनगर संसदीय क्षेत्र से जोड़ दिया गया वर्ष 2009 में हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा के शरद त्रिपाठी को बसपा के भीष्म शंकर उर्फ कुशल तिवारी के हाथों शिकस्त का सामना करना पड़ा भाजपा दूसरे नंबर पर ही ठिठक कर रह गई वर्ष 2012 में बसपा विधायक त्रिभुवन दत्त से व्यक्तिगत नाराजगी से भाजपा के परंपरागत मतदाता भी तत् समय मजबूत दिख रहे सपा के भीम प्रसाद सोनकर के पक्ष में लामबंद हो गए लिहाजा भीम प्रसाद सोनकर से बसपा के त्रिभुवन दत्त को 30 हजार मतों के भारी अंतर से पराजित करने में कामयाब रहे त्रिभुवन दत्त को महज 49000 मत ही हासिल हो पाया हालांकि भाजपा हराओ अभियान में कांग्रेस व भाजपा अपना वजूद ही गंवा बैठी कांग्रेस के जय राम विमल को जहां 12500 मत हासिल हुए वहीं भाजपा के त्रिवेणी राम को महज 9500 मतों से ही संतोष करना पड़ा वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव के लिए बहुजन समाज पार्टी ने एक बार पुनः अपने पूर्व विधायक त्रिभुवन दत्त को मैदान में उतारा है जबकि भारतीय जनता पार्टी ने नया चेहरा देते हुए पूर्व विधायक त्रिवेणी राम की पुत्र वधू पूर्व जिला पंचायत सदस्य अनीता कमल को मैदान में उतारा है समाजवादी पार्टी ने जिले में सर्वाधिक मतों के अंतर से जीतने वाले भीम प्रसाद सोनकर का टिकट काटकर वरिष्ठ नेता चंद्रशेखर कनौजिया को अपना उम्मीदवार बनाया है वर्ष 2017 का चुनावी समर अनीता कमल चंद्रशेखर कनौजिया एवं त्रिभुवन दत्त के मध्य ही होना है लिहाजा तीनों प्रत्याशी अपनी अपनी जीत का दावा करते हुए सघन जनसंपर्क कर रहे हैं।