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संतकबीरनगर- पढ़े भारत-बढ़े भारत का 3 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला सम्पन्न_रिपोर्ट-बिट्ठल दास

संतकबीरनगर। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सत्येंद्र कुमार सिंह के अनुदेशन तथा खंड शिक्षा अधिकारी...

👤 Ajay10 May 2019 2:23 PM GMT
संतकबीरनगर- पढ़े भारत-बढ़े भारत का 3 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला सम्पन्न_रिपोर्ट-बिट्ठल दास
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संतकबीरनगर। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सत्येंद्र कुमार सिंह के अनुदेशन तथा खंड शिक्षा अधिकारी खलीलाबाद प्रमोद कुमार तिवारी के निर्देशन में बीआरसी खलीलाबाद पर कक्षा 1 और 2 के बच्चों में भाषा और गणित की दक्षता विकसित करने के लिये प्रत्येक प्राथमिक विद्यालय से एक शिक्षक का चयन करके प्रशिक्षित किया जा रहा है। यह प्रशिक्षित शिक्षक अपने-अपने स्कूलों पर बच्चों को गतिविधि के माध्यम से सरल तरीके रुचिकर ढंग से गणित और भाषा पढ़ाएंगे जिससे बच्चो को गणित और भाषा सीखने में आसानी हो। इस प्रशिक्षण में प्रिंट समृद्धि वातावरण और पुस्तकालय प्रबंधन का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। खंड शिक्षा अधिकारी खलीलाबाद प्रमोद कुमार तिवारी ने शिक्षकों से कहा कि प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान को विद्यालय स्तर पर बच्चों तक पहुंचना चाहिए कक्षा 1-2 के बच्चों को प्रति दिन ढाई घंटे भाषा तथा डेढ़ घंटे गणित शिक्षक पढ़ाएं इस संबंध में प्रशिक्षक अख्तर आलम ने बताया कि प्रशिक्षण का उद्देश्य कक्षा कक्षों में पुस्तकालय प्रबंधन एवं प्रिंट समृद्ध वातावरण बनाना पोस्टरों के साथ बच्चों को रोजमर्रा अनुभव बातचीत, कविता, कहानी, चित्रों का चुनाव आवश्यक है। बच्चे चित्र आधारित कहानी से जल्दी सीखते हैं। एबीआरसी शरदेंदु कुमार पांडे ने शिक्षकों को भाषा सिखाने के आसान तरीके बताया एबीआरसी अमरेश कुमार चैधरी ने कहा कि बच्चों में जिज्ञासा उत्पन्न किया जाए मनोज पांडे ने गणित को बच्चों को मूर्त रूप में पढ़ाने के टिप्स दिए पुस्कालय प्रबंधन एवम प्रिंट समृद्ध बनाये जाने हेतु पठन कौशल विकास प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। प्रशिक्षिका रेनू चैधरी ने बताया कि बच्चों को चित्रों के माध्यम से आसानी से जोड़ घटाना समझाया जा सकता है। प्र0 शिक्षिका अपर्णा पांडे ने बताया बच्चों के शब्द भंडार बढ़ाने के लिए शिक्षक को कहानी का प्रयोग करना चाहिए। प्रशिक्षिका शिखा दीक्षित ने बताया गणित की अवधारणा स्पष्ट करने के लिए बच्चों को विभिन्न आकार के आधार पर चीजों को छांटना तीन चार टुकड़ों में बटी आकृति को लेकर पूरी आकृति बनाना इत्यादि गतिविधि कराई जा सकती है। प्रशिक्षिका नीलम ने बताया कि बिग बुक के द्वारा बच्चों को भाषयी दक्षता बढ़ाई जा सकती है। इस अवसर पर सुरेश मौर्या ,अभिषेक त्रिपाठी, खलीकुज्जमा, रेनू अग्रहरि, वंदना, आकांक्षा शाही, संदीपा, हरिश्चंद्र, मीरा भारती, रीता इत्यादि शिक्षक शिक्षिकाएं मौजूद रहे।